एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत ने वक्फ पर संसद में उद्धव ठाकरे को घेरा, ‘अगर बाला साहब होते तो…’

एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत ने वक्फ पर संसद में उद्धव ठाकरे को घेरा, ‘अगर बाला साहब होते तो…’

<p style=”text-align: justify;”><strong>Waqf Amendment Bill:</strong> लोकसभा में बुधवार (2 अप्रैल) को वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा शुरू हुई. विपक्षी पार्टियां एक सुर में इसका विरोध कर रही है. वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि इससे गरीब मुसलमानों को फायदा मिलेगा. चर्चा के दौरान एकनाथ शिंदे की शिवसेना और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) में भी तकरार देखने को मिली.</p>
<p style=”text-align: justify;”>शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत ने इसे संविधान के खिलाफ बताया. वहीं <a title=”एकनाथ शिंदे” href=”https://www.abplive.com/topic/eknath-shinde” data-type=”interlinkingkeywords”>एकनाथ शिंदे</a> के बेटे और शिवसेना के सांसद श्रीकांत शिंदे ने बिल का समर्थन करते हुए कहा कि इन्हें (यूबीटी) अपनी अंतरात्मा से पूछना चाहिए कि बालासाहेब होते तो क्या ये यहां भाषण कर पाते.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>ये गलतियों को सुधारने का अवसर था- श्रीकांत शिंदे</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>कल्याण से सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा, ”ये गलतियों को सुधारने का अवसर था, अपने इतिहास संभालने का, विचारधारा को जिंदा रखने का. इसके लिए बालासाहेब ठाकरे ने कभी आंदोलन किया था. लेकिन अफसोस कि यूबीटी वालों ने पहले इस विचारधारा को बुलडोजर कर दिया. बालासाहेब कि विचारधारा स्पष्ट थी. हिंदुत्व की रक्षा, देश की एकता और बाकी धर्मों के लोगों के लिए सम्मान.”</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>हरे जैकेट पर तंज</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>शिंदे ने सावंत पर तंज कसते हुए कहा, ”हरी जैकेट बुधवार के लिए पहनी है या वक्फ बिल आना था इसलिए.” उन्होंने कहा, ”आज हिन्दुओं से भी इनको एलर्जी होने लगी है. छत्रपति शिवाजी को जिसने मारा, उसके लिए वकालत कर रहे हैं.”</p>
<p style=”text-align: justify;”>&nbsp;</p>
<figure class=”image” style=”text-align: justify;”><img src=”https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2025/04/02/8fe8223016e3044a855d08cb916970501743593464062124_original.jpg” alt=”शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत” />
<figcaption>शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत</figcaption>
</figure>
<p style=”text-align: justify;”>उन्होंने कहा, ”ये बिल का नाम बदल कर UMEED रखा गया है, ये सिर्फ शब्द नहीं है, ये कानून का सार है.ये वोट के लिए नहीं, वतन के लिए काम है. ये बिल पारदर्शिता लाने के लिए लाया गया है, तो इनके पेट में दर्द हो रहा है. इंडी गठबंधन (इंडिया गठबंधन) विरोध कर रही है, लेकिन कोई भी ऐसा सीएम नहीं होगा जिसने वक्फ के भ्रष्टाचार की जांच नहीं की होगी.”</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>अरविंद सावंत ने क्या कहा?</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>बिल का विरोध करते हुए दक्षिण मुंबई से सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि इस देश की आजादी के लिए जिन्होंने कुछ नहीं किया, दुर्भाग्य है कि वो सरकार चला रहे हैं. अगर आप हमारे मंदिर में किसी गैर हिंदू को लाने की कोशिश करेगी तो शिवसेना उसका विरोध करेगी. उन्होंने कहा कि आपके मन में कुछ और ही है, आपको जमीन हड़पनी है.</p> <p style=”text-align: justify;”><strong>Waqf Amendment Bill:</strong> लोकसभा में बुधवार (2 अप्रैल) को वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा शुरू हुई. विपक्षी पार्टियां एक सुर में इसका विरोध कर रही है. वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि इससे गरीब मुसलमानों को फायदा मिलेगा. चर्चा के दौरान एकनाथ शिंदे की शिवसेना और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) में भी तकरार देखने को मिली.</p>
<p style=”text-align: justify;”>शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत ने इसे संविधान के खिलाफ बताया. वहीं <a title=”एकनाथ शिंदे” href=”https://www.abplive.com/topic/eknath-shinde” data-type=”interlinkingkeywords”>एकनाथ शिंदे</a> के बेटे और शिवसेना के सांसद श्रीकांत शिंदे ने बिल का समर्थन करते हुए कहा कि इन्हें (यूबीटी) अपनी अंतरात्मा से पूछना चाहिए कि बालासाहेब होते तो क्या ये यहां भाषण कर पाते.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>ये गलतियों को सुधारने का अवसर था- श्रीकांत शिंदे</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>कल्याण से सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा, ”ये गलतियों को सुधारने का अवसर था, अपने इतिहास संभालने का, विचारधारा को जिंदा रखने का. इसके लिए बालासाहेब ठाकरे ने कभी आंदोलन किया था. लेकिन अफसोस कि यूबीटी वालों ने पहले इस विचारधारा को बुलडोजर कर दिया. बालासाहेब कि विचारधारा स्पष्ट थी. हिंदुत्व की रक्षा, देश की एकता और बाकी धर्मों के लोगों के लिए सम्मान.”</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>हरे जैकेट पर तंज</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>शिंदे ने सावंत पर तंज कसते हुए कहा, ”हरी जैकेट बुधवार के लिए पहनी है या वक्फ बिल आना था इसलिए.” उन्होंने कहा, ”आज हिन्दुओं से भी इनको एलर्जी होने लगी है. छत्रपति शिवाजी को जिसने मारा, उसके लिए वकालत कर रहे हैं.”</p>
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<figure class=”image” style=”text-align: justify;”><img src=”https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2025/04/02/8fe8223016e3044a855d08cb916970501743593464062124_original.jpg” alt=”शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत” />
<figcaption>शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत</figcaption>
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<p style=”text-align: justify;”>उन्होंने कहा, ”ये बिल का नाम बदल कर UMEED रखा गया है, ये सिर्फ शब्द नहीं है, ये कानून का सार है.ये वोट के लिए नहीं, वतन के लिए काम है. ये बिल पारदर्शिता लाने के लिए लाया गया है, तो इनके पेट में दर्द हो रहा है. इंडी गठबंधन (इंडिया गठबंधन) विरोध कर रही है, लेकिन कोई भी ऐसा सीएम नहीं होगा जिसने वक्फ के भ्रष्टाचार की जांच नहीं की होगी.”</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>अरविंद सावंत ने क्या कहा?</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>बिल का विरोध करते हुए दक्षिण मुंबई से सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि इस देश की आजादी के लिए जिन्होंने कुछ नहीं किया, दुर्भाग्य है कि वो सरकार चला रहे हैं. अगर आप हमारे मंदिर में किसी गैर हिंदू को लाने की कोशिश करेगी तो शिवसेना उसका विरोध करेगी. उन्होंने कहा कि आपके मन में कुछ और ही है, आपको जमीन हड़पनी है.</p>  महाराष्ट्र वक्फ बिल के साथ या खिलाफ? उद्धव ठाकरे की पार्टी ने लोकसभा में साफ कर दिया अपना स्टैंड