<p style=”text-align: justify;”><strong>Tukaram Omble News: </strong>मुंबई में 26/11 आतंकवादी हमले में शहीद सब-इंस्पेक्टर तुकाराम ओंबले के सम्मान में महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार स्मारक बनाने जा रही है. इससे पहले केंद्र सरकार ने तुकाराम ओंबले को अशोक चक्र से सम्मानित किया था. स्मारक का निर्माण तुकाराम ओंबले के पैतृक गांव केदंबे में किया जाएगा. यह गांव सातारा जिले में है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>इस कार्य के लिए महाराष्ट्र सरकार की ओर से 13.46 करोड़ रुपये के बजट की मंजूरी मिल गई है. इस धनराशि की पहली किश्त 2.70 करोड़ रुपये (20%) शुक्रवार को जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दी गई है. मुंबई की गिरगांव चौपाटी के पास तुकाराम ओंबले का प्रेरणा स्थल मौजूद है जहां उनके शहीद दिवस पर हर वर्ष आम और खास लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचते हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>अजमल कसाब को पकड़ने में निभाई थी बड़ी भूमिका</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>26 नवंबर 2008 की रात जब 10 आतंकियों ने मुंबई में आतंक मचाया था तब अजमल कसाब को पकड़ने में तुकाराम ओंबले ने अहम भूमिका निभाई थी. तुकाराम ओंबले ने अपने करियर की शुरुआत आर्मी से की थी. 1991 में रियाटरमेंट के बाद उन्होंने मुंबई पुलिस को ज्वाइन किया था.</p>
<p style=”text-align: justify;”>26 नवंबर 2008 की रात को वह और उनकी टीम चेकपॉइंट पर मौजूद थी तभी उन्हें एक वाहन में दो आतंकी आते दिखे. शुरुआती गोलीबारी में एक आतंकी कार में ही मारा गया जबकि दूसरा अजमल कसाब वाहन से बाहर निकलने लगा. उसे पकड़ने के लिए तुकाराम ओंबले आगे बढ़े तब जब उनके पास कोई हथियार नहीं था. कसाब कार से निकला और फायरिंग कर दी.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>साथियों को बचाने तुकाराम ने दिया अद्भुत साहस का परिचय</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>तुकाराम कसाब के आगे खड़े हो गए और उसकी राइफल के बैरेल को पकड़ लिया ताकि किसी और को गोली ना लगे. इस घटना में वह शहीद हो गए. हालांकि तुकाराम की टीम ने कसाब को पकड़ लिया. तुकाराम ओंबले को कसाब को जिंदा पकड़ने में मदद करने में मरणोपरान्त अशोक चक्र से सम्मानित किया गया.</p> <p style=”text-align: justify;”><strong>Tukaram Omble News: </strong>मुंबई में 26/11 आतंकवादी हमले में शहीद सब-इंस्पेक्टर तुकाराम ओंबले के सम्मान में महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार स्मारक बनाने जा रही है. इससे पहले केंद्र सरकार ने तुकाराम ओंबले को अशोक चक्र से सम्मानित किया था. स्मारक का निर्माण तुकाराम ओंबले के पैतृक गांव केदंबे में किया जाएगा. यह गांव सातारा जिले में है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>इस कार्य के लिए महाराष्ट्र सरकार की ओर से 13.46 करोड़ रुपये के बजट की मंजूरी मिल गई है. इस धनराशि की पहली किश्त 2.70 करोड़ रुपये (20%) शुक्रवार को जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दी गई है. मुंबई की गिरगांव चौपाटी के पास तुकाराम ओंबले का प्रेरणा स्थल मौजूद है जहां उनके शहीद दिवस पर हर वर्ष आम और खास लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचते हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>अजमल कसाब को पकड़ने में निभाई थी बड़ी भूमिका</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>26 नवंबर 2008 की रात जब 10 आतंकियों ने मुंबई में आतंक मचाया था तब अजमल कसाब को पकड़ने में तुकाराम ओंबले ने अहम भूमिका निभाई थी. तुकाराम ओंबले ने अपने करियर की शुरुआत आर्मी से की थी. 1991 में रियाटरमेंट के बाद उन्होंने मुंबई पुलिस को ज्वाइन किया था.</p>
<p style=”text-align: justify;”>26 नवंबर 2008 की रात को वह और उनकी टीम चेकपॉइंट पर मौजूद थी तभी उन्हें एक वाहन में दो आतंकी आते दिखे. शुरुआती गोलीबारी में एक आतंकी कार में ही मारा गया जबकि दूसरा अजमल कसाब वाहन से बाहर निकलने लगा. उसे पकड़ने के लिए तुकाराम ओंबले आगे बढ़े तब जब उनके पास कोई हथियार नहीं था. कसाब कार से निकला और फायरिंग कर दी.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>साथियों को बचाने तुकाराम ने दिया अद्भुत साहस का परिचय</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>तुकाराम कसाब के आगे खड़े हो गए और उसकी राइफल के बैरेल को पकड़ लिया ताकि किसी और को गोली ना लगे. इस घटना में वह शहीद हो गए. हालांकि तुकाराम की टीम ने कसाब को पकड़ लिया. तुकाराम ओंबले को कसाब को जिंदा पकड़ने में मदद करने में मरणोपरान्त अशोक चक्र से सम्मानित किया गया.</p> महाराष्ट्र Who Is Swati Sachdeva: कौन हैं स्वाति सचदेवा? कॉमेडी में मां को लेकर कही ऐसी बात जिसपर हो गया बवाल
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