प्रयागराज में एयरफोर्स अफसर की हत्या:सुबह 3 बजे खिड़की खट-खटाकर जगाया, खोलते ही गोली मारी; हाई सिक्योरिटी इलाके में वारदात

प्रयागराज में एयरफोर्स अफसर की हत्या:सुबह 3 बजे खिड़की खट-खटाकर जगाया, खोलते ही गोली मारी; हाई सिक्योरिटी इलाके में वारदात

प्रयागराज में एयरफोर्स के चीफ इंजीनियर (वर्क) एसएन मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह सुबह 3 बजे घर में सोए हुए थे। हमलावरों ने खिड़की खट-खटाकर अफसर को जगाया। जैसे ही उन्होंने खिड़की खोली। हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी। आवाज सुनकर दूसरे कमरे से परिजन भागकर पहुंचे। तब तक हमलावर भाग चुके थे। घरवाले उन्हें मिलिट्री हॉस्पिटल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वारदात की सूचना पर एयरफोर्स के सीनियर अफसर मौके पर पहुंच गए हैं। पुलिस अधिकारी भी मौके पर हैं। फोरेंसिक टीम ने कमरे को सील कर दिया है। आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पूरी वारदात बम्हरौली इलाके की एयरफोर्स कॉलोनी में हुई। फिलहाल, पुलिस ने आसपास का एरिया सील कर दिया है। मीडियाकर्मियों समेत किसी को गेट से अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। अफसर का आवास सेंट्रल एयर कमांड के नॉर्थ जोन में है। यह एयरफोर्स का हाई सिक्योरिटी इलाका है। यहां 24 घंटे एयरफोर्स कर्मियों का पहरा रहता है, लेकिन कॉलोनी की पीछे की बाउंड्री गांवों से जुड़ी है। ऐसे में शक है कि हमलावर बाउंड्री क्रॉस करके आए थे। इंस्पेक्टर पूरामुफ्ती मनोज सिंह का कहना है कि एसएन मिश्रा एयरफोर्स कॉलोनी में परिवार के साथ रहते थे। उनकी उम्र करीब 50 साल थी। सुबह घरवालों ने वारदात की सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। एयरफोर्स टीम पहले अपनी जांच कर रही है। पुलिस जांच भी जारी है। जल्द ही हमलावरों को पकड़ा जाएगा। 3 एंगल पर पुलिस और एयरफोर्स की जांच ऑफिस से क्या है कोई कनेक्शन
पुलिस के एक सीनियर अफसर ने बताया कि हत्या का ऑफिस से कोई कनेक्शन है क्या? इसकी जांच खुद एयरफोर्स कर रही है। क्योंकि, एसएन मिश्रा ज्वाइंट सेक्रेटरी लेवल के अफसर थे। यानी, एयरफोर्स में वह अहम पोस्ट पर थे। ———————– ये खबर भी पढ़ें- प्रयागराज में सेना का गैरिसन इंजीनियर गिरफ्तार प्रयागराज में सेना के गैरिसन इंजीनियर और उसके असिस्टेंट को एक लाख रुपए की घूस लेते हुए CBI ने गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को CBI लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच की टीम दोनों अफसरों के आवास समेत कई ठिकानों को खंगाल रही है। सीबीआई इस मामले में शामिल कुछ अन्य अफसरों को भी तलाश रही है। गैरिसन इंजीनियर (मेजर रैंक) रवि सिंह और असिस्टेंट गैरिसन इंजीनियर विमल कुमार ने मैनपावर सप्लाई का काम देने की मंजूरी का पत्र देने के बदले दिल्ली की फर्म से 2.88 लाख रुपए रिश्वत मांगी थी। पढ़िए पूरी खबर प्रयागराज में एयरफोर्स के चीफ इंजीनियर (वर्क) एसएन मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह सुबह 3 बजे घर में सोए हुए थे। हमलावरों ने खिड़की खट-खटाकर अफसर को जगाया। जैसे ही उन्होंने खिड़की खोली। हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी। आवाज सुनकर दूसरे कमरे से परिजन भागकर पहुंचे। तब तक हमलावर भाग चुके थे। घरवाले उन्हें मिलिट्री हॉस्पिटल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वारदात की सूचना पर एयरफोर्स के सीनियर अफसर मौके पर पहुंच गए हैं। पुलिस अधिकारी भी मौके पर हैं। फोरेंसिक टीम ने कमरे को सील कर दिया है। आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पूरी वारदात बम्हरौली इलाके की एयरफोर्स कॉलोनी में हुई। फिलहाल, पुलिस ने आसपास का एरिया सील कर दिया है। मीडियाकर्मियों समेत किसी को गेट से अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। अफसर का आवास सेंट्रल एयर कमांड के नॉर्थ जोन में है। यह एयरफोर्स का हाई सिक्योरिटी इलाका है। यहां 24 घंटे एयरफोर्स कर्मियों का पहरा रहता है, लेकिन कॉलोनी की पीछे की बाउंड्री गांवों से जुड़ी है। ऐसे में शक है कि हमलावर बाउंड्री क्रॉस करके आए थे। इंस्पेक्टर पूरामुफ्ती मनोज सिंह का कहना है कि एसएन मिश्रा एयरफोर्स कॉलोनी में परिवार के साथ रहते थे। उनकी उम्र करीब 50 साल थी। सुबह घरवालों ने वारदात की सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। एयरफोर्स टीम पहले अपनी जांच कर रही है। पुलिस जांच भी जारी है। जल्द ही हमलावरों को पकड़ा जाएगा। 3 एंगल पर पुलिस और एयरफोर्स की जांच ऑफिस से क्या है कोई कनेक्शन
पुलिस के एक सीनियर अफसर ने बताया कि हत्या का ऑफिस से कोई कनेक्शन है क्या? इसकी जांच खुद एयरफोर्स कर रही है। क्योंकि, एसएन मिश्रा ज्वाइंट सेक्रेटरी लेवल के अफसर थे। यानी, एयरफोर्स में वह अहम पोस्ट पर थे। ———————– ये खबर भी पढ़ें- प्रयागराज में सेना का गैरिसन इंजीनियर गिरफ्तार प्रयागराज में सेना के गैरिसन इंजीनियर और उसके असिस्टेंट को एक लाख रुपए की घूस लेते हुए CBI ने गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को CBI लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच की टीम दोनों अफसरों के आवास समेत कई ठिकानों को खंगाल रही है। सीबीआई इस मामले में शामिल कुछ अन्य अफसरों को भी तलाश रही है। गैरिसन इंजीनियर (मेजर रैंक) रवि सिंह और असिस्टेंट गैरिसन इंजीनियर विमल कुमार ने मैनपावर सप्लाई का काम देने की मंजूरी का पत्र देने के बदले दिल्ली की फर्म से 2.88 लाख रुपए रिश्वत मांगी थी। पढ़िए पूरी खबर   उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर