दिल्ली विद्युत नियामक आयोग के नए चेयरमैन बने पूर्व जस्टिस उमेश कुमार, मंत्री ने दी शुभकामनाएं

दिल्ली विद्युत नियामक आयोग के नए चेयरमैन बने पूर्व जस्टिस उमेश कुमार, मंत्री ने दी शुभकामनाएं

<p style=”text-align: justify;”><strong>Delhi Electricity Regulatory Commission:</strong> दिल्ली सरकार ने दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (DERC) के नए चेयरमैन के रूप में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) उमेश कुमार की नियुक्ति कर दी है. दिल्ली के विद्युत मंत्री आशीष सूद ने आज उन्हें दिल्ली सचिवालय में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इस मौके पर दिल्ली के मुख्य सचिव, विद्युत सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.</p>
<p style=”text-align: justify;”>शपथ ग्रहण समारोह में विद्युत मंत्री आशीष सूद ने न्यायमूर्ति उमेश कुमार को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं और उनके नेतृत्व में दिल्ली के बिजली क्षेत्र को और मजबूत करने की उम्मीद जताई.</p>
<p style=”text-align: justify;”>उन्होंने कहा कि गर्मियों के मौसम में बिजली की मांग बढ़ने वाली है, इसलिए खास सतर्कता बरतने की जरूरत है. इसके अलावा, उन्होंने दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया, ताकि राजधानी के लोगों को निर्बाध और सस्ती बिजली मिल सके.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>न्यायमूर्ति उमेश कुमार का परिचय</strong><br />न्यायमूर्ति उमेश कुमार इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश हैं और अब दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (DERC) के अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं देंगे. यह आयोग दिल्ली के बिजली क्षेत्र का स्वतंत्र नियामक निकाय है, जो बिजली दरें तय करने, बिजली कंपनियों के कामकाज को नियंत्रित करने और बाजार में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने का काम करता है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>बिजली उपभोक्ताओं को होगा फायदा</strong><br />इस अवसर पर मंत्री आशीष सूद ने कहा कि DERC की यह नई नियुक्ति दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं के हित में साबित होगी. उन्होंने उम्मीद जताई कि न्यायमूर्ति उमेश कुमार की अगुवाई में बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का बेहतर समाधान होगा और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिलेंगी.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>दिल्ली में बिजली क्षेत्र की चुनौतियां</strong><br />गौरतलब है कि दिल्ली का बिजली क्षेत्र कई चुनौतियों का सामना कर रहा है. गर्मियों के दौरान बिजली कटौती और ओवरलोडिंग की समस्या आम हो जाती है. इसके अलावा, बिजली दरों, सब्सिडी और वितरण कंपनियों की कार्यप्रणाली को लेकर भी समय-समय पर विवाद उठते रहे हैं. DERC का मुख्य काम बिजली कंपनियों और उपभोक्ताओं के बीच संतुलन बनाए रखना है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>अब उपभोक्ता हितों को मिलेगा बढ़ावा</strong><br />विशेषज्ञों का मानना है कि DERC में एक अनुभवी न्यायमूर्ति की नियुक्ति से बिजली क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी. अब देखना होगा कि न्यायमूर्ति उमेश कुमार की अध्यक्षता में आयोग दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं के लिए क्या नई पहल करता है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>ये भी पढ़ें: <a title=”बजट सत्र के पहले दिन विधानसभा में DTC पर कैग की रिपोर्ट पेश, 7 साल में नुकसान का जानें आंकड़ा” href=”https://www.abplive.com/states/delhi-ncr/delhi-budget-session-2025-cag-report-on-dtc-presented-in-assembly-ann-2911059″ target=”_self”>बजट सत्र के पहले दिन विधानसभा में DTC पर कैग की रिपोर्ट पेश, 7 साल में नुकसान का जानें आंकड़ा</a></strong></p> <p style=”text-align: justify;”><strong>Delhi Electricity Regulatory Commission:</strong> दिल्ली सरकार ने दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (DERC) के नए चेयरमैन के रूप में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) उमेश कुमार की नियुक्ति कर दी है. दिल्ली के विद्युत मंत्री आशीष सूद ने आज उन्हें दिल्ली सचिवालय में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इस मौके पर दिल्ली के मुख्य सचिव, विद्युत सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.</p>
<p style=”text-align: justify;”>शपथ ग्रहण समारोह में विद्युत मंत्री आशीष सूद ने न्यायमूर्ति उमेश कुमार को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं और उनके नेतृत्व में दिल्ली के बिजली क्षेत्र को और मजबूत करने की उम्मीद जताई.</p>
<p style=”text-align: justify;”>उन्होंने कहा कि गर्मियों के मौसम में बिजली की मांग बढ़ने वाली है, इसलिए खास सतर्कता बरतने की जरूरत है. इसके अलावा, उन्होंने दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया, ताकि राजधानी के लोगों को निर्बाध और सस्ती बिजली मिल सके.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>न्यायमूर्ति उमेश कुमार का परिचय</strong><br />न्यायमूर्ति उमेश कुमार इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश हैं और अब दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (DERC) के अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं देंगे. यह आयोग दिल्ली के बिजली क्षेत्र का स्वतंत्र नियामक निकाय है, जो बिजली दरें तय करने, बिजली कंपनियों के कामकाज को नियंत्रित करने और बाजार में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने का काम करता है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>बिजली उपभोक्ताओं को होगा फायदा</strong><br />इस अवसर पर मंत्री आशीष सूद ने कहा कि DERC की यह नई नियुक्ति दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं के हित में साबित होगी. उन्होंने उम्मीद जताई कि न्यायमूर्ति उमेश कुमार की अगुवाई में बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का बेहतर समाधान होगा और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिलेंगी.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>दिल्ली में बिजली क्षेत्र की चुनौतियां</strong><br />गौरतलब है कि दिल्ली का बिजली क्षेत्र कई चुनौतियों का सामना कर रहा है. गर्मियों के दौरान बिजली कटौती और ओवरलोडिंग की समस्या आम हो जाती है. इसके अलावा, बिजली दरों, सब्सिडी और वितरण कंपनियों की कार्यप्रणाली को लेकर भी समय-समय पर विवाद उठते रहे हैं. DERC का मुख्य काम बिजली कंपनियों और उपभोक्ताओं के बीच संतुलन बनाए रखना है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>अब उपभोक्ता हितों को मिलेगा बढ़ावा</strong><br />विशेषज्ञों का मानना है कि DERC में एक अनुभवी न्यायमूर्ति की नियुक्ति से बिजली क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी. अब देखना होगा कि न्यायमूर्ति उमेश कुमार की अध्यक्षता में आयोग दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं के लिए क्या नई पहल करता है.</p>
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