ज्ञानवापी में मां श्रृंगार गौरी के दर्शन के लिए कतार:साल में एक बार खुलता है मंदिर, श्रद्धालु बोले-मंदिर की मुक्ति के लिए कामना की

ज्ञानवापी में मां श्रृंगार गौरी के दर्शन के लिए कतार:साल में एक बार खुलता है मंदिर, श्रद्धालु बोले-मंदिर की मुक्ति के लिए कामना की

वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर की दीवार पर स्थापित मां श्रृंगार गौरी के दर्शन के लिए आज भीड़ उमड़ी है। चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन हर साल एक ही दिन श्रद्धालु मां श्रृंगार गौरी का दर्शन-पूजन कर सकते हैं। ज्ञानवापी केस को लेकर वाद दायर करने वाली 5 महिलाओं के नेतृत्व में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे। सत्यनारायण मंदिर और विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर 4-बी से सुबह 8.30 बजे श्रद्धालुओं की एंट्री कराई गई। दोपहर 12.30 बजे तक श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। सुबह ज्ञानवापी मुक्ति महापरिषद के बैनर तले श्रद्धालुओं का जत्था गंगा से जल लेकर निकला। रास्तेभर श्रद्धालु भक्ति गानों पर झूमते रहे। हर-हर महादेव के जयकारे लगे। शंखनाद और डमरू वादन हुआ। सुरक्षा के बीच श्रद्धालुओं की एंट्री कराई गई। करीब 25 मिनट की विधिवत पूजा के दौरान श्रृंगार गौरी मंदिर के टूटे प्राचीन पत्थरों को सिंदूर-चंदन लगाया गया। मंत्र पढ़कर मां की बाकायदा आराधना की गई। 3 तस्वीरें देखिए BHU के प्रोफेसर डॉ. ज्ञान प्रकाश मिश्र ने कहा- 38 सालों से चली आ रही परंपरा के तहत ज्ञानवापी मुक्ति महापरिषद के बैनर तले आज पूजा की जा रही है। औरंगजेब द्वारा मंदिर को तोड़कर मस्जिद का रूप दिया गया। मंदिर की मुक्ति के लिए आज के दिन विशेष प्रार्थना और पूजा की जाती है। बता दें कि 1992 तक मां श्रृंगार गौरी का नियमित दर्शन-पूजा कर सकते थे। 1991 में अयोध्या बाबरी विध्वंस के बाद सुरक्षा के तहत नियमित दर्शन पर रोक लगा दी गई। साल में एक दिन चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन दर्शन के लिए खोला जाने लगा। 18 अगस्त 2021 को 5 महिलाओं ने वाराणसी कोर्ट में नियमित पूजा को लेकर वाद दायर किया। अभी केस चल रहा है। पल-पल की अपडेट के लिए एक-एक ब्लॉग से गुजर जाइए… वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर की दीवार पर स्थापित मां श्रृंगार गौरी के दर्शन के लिए आज भीड़ उमड़ी है। चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन हर साल एक ही दिन श्रद्धालु मां श्रृंगार गौरी का दर्शन-पूजन कर सकते हैं। ज्ञानवापी केस को लेकर वाद दायर करने वाली 5 महिलाओं के नेतृत्व में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे। सत्यनारायण मंदिर और विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर 4-बी से सुबह 8.30 बजे श्रद्धालुओं की एंट्री कराई गई। दोपहर 12.30 बजे तक श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। सुबह ज्ञानवापी मुक्ति महापरिषद के बैनर तले श्रद्धालुओं का जत्था गंगा से जल लेकर निकला। रास्तेभर श्रद्धालु भक्ति गानों पर झूमते रहे। हर-हर महादेव के जयकारे लगे। शंखनाद और डमरू वादन हुआ। सुरक्षा के बीच श्रद्धालुओं की एंट्री कराई गई। करीब 25 मिनट की विधिवत पूजा के दौरान श्रृंगार गौरी मंदिर के टूटे प्राचीन पत्थरों को सिंदूर-चंदन लगाया गया। मंत्र पढ़कर मां की बाकायदा आराधना की गई। 3 तस्वीरें देखिए BHU के प्रोफेसर डॉ. ज्ञान प्रकाश मिश्र ने कहा- 38 सालों से चली आ रही परंपरा के तहत ज्ञानवापी मुक्ति महापरिषद के बैनर तले आज पूजा की जा रही है। औरंगजेब द्वारा मंदिर को तोड़कर मस्जिद का रूप दिया गया। मंदिर की मुक्ति के लिए आज के दिन विशेष प्रार्थना और पूजा की जाती है। बता दें कि 1992 तक मां श्रृंगार गौरी का नियमित दर्शन-पूजा कर सकते थे। 1991 में अयोध्या बाबरी विध्वंस के बाद सुरक्षा के तहत नियमित दर्शन पर रोक लगा दी गई। साल में एक दिन चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन दर्शन के लिए खोला जाने लगा। 18 अगस्त 2021 को 5 महिलाओं ने वाराणसी कोर्ट में नियमित पूजा को लेकर वाद दायर किया। अभी केस चल रहा है। पल-पल की अपडेट के लिए एक-एक ब्लॉग से गुजर जाइए…   उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर