आगरा में सपा सांसद रामजीलाल सुमन के घर पर हमला करने में करणी सेना ने पुलिस को गुमराह करने की स्ट्रेटजी अपनाई। कुबेरपुर से सांसद के घर आने में करणी सेना के 800 लोगों को करीब 1 घंटे का समय लगा। जब पुलिस ने पहली बैरिकेडिंग पर बुलडोजर जब्त किए, तब बड़े नेताओं ने पुलिस को गुमराह करने के लिए गाड़ियां बदल दीं। पुलिस का ध्यान इन नेताओं पर रहा और बाइक, दूसरी गाड़ियों से कार्यकर्ता अलग-अलग रास्तों से सपा सांसद के घर तक पहुंच गए। रूट और अचानक मूवमेंट में हुए बदलाव को आगरा पुलिस समय रहते भांप ही नहीं सकी। नतीजा, जमकर तोड़फोड़ और हंगामा हुआ। पुलिस ने 2 FIR दर्ज कीं। पहली- रामजीलाल सुमन के बेटे की तरफ से। दूसरी- पुलिस के दरोगा की तरफ से। दैनिक भास्कर ने 15 Km रूट पर पड़ने वाले 5 थाने और 6 चौकियां को देखा। पुलिस हमलावरों को रोकने में कहां चूकी, हमलावर कैसे मात देकर निकल गए, उनका सेट टारगेट क्या था? पढ़िए रिपोर्ट… करणी सेना की स्ट्रेटजी समझिए… छलेसर चौकी पर रोका, तब ओकेंद्र ने गाड़ी बदली
करणी सेना ने कार्यकर्ताओं के इकट्ठा होने के लिए आगरा के एत्मादपुर थाने से 7 Km दूर कुबेरपुर इंटरचेंज को चुना। इस पॉइंट से नोएडा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, इटावा से कार्यकर्ता आराम से पहुंच सकते हैं। बुधवार की सुबह 10 बजे से कार्यकर्ता जुटने लगे, चूंकि ऐलान पहले ही हो चुका था, इसलिए इस स्पॉट पर 8 से 10 पुलिस वाले पहुंचे। इसी दौरान 8 से 10 बाइक पर कार्यकर्ता पहले ही बाघ मुजफ्फर खान भेज दिए। जहां HIG फ्लैट में सपा सांसद रामजीलाल सुमन का घर है। करीब 12 बजे करणी सेना के पदाधिकारी और कार्यकर्ता सांसद के घर की तरफ बढ़ने लगे। उस वक्त करणी सेना के अध्यक्ष ओकेंद्र राणा और वीरू प्रताप बुलडोजर पर सवार थे। उन्हें सांसद के घर की सिक्योरिटी, पुलिस मूवमेंट और बैरिकेटिंग कहां-कहां हो चुकी है, इसकी जानकारी मोबाइल पर मिल रही थी। पुलिस ने बुलडोजर से लोगों को उतारा
कार्यकर्ता 2km तक चलकर छलेसर चौकी तक पहुंचे, यहां पर पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया। बुलडोजर पर बैठे लोगों को उतार दिया गया। कुछ गाड़ियों को जब्त भी किया। इसके बाद ओकेंद्र राणा और वीरू प्रताप बुलडोजर से उतरकर गाड़ी पर बैठ गए, जबकि कार्यकर्ताओं का एक गुट अपने नेताओं से अलग होकर आगे बढ़ने लगा। उस वक्त तक पुलिस का पूरा ध्यान ओकेंद्र राणा और वीरू प्रताप पर था। अब करणी सेना के लोग ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र में दाखिल हो गए। पुलिस ने रामबाग फ्लाईओवर पर बैरिकेडिंग की हुई थी। यहां ACP एत्मादपुर पीयूष कांत, इंस्पेक्टर एत्माद्दौला के साथ करीब 10 पुलिसकर्मी मौजूद थे। यहां करीब 15 मिनट तक हंगामा चलता रहा। शाहदरा चौकी यहां से थोड़ी ही दूरी पर थी। कार्यकर्ता यहां से भी आगे बढ़कर वाटर वर्क्स चौराहे तक पहुंचे। तब तक सांसद के घर के सामने पुलिस तैनात हो चुकी थी। स्ट्रेटजी बदलते हुए वाटर वर्क्स चौराहा से करणी सेना के कार्यकर्ता 2 हिस्से में बंट गए। दरअसल, काफिले में 30 से 40 गाड़ियां थीं, ज्यादातर लोग बाइक पर आए थे। कार्यकर्ताओं का एक गुट लंगड़े की चौकी से गलियों के रास्ते भगवान टाकीज चौराहा होते हुए सांसद के घर पहुंच गया। जबकि दूसरा गुट पुलिस को चकमा देते हुए जीवनी मंडी होते हुए सांसद के आवास तक पहुंचा। जो कार्यकर्ता पहले भेजे, वह छिपे रहे, साथियों के आने पर निकले
