बिहार ओलंपिक संघ पर विवाद: एड-हॉक पैनल रद्द होने के खिलाफ दिल्ली HC पहुंचा भारतीय ओलंपिक संघ

बिहार ओलंपिक संघ पर विवाद: एड-हॉक पैनल रद्द होने के खिलाफ दिल्ली HC पहुंचा भारतीय ओलंपिक संघ

<p style=”text-align: justify;”><strong>Delhi News</strong>: भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने दिल्ली हाई कोर्ट में सिंगल जज के आदेश को चुनौती दी, जिसमें बिहार ओलंपिक संघ के मामलों की देखरेख के लिए गठित एड-हॉक कमेटी के गठन को रद्द कर दिया गया था. दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच ने हाई कोर्ट के सिंगल जज के फैसले के खिलाफ IOA की अपील पर बिहार ओलंपिक संघ को नोटिस जारी किया. &nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>दिल्ली HC के सिंगल जज का अहम आदेश &nbsp;</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>दिल्ली हाई कोर्ट के सिंगल जज ने अपने फैसले में कहा था कि बिहार ओलंपिक संघ को सुनवाई का मौका नहीं दिया गया और न ही उससे संबंधित दस्तावेजों को देखने का अवसर मिला, इससे पहले कि उसके प्रबंधन को एड-हॉक कमेटी को सौंपने का फैसला लिया गया. अदालत ने IOA को प्रक्रिया दोबारा शुरू करने के संबंध में जवाब दाखिल करने का समय दिया. &nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>IOA के वकील ने तर्क दिया कि सिंगल जज की टिप्पणियों को ध्यान में रखते हुए उन्हें यह निर्देश लेने का समय दिया जाए कि क्या पूरी प्रक्रिया को एक सदस्यीय तथ्यान्वेषण समिति के गठन के चरण से फिर से शुरू किया जा सकता है. कोर्ट ने कहा कि अगली तारीख पर मामला सूचीबद्ध किया जाएगा, ताकि वकील अपने निर्देश पूरे कर सकें. अदालत ने बिहार ओलंपिक संघ की ओर से पेश वकील नेहा सिंह से भी IOA के प्रस्ताव पर निर्देश लेने को कहा. दिल्ली हाई कोर्ट में अब इस याचिका पर अपना जवाब दाखिल करना है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>क्या है पूरा मामला ?&nbsp;</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>24 फरवरी को सिंगल जज ने बिहार ओलंपिक संघ के लिए गठित एड-हॉक कमेटी के गठन के निर्णय को रद्द कर दिया था और राज्य संघ को तीन महीने के भीतर चुनाव कराने का निर्देश दिया था. बिहार ओलंपिक संघ ने आरोप लगाया था कि नवंबर 2024 में उसके कामकाज और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कथित शिकायतों के आधार पर एक सदस्यीय तथ्यान्वेषण समिति की नियुक्ति एकतरफा और अवैध थी. साथ ही, IOA अध्यक्ष द्वारा 1 जनवरी को एड-हॉक कमेटी के गठन का आदेश भी टिकाऊ नहीं है. &nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>याचिकाकर्ता का मामले में आरोप</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>याचिकाकर्ता ने अपनी स्थिति की बहाली की मांग करते हुए कहा कि उसे उसके खिलाफ प्राप्त कथित शिकायतों के बारे में कभी सूचित नहीं किया गया और न ही उसे अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया. इस मामले में अगली सुनवाई मई में होगी.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>इसे भी पढ़ें: <a href=”https://www.abplive.com/states/delhi-ncr/rekha-gupta-zero-tolerance-on-corruption-order-for-medicines-in-hospitals-water-and-bus-ann-2918798″>’दिल्ली के अस्पतालों में दवाओं की किल्लत बर्दाश्त नहीं’ सीएम रेखा गुप्ता का सख्त निर्देश</a></strong></p> <p style=”text-align: justify;”><strong>Delhi News</strong>: भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने दिल्ली हाई कोर्ट में सिंगल जज के आदेश को चुनौती दी, जिसमें बिहार ओलंपिक संघ के मामलों की देखरेख के लिए गठित एड-हॉक कमेटी के गठन को रद्द कर दिया गया था. दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच ने हाई कोर्ट के सिंगल जज के फैसले के खिलाफ IOA की अपील पर बिहार ओलंपिक संघ को नोटिस जारी किया. &nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>दिल्ली HC के सिंगल जज का अहम आदेश &nbsp;</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>दिल्ली हाई कोर्ट के सिंगल जज ने अपने फैसले में कहा था कि बिहार ओलंपिक संघ को सुनवाई का मौका नहीं दिया गया और न ही उससे संबंधित दस्तावेजों को देखने का अवसर मिला, इससे पहले कि उसके प्रबंधन को एड-हॉक कमेटी को सौंपने का फैसला लिया गया. अदालत ने IOA को प्रक्रिया दोबारा शुरू करने के संबंध में जवाब दाखिल करने का समय दिया. &nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>IOA के वकील ने तर्क दिया कि सिंगल जज की टिप्पणियों को ध्यान में रखते हुए उन्हें यह निर्देश लेने का समय दिया जाए कि क्या पूरी प्रक्रिया को एक सदस्यीय तथ्यान्वेषण समिति के गठन के चरण से फिर से शुरू किया जा सकता है. कोर्ट ने कहा कि अगली तारीख पर मामला सूचीबद्ध किया जाएगा, ताकि वकील अपने निर्देश पूरे कर सकें. अदालत ने बिहार ओलंपिक संघ की ओर से पेश वकील नेहा सिंह से भी IOA के प्रस्ताव पर निर्देश लेने को कहा. दिल्ली हाई कोर्ट में अब इस याचिका पर अपना जवाब दाखिल करना है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>क्या है पूरा मामला ?&nbsp;</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>24 फरवरी को सिंगल जज ने बिहार ओलंपिक संघ के लिए गठित एड-हॉक कमेटी के गठन के निर्णय को रद्द कर दिया था और राज्य संघ को तीन महीने के भीतर चुनाव कराने का निर्देश दिया था. बिहार ओलंपिक संघ ने आरोप लगाया था कि नवंबर 2024 में उसके कामकाज और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कथित शिकायतों के आधार पर एक सदस्यीय तथ्यान्वेषण समिति की नियुक्ति एकतरफा और अवैध थी. साथ ही, IOA अध्यक्ष द्वारा 1 जनवरी को एड-हॉक कमेटी के गठन का आदेश भी टिकाऊ नहीं है. &nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>याचिकाकर्ता का मामले में आरोप</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>याचिकाकर्ता ने अपनी स्थिति की बहाली की मांग करते हुए कहा कि उसे उसके खिलाफ प्राप्त कथित शिकायतों के बारे में कभी सूचित नहीं किया गया और न ही उसे अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया. इस मामले में अगली सुनवाई मई में होगी.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>इसे भी पढ़ें: <a href=”https://www.abplive.com/states/delhi-ncr/rekha-gupta-zero-tolerance-on-corruption-order-for-medicines-in-hospitals-water-and-bus-ann-2918798″>’दिल्ली के अस्पतालों में दवाओं की किल्लत बर्दाश्त नहीं’ सीएम रेखा गुप्ता का सख्त निर्देश</a></strong></p>  दिल्ली NCR अयोध्या में रामनवमी पर भव्य महोत्सव की तैयारियां, दो लाख से अधिक दीपों से जगमग होगी रामनगरी