पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सीएम योगी के बाद सबसे ज्यादा इन नेताओं का लगता है डेरा

पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सीएम योगी के बाद सबसे ज्यादा इन नेताओं का लगता है डेरा

<p style=”text-align: justify;”><strong>UP News:</strong> 2 दशक से जनपद वाराणसी सियासत का भी बहुत बड़ा केंद्र बन चुका है. खुद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 बार यहां से सांसद चुने जा चुके हैं. धार्मिक विरासत और पर्यटन क्षेत्र के साथ-साथ सियासत के दिग्गजों के लिए वाराणसी जनपद एक महत्वपूर्ण केंद्र है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी &nbsp;आदित्यनाथ का सामान्य तौर पर एक महीने में एक से अधिक बार भी वाराणसी दौरा देखा जाता है.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>वहीं प्रधानमंत्री <a title=”नरेंद्र मोदी” href=”https://www.abplive.com/topic/narendra-modi” data-type=”interlinkingkeywords”>नरेंद्र मोदी</a> अपने तीन बार के कार्यकाल के दौरान अब तक 40 से अधिक बार वाराणसी आ चुके हैं. खासतौर पर चुनाव नजदीक आने के बाद वाराणसी जनपद में राजनेताओं का आवागमन और बढ़ जाता है. इसके पीछे प्रमुख वजह काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन, विभागीय और पार्टी बैठक के अलावा पूर्वांचल के अलग-अलग जनपद में जाने के लिए वाराणसी का एयरपोर्ट और सड़क मार्ग का केंद्र बिंदु होना भी शामिल हैं.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>इन नेताओं का दौरा</strong><br />सीएम योगी के अलावा प्रदेश सरकार में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक का 2-3 हफ्ते के अंतराल में काशी दौर देखा जाता है. एनडीए सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर सबसे ज्यादा वाराणसी पहुंचने वाले राजनेताओं में शामिल हैं. इसके अलावा कैबिनेट मंत्री संजय निषाद, मंत्री सुरेश खन्ना, मंत्री जयवीर सिंह और मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का लगभग एक महीने के अंतराल में वाराणसी दौरा देखा जा रहा है.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>जबकि जनपद वाराणसी से 8 विधायक के अलावा कैबिनेट सहित तीन मंत्री भी शामिल है. जनपद वाराणसी में इनके आवास होने की वजह से विभागीय और पार्टी के बैठक का प्रमुख केंद्र भी वाराणसी ही रहता है. वहीं पास के ही चंदौली के भी विधायक और सांसद अपने बैठक के लिए वाराणसी को प्राथमिकता देते नजर आते हैं.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong><a href=”https://www.abplive.com/states/up-uk/saurabh-murder-case-muskaan-and-saurabh-wedding-surfaced-with-parents-told-whole-story-see-photo-ann-2910471″>मुस्कान और सौरभ की शादी की एक्सक्लूसिव तस्वीरें आईं सामने, माता-पिता ने बताई पूरी कहानी</a><br /></strong></p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>दूसरे राज्यों के नेताओं का आगमन</strong><br />वाराणसी सीट का आसपास के जनपद पर भी खास प्रभाव देखा जाता है. विपक्षीय दलों की तरफ से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय वाराणसी के ही रहने वाले हैं. लखनऊ से ज्यादा उनके बैठक का प्रमुख केंद्र वाराणसी रहता हैं. इसके अलावा समाजवादी पार्टी से चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह भी वाराणसी के रहने वाले हैं.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>1 महीने की अवधि के दौरान सबसे ज्यादा बार वाराणसी पहुंचने वाले विपक्षी नेताओं में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव हैं. उत्तर प्रदेश सहित बिहार के अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं का अक्सर वाराणसी दौरा रहता है. इनमें से अधिकांश राजनेता काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं. जबकि विभागीय और पार्टी बैठकों के लिए भी बड़ी संख्या में राजनेताओं का वाराणसी पहुंचना जारी रहता है.</p> <p style=”text-align: justify;”><strong>UP News:</strong> 2 दशक से जनपद वाराणसी सियासत का भी बहुत बड़ा केंद्र बन चुका है. खुद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 बार यहां से सांसद चुने जा चुके हैं. धार्मिक विरासत और पर्यटन क्षेत्र के साथ-साथ सियासत के दिग्गजों के लिए वाराणसी जनपद एक महत्वपूर्ण केंद्र है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी &nbsp;आदित्यनाथ का सामान्य तौर पर एक महीने में एक से अधिक बार भी वाराणसी दौरा देखा जाता है.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>वहीं प्रधानमंत्री <a title=”नरेंद्र मोदी” href=”https://www.abplive.com/topic/narendra-modi” data-type=”interlinkingkeywords”>नरेंद्र मोदी</a> अपने तीन बार के कार्यकाल के दौरान अब तक 40 से अधिक बार वाराणसी आ चुके हैं. खासतौर पर चुनाव नजदीक आने के बाद वाराणसी जनपद में राजनेताओं का आवागमन और बढ़ जाता है. इसके पीछे प्रमुख वजह काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन, विभागीय और पार्टी बैठक के अलावा पूर्वांचल के अलग-अलग जनपद में जाने के लिए वाराणसी का एयरपोर्ट और सड़क मार्ग का केंद्र बिंदु होना भी शामिल हैं.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>इन नेताओं का दौरा</strong><br />सीएम योगी के अलावा प्रदेश सरकार में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक का 2-3 हफ्ते के अंतराल में काशी दौर देखा जाता है. एनडीए सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर सबसे ज्यादा वाराणसी पहुंचने वाले राजनेताओं में शामिल हैं. इसके अलावा कैबिनेट मंत्री संजय निषाद, मंत्री सुरेश खन्ना, मंत्री जयवीर सिंह और मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का लगभग एक महीने के अंतराल में वाराणसी दौरा देखा जा रहा है.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>जबकि जनपद वाराणसी से 8 विधायक के अलावा कैबिनेट सहित तीन मंत्री भी शामिल है. जनपद वाराणसी में इनके आवास होने की वजह से विभागीय और पार्टी के बैठक का प्रमुख केंद्र भी वाराणसी ही रहता है. वहीं पास के ही चंदौली के भी विधायक और सांसद अपने बैठक के लिए वाराणसी को प्राथमिकता देते नजर आते हैं.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong><a href=”https://www.abplive.com/states/up-uk/saurabh-murder-case-muskaan-and-saurabh-wedding-surfaced-with-parents-told-whole-story-see-photo-ann-2910471″>मुस्कान और सौरभ की शादी की एक्सक्लूसिव तस्वीरें आईं सामने, माता-पिता ने बताई पूरी कहानी</a><br /></strong></p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>दूसरे राज्यों के नेताओं का आगमन</strong><br />वाराणसी सीट का आसपास के जनपद पर भी खास प्रभाव देखा जाता है. विपक्षीय दलों की तरफ से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय वाराणसी के ही रहने वाले हैं. लखनऊ से ज्यादा उनके बैठक का प्रमुख केंद्र वाराणसी रहता हैं. इसके अलावा समाजवादी पार्टी से चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह भी वाराणसी के रहने वाले हैं.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>1 महीने की अवधि के दौरान सबसे ज्यादा बार वाराणसी पहुंचने वाले विपक्षी नेताओं में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव हैं. उत्तर प्रदेश सहित बिहार के अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं का अक्सर वाराणसी दौरा रहता है. इनमें से अधिकांश राजनेता काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं. जबकि विभागीय और पार्टी बैठकों के लिए भी बड़ी संख्या में राजनेताओं का वाराणसी पहुंचना जारी रहता है.</p>  उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जम्मू-कश्मीर के CM उमर अब्दुल्ला ने LG मनोज सिन्हा से की मुलाकात, किन मुद्दों पर हुई बातचीत?