<p style=”text-align: justify;”><strong>Arvind Kejriwal Plan:</strong> करीब 10 साल तक सत्ता में रहने वाली आम आदमी पार्टी का स्वरूप दिल्ली की हार के बाद पूरी तरह से बदला हुआ दिखाई दे रहा है. बीजेपी की बंपर जीत के बीच भी अपनी सीट बचा लेने वाली आतिशी पार्टी की हार के बाद भी पूरी तरह से मुखर हैं, तो हर मुद्दे पर बीजेपी को घेरने वाले अरविंद केजरीवाल मौन हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”>सवाल है कि क्यों और उससे भी बड़ा सवाल है कि आखिर अरविंद केजरीवाल हैं कहां? क्या वो राज्यसभा जाने की तैयारी कर रहे हैं या फिर पार्टी के अंदर ही इतना कुछ बदल गया है कि अरविंद केजरीवाल ने खुद ही अपने कदम पीछे खींच लिए हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”>8 फरवरी 2025 को जब दिल्ली चुनाव के नतीजे आए तो उसी दिन आप के दो बड़े नेताओं के दो चेहरे दिखे. पहला चेहरा अरविंद केजरीवाल का, जिन्होंने एक वीडियो के ज़रिए बीजेपी को जीत की बधाई दी और अपनी हार मानते हुए कर्तव्यों की इतिश्री कर ली.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>हाल के दिनों में कब-कब नजर आए केजरीवाल?</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>वहीं इस वीडियो के आने के कुछ ही घंटे बाद एक जश्न मनाता हुआ वीडियो सामने आया, जिसमें आतिशी मौजूद थीं, जो अपना चुनाव जीत चुकी थीं. इन दोनों वीडियो की टाइमिंग और वीडियो में मौजूद भाव-भंगिमा देखकर ही पॉलिटिकल पंडित अंदाजा लगाने लगे थे कि शायद सबकुछ ठीक नहीं है और ऐसा करना स्वाभाविक भी था, क्योंकि पार्टी के दो टॉप चेहरे यानी कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया अपना चुनाव हार चुके थे जबकि बीजेपी लहर में भी रमेश बिधूड़ी के सामने आतिशी ने जीत दर्ज कर ली थी. </p>
<p style=”text-align: justify;”>इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के जीते हुए 22 विधायकों की बैठक नहीं बुलाई, बल्कि 11 फरवरी को पंजाब के विधायकों को दिल्ली बुला लिया बैठक की और फिर सार्वजनिक मंचों पर बोलते नहीं आए. जब 23 फरवरी को दिल्ली में आतिशी को नेता प्रतिपक्ष बनाया जाना था, तो अरविंद केजरीवाल उस बैठक में मौजूद रहे और उसके बाद किसी ने सार्वजनिक तौर पर अरविंद केजरीवाल को देखा ही नहीं. हालांकि अरविंद केजरीवाल ने 24 फरवरी को एक्स पर फोटो विवाद को लेकर बीजेपी को जरूर घेरा.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>आतिशी काफी सक्रिय</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>दूसरी तरफ आतिशी ताबड़तोड़ बैटिंग कर रही हैं. मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद जब रेखा गुप्ता ने मुख्यमंत्री कार्यालय से शहीद भगत सिंह और बाबा साहेब डॉक्टर भीम राव अंबेडकर की तस्वीरें हटाकर उनकी जगह महात्मा गांधी, राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू और प्रधानमंत्री <a title=”नरेंद्र मोदी” href=”https://www.abplive.com/topic/narendra-modi” data-type=”interlinkingkeywords”>नरेंद्र मोदी</a> की तस्वीरें लगवा दीं तो आतिशी ने मोर्चा खोल दिया. फिर जब दिल्ली विधानसभा का सत्र शुरू हुआ और उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने अभिभाषण शुरू किया तो आतिशी ने सदन में भी आवाज़ उठाई, जिसका खामियाजा उन्हें निलंबन के तौर पर भुगतना पड़ा. लिहाजा वो सदन के बाहर धरने पर बैठ गईं.</p>
