कुरुक्षेत्र में प्यार-दोस्ती और विश्वास का खौफनाक अंत:10 साल के प्यार पर भारी पड़ी 3 महीने की जान-पहचान; पत्नी-प्रेमी ने रची साजिश

कुरुक्षेत्र में प्यार-दोस्ती और विश्वास का खौफनाक अंत:10 साल के प्यार पर भारी पड़ी 3 महीने की जान-पहचान; पत्नी-प्रेमी ने रची साजिश

हरियाणा कुरुक्षेत्र में ट्रक ड्राइवर संदीप के साथ हुए प्यार, दोस्ती और विश्वासघात के खेल ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। कविता से शादी करने के लिए संदीप (30) ने अपने घरवालों तक की परवाह नहीं की। कविता-संदीप के प्यार के बीच घरवाले अड़चन बने ताे दोनों ने कोर्ट मैरिज कर अपने प्यार को परवान चढ़ाया, मगर 10 साल बाद उसी प्यार ने उसके साथ विश्वासघात किया। घर किराए पर लिया शादी के बाद संदीप अपनी पत्नी कविता के साथ नए सपनों और खुशियों की तलाश में कुरुक्षेत्र की अंसल सिटी में किराए पर आकर रहने आ गया। यहां संदीप पिपली में ट्रांसपोर्ट कंपनी का ट्रक चलाने लगा। संदीप दिन-रात सड़कें नापता, ताकि अपने परिवार 6 साल के बेटे हिमांशु और 3 साल की नन्ही बेटी पूर्वी के साथ अपनी पत्नी कविता को बेहतर जिंदगी दे सके। दोस्त के घर जाने लगा दीपक संदीप की टैक्सी ड्राइवर दीपक और लवली के साथ दोस्ती ज्यादा पुरानी नहीं थी। करीब 3 महीने पहले संदीप दीपक से मिला था। उसके बाद वे गहरे दोस्त बन गए। दीपक का संदीप के घर आना-जाना बढ़ गया। इस दौरान, जब संदीप ट्रक लेकर लंबी यात्राओं पर जाता, तब दीपक उसकी पत्नी कविता के पास आने-जाने लगा। संदीप को अपने प्यार और दोस्ती पर विश्वास था, मगर 31 मार्च की रात को संदीप के साथ न सिर्फ विश्वासघात हुआ, बल्कि उसे अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ा। आरोप है कि कविता-दीपक ने अपने साथी लवली के साथ मिलकर संदीप का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। उन पर कोई शक न करे, इसलिए संदीप का शव फंदे पर लटका दिया ताकि सभी को लगे कि यह सुसाइड है। लोकेशन पूछती थी कविता संदीप के काम पर जाते ही कविता दीपक को बुला लिया करती थी। ड्राइवर होने की वजह से दीपक को पता था कि अगर संदीप दिल्ली से चलेगा तो उसे कुरुक्षेत्र आने में कितना समय लगेगा, कविता-दीपक कोई रिस्क नहीं लेना चाहते थे। इसलिए कविता उसे बार-बार फोन करके उसकी लोकेशन पूछती रहती थी ताकि संदीप के आने से पहले दीपक काे घर से भेज सके। हालांकि संदीप को अपनी पत्नी और दोस्त दीपक पर कुछ शक हुआ था। इस बारे में उसने अपने घर और बहनोई से बातचीत की थी। 10 साल के प्यार पर 3 महीने पड़े भारी संदीप के पिता नरेश ने उसे वापस गांव (पखाना जिला करनाल) आकर रहने की सलाह दी थी, मगर संदीप ने अपनी पत्नी पर विश्वास करके घर जाने का ख्याल छोड़ दिया। उसके बाद 1 अप्रैल को संदीप के भाई बिट्‌टी की मौत की सूचना मिली। वे संदीप के मकान पर पहुंचे तो संदीप का शव फंदे पर लटका हुआ था। उसकी पत्नी कविता अपने बच्चों को दीपक के पिता सोनू के पास पास छोड़कर प्रेमी संग फरार हो चुकी थी। संदीप की मौत की सूचना भी सोनू ने उसके घरवाले तक पहुंचाई थी। वारदात से पहले संदीप ने अपने भाई बिट्‌टू को बताया था कि कविता ने उससे बिना पूछे दीपक के साथ मिलकर दूसरी जगह सामान शिफ्ट कर लिया है। पुलिस की जांच जारी थाना सदर थानेसर के SHO बलजीत सिंह के मुताबिक, पुलिस ने संदीप के पिता नरेश के बयान पर कविता, दीपक और लवली के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता के अनुसार तीनों ने गला दबाकर उसके बेटे की हत्या कर दी और शव को फंदे पर लटका दिया। पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच के लिए अलग से टीम काम कर रही है। हरियाणा कुरुक्षेत्र में ट्रक ड्राइवर संदीप के साथ हुए प्यार, दोस्ती और विश्वासघात के खेल ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। कविता से शादी करने के लिए संदीप (30) ने अपने घरवालों तक की परवाह नहीं की। कविता-संदीप के प्यार के बीच घरवाले अड़चन बने ताे दोनों ने कोर्ट मैरिज कर अपने प्यार को परवान चढ़ाया, मगर 10 साल बाद उसी प्यार ने उसके साथ विश्वासघात किया। घर किराए पर लिया शादी के बाद संदीप अपनी पत्नी कविता के साथ नए सपनों और खुशियों की तलाश में कुरुक्षेत्र की अंसल सिटी में किराए पर आकर रहने आ गया। यहां संदीप पिपली में ट्रांसपोर्ट कंपनी का ट्रक चलाने लगा। संदीप दिन-रात सड़कें नापता, ताकि अपने परिवार 6 साल के बेटे हिमांशु और 3 साल की नन्ही बेटी पूर्वी के साथ अपनी पत्नी कविता को बेहतर जिंदगी दे सके। दोस्त के घर जाने लगा दीपक संदीप की टैक्सी ड्राइवर दीपक और लवली के साथ दोस्ती ज्यादा पुरानी नहीं थी। करीब 3 महीने पहले संदीप दीपक से मिला था। उसके बाद वे गहरे दोस्त बन गए। दीपक का संदीप के घर आना-जाना बढ़ गया। इस दौरान, जब संदीप ट्रक लेकर लंबी यात्राओं पर जाता, तब दीपक उसकी पत्नी कविता के पास आने-जाने लगा। संदीप को अपने प्यार और दोस्ती पर विश्वास था, मगर 31 मार्च की रात को संदीप के साथ न सिर्फ विश्वासघात हुआ, बल्कि उसे अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ा। आरोप है कि कविता-दीपक ने अपने साथी लवली के साथ मिलकर संदीप का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। उन पर कोई शक न करे, इसलिए संदीप का शव फंदे पर लटका दिया ताकि सभी को लगे कि यह सुसाइड है। लोकेशन पूछती थी कविता संदीप के काम पर जाते ही कविता दीपक को बुला लिया करती थी। ड्राइवर होने की वजह से दीपक को पता था कि अगर संदीप दिल्ली से चलेगा तो उसे कुरुक्षेत्र आने में कितना समय लगेगा, कविता-दीपक कोई रिस्क नहीं लेना चाहते थे। इसलिए कविता उसे बार-बार फोन करके उसकी लोकेशन पूछती रहती थी ताकि संदीप के आने से पहले दीपक काे घर से भेज सके। हालांकि संदीप को अपनी पत्नी और दोस्त दीपक पर कुछ शक हुआ था। इस बारे में उसने अपने घर और बहनोई से बातचीत की थी। 10 साल के प्यार पर 3 महीने पड़े भारी संदीप के पिता नरेश ने उसे वापस गांव (पखाना जिला करनाल) आकर रहने की सलाह दी थी, मगर संदीप ने अपनी पत्नी पर विश्वास करके घर जाने का ख्याल छोड़ दिया। उसके बाद 1 अप्रैल को संदीप के भाई बिट्‌टी की मौत की सूचना मिली। वे संदीप के मकान पर पहुंचे तो संदीप का शव फंदे पर लटका हुआ था। उसकी पत्नी कविता अपने बच्चों को दीपक के पिता सोनू के पास पास छोड़कर प्रेमी संग फरार हो चुकी थी। संदीप की मौत की सूचना भी सोनू ने उसके घरवाले तक पहुंचाई थी। वारदात से पहले संदीप ने अपने भाई बिट्‌टू को बताया था कि कविता ने उससे बिना पूछे दीपक के साथ मिलकर दूसरी जगह सामान शिफ्ट कर लिया है। पुलिस की जांच जारी थाना सदर थानेसर के SHO बलजीत सिंह के मुताबिक, पुलिस ने संदीप के पिता नरेश के बयान पर कविता, दीपक और लवली के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता के अनुसार तीनों ने गला दबाकर उसके बेटे की हत्या कर दी और शव को फंदे पर लटका दिया। पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच के लिए अलग से टीम काम कर रही है।   हरियाणा | दैनिक भास्कर