बिहार: नौकरी का झांसा देकर बंधक बनाए गए 600 युवाओं को पुलिस ने छुड़ाया, वसूली करने वाले 3 गिरफ्तार

बिहार: नौकरी का झांसा देकर बंधक बनाए गए 600 युवाओं को पुलिस ने छुड़ाया, वसूली करने वाले 3 गिरफ्तार

<p style=”text-align: justify;”><strong>Bihar News:</strong> बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में 79 नाबालिगों सहित लगभग 600 लोगों को धोखेबाजों के चंगुल से बचाया गया. पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी. पुलिस ने एक कंपनी से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया है. इस कंपनी के लोग कथित तौर पर युवाओं एवं नाबालिगों को फर्जी नौकरी की पेशकश करके बंदी बना लेते थे और उनके परिवारों से पैसे ऐंठते थे.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>पूर्वी चंपारण पुलिस ने एक बयान में कहा, ‘एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने जिले के रक्सौल में स्थित निजी कंपनी के परिसर पर छापा मारा और परिसर से 495 युवकों और 79 नाबालिग लड़कों को बचाया. पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और प्राथमिकी में नामजद 17 फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>पीड़ितों के माता-पिता से 15-20 हजार की जबरन वसूली</strong><br />प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह कंपनी नौकरी दिलाने का वादा करने के बाद लोगों को महीनों तक बंधक बनाकर रखती थी. बयान में कहा गया है, ‘कंपनी से जुड़े लोगों ने पीड़ितों के माता-पिता से 15,000 से 20,000 रुपये तक की जबरन वसूली भी की. जांच में यह भी पता चला है कि पीड़ितों को आरोपियों द्वारा शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया. बचाए गए सभी 79 नाबालिग लड़कों को पूर्वी चंपारण के जिला मुख्यालय मोतिहारी की बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>पुलिस ने मामले पर तुरन्त लिया एक्शन</strong><br />मोतिहारी पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बीती 29 मार्च को जानकारी देते हुए बताया कि मोतिहारी जिले के रक्सौल थानांतर्गत DBR ग्रुप द्वारा लड़कों को नौकरी का झांसा देकर बंधक बना लिया जाता था. लड़कों के परिजनों से नौकरी देने के नाम पर पैसा वसूला जाता था. उक्त घटना की जानकारी बच्चे के परेंटस के द्वारा वॉटसअप के माध्यम से मिलते ही मोतिहारी पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रक्सौल के नेतृत्व में DBR ग्रुप पर छापेमारी के दौरान बच्चों को वहां से मुक्त कराया गया.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>यह भी पढ़ें: <a title=”&lsquo;20 मिनट में 18 बार लिया लालू यादव का नाम, डर दिख रहा था&rsquo;, अमित शाह के भाषण पर RJD नेता का तंज” href=”https://www.abplive.com/states/bihar/rjd-mrityunjay-tiwari-targets-amit-shah-speech-mention-lalu-prasad-yadav-tejashwi-yadav-2916225″ target=”_blank” rel=”noopener”>&lsquo;20 मिनट में 18 बार लिया लालू यादव का नाम, डर दिख रहा था&rsquo;, अमित शाह के भाषण पर RJD नेता का तंज</a></strong></p> <p style=”text-align: justify;”><strong>Bihar News:</strong> बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में 79 नाबालिगों सहित लगभग 600 लोगों को धोखेबाजों के चंगुल से बचाया गया. पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी. पुलिस ने एक कंपनी से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया है. इस कंपनी के लोग कथित तौर पर युवाओं एवं नाबालिगों को फर्जी नौकरी की पेशकश करके बंदी बना लेते थे और उनके परिवारों से पैसे ऐंठते थे.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>पूर्वी चंपारण पुलिस ने एक बयान में कहा, ‘एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने जिले के रक्सौल में स्थित निजी कंपनी के परिसर पर छापा मारा और परिसर से 495 युवकों और 79 नाबालिग लड़कों को बचाया. पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और प्राथमिकी में नामजद 17 फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>पीड़ितों के माता-पिता से 15-20 हजार की जबरन वसूली</strong><br />प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह कंपनी नौकरी दिलाने का वादा करने के बाद लोगों को महीनों तक बंधक बनाकर रखती थी. बयान में कहा गया है, ‘कंपनी से जुड़े लोगों ने पीड़ितों के माता-पिता से 15,000 से 20,000 रुपये तक की जबरन वसूली भी की. जांच में यह भी पता चला है कि पीड़ितों को आरोपियों द्वारा शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया. बचाए गए सभी 79 नाबालिग लड़कों को पूर्वी चंपारण के जिला मुख्यालय मोतिहारी की बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>पुलिस ने मामले पर तुरन्त लिया एक्शन</strong><br />मोतिहारी पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बीती 29 मार्च को जानकारी देते हुए बताया कि मोतिहारी जिले के रक्सौल थानांतर्गत DBR ग्रुप द्वारा लड़कों को नौकरी का झांसा देकर बंधक बना लिया जाता था. लड़कों के परिजनों से नौकरी देने के नाम पर पैसा वसूला जाता था. उक्त घटना की जानकारी बच्चे के परेंटस के द्वारा वॉटसअप के माध्यम से मिलते ही मोतिहारी पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रक्सौल के नेतृत्व में DBR ग्रुप पर छापेमारी के दौरान बच्चों को वहां से मुक्त कराया गया.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>यह भी पढ़ें: <a title=”&lsquo;20 मिनट में 18 बार लिया लालू यादव का नाम, डर दिख रहा था&rsquo;, अमित शाह के भाषण पर RJD नेता का तंज” href=”https://www.abplive.com/states/bihar/rjd-mrityunjay-tiwari-targets-amit-shah-speech-mention-lalu-prasad-yadav-tejashwi-yadav-2916225″ target=”_blank” rel=”noopener”>&lsquo;20 मिनट में 18 बार लिया लालू यादव का नाम, डर दिख रहा था&rsquo;, अमित शाह के भाषण पर RJD नेता का तंज</a></strong></p>  बिहार ‘20 मिनट में 18 बार लिया लालू यादव का नाम, डर दिख रहा था’, अमित शाह के भाषण पर RJD नेता का तंज