भास्कर न्यूज | अमृतसर थाना सदर पुलिस ने एएसआई रमेश कुमार की शिकायत पर बलविंदर सिंह निवासी सदर बाजार और रोहित गुप्ता निवासी बाबा दीप सिंह कालोनी गली नंबर 6 के खिलाफ केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक सूचना मिली थी कि एएस फार्म के सामने फैक्टरियों में बटाला रोड पर आरोपी सरेआम दड़ा सट्टा लगवाने का काम करता हैं। इसके बाद रेड करके आरोपियों के कब्जे से 1670 रुपए, डायरी, बाल पेन बरामद हुए भास्कर न्यूज | अमृतसर थाना सदर पुलिस ने एएसआई रमेश कुमार की शिकायत पर बलविंदर सिंह निवासी सदर बाजार और रोहित गुप्ता निवासी बाबा दीप सिंह कालोनी गली नंबर 6 के खिलाफ केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक सूचना मिली थी कि एएस फार्म के सामने फैक्टरियों में बटाला रोड पर आरोपी सरेआम दड़ा सट्टा लगवाने का काम करता हैं। इसके बाद रेड करके आरोपियों के कब्जे से 1670 रुपए, डायरी, बाल पेन बरामद हुए पंजाब | दैनिक भास्कर
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पूर्व केंद्रीय मंत्री बलवंत रामूवालिया की पत्नी का निधन:गुरुग्राम में ली आखिरी सांस, कैंसर से थीं पीड़ित; कल मोहाली में संस्कार
पूर्व केंद्रीय मंत्री बलवंत रामूवालिया की पत्नी का निधन:गुरुग्राम में ली आखिरी सांस, कैंसर से थीं पीड़ित; कल मोहाली में संस्कार पूर्व केंद्रीय मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया की पत्नी और भाजपा नेता अमनजोत कौर रामूवालिया की माता जरनैल कौर का निधन हो गया है। वह 86 साल की थी। उन्होंने गुरुग्राम में अंतिम सांस ली। वह काफी समय से कैंसर की बीमारी से पीड़ित थी। उनका अंतिम संस्कार मंगलवार को मोहाली के बलौंगी स्थित श्मशान घाट पर बाद दोपहर दो बजे होगा। इस मौके कई लोग मौजूद रहेंगे। कुछ दिनों से गुरुग्राम में रह रही थी जरनैल कौर पिछले काफी समय से कैंसर की बीमारी से पीड़ित थी। साथ ही कुछ समय से वह गुरुग्राम में अपनी बेटी नवजोत कौर व दामाद कैप्टन अजय कुमार के पास थी। बीती शाम उन्होंने आखिरी सांस ली है। वह अपने पीछे पुत्र नवतेज गिल, दो बेटियां छोड़ गई। उनका निवास स्थान फेज-नौ मोहाली में है।

पंजाब CM को आतंकी पन्नू की धमकी:15 अगस्त को तिरंगा न फहराने की सलाह; 1 करोड़ रुपए दिया लालच
पंजाब CM को आतंकी पन्नू की धमकी:15 अगस्त को तिरंगा न फहराने की सलाह; 1 करोड़ रुपए दिया लालच भारत सरकार की तरफ से आतंकी घोषित सिख फॉर जस्टिस का आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने अब पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को धमकी दे दी है। आतंकी ने सीएम को पंजाब में तिरंगा ना फहराने की नसीहत दी है। पन्नू का कहना है कि पंजाब भारत का हिस्सा नहीं है। भारत के तिरंगे के नेतृत्व में सिखों के साथ नस्लकुशी हुई और आज पंजाब के किसानों के साथ बेइन्साफी हो रही है। लगातार वीडियो बना पंजाब के लोगों को उकसाने वाले आतंकी पन्नू ने कहा- 15 अगस्त सिख पंथ और पंजाब की आजादी का दिवस नहीं है। भगवंत मान जालंधर में तिरंगा फहरा रहे हैं। इस तिरंगे के नीचे हमारे सिखों की नस्लकुशी हुई है। भगंवत मान की सरकार जिम्मेदार है, हमारे राज्य के सिख किसानों की खुदकुशी का। 15 अगस्त को भगवंत मान को तिरंगा फहराने से रोका जाएगा। आज जरूरत है दिलावर सिंह की। सिख फार जस्टिस 1 करोड रुपए उसे देगा, जो मुख्यमंत्री भगवंत मान को तिरंगा चढ़ाने से रोकेगा। जिस तिरंगे के नीचे नस्लकुशी हुई है, आज किसानों को खुदकुशी के लिए उकसाया जा रहा है। भगवंत मान ही पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह (जिनका पंजाब में आतंकवाद खत्म करने में योगदान रहा) है। ये 15 अगस्त पंजाब और सिख पंथ की आजादी का दिवस नहीं है। 1 करोड़ उस सिख को जो भगवंत मान को रोकेगा। खालिस्तान समर्थन में आवाज उठा रहा है पन्नू आतंकी पन्नू बीते साल कनाडा में मारे गए आतंकी हरदीप सिंह निज्जर का साथी है। निज्जर की हत्या के बाद से ही पन्नू बहुत अधिक बढ़क चुका है। लगातार देश विरोधी बयान देता है और देश के विभिन्न शहरों में आतंकवाद के समर्थन में नारे लिखवाता है। G20 सम्मेलन के दौरान दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों पर भी खालिस्तान समर्थन में नारे लिखवाए थे। लेकिन अंत में पंजाब के विभिन्न शहरों से उसके साथियों को पकड़ा गया था, जिन्होंने ये नारे लिखे थे। इतना ही नहीं, पन्नू ने रेफरेंडेम 2020 भी शुरू कर रखा है। जिसमें वे सिखों को उकसा वोटिंग करवा रहा है ताकि पंजाब को भारत से अलग किया जा सके। 2020 में आतंकी घोषित हुआ पन्नू भारत सरकार ने 2019 में आतंकी गतिविधियां चलाने के आरोप में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम यानी UAPA के तहत पन्नू के संगठन SFJ पर बैन लगाया। गृह मंत्रालय ने अपनी अधिसूचना में कहा था कि सिखों के लिए रेफरेंडम की आड़ में SFJ पंजाब में अलगाववाद और उग्रवादी विचारधारा का समर्थन कर रहा है। पन्नू पर साल 2020 में अलगाववाद को बढ़ावा देने और पंजाबी सिख युवाओं को हथियार उठाने के लिए प्रोत्साहित करने का आरोप लगा। इसके बाद केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2020 को पन्नू को UAPA के तहत आतंकी घोषित किया। 2020 में सरकार ने SFJ से जुड़े 40 से ज्यादा वेब पेज और यूट्यूब चैनलों को बैन किया।

अकाल तख्त साहिब पर जत्थेदारों की बैठक 28 जनवरी को:2 दिसंबर के आदेशों की नहीं हुई पालना; ज्ञानी हरप्रीत सिंह पर भी होगी चर्चा
अकाल तख्त साहिब पर जत्थेदारों की बैठक 28 जनवरी को:2 दिसंबर के आदेशों की नहीं हुई पालना; ज्ञानी हरप्रीत सिंह पर भी होगी चर्चा पंजाब में श्री अकाल तख्त साहिब से 2 दिसंबर को दिए गए आदेशों की पूर्ण पालना ना होने और श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के विवादों को लेकर पांचों तख्तों के जत्थेदारों की बैठक 28 जनवरी को बुलाई गई है। श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों को ना मानकर शिरोमणि अकाली दल एक बार फिर फंसता दिख रहा है। वहीं, ज्ञानी हरप्रीत सिंह और पूर्व अकाली नेता विरसा सिंह वल्टोहा के बीच विवाद गर्माता जा रहा है। दरअसल, अकाल तख्त साहिब से स्पष्ट आदेश था कि इन अपराधों के कारण शिरोमणि अकाली दल का नेतृत्व सिख पंथ का राजनीतिक नेतृत्व करने का नैतिक अधिकार खो चुका है। इस मामले में अकाली दल की नई भर्ती के लिए 7 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। लेकिन, नई भर्ती प्रक्रिया में फिलहाल वर्किंग कमेटी और सिंह साहिबान द्वारा गठित 7 मेंबरी कमेटी का पेंच फंस गया है। वर्किंग कमेटी ने अपने स्तर पर भर्ती शुरू की 20 जनवरी से अकाल दल ने नई भर्ती को शुरू कर दिया, लेकिन फैसलों में श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से गठित 7 सदस्यीय कमेटी को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया। अकाली दल ने अपनी मर्जी से चहेतों को कार्यभार सौंप दिया है। अकाल तख्त साहिब के आदेशों पर न तो सात सदस्यों वाली कमेटी की कोई बैठक आयोजित की गई और ना ही भर्ती को लेकर कमेटी सदस्यों से विचार हुआ। श्री अकाल तख्त ने अपनाया कड़ा रुख जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह कह चुके हैं कि अकाली दल के कुछ नेता वकीलों के सुझाव लेकर आए थे। चुनाव आयोग की वेबसाइट से पार्टी के पंजीकरण के बारे में जो जानकारी है, वह भी दी गई है। लेकिन, कमेटी रद्द करने संबंधी कोई आदेश नहीं दिया गया है। दो दिसंबर के अकाल तख्त के आदेशानुसार सात सदस्यीय कमेटी के संबंध में अकाली दल को कह दिया गया है कि जो काम उनको सौंप गया है। उसे मुकम्मल किया जाए। वडाला उठा चुके अकाली दल पर सवाल कमेटी कन्वीनर गुरप्रताप सिंह वडाला और सदस्य जत्थेदार संता सिंह उम्मेदपुरा भी बीते दिनों श्री अकाल तख्त साहिब पर पहुंचे थे। उम्मेदपुरा ने बताया कि सिंह साहिब ने मुलाकात में साफ कहा है कि श्री अकाल तख्त साहिब की फसील से ऐलान की गई 7 मेंबरी कमेटी काम करेगी, वर्किंग कमेटी नहीं। उक्त के मुताबिक जत्थेदार ने यह भी कहा है कि वह लोग इस सिलसिले में एसजीपीसी प्रमुख से मिल कर कार्रवाई शुरू करें। वडाला ने कहा कि सुखबीर समर्थकों ने जो भी पेचीदगियां सिंह साहिब से बताई थीं वह सारा झूठ है, क्योंकि तख्त श्री के आदेश पर कोई भी कानून लागू नहीं होता। कमेटी के सदस्यों को वर्किंग कमेटी ने सौंपी जिम्मेदारियां ज्ञानी रघीबर सिंह ने एसजीपीस प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी को 7 मेंबरी कमेटी का मुखी बनाया था। लेकिन वर्किंग कमेटी की भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही उनको भर्ती के लिए जम्मू-कशमीर और होशियारपुर का इंचार्ज बना दिया गया। इसके अलावा कमेटी के सदस्य पूर्व प्रधान किरपाल सिंह बंडूगर को मालवा, मनप्रीत सिंह अयाली को राजस्थान, संता सिंह उम्मेदपुरा को हिमाचल प्रदेश, इकबाल सिंह झूंडा को मालेरकोटला, परमजीत सिंह सरना को दिल्ली, मनजीत सिंह जीके को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड, रघुजीत सिंह विर्क को हरियाणा का चार्ज दिया गया है। ज्ञानी हरप्रीत सिंह के दो क्लिप हुए वायरल अक्टूबर 2024 में हुई पेशी के दो वीडियो वायरल होने के बाद तख्त दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह और विरसा सिंह वल्टोहा में विवाद गहराता जा रहा है। पहला वीडियो क्लिप 17 दिसंबर 2024 को एक वीडियो क्लिप वायरल हुआ था। जिसमें ज्ञानी हरप्रीत सिंह पर बीजेपी से संबंधों के आरोप लगे थे। दूसरा वीडियो 22 जनवरी 2025 को वायरल हुआ। जिसमें ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने स्वीकार किया कि उनके भाजपा और उसके राजनीतिक नेताओं से संबंध हैं।