<p style=”text-align: justify;”><strong>Maharashtra News:</strong> महाराष्ट्र के पुणे जिले में एक ऐसी घटना हुई जिसने धार्मिक ध्रुवीकरण को तोड़ दिया. यहां एक मुस्लिम शख्स ने एक हिंदू महिला की बुरे वक्त में मदद कर मानवता की एक नई मिसाल पेश की है. यहां एक महिला के सगे भाई की मौत के बाद एक मुस्लिम शख्स ने महिला के मृत भाई को मुखाग्नि दी. जयश्री किंकले नाम की महिला का कोई रिश्तेदार नहीं है. वह अपने भाई सुधीर किंकले (70) के साथ रहती थी. दोनों भाई बहन ही एक दूसरे के सुख दुख के साथी थे.</p>
<p style=”text-align: justify;”>जानकारी के अनुसार, बुधवार को सुधीर किंकले का निधन हो गया. भाई की मौत से जयश्री के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. ऐसे में सबसे बड़ी समस्या यह थी कि अब उनके भाई की चिता को कौन मुखाग्नि देगा. इस कठिन समय में सामाजिक कार्यकर्ता जावेद खान ने महिला की मदद की और उनके भाई के अंतिम संस्कार में साथ दिया और मृतदेह को अग्नि दी. </p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>क्या है पूरा मामला?</strong><br />जावेद खान अपने फेसबुक पेज इस घटना की जानकारी देते हुए कहा, “कल मेरे दोस्त माइकल साठे ने मुझे फोन आया था. उन्होंने उनसे सुधीर किंकले की मौत के बारे में बताया. साथ ही यह भी बताया कि, जयश्री का कोई रिश्तेदार भी नहीं है, तो क्या आप उनका अंतिम संस्कार करेंगे? पूरी जानकारी लेकर मैं ससून अस्पताल पहुंचा. वहां जयश्री ताई और पुलिस कांस्टेबल होलकर साहब से मुलाकात हुई.”</p>
<p style=”text-align: justify;”>उन्होंने कहा, “शव के पंचनामा की प्रक्रिया में शाम हो गई थी. पूछताछ करने पर पता चला कि शव मिलने में रात हो जाएगी. जावेद ने जयश्री से कहा कि वे अंतिम संस्कार कर देते हैं. इस पर उन्होंने कहा कि, उनके रीति रिवाजों में सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार नहीं करते. इसलिए सुबह अंतिम संस्कार करने का फैसला किया गया.”</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>उद्धव ठाकरे ने की जावेद की तारीफ</strong><br />जावेद ने कहा कि, “रमजान का महीना चल रहा है ऐसे में उनके मन में ख्याल आया कि शायद उन्हें ही इस काम के लिए चुना गया है. इसलिए जाति-धर्म को किनारे रखकर जावेद सुबह जल्दी उठ गए. इसके बाद सुधीर किंकले का उन्होंने अंतिम संस्कार किया और उन्हें अग्नि दी.”</p>
<p style=”text-align: justify;”>वहीं अब इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. महिला की मदद करने के लिए लोग जावेद खान की खूब तारीफ कर रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी जावेद को फोन कर उनकी तारीफ की है. ठाकरे ने कहा, “आपने जो अच्छा काम किया है उसकी खबर मुझ तक पहुंची है. आप लंबी उम्र जिएं.”</p> <p style=”text-align: justify;”><strong>Maharashtra News:</strong> महाराष्ट्र के पुणे जिले में एक ऐसी घटना हुई जिसने धार्मिक ध्रुवीकरण को तोड़ दिया. यहां एक मुस्लिम शख्स ने एक हिंदू महिला की बुरे वक्त में मदद कर मानवता की एक नई मिसाल पेश की है. यहां एक महिला के सगे भाई की मौत के बाद एक मुस्लिम शख्स ने महिला के मृत भाई को मुखाग्नि दी. जयश्री किंकले नाम की महिला का कोई रिश्तेदार नहीं है. वह अपने भाई सुधीर किंकले (70) के साथ रहती थी. दोनों भाई बहन ही एक दूसरे के सुख दुख के साथी थे.</p>
<p style=”text-align: justify;”>जानकारी के अनुसार, बुधवार को सुधीर किंकले का निधन हो गया. भाई की मौत से जयश्री के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. ऐसे में सबसे बड़ी समस्या यह थी कि अब उनके भाई की चिता को कौन मुखाग्नि देगा. इस कठिन समय में सामाजिक कार्यकर्ता जावेद खान ने महिला की मदद की और उनके भाई के अंतिम संस्कार में साथ दिया और मृतदेह को अग्नि दी. </p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>क्या है पूरा मामला?</strong><br />जावेद खान अपने फेसबुक पेज इस घटना की जानकारी देते हुए कहा, “कल मेरे दोस्त माइकल साठे ने मुझे फोन आया था. उन्होंने उनसे सुधीर किंकले की मौत के बारे में बताया. साथ ही यह भी बताया कि, जयश्री का कोई रिश्तेदार भी नहीं है, तो क्या आप उनका अंतिम संस्कार करेंगे? पूरी जानकारी लेकर मैं ससून अस्पताल पहुंचा. वहां जयश्री ताई और पुलिस कांस्टेबल होलकर साहब से मुलाकात हुई.”</p>
<p style=”text-align: justify;”>उन्होंने कहा, “शव के पंचनामा की प्रक्रिया में शाम हो गई थी. पूछताछ करने पर पता चला कि शव मिलने में रात हो जाएगी. जावेद ने जयश्री से कहा कि वे अंतिम संस्कार कर देते हैं. इस पर उन्होंने कहा कि, उनके रीति रिवाजों में सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार नहीं करते. इसलिए सुबह अंतिम संस्कार करने का फैसला किया गया.”</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>उद्धव ठाकरे ने की जावेद की तारीफ</strong><br />जावेद ने कहा कि, “रमजान का महीना चल रहा है ऐसे में उनके मन में ख्याल आया कि शायद उन्हें ही इस काम के लिए चुना गया है. इसलिए जाति-धर्म को किनारे रखकर जावेद सुबह जल्दी उठ गए. इसके बाद सुधीर किंकले का उन्होंने अंतिम संस्कार किया और उन्हें अग्नि दी.”</p>
<p style=”text-align: justify;”>वहीं अब इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. महिला की मदद करने के लिए लोग जावेद खान की खूब तारीफ कर रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी जावेद को फोन कर उनकी तारीफ की है. ठाकरे ने कहा, “आपने जो अच्छा काम किया है उसकी खबर मुझ तक पहुंची है. आप लंबी उम्र जिएं.”</p> महाराष्ट्र हापुड़: महिला ने 50 साल की उम्र में 14वें बच्चे को दिया जन्म, डॉक्टर्स भी हैरान, 22 साल का है सबसे बड़ा बेटा
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