हरियाणा के नारनौंद में किसानों ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला फूंका है। यह विरोध खनौरी-सिंधु बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ किया गया। किसान नेताओं ने गिरफ्तार साथियों की तत्काल रिहाई की मांग की है। किसान नेताओं ने बताया कि पंजाब सरकार के साथ बैठक के बाद किसान नेताओं को बिना किसी पूर्व सूचना के गिरफ्तार कर लिया गया। भारतीय किसान नौजवान यूनियन के जिला उपाध्यक्ष बलवान लोहान के नेतृत्व में किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पिछले 13 महीने से धरना दे रहे किसान किसान बलवान लोहान व सतबीर मास्टर का कहना है कि वे पिछले 13 महीने से धरना दे रहे हैं। उनका मूल उद्देश्य दिल्ली जाकर अपनी मांगें रखना था। लेकिन पंजाब और हरियाणा सरकार ने बॉर्डर बंद कर उन्हें यहां धरना देने को मजबूर किया। जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में धरना किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में चल रहे इस शांतिपूर्ण धरने में हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड सहित कई राज्यों के किसान शामिल हो रहे थे। किसानों की प्रमुख मांगों में एमएसपी गारंटी शामिल है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर नेताओं को जल्द रिहा नहीं किया गया तो वे बड़े आंदोलन की तैयारी करेंगे। किसानों ने इसकी जिम्मेदारी केंद्र और पंजाब सरकार पर डाली है। हरियाणा के नारनौंद में किसानों ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला फूंका है। यह विरोध खनौरी-सिंधु बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ किया गया। किसान नेताओं ने गिरफ्तार साथियों की तत्काल रिहाई की मांग की है। किसान नेताओं ने बताया कि पंजाब सरकार के साथ बैठक के बाद किसान नेताओं को बिना किसी पूर्व सूचना के गिरफ्तार कर लिया गया। भारतीय किसान नौजवान यूनियन के जिला उपाध्यक्ष बलवान लोहान के नेतृत्व में किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पिछले 13 महीने से धरना दे रहे किसान किसान बलवान लोहान व सतबीर मास्टर का कहना है कि वे पिछले 13 महीने से धरना दे रहे हैं। उनका मूल उद्देश्य दिल्ली जाकर अपनी मांगें रखना था। लेकिन पंजाब और हरियाणा सरकार ने बॉर्डर बंद कर उन्हें यहां धरना देने को मजबूर किया। जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में धरना किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में चल रहे इस शांतिपूर्ण धरने में हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड सहित कई राज्यों के किसान शामिल हो रहे थे। किसानों की प्रमुख मांगों में एमएसपी गारंटी शामिल है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर नेताओं को जल्द रिहा नहीं किया गया तो वे बड़े आंदोलन की तैयारी करेंगे। किसानों ने इसकी जिम्मेदारी केंद्र और पंजाब सरकार पर डाली है। पंजाब | दैनिक भास्कर
