हरियाणा के सैलून संचालक को ₹37 करोड़ का आयकर नोटिस:DC ऑफिस में गए तो चौपटा थाने में भेजा, बोले-घर भी पंचायती जमीन पर बना हरियाणा के सिरसा जिले के एक सैलून संचालक को इनकम टैक्स विभाग की ओर से 37.87 करोड़ रुपए का नोटिस भेजा गया है। नोटिस मिलने के बाद सैलून संचालक और उसके परिवार के होश उड़ हुए हैं। सैलून संचालक का कहना है कि वह तो मुश्किल से अपना घर चला पा रहा है। दिनभर की कमाई 500 रुपए भी नहीं होती। ऐसे में वह इतने भारी-भरकम टैक्स की भरपाई कैसे करेगा? मामले को लेकर वह कभी DC ऑफिस के चक्कर काट रहा है तो कभी थाने के। मगर, उसकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा। यह नोटिस भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस इनकम टैक्स विभाग सिरसा की ओर से जारी हुआ है। नाम और पते के अलावा PAN नंबर भी सैलून संचालक का ही लिखा हुआ है। इस नोटिस का 9 अप्रैल तक जवाब मांगा है। इससे परिवार ज्यादा परेशान है कि अब क्या होगा? 29 मार्च को आया नोटिस, डाकिया पड़ोस की दुकान पर थमा गया
सिरसा के अली मोहम्मद गांव निवासी राकेश कुमार का कहना है कि वह पिछले 10 साल से सैलून चला रहा है। डेरा सच्चा सौदा के पास उसका सैलून है। 29 मार्च को वह दुकान पर नहीं था। इसी दौरान डाकिया पास की दुकान में उसके नाम का लिफाफा दे गया। कह गया कि राकेश को दे देना। जब वह दुकान पर लौटा तो पड़ोसी दुकानदार ने उसे यह लिफाफा थमा दिया। लिफाफे पर उसका नाम, अंदर सब कुछ अंग्रेजी में था
राकेश के मुताबिक, दुकानदार ने जो लिफाफा उसे दिया, उस पर राकेश कुमार नाम लिखा था। अंदर खोल कर देखा तो सब कुछ अंग्रेजी में था। चूंकि वह 5वीं तक ही पढ़ा है तो उसने अपने पढ़े लिखे जानकार को यह पत्र दिखाया। जानकार ने उसे बताया कि उसे 37 करोड़ 87 लाख 61 हजार 561 रुपए इनकम टैक्स के जमा करना है। उसने कहा कि यह किसी ओर का होगा। इस पर जानकार ने उसे बताया कि नोटिस में तुम्हारा और तुम्हारे पिता का नाम है। यह सुनकर उसे पैरो तले जमीन खिसक गई। राकेश ने बताया कि सिरसा में सांगवान चौक पर धनी एप के नाम से कंपनी थी। वहीं से 2020-21 में 10 हजार रुपए का लोन लिया था। उस लोन के 12 हजार रुपए भर दिए हैं, उसका नो ड्यूज भी है। वहीं से किसी कागज किसी को बेचकर फर्जी फर्म तैयार कर ली। DC दफ्तर में नहीं ली शिकायत, थाने भेजा
राकेश के मुताबिक नोटिस के बारे में पता चलते ही वह अगले दिन कोर्ट परिसर पहुंचा और नोटरी से एफिडेविट तैयार करवाया। इसके बाद डीसी कार्यालय में शिकायत देने के लिए पहुंचा। आरोप है कि वहां पर उसकी शिकायत की कॉपी नहीं ली। स्टाफ ने कहा कि इसे चौपटा पुलिस थाने में जमा करवाओ, वहीं से इसका समाधान होगा। थाने वाले बोले- कोई बात नहीं, देखेंगे
राकेश ने आगे बताया कि शनिवार को वह नाथुसरी चौपटा पुलिस थाने में गया और वहां पर लिखित में शिकायत दी। वहां मौजूद पुलिस कर्मी बोला कि कोई बात नहीं, देखेंगे। इस पर राकेश ने बताया कि इस नोटिस के कारण पूरे परिवार की परेशानी बढ़ गई है। यह सोच कर ही डर लगता है कि इतनी राशि कौन भरेगा। इस गलती या लापरवाही को ठीक कराया जाए। पंचायती जमीन पर दो कमरों का मकान, दुकान से ही चलता है घर
सैलून संचालक राकेश ने बताया कि उसका घर भी पंचायती जमीन पर पांच से छह मरला जगह में बना है। घर की हालत भी खस्ता है। दो कमरों का मकान है और बाकी कच्चा है। इस घर के अलावा कोई भी जमीन जायदाद नहीं है। दुकान से घर का खर्च ही मुश्किल से चलता है। पिता नरसी राम सिलाई का काम करते हैं और माता मेवा देवी और पत्नी सुनीता गृहिणी है। उसके दो बच्चे हैं। सब इस नोटिस को लेकर चिंतित है। पूर्व सरपंच बोलीं- विभाग को गलती सुधारनी चाहिए
गांव की पूर्व सरपंच मंजू देवी ने कहा कि राकेश के पास तो कुछ भी नहीं है। अपना घर मुश्किल से चला पर रहा है और उसकी पारिवारिक स्थिति भी कमजोर है। कई बार जरूरत पड़ने पर पैसे भी उधार लेकर जाता है और बाद में अदा कर देता है। इनकम टैक्स विभाग ने जो नोटिस भेजा है। यह गलत है। इसे ठीक करना चाहिए। संबंधित विभाग में जाना ही उचित
नाथूसरी चौपटा थाना SHO सुखदेव सिंह ने बताया कि इस मामले में थाने में शिकायत दी गई है तो उन्हें अभी इसकी जानकारी नहीं है। अगर जवाब मांगा है तो दे दिया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभाग में जाना ही उचित होगा। वहीं पर समाधान हो सकता है। काफी मशहूर है गांव अली मोहम्मद
यह सिरसा का अली मोहम्मद गांव काफी मशहूर है। इस गांव को लगभग 350 साल पहले अलीखान ने बसाया था। गांव की लगभग 4500 हजार से ज्यादा की आबादी है। गांव में एक भी मुसलमान परिवार नहीं है। कपास के लिए भी यह गांव मशहूर है, जहां प्रति एकड़ पैदावार अच्छी होती है। गांव में गोशाला और मंदिर की संख्या ज्यादा है, लेकिन शिक्षा और रोजगार में पिछड़ा है।