पुलिस को चकमा देने के लिए करणी सेना ने अपने कुछ कार्यकर्ताओं को अलग-अलग बाइकों पर शहीद स्मारक के पास भेज दिया गया था, जोकि सपा सांसद के घर के करीब है। वह लोग चुपचाप निगरानी कर रहे थे। कुछ कार्यकर्ता सांसद की सोसाइटी के आसपास छिप गए थे। जब ओकेंद्र राणा कार से हरीपर्वत चौराहे पर पहुंचे, तब अचानक से एक साथ कार्यकर्ता निकल आए। यही वजह है कि पुलिस अचानक उन्हें संभाल भी नहीं सकी। जिस गेट पर पुलिस कम, वहां से घुसे अंदर
सांसद सुमन की सोसाइटी के दो गेट हैं। आवास के बराबर वाले गेट पर पुलिस फोर्स को तैनात किया गया था। वहीं, स्पीड कलर लैब के सामने वाले रास्ते के मेन गेट पर केवल 4 पुलिस कर्मी तैनात थे। पुलिस को लग रहा था कि करणी सेना आवास वाले दूसरे गेट की तरफ आएगी, लेकिन वो लोग वहां से घुसे जहां पर पुलिस कम थी। अब पुलिस की 3 कमियां, जिसकी वजह से किरकिरी हुई… इसका जवाब आगरा के एडिशनल CP संजीव त्यागी देते हैं… सवाल: जिस रूट से करणी सेना गई, उस पर थाने और चौकियां पड़ती हैं, क्या पर्याप्त फोर्स नहीं थी?
अधिकारी: 26 मार्च को राजामंडी इलाके में CM योगी आदित्यनाथ की जनसभा थी। थाना और चौकियों का फोर्स VIP ड्यूटी में तैनात किया गया था। फिर भी 500-600 की भीड़ को बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया गया। सांसद के घर तक सिर्फ 50-60 लोग पहुंच सके। सवाल: क्या इंटेलिजेंस से बड़े मूवमेंट की जानकारी लेट मिली थी?
अधिकारी: नहीं, पहले से जानकारी थी। यही वजह है कि एक टीम ने सांसद के घर पहुंचकर लोगों को सिक्योर किया। बुलडोजर रास्ते में ही रोक लिए गए। घर तक नहीं पहुंचने दिए। 29 उपद्रवियों को पकड़ा भी गया है। अब पुलिस एक्शन पढ़िए… 2 FIR दर्ज हुईं
पहली FIR सांसद के बेटे रणजीत सुमन की ओर से दर्ज कराई गई। अज्ञात लोगों के खिलाफ लूट और जानलेवा हमले की धाराएं लगाई गईं। दूसरी FIR पुलिस की ओर से लिखवाई गई। इसमें करणी सेना के अध्यक्ष ओकेंद्र राणा और अज्ञात हमलावरों के खिलाफ जानलेवा हमला, तोड़फोड़, संपत्ति नुकसान की धाराओं में मामला दर्ज किया गया। 29 लोग हिरासत में
पुलिस ने करीब 29 लोगों को हिरासत में लिया। रात में ही सबको जमानत पर छोड़ दिया। एडिशनल सीपी संजीव त्यागी का कहना है कि जिन लोगों की संलिप्तता नहीं मिली है, उन्हें छोड़ा गया है। ………………. यह भी पढ़ें : सपा सांसद बोले- मेरे परिवार को नष्ट करना चाहते थे:करणी सेना के हमले के तीसरे दिन सुमन आगरा पहुंचे; राज्यसभा में BJP का हंगामा सपा सांसद रामजी लाल सुमन के घर पर हमले को लेकर सियासत तेज है। गुरुवार को राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, भाजपा सरकार में दलित सांसद और उसका परिवार भी सुरक्षित नहीं है, आम दलितों की क्या हालत है, आप समझ सकते हैं। पढ़िए पूरी खबर… आगरा में सपा सांसद रामजीलाल सुमन के घर पर हमला करने में करणी सेना ने पुलिस को गुमराह करने की स्ट्रेटजी अपनाई। कुबेरपुर से सांसद के घर आने में करणी सेना के 800 लोगों को करीब 1 घंटे का समय लगा। जब पुलिस ने पहली बैरिकेडिंग पर बुलडोजर जब्त किए, तब बड़े नेताओं ने पुलिस को गुमराह करने के लिए गाड़ियां बदल दीं। पुलिस का ध्यान इन नेताओं पर रहा और बाइक, दूसरी गाड़ियों से कार्यकर्ता अलग-अलग रास्तों से सपा सांसद के घर तक पहुंच गए। रूट और अचानक मूवमेंट में हुए बदलाव को आगरा पुलिस समय रहते भांप ही नहीं सकी। नतीजा, जमकर तोड़फोड़ और हंगामा हुआ। पुलिस ने 2 FIR दर्ज कीं। पहली- रामजीलाल सुमन के बेटे की तरफ से। दूसरी- पुलिस के दरोगा की तरफ से। दैनिक भास्कर ने 15 Km रूट पर पड़ने वाले 5 थाने और 6 चौकियां को देखा। पुलिस हमलावरों को रोकने में कहां चूकी, हमलावर कैसे मात देकर निकल गए, उनका सेट टारगेट क्या था? पढ़िए रिपोर्ट… करणी सेना की स्ट्रेटजी समझिए… छलेसर चौकी पर रोका, तब ओकेंद्र ने गाड़ी बदली
करणी सेना ने कार्यकर्ताओं के इकट्ठा होने के लिए आगरा के एत्मादपुर थाने से 7 Km दूर कुबेरपुर इंटरचेंज को चुना। इस पॉइंट से नोएडा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, इटावा से कार्यकर्ता आराम से पहुंच सकते हैं। बुधवार की सुबह 10 बजे से कार्यकर्ता जुटने लगे, चूंकि ऐलान पहले ही हो चुका था, इसलिए इस स्पॉट पर 8 से 10 पुलिस वाले पहुंचे। इसी दौरान 8 से 10 बाइक पर कार्यकर्ता पहले ही बाघ मुजफ्फर खान भेज दिए। जहां HIG फ्लैट में सपा सांसद रामजीलाल सुमन का घर है। करीब 12 बजे करणी सेना के पदाधिकारी और कार्यकर्ता सांसद के घर की तरफ बढ़ने लगे। उस वक्त करणी सेना के अध्यक्ष ओकेंद्र राणा और वीरू प्रताप बुलडोजर पर सवार थे। उन्हें सांसद के घर की सिक्योरिटी, पुलिस मूवमेंट और बैरिकेटिंग कहां-कहां हो चुकी है, इसकी जानकारी मोबाइल पर मिल रही थी। पुलिस ने बुलडोजर से लोगों को उतारा
कार्यकर्ता 2km तक चलकर छलेसर चौकी तक पहुंचे, यहां पर पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया। बुलडोजर पर बैठे लोगों को उतार दिया गया। कुछ गाड़ियों को जब्त भी किया। इसके बाद ओकेंद्र राणा और वीरू प्रताप बुलडोजर से उतरकर गाड़ी पर बैठ गए, जबकि कार्यकर्ताओं का एक गुट अपने नेताओं से अलग होकर आगे बढ़ने लगा। उस वक्त तक पुलिस का पूरा ध्यान ओकेंद्र राणा और वीरू प्रताप पर था। अब करणी सेना के लोग ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र में दाखिल हो गए। पुलिस ने रामबाग फ्लाईओवर पर बैरिकेडिंग की हुई थी। यहां ACP एत्मादपुर पीयूष कांत, इंस्पेक्टर एत्माद्दौला के साथ करीब 10 पुलिसकर्मी मौजूद थे। यहां करीब 15 मिनट तक हंगामा चलता रहा। शाहदरा चौकी यहां से थोड़ी ही दूरी पर थी। कार्यकर्ता यहां से भी आगे बढ़कर वाटर वर्क्स चौराहे तक पहुंचे। तब तक सांसद के घर के सामने पुलिस तैनात हो चुकी थी। स्ट्रेटजी बदलते हुए वाटर वर्क्स चौराहा से करणी सेना के कार्यकर्ता 2 हिस्से में बंट गए। दरअसल, काफिले में 30 से 40 गाड़ियां थीं, ज्यादातर लोग बाइक पर आए थे। कार्यकर्ताओं का एक गुट लंगड़े की चौकी से गलियों के रास्ते भगवान टाकीज चौराहा होते हुए सांसद के घर पहुंच गया। जबकि दूसरा गुट पुलिस को चकमा देते हुए जीवनी मंडी होते हुए सांसद के आवास तक पहुंचा। जो कार्यकर्ता पहले भेजे, वह छिपे रहे, साथियों के आने पर निकले
पुलिस को चकमा देने के लिए करणी सेना ने अपने कुछ कार्यकर्ताओं को अलग-अलग बाइकों पर शहीद स्मारक के पास भेज दिया गया था, जोकि सपा सांसद के घर के करीब है। वह लोग चुपचाप निगरानी कर रहे थे। कुछ कार्यकर्ता सांसद की सोसाइटी के आसपास छिप गए थे। जब ओकेंद्र राणा कार से हरीपर्वत चौराहे पर पहुंचे, तब अचानक से एक साथ कार्यकर्ता निकल आए। यही वजह है कि पुलिस अचानक उन्हें संभाल भी नहीं सकी। जिस गेट पर पुलिस कम, वहां से घुसे अंदर
सांसद सुमन की सोसाइटी के दो गेट हैं। आवास के बराबर वाले गेट पर पुलिस फोर्स को तैनात किया गया था। वहीं, स्पीड कलर लैब के सामने वाले रास्ते के मेन गेट पर केवल 4 पुलिस कर्मी तैनात थे। पुलिस को लग रहा था कि करणी सेना आवास वाले दूसरे गेट की तरफ आएगी, लेकिन वो लोग वहां से घुसे जहां पर पुलिस कम थी। अब पुलिस की 3 कमियां, जिसकी वजह से किरकिरी हुई… इसका जवाब आगरा के एडिशनल CP संजीव त्यागी देते हैं… सवाल: जिस रूट से करणी सेना गई, उस पर थाने और चौकियां पड़ती हैं, क्या पर्याप्त फोर्स नहीं थी?
अधिकारी: 26 मार्च को राजामंडी इलाके में CM योगी आदित्यनाथ की जनसभा थी। थाना और चौकियों का फोर्स VIP ड्यूटी में तैनात किया गया था। फिर भी 500-600 की भीड़ को बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया गया। सांसद के घर तक सिर्फ 50-60 लोग पहुंच सके। सवाल: क्या इंटेलिजेंस से बड़े मूवमेंट की जानकारी लेट मिली थी?
अधिकारी: नहीं, पहले से जानकारी थी। यही वजह है कि एक टीम ने सांसद के घर पहुंचकर लोगों को सिक्योर किया। बुलडोजर रास्ते में ही रोक लिए गए। घर तक नहीं पहुंचने दिए। 29 उपद्रवियों को पकड़ा भी गया है। अब पुलिस एक्शन पढ़िए… 2 FIR दर्ज हुईं
पहली FIR सांसद के बेटे रणजीत सुमन की ओर से दर्ज कराई गई। अज्ञात लोगों के खिलाफ लूट और जानलेवा हमले की धाराएं लगाई गईं। दूसरी FIR पुलिस की ओर से लिखवाई गई। इसमें करणी सेना के अध्यक्ष ओकेंद्र राणा और अज्ञात हमलावरों के खिलाफ जानलेवा हमला, तोड़फोड़, संपत्ति नुकसान की धाराओं में मामला दर्ज किया गया। 29 लोग हिरासत में
पुलिस ने करीब 29 लोगों को हिरासत में लिया। रात में ही सबको जमानत पर छोड़ दिया। एडिशनल सीपी संजीव त्यागी का कहना है कि जिन लोगों की संलिप्तता नहीं मिली है, उन्हें छोड़ा गया है। ………………. यह भी पढ़ें : सपा सांसद बोले- मेरे परिवार को नष्ट करना चाहते थे:करणी सेना के हमले के तीसरे दिन सुमन आगरा पहुंचे; राज्यसभा में BJP का हंगामा सपा सांसद रामजी लाल सुमन के घर पर हमले को लेकर सियासत तेज है। गुरुवार को राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, भाजपा सरकार में दलित सांसद और उसका परिवार भी सुरक्षित नहीं है, आम दलितों की क्या हालत है, आप समझ सकते हैं। पढ़िए पूरी खबर… उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर
करणी सेना की सपा सांसद के घर हमले की स्ट्रेटजी:सोसाइटी तक 2 रास्तों से पहुंचे, पुलिस को भटकाया, टारगेट सेट था- सीधे पथराव
