गुरुग्राम में शराब कारोबारी दिनेश यादव था शूटरों का टारगेट:पिछले सोफे पर सो रहा था इसलिए बच गया, कारोबार में गैंगस्टर लिंक

गुरुग्राम में शराब कारोबारी दिनेश यादव था शूटरों का टारगेट:पिछले सोफे पर सो रहा था इसलिए बच गया, कारोबार में गैंगस्टर लिंक

गुरुग्राम के हयातपुर गांव में शराब कारोबारी बलजीत यादव की हत्या के मामले में क्राइम ब्रांच ने खेड़ा खुरमपुर के रहने वोल मुख्य शूटर टेकचंद उर्फ मोहित को पकड़ा है। पूछताछ में पता चला है कि बलजीत यादव का भतीजा और शराब कारोबारी दिनेश यादव शूटरों के निशाने पर था, लेकिन कन्फ्यूज में बलजीत यादव पर गोलियां बरसा दी। गोलियों के पांच निशान, दो बुलेट निकली डॉक्टरों ने बलजीत के शरीर से दो बुलेट निकाली है, जबकि तीन गोलियां आरपार निकल गई। बलजीत यादव को पांच गोलियां लगने से मौत हो गई। इसमें तीन गोलियां शरीर के आरपार हो गई, जबकि दो गोली शरीर में ही मिली। तीन गोली कमर में लगी थी, एक गोली पेट में और एक गोली बाएं हाथ पर लगी थी। पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉ. दीपक माथुर ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के दौरान दोनों गोलियां निकाल दी गई हैं। एक गोली छाती से निकाली है, जबकि दूसरी गोली ने हाथ में फंसी हुई थी। गोली लगने से मृतक के हाथ की हड्डी टूटी मिली। यह पूरी घटना सीसीटीवी में भी कैद हुई है। क्रेन किराये लेने के बारे में पूछा था बलजीत के चाचा चरण सिंह का कहना है कि दोनों हमलावर हयातपुर के जोतराम चौक स्थित कार्यालय में क्रेन किराये पर लेने के बारे में पूछताछ करने आए थे। वे दिनेश यादव से मिलना चाहते थे। उस समय बलजीत और दिनेश दोनों कार्यालय में लेटे हुए थे। कार्यालय में बैठे रविंदर ने दोनों से कहा कि दिनेश सो रहा है और उन्हें कर्मचारियों से बात करने के लिए कहा। दोनों ने हथियार निकाले और दूसरी तरफ मुहं करके सो रहे बलजीत पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जबकि दिनेश पीछे की तरफ सोफे पर सो रहा था। हमें संदेह है कि उन्होंने गलती से बलजीत को दिनेश समझ लिया होगा। फाइनेंशियल स्पोर्ट खत्म करना टारगेट पुलिस इन्वेस्टिगेशन में ये भी सामने आया है कि झज्जर में दिनेश यादव व बलजीत यादव शराब के ठेकों का संचालन करते हैं। वहां पर शराब के ठेके लेने को लेकर दो ग्रुप बने हुए हैं। इसमें से एक ग्रुप की दिनेश यादव व बलजीत यादव फाइनेंशियल स्पोर्ट करते हैं, ताकि झज्जर में शराब के ठेकों पर उनके ग्रुप का एकाधिकार हो सके। गुरुग्राम से फाइनेंशियल सपोर्ट मिलने के कारण दूसरे ग्रुप के लोग दिनेश व बलजीत से रंजिश रखने लगे थे। इसी रंजिश के कारण दूसरे ग्रुप ने दिनेश यादव को रास्ते से हटाकर फाइनेंशियल सपोर्ट तोड़ने का प्रयास किया गया। कौन है दिनेश यादव मृतक बलजीत यादव का भतीजा लगता है और वे दोनों बिजनेस पार्टनर हैं। वे मिलकर शराब और क्रेन सर्विस का काम भी करते हैं। शराब का ज्यादातर काम दिनेश यादव ही संभालता है। वारदात की जगह यानि शीतला फार्म हाउस दिनेश का ही है और वे धर्म सेना के जिला युवा अध्यक्ष भी है। दिनेश यादव ने पुलिस को बताया कि बलजीत ने पिछले साल झज्जर में कई शराब के ठेके लिए थे। पहले ओम भगवान, दीपक, मोहित भूरिया और नरेश सेठी का ग्रुप शराब के ठेके लेता था। इस कारण बलजीत से वे रंजिश रखते थे और उसे गोली मार दी गई। शराब कारोबारी भाइयों की हत्या में लॉरेंस का नाम आया था बलजीत यादव हत्याकांड में जिस नरेश सेठी का नाम लिया जा रहा है, वह लॉरेंस बिश्नोई के लिए काम करता था। हालांकि कुछ समय पहले उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह अपराध से तौबा करते नजर आए थे। गुरुग्राम के खोड़ गांव में शराब कारोबारी दो भाइयों की 25 फरवरी 2022 में हत्या हुई थी। पुलिस ने हत्याकांड में 17 आरोपियों को अरेस्ट किया था। डबल मर्डर के इस मामले में भी गैंगस्टर नरेश सेठी का नाम आया था। पूछताछ में खुलासा हुआ था कि इस डबल मर्डर का मास्टरमाइंड लॉरेंस बिश्नोई था। अब गुरुग्राम के ही शराब कारोबारी बलजीत की हत्या हुई है। ऐसे में इस वारदात में कौन कौन गैंगस्टर या बदमाश शामिल है, यह तो इन्वेस्टिगेशन के बाद ही पता चलेगा। केस से जुड़े बदमाशों की हिस्ट्री खंगाल रही पुलिस पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि यह बिजनेस प्रतिस्पर्धा का मामला है, जो शराब के ठेकों में अक्सर देखने को मिलता है। इन्वेस्टिगेशन के दौरान जो भी नाम सामने आए हैं, उनकी हिस्ट्री खंगाली जा रही है। गैंगस्टर हो या कोई भी बदमाश हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। गिरफ्तार किए गए आरोपी से गहनता से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि हत्यारोपी बलजीत को मारने आये थे या दिनेश को, यह अभी क्लियर नहीं है। आरोपी से पूछताछ के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। डेयरी पर चला जाता बलजीत, तो बच जाती जान परिजनों का कहना है कि बलजीत यादव ने गांव में ही डेयरी का काम भी किया हुआ है। इस डेयरी में लगभग 15 भैंस रखी हुई हैं और सुबह व शाम के समय वह डेयरी में जाता था। दोपहर के बाद अगर बलजीत यादव डेयरी में चला जाता तो उसकी जान बच जाती। बलजीत यादव के परिवार में उसकी पत्नी हैं और बेटे व बेटी की शादी हो चुकी है। उसका बेटा टाइल कंपनी का काम देखता है। मंगलवार को अपने पोते की तबीयत खराब होने के चलते उसको डॉक्टर के पास ले गया था। पोते को डाक्टर से दिखाने के बाद वह डेयरी में जाने की बजाय अपने भतीजे दिनेश यादव के पास कार्यालय में आकर सो गया था। गांव में बलजीत यादव के साथ किसी भी व्यक्ति की कोई रंजिश या दुश्मनी नहीं थी। जिला झज्जर में ही शराब के ठेके खोलने को लेकर कुछ समय से एक ग्रुप के साथ रंजिश चली हुई थी। आरोपियों की तलाश कर रही पुलिस वहीं इस मामले के जांच अधिकारी इंस्पेक्टर रामबीर ने बताया कि शराब कारोबारी की हत्या के मामले में टेकचंद उर्फ मोहित को गिरफ्तार किया गया है। फायरिंग के दूसरे आरोपी की भी तलाश की जा रही है। जो भी इस मामले से जुड़ा है, उसे जल्द पकड़ लिया जाएगा। गुरुग्राम के हयातपुर गांव में शराब कारोबारी बलजीत यादव की हत्या के मामले में क्राइम ब्रांच ने खेड़ा खुरमपुर के रहने वोल मुख्य शूटर टेकचंद उर्फ मोहित को पकड़ा है। पूछताछ में पता चला है कि बलजीत यादव का भतीजा और शराब कारोबारी दिनेश यादव शूटरों के निशाने पर था, लेकिन कन्फ्यूज में बलजीत यादव पर गोलियां बरसा दी। गोलियों के पांच निशान, दो बुलेट निकली डॉक्टरों ने बलजीत के शरीर से दो बुलेट निकाली है, जबकि तीन गोलियां आरपार निकल गई। बलजीत यादव को पांच गोलियां लगने से मौत हो गई। इसमें तीन गोलियां शरीर के आरपार हो गई, जबकि दो गोली शरीर में ही मिली। तीन गोली कमर में लगी थी, एक गोली पेट में और एक गोली बाएं हाथ पर लगी थी। पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉ. दीपक माथुर ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के दौरान दोनों गोलियां निकाल दी गई हैं। एक गोली छाती से निकाली है, जबकि दूसरी गोली ने हाथ में फंसी हुई थी। गोली लगने से मृतक के हाथ की हड्डी टूटी मिली। यह पूरी घटना सीसीटीवी में भी कैद हुई है। क्रेन किराये लेने के बारे में पूछा था बलजीत के चाचा चरण सिंह का कहना है कि दोनों हमलावर हयातपुर के जोतराम चौक स्थित कार्यालय में क्रेन किराये पर लेने के बारे में पूछताछ करने आए थे। वे दिनेश यादव से मिलना चाहते थे। उस समय बलजीत और दिनेश दोनों कार्यालय में लेटे हुए थे। कार्यालय में बैठे रविंदर ने दोनों से कहा कि दिनेश सो रहा है और उन्हें कर्मचारियों से बात करने के लिए कहा। दोनों ने हथियार निकाले और दूसरी तरफ मुहं करके सो रहे बलजीत पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जबकि दिनेश पीछे की तरफ सोफे पर सो रहा था। हमें संदेह है कि उन्होंने गलती से बलजीत को दिनेश समझ लिया होगा। फाइनेंशियल स्पोर्ट खत्म करना टारगेट पुलिस इन्वेस्टिगेशन में ये भी सामने आया है कि झज्जर में दिनेश यादव व बलजीत यादव शराब के ठेकों का संचालन करते हैं। वहां पर शराब के ठेके लेने को लेकर दो ग्रुप बने हुए हैं। इसमें से एक ग्रुप की दिनेश यादव व बलजीत यादव फाइनेंशियल स्पोर्ट करते हैं, ताकि झज्जर में शराब के ठेकों पर उनके ग्रुप का एकाधिकार हो सके। गुरुग्राम से फाइनेंशियल सपोर्ट मिलने के कारण दूसरे ग्रुप के लोग दिनेश व बलजीत से रंजिश रखने लगे थे। इसी रंजिश के कारण दूसरे ग्रुप ने दिनेश यादव को रास्ते से हटाकर फाइनेंशियल सपोर्ट तोड़ने का प्रयास किया गया। कौन है दिनेश यादव मृतक बलजीत यादव का भतीजा लगता है और वे दोनों बिजनेस पार्टनर हैं। वे मिलकर शराब और क्रेन सर्विस का काम भी करते हैं। शराब का ज्यादातर काम दिनेश यादव ही संभालता है। वारदात की जगह यानि शीतला फार्म हाउस दिनेश का ही है और वे धर्म सेना के जिला युवा अध्यक्ष भी है। दिनेश यादव ने पुलिस को बताया कि बलजीत ने पिछले साल झज्जर में कई शराब के ठेके लिए थे। पहले ओम भगवान, दीपक, मोहित भूरिया और नरेश सेठी का ग्रुप शराब के ठेके लेता था। इस कारण बलजीत से वे रंजिश रखते थे और उसे गोली मार दी गई। शराब कारोबारी भाइयों की हत्या में लॉरेंस का नाम आया था बलजीत यादव हत्याकांड में जिस नरेश सेठी का नाम लिया जा रहा है, वह लॉरेंस बिश्नोई के लिए काम करता था। हालांकि कुछ समय पहले उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह अपराध से तौबा करते नजर आए थे। गुरुग्राम के खोड़ गांव में शराब कारोबारी दो भाइयों की 25 फरवरी 2022 में हत्या हुई थी। पुलिस ने हत्याकांड में 17 आरोपियों को अरेस्ट किया था। डबल मर्डर के इस मामले में भी गैंगस्टर नरेश सेठी का नाम आया था। पूछताछ में खुलासा हुआ था कि इस डबल मर्डर का मास्टरमाइंड लॉरेंस बिश्नोई था। अब गुरुग्राम के ही शराब कारोबारी बलजीत की हत्या हुई है। ऐसे में इस वारदात में कौन कौन गैंगस्टर या बदमाश शामिल है, यह तो इन्वेस्टिगेशन के बाद ही पता चलेगा। केस से जुड़े बदमाशों की हिस्ट्री खंगाल रही पुलिस पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि यह बिजनेस प्रतिस्पर्धा का मामला है, जो शराब के ठेकों में अक्सर देखने को मिलता है। इन्वेस्टिगेशन के दौरान जो भी नाम सामने आए हैं, उनकी हिस्ट्री खंगाली जा रही है। गैंगस्टर हो या कोई भी बदमाश हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। गिरफ्तार किए गए आरोपी से गहनता से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि हत्यारोपी बलजीत को मारने आये थे या दिनेश को, यह अभी क्लियर नहीं है। आरोपी से पूछताछ के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। डेयरी पर चला जाता बलजीत, तो बच जाती जान परिजनों का कहना है कि बलजीत यादव ने गांव में ही डेयरी का काम भी किया हुआ है। इस डेयरी में लगभग 15 भैंस रखी हुई हैं और सुबह व शाम के समय वह डेयरी में जाता था। दोपहर के बाद अगर बलजीत यादव डेयरी में चला जाता तो उसकी जान बच जाती। बलजीत यादव के परिवार में उसकी पत्नी हैं और बेटे व बेटी की शादी हो चुकी है। उसका बेटा टाइल कंपनी का काम देखता है। मंगलवार को अपने पोते की तबीयत खराब होने के चलते उसको डॉक्टर के पास ले गया था। पोते को डाक्टर से दिखाने के बाद वह डेयरी में जाने की बजाय अपने भतीजे दिनेश यादव के पास कार्यालय में आकर सो गया था। गांव में बलजीत यादव के साथ किसी भी व्यक्ति की कोई रंजिश या दुश्मनी नहीं थी। जिला झज्जर में ही शराब के ठेके खोलने को लेकर कुछ समय से एक ग्रुप के साथ रंजिश चली हुई थी। आरोपियों की तलाश कर रही पुलिस वहीं इस मामले के जांच अधिकारी इंस्पेक्टर रामबीर ने बताया कि शराब कारोबारी की हत्या के मामले में टेकचंद उर्फ मोहित को गिरफ्तार किया गया है। फायरिंग के दूसरे आरोपी की भी तलाश की जा रही है। जो भी इस मामले से जुड़ा है, उसे जल्द पकड़ लिया जाएगा।   हरियाणा | दैनिक भास्कर