<p style=”text-align: justify;”>जिस सीएजी रिपोर्ट पर बीजेपी ने माहौल बनाकर चुनाव जीता उसके टेबल होते ही आतिशी ने उसमें ऐसी-ऐसी खामियां खोज निकालीं, जो अरविंद केजरीवाल मनीष सिसोदिया का बचाव कर रही थीं और सवालों के घेरे में वीके सक्सेना से लेकर ईडी और सीबीआई तक आ रही थीं.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>क्या है आप में चर्चा?</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>27 फरवरी को भी आतिशी ने सदन में जाने की कोशिश की तो पुलिस से उनका टकराव हुआ और वो सड़क पर भी जय भीम के नारे लगाते हुए धरना देने लगीं. ये सब हुआ, लेकिन अरविंद केजरीवाल सामने नहीं आए. भगत सिंह की तस्वीर हटी, बाबा साहेब की तस्वीर हटी, सदन के पहले ही दिन आप के सभी 22 विधायकों को सस्पेंड कर दिया गया, पूरे सत्र के लिए उन्हें बाहर कर दिया गया, आप के नेताओं को सदन तो क्या विधानसभा की पार्किंग तक में भी नहीं घुसने दिया गया, लेकिन केजरीवाल सामने नहीं आए. </p>
<p style=”text-align: justify;”>सामने आ रही है उनकी सिर्फ ख़बर की वो पंजाब से राज्यसभा जा सकते हैं, क्योंकि पंजाब से राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा लुधियाना पश्चिम की खाली हुई विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ रहे हैं. ऐसे में संजीव अरोड़ा की खाली की हुई सीट से अरविंद केजरीवाल के राज्यसभा जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन आम आदमी पार्टी ने इसे ख़ारिज कर दिया है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>अरविंद केजरीवाल का क्या है प्लान?</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>सवाल फिर अपनी जगह पर क़ायम है कि कहां हैं अरविंद केजरीवाल. पार्टी के कुछ अंदरूनी लोग बताते हैं कि अरविंद केजरीवाल का पूरा ध्यान पंजाब पर है, जहां दो साल के अंदर-अंदर विधानसभा के चुनाव होने हैं. और दूध का जला छाछ भी फूंककर पीता है तो दिल्ली हारने वाले केजरीवाल पंजाब में अभी से सारे नट-बोल्ट टाइट करने में लग गए हैं. </p>
<p style=”text-align: justify;”>कहा ये भी जा रहा है कि केजरीवाल पंजाब चुनाव से जुड़े हर एक आदमी से हर रोज़ मीटिंग कर रहे हैं और ज़मीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से फीडबैक भी ले रहे हैं. लेकिन इसके बाद भी केजरीवाल के पास इतना वक्त तो होगा ही कि वो उस दिल्ली को भी वक्त दे सकें, जिसने उन्हें सत्ता के शीर्ष पर पहुंचाया था. ऐसे में वो सवाल फिर से उठेगा कि क्या दिल्ली में केजरीवाल की जगह और उनकी कमी को <a title=”आतिशी” href=”https://www.abplive.com/topic/atishi” data-type=”interlinkingkeywords”>आतिशी</a> ने पूरा कर दिया है और अब दिल्ली की राजनीति में फिलवक्त अरविंद केजरीवाल के लिए कोई गुंजाइश नहीं दिख रही है. इसके जवाब पर तुरंत पहुंचना थोड़ी जल्दबाजी होगी. </p>
<p style=”text-align: justify;”><strong><a title=”दिल्ली में नाम बदलने का सिलसिला! BJP की लिस्ट में मुस्तफाबाद, मोहम्मद पुर और नजफगढ़, क्या होगा नया नाम?” href=”https://www.abplive.com/states/delhi-ncr/bjp-led-delhi-government-to-change-name-of-few-places-mustafabad-mohammadpur-and-najafgarh-new-name-2893376″ target=”_self”>दिल्ली में नाम बदलने का सिलसिला! BJP की लिस्ट में मुस्तफाबाद, मोहम्मद पुर और नजफगढ़, क्या होगा नया नाम?</a></strong></p>
<p style=”text-align: justify;”><iframe title=”YouTube video player” src=”https://www.youtube.com/embed/YXkaTLidYoo?si=PvL4I3Zr5dbnadfb” width=”560″ height=”315″ frameborder=”0″ allowfullscreen=”allowfullscreen”></iframe></p> <p style=”text-align: justify;”><strong>Arvind Kejriwal Plan:</strong> करीब 10 साल तक सत्ता में रहने वाली आम आदमी पार्टी का स्वरूप दिल्ली की हार के बाद पूरी तरह से बदला हुआ दिखाई दे रहा है. बीजेपी की बंपर जीत के बीच भी अपनी सीट बचा लेने वाली आतिशी पार्टी की हार के बाद भी पूरी तरह से मुखर हैं, तो हर मुद्दे पर बीजेपी को घेरने वाले अरविंद केजरीवाल मौन हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”>सवाल है कि क्यों और उससे भी बड़ा सवाल है कि आखिर अरविंद केजरीवाल हैं कहां? क्या वो राज्यसभा जाने की तैयारी कर रहे हैं या फिर पार्टी के अंदर ही इतना कुछ बदल गया है कि अरविंद केजरीवाल ने खुद ही अपने कदम पीछे खींच लिए हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”>8 फरवरी 2025 को जब दिल्ली चुनाव के नतीजे आए तो उसी दिन आप के दो बड़े नेताओं के दो चेहरे दिखे. पहला चेहरा अरविंद केजरीवाल का, जिन्होंने एक वीडियो के ज़रिए बीजेपी को जीत की बधाई दी और अपनी हार मानते हुए कर्तव्यों की इतिश्री कर ली.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>हाल के दिनों में कब-कब नजर आए केजरीवाल?</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>वहीं इस वीडियो के आने के कुछ ही घंटे बाद एक जश्न मनाता हुआ वीडियो सामने आया, जिसमें आतिशी मौजूद थीं, जो अपना चुनाव जीत चुकी थीं. इन दोनों वीडियो की टाइमिंग और वीडियो में मौजूद भाव-भंगिमा देखकर ही पॉलिटिकल पंडित अंदाजा लगाने लगे थे कि शायद सबकुछ ठीक नहीं है और ऐसा करना स्वाभाविक भी था, क्योंकि पार्टी के दो टॉप चेहरे यानी कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया अपना चुनाव हार चुके थे जबकि बीजेपी लहर में भी रमेश बिधूड़ी के सामने आतिशी ने जीत दर्ज कर ली थी. </p>
<p style=”text-align: justify;”>इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के जीते हुए 22 विधायकों की बैठक नहीं बुलाई, बल्कि 11 फरवरी को पंजाब के विधायकों को दिल्ली बुला लिया बैठक की और फिर सार्वजनिक मंचों पर बोलते नहीं आए. जब 23 फरवरी को दिल्ली में आतिशी को नेता प्रतिपक्ष बनाया जाना था, तो अरविंद केजरीवाल उस बैठक में मौजूद रहे और उसके बाद किसी ने सार्वजनिक तौर पर अरविंद केजरीवाल को देखा ही नहीं. हालांकि अरविंद केजरीवाल ने 24 फरवरी को एक्स पर फोटो विवाद को लेकर बीजेपी को जरूर घेरा.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>आतिशी काफी सक्रिय</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>दूसरी तरफ आतिशी ताबड़तोड़ बैटिंग कर रही हैं. मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद जब रेखा गुप्ता ने मुख्यमंत्री कार्यालय से शहीद भगत सिंह और बाबा साहेब डॉक्टर भीम राव अंबेडकर की तस्वीरें हटाकर उनकी जगह महात्मा गांधी, राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू और प्रधानमंत्री <a title=”नरेंद्र मोदी” href=”https://www.abplive.com/topic/narendra-modi” data-type=”interlinkingkeywords”>नरेंद्र मोदी</a> की तस्वीरें लगवा दीं तो आतिशी ने मोर्चा खोल दिया. फिर जब दिल्ली विधानसभा का सत्र शुरू हुआ और उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने अभिभाषण शुरू किया तो आतिशी ने सदन में भी आवाज़ उठाई, जिसका खामियाजा उन्हें निलंबन के तौर पर भुगतना पड़ा. लिहाजा वो सदन के बाहर धरने पर बैठ गईं.</p>
