​​​​​​​आगरा में रामजी लाल सुमन के खिलाफ प्रदर्शन:महिला बोली- जो की जीभ काटकर लाएगा, एक लाख का इनाम; सांसद ने माफी मांगी

​​​​​​​आगरा में रामजी लाल सुमन के खिलाफ प्रदर्शन:महिला बोली- जो की जीभ काटकर लाएगा, एक लाख का इनाम; सांसद ने माफी मांगी

सपा के राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन के हिन्दुओं को गद्दार राणा सांगा की औलाद वाले बयान के बाद सियासत गरमा गई है। आगरा में रविवार को अखिल भारत हिन्दू महासभा के कार्यकर्ताओं ने सांसद का पुतला फूंककर प्रदर्शन किया। हिन्दू महासभा से महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने कहा- जो भी रामजी लाल सुमन के जीभ काटकर लाएगा उसे 1 लाख रुपए कैश देंगे। वहीं सपा सांसद ने अपने बयान के बाद कहा- मेरा मकसद किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था। अब पहले पढ़िए सपा सांसद ने राज्यसभा में क्या बोला था सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने शनिवार को राज्यसभा में कहा- भाजपा वालों का तकिया कलाम हो गया कि मुसलमानों में बाबर का डीएनए है तो फिर हिंदुओं में किसका डीएनए है? बाबर को कौन लाया? बाबर को भारत में इब्राहिम लोदी को हराने के लिए राणा सांगा लाया था। मुसलमान बाबर की औलाद हैं तो तुम (हिंदू) गद्दार राणा सांगा की औलाद हो। यह हिंदुस्तान में तय हो जाना चाहिए। बाबर की आलोचना करते हैं, राणा सांगा की नहीं। देश की आजादी की लड़ाई में इन्होंने अंग्रेजों की गुलामी की थी। हिंदुस्तान का मुसलमान बाबर को अपना आदर्श नहीं मानता है। वो मोहम्मद साहब और सूफी परंपरा को आदर्श मानता है। रामजी लाल सुमन की 3 बड़ी बातें- 1- सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही हमारे देश में जानबूझकर सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। अभी होली का त्योहार था। हमने कहीं नहीं पढ़ा कि मुसलमान ने यह कहा हो कि हम सद्भावना बिगाड़ने चाहते हैं या होली के त्योहार में व्यवधान पैदा करना चाहते हैं। इसके बावजूद भी तमाम ऐसे बयान आए, जिससे समाज में दरार पैदा हुई। एक बिहार और एक उत्तर प्रदेश के विधायक हैं। इन लोगों ने कहा कि होली पर मुसलमान अपने घरों में कैद हो जाएं। यूपी के एक मंत्री ने कहा कि जिन्हें रंगों से दिक्कत है, वो हिंदुस्तान छोड़ दें। 2- देश में कानून का राज है या जंगलराज? अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में पहले होली की अनुमति नहीं मिली थी, हालांकि बाद में मिल गई। इस दौरान एक जनप्रतिनिधि ने कहा था कि जो होली का विरोध करेगा, उसे ऊपर पहुंचा दूंगा। लेकिन बीजेपी का कोई बड़ा नेता इसका विरोध नहीं करता है। इसका मतलब यह है कि इस प्रकार के बयान को सरकारी संरक्षण प्राप्त है, या इनको ये भाषा अच्छी लगती है।
ऐसी भाषा किसी भी देश की सेहत के लिए ठीक नहीं है। देश में कानून का राज है या जंगलराज? 3- क्या यह देश किसी के बाप का क्या यह देश किसी के बाप का है? हिंदुस्तान में विभिन्न धर्मों के लोग रहते हैं। हिंदुस्तान की धरती पर जितना अधिकार हिंदू का है, उतना ही मुसलमान का भी है। राष्ट्रीय आंदोलन में सभी जातियों ने तिरंगे के नीचे एक कौम बनाई।
आखिरी मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर के बेटे का अंग्रेजों ने सिर कलम कर दिया गया था। कटे सिर को बादशाह जफर के पास भेज दिया गया। अंग्रेजों ने कहा- दमदमे में दम नहीं है, खैर मांगो जान की…ऐ जफर, ठंडी हुई अब तेग हिंदुस्तान की। इस पर बूढ़े बादशाह जफर ने कहा था- गाजियों में बू रहेगी, जब तक ईमान की… तख्त ऐ लंदन तक चलेगी, तेग हिंदुस्तान की। संजीव बालियान बोले- धिक्कार है सपा सांसद के बयान पर पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने X पर लिखा- धिक्कार है। रामजी लाल सुमन ने तुष्टिकरण की सभी हदें पार कर दीं। उन्होंने संसद में महान वीर राणा सांगा” को गद्दार कहा। यह राजपूत समाज और समस्त हिंदू समाज का घोर अपमान है। सपा को ऐसे शर्मनाक कृत्य के लिए पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए। अब जानिए कौन हैं रामजी लाल सुमन सपा के राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन के हिन्दुओं को गद्दार राणा सांगा की औलाद वाले बयान के बाद सियासत गरमा गई है। आगरा में रविवार को अखिल भारत हिन्दू महासभा के कार्यकर्ताओं ने सांसद का पुतला फूंककर प्रदर्शन किया। हिन्दू महासभा से महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने कहा- जो भी रामजी लाल सुमन के जीभ काटकर लाएगा उसे 1 लाख रुपए कैश देंगे। वहीं सपा सांसद ने अपने बयान के बाद कहा- मेरा मकसद किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था। अब पहले पढ़िए सपा सांसद ने राज्यसभा में क्या बोला था सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने शनिवार को राज्यसभा में कहा- भाजपा वालों का तकिया कलाम हो गया कि मुसलमानों में बाबर का डीएनए है तो फिर हिंदुओं में किसका डीएनए है? बाबर को कौन लाया? बाबर को भारत में इब्राहिम लोदी को हराने के लिए राणा सांगा लाया था। मुसलमान बाबर की औलाद हैं तो तुम (हिंदू) गद्दार राणा सांगा की औलाद हो। यह हिंदुस्तान में तय हो जाना चाहिए। बाबर की आलोचना करते हैं, राणा सांगा की नहीं। देश की आजादी की लड़ाई में इन्होंने अंग्रेजों की गुलामी की थी। हिंदुस्तान का मुसलमान बाबर को अपना आदर्श नहीं मानता है। वो मोहम्मद साहब और सूफी परंपरा को आदर्श मानता है। रामजी लाल सुमन की 3 बड़ी बातें- 1- सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही हमारे देश में जानबूझकर सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। अभी होली का त्योहार था। हमने कहीं नहीं पढ़ा कि मुसलमान ने यह कहा हो कि हम सद्भावना बिगाड़ने चाहते हैं या होली के त्योहार में व्यवधान पैदा करना चाहते हैं। इसके बावजूद भी तमाम ऐसे बयान आए, जिससे समाज में दरार पैदा हुई। एक बिहार और एक उत्तर प्रदेश के विधायक हैं। इन लोगों ने कहा कि होली पर मुसलमान अपने घरों में कैद हो जाएं। यूपी के एक मंत्री ने कहा कि जिन्हें रंगों से दिक्कत है, वो हिंदुस्तान छोड़ दें। 2- देश में कानून का राज है या जंगलराज? अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में पहले होली की अनुमति नहीं मिली थी, हालांकि बाद में मिल गई। इस दौरान एक जनप्रतिनिधि ने कहा था कि जो होली का विरोध करेगा, उसे ऊपर पहुंचा दूंगा। लेकिन बीजेपी का कोई बड़ा नेता इसका विरोध नहीं करता है। इसका मतलब यह है कि इस प्रकार के बयान को सरकारी संरक्षण प्राप्त है, या इनको ये भाषा अच्छी लगती है।
ऐसी भाषा किसी भी देश की सेहत के लिए ठीक नहीं है। देश में कानून का राज है या जंगलराज? 3- क्या यह देश किसी के बाप का क्या यह देश किसी के बाप का है? हिंदुस्तान में विभिन्न धर्मों के लोग रहते हैं। हिंदुस्तान की धरती पर जितना अधिकार हिंदू का है, उतना ही मुसलमान का भी है। राष्ट्रीय आंदोलन में सभी जातियों ने तिरंगे के नीचे एक कौम बनाई।
आखिरी मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर के बेटे का अंग्रेजों ने सिर कलम कर दिया गया था। कटे सिर को बादशाह जफर के पास भेज दिया गया। अंग्रेजों ने कहा- दमदमे में दम नहीं है, खैर मांगो जान की…ऐ जफर, ठंडी हुई अब तेग हिंदुस्तान की। इस पर बूढ़े बादशाह जफर ने कहा था- गाजियों में बू रहेगी, जब तक ईमान की… तख्त ऐ लंदन तक चलेगी, तेग हिंदुस्तान की। संजीव बालियान बोले- धिक्कार है सपा सांसद के बयान पर पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने X पर लिखा- धिक्कार है। रामजी लाल सुमन ने तुष्टिकरण की सभी हदें पार कर दीं। उन्होंने संसद में महान वीर राणा सांगा” को गद्दार कहा। यह राजपूत समाज और समस्त हिंदू समाज का घोर अपमान है। सपा को ऐसे शर्मनाक कृत्य के लिए पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए। अब जानिए कौन हैं रामजी लाल सुमन   उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर