गुरुग्राम में सीनियर सिटीजन ने बनाया नाबालिग लड़की को बंधक:झारखंड से लाकर कराया जा रहा था घरेलू काम, एक लाख मेहनताना भी नहीं दिया

गुरुग्राम में सीनियर सिटीजन ने बनाया नाबालिग लड़की को बंधक:झारखंड से लाकर कराया जा रहा था घरेलू काम, एक लाख मेहनताना भी नहीं दिया

गुरुग्राम में 17 साल की एक नाबालिग लड़की को बंधक बनाकर घरेलू कार्य करवाने का मामला सामने आया है। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग दिल्ली से जानकारी मिलने पर पालम विहार थाना पुलिस ने पीड़ित लड़की को सेक्टर 23 की एक कोठी से रेस्क्यू किया। लड़की अपने घर जाना चाहती थी, लेकिन मालिक ने उसे जबरन रोके रखा। आरोप है कि पीड़िता के मेहनताना के एक लाख रुपए भी नहीं दिए जा रहे थे। मां-बाप ने लगाई गुहार पीड़ित लड़की झारखंड की रहने वाली है और इसके मां बाप ने राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग में बेटी को रेस्क्यू करने की गुहार लगाई थी कि उसकी बेटी को जबरन बंधक बनाकर काम करवाया जा रहा है। इस संबंध में आयोग की तरफ से गुरुग्राम पुलिस को पत्र भेज कर उचित कार्रवाई करने और लड़की को रेस्क्यू करने को कहा गया था। अलग अलग जगहों पर रखा गया पुलिस के मुताबिक नाबालिग लड़की को गुरुग्राम में विभिन्न स्थानों पर बंधक बनाकर घरेलू कार्य कराया गया था। जिसको जरूरत होती, वहीं पीड़िता को काम के लिए ले जाते थे। मकान मालिक उसे घर भी नहीं जाने दे रहे थे। हाल में वह सेक्टर 23 में एक सीनियर सिटिजन के पास काम कर रही थी। जिसने लड़की को जबरन रोका हुआ था। काफी कोठियां खंगाली जानकारी मिलने पर थाना पालम विहार की पुलिस टीम लड़की को रेस्क्यू करने के लिए दिए गए पते पर पहुंची, लेकिन नाबालिग लड़की वहां पर नहीं मिली। पुलिस लड़की की तलाश में कई जगहों पर मकानों को खंगाला गया। इसके बाद 24 फरवरी को दोबारा एसएचओ बिजेंद्र ने संपूर्ण रेस्क्यू टीम बनाकर नाबालिग लड़की की तलाश की तथा सेक्टर-23 में एक मकान से उसे बरामद किया। पुलिस ने पीड़ित लड़की को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के (CWC) के सामने पेश किया। इस बारे में थाना पालम विहार प्रभारी बिजेंद्र ने बताया कि आयोग से सूचना मिलते ही पुलिस की टीम एक्टिव हो गई थी। काफी तलाश के बाद लड़की सेक्टर 23 में मिली। पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज कर ली गई है। लड़की को किन किन घरों में रखा गया था, उसकी जांच की जा रही है। गुरुग्राम में 17 साल की एक नाबालिग लड़की को बंधक बनाकर घरेलू कार्य करवाने का मामला सामने आया है। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग दिल्ली से जानकारी मिलने पर पालम विहार थाना पुलिस ने पीड़ित लड़की को सेक्टर 23 की एक कोठी से रेस्क्यू किया। लड़की अपने घर जाना चाहती थी, लेकिन मालिक ने उसे जबरन रोके रखा। आरोप है कि पीड़िता के मेहनताना के एक लाख रुपए भी नहीं दिए जा रहे थे। मां-बाप ने लगाई गुहार पीड़ित लड़की झारखंड की रहने वाली है और इसके मां बाप ने राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग में बेटी को रेस्क्यू करने की गुहार लगाई थी कि उसकी बेटी को जबरन बंधक बनाकर काम करवाया जा रहा है। इस संबंध में आयोग की तरफ से गुरुग्राम पुलिस को पत्र भेज कर उचित कार्रवाई करने और लड़की को रेस्क्यू करने को कहा गया था। अलग अलग जगहों पर रखा गया पुलिस के मुताबिक नाबालिग लड़की को गुरुग्राम में विभिन्न स्थानों पर बंधक बनाकर घरेलू कार्य कराया गया था। जिसको जरूरत होती, वहीं पीड़िता को काम के लिए ले जाते थे। मकान मालिक उसे घर भी नहीं जाने दे रहे थे। हाल में वह सेक्टर 23 में एक सीनियर सिटिजन के पास काम कर रही थी। जिसने लड़की को जबरन रोका हुआ था। काफी कोठियां खंगाली जानकारी मिलने पर थाना पालम विहार की पुलिस टीम लड़की को रेस्क्यू करने के लिए दिए गए पते पर पहुंची, लेकिन नाबालिग लड़की वहां पर नहीं मिली। पुलिस लड़की की तलाश में कई जगहों पर मकानों को खंगाला गया। इसके बाद 24 फरवरी को दोबारा एसएचओ बिजेंद्र ने संपूर्ण रेस्क्यू टीम बनाकर नाबालिग लड़की की तलाश की तथा सेक्टर-23 में एक मकान से उसे बरामद किया। पुलिस ने पीड़ित लड़की को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के (CWC) के सामने पेश किया। इस बारे में थाना पालम विहार प्रभारी बिजेंद्र ने बताया कि आयोग से सूचना मिलते ही पुलिस की टीम एक्टिव हो गई थी। काफी तलाश के बाद लड़की सेक्टर 23 में मिली। पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज कर ली गई है। लड़की को किन किन घरों में रखा गया था, उसकी जांच की जा रही है।   हरियाणा | दैनिक भास्कर