<p style=”text-align: justify;”>जिस सीएजी रिपोर्ट पर बीजेपी ने माहौल बनाकर चुनाव जीता उसके टेबल होते ही आतिशी ने उसमें ऐसी-ऐसी खामियां खोज निकालीं, जो अरविंद केजरीवाल मनीष सिसोदिया का बचाव कर रही थीं और सवालों के घेरे में वीके सक्सेना से लेकर ईडी और सीबीआई तक आ रही थीं.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>क्या है आप में चर्चा?</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>27 फरवरी को भी आतिशी ने सदन में जाने की कोशिश की तो पुलिस से उनका टकराव हुआ और वो सड़क पर भी जय भीम के नारे लगाते हुए धरना देने लगीं. ये सब हुआ, लेकिन अरविंद केजरीवाल सामने नहीं आए. भगत सिंह की तस्वीर हटी, बाबा साहेब की तस्वीर हटी, सदन के पहले ही दिन आप के सभी 22 विधायकों को सस्पेंड कर दिया गया, पूरे सत्र के लिए उन्हें बाहर कर दिया गया, आप के नेताओं को सदन तो क्या विधानसभा की पार्किंग तक में भी नहीं घुसने दिया गया, लेकिन केजरीवाल सामने नहीं आए. </p>
<p style=”text-align: justify;”>सामने आ रही है उनकी सिर्फ ख़बर की वो पंजाब से राज्यसभा जा सकते हैं, क्योंकि पंजाब से राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा लुधियाना पश्चिम की खाली हुई विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ रहे हैं. ऐसे में संजीव अरोड़ा की खाली की हुई सीट से अरविंद केजरीवाल के राज्यसभा जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन आम आदमी पार्टी ने इसे ख़ारिज कर दिया है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>अरविंद केजरीवाल का क्या है प्लान?</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>सवाल फिर अपनी जगह पर क़ायम है कि कहां हैं अरविंद केजरीवाल. पार्टी के कुछ अंदरूनी लोग बताते हैं कि अरविंद केजरीवाल का पूरा ध्यान पंजाब पर है, जहां दो साल के अंदर-अंदर विधानसभा के चुनाव होने हैं. और दूध का जला छाछ भी फूंककर पीता है तो दिल्ली हारने वाले केजरीवाल पंजाब में अभी से सारे नट-बोल्ट टाइट करने में लग गए हैं. </p>
<p style=”text-align: justify;”>कहा ये भी जा रहा है कि केजरीवाल पंजाब चुनाव से जुड़े हर एक आदमी से हर रोज़ मीटिंग कर रहे हैं और ज़मीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से फीडबैक भी ले रहे हैं. लेकिन इसके बाद भी केजरीवाल के पास इतना वक्त तो होगा ही कि वो उस दिल्ली को भी वक्त दे सकें, जिसने उन्हें सत्ता के शीर्ष पर पहुंचाया था. ऐसे में वो सवाल फिर से उठेगा कि क्या दिल्ली में केजरीवाल की जगह और उनकी कमी को <a title=”आतिशी” href=”https://www.abplive.com/topic/atishi” data-type=”interlinkingkeywords”>आतिशी</a> ने पूरा कर दिया है और अब दिल्ली की राजनीति में फिलवक्त अरविंद केजरीवाल के लिए कोई गुंजाइश नहीं दिख रही है. इसके जवाब पर तुरंत पहुंचना थोड़ी जल्दबाजी होगी. </p>
<p style=”text-align: justify;”><strong><a title=”दिल्ली में नाम बदलने का सिलसिला! BJP की लिस्ट में मुस्तफाबाद, मोहम्मद पुर और नजफगढ़, क्या होगा नया नाम?” href=”https://www.abplive.com/states/delhi-ncr/bjp-led-delhi-government-to-change-name-of-few-places-mustafabad-mohammadpur-and-najafgarh-new-name-2893376″ target=”_self”>दिल्ली में नाम बदलने का सिलसिला! BJP की लिस्ट में मुस्तफाबाद, मोहम्मद पुर और नजफगढ़, क्या होगा नया नाम?</a></strong></p>
<p style=”text-align: justify;”><iframe title=”YouTube video player” src=”https://www.youtube.com/embed/YXkaTLidYoo?si=PvL4I3Zr5dbnadfb” width=”560″ height=”315″ frameborder=”0″ allowfullscreen=”allowfullscreen”></iframe></p> दिल्ली NCR दिल्ली में मोबाइल टावर लगाने के नाम पर ठगी, हर महीने मोटी कमाई का लालच देकर फंसाता था गिरोह
दिल्ली हार के बाद AAP में क्या चल रहा है? आतिशी मुखर तो अरविंद केजरीवाल मौन
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