मजीठिया ड्रग तस्करी केस, SIT हेड बदला:अब AIG वरुण शर्मा को सौंपी जांच; 2 और अफसर भी चेंज, पांचवी बार बदला इंचार्ज

मजीठिया ड्रग तस्करी केस, SIT हेड बदला:अब AIG वरुण शर्मा को सौंपी जांच; 2 और अफसर भी चेंज, पांचवी बार बदला इंचार्ज

पंजाब में शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम मजीठिया से जुड़े नशा तस्करी मामले की जांच कर रही SIT के प्रमुख को बदल दिया गया है। अब AIG वरुण कुमार जांच करेंगे। इससे पहले DIG एचएस भुल्लर SIT हेड रहे हैं। इसके अलावा 2 और अफसर बदले गए हैं। इसके अलावा, तरनतारन के SSP अभिमन्यु राणा और एसपी (एनआरआई), पटियाला, गुरबंस सिंह बैंस को SIT का सदस्य बनाया गया है। यह 5वीं बार है जब एसआईटी में बदलाव किया गया है। इससे पहले, एसआईटी का नेतृत्व हमेशा डीआईजी या उससे उच्च रैंक के अधिकारी करते थे। यह पहली बार है कि एसआईटी की कमान एआईजी रैंक के अधिकारी को सौंपी गई है। कांग्रेस सरकार के समय दर्ज हुआ था केस
बिक्रम सिंह मजीठिया पर दिसंबर 2021 में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में मजीठिया को जेल भी जाना पड़ा था। इस मामले में पहली एसआईटी का नेतृत्व एआईजी बलराज सिंह ने की थी। लेकिन, आम आदमी पार्टी की सरकार आने के बाद बलराज सिंह की जगह आईजी राहुल एस को एसआईटी प्रमुख बनाया गया था। चार्जशीट दाखिल करने में नाकाम रही थी SIT
हालांकि, एसआईटी मजीठिया के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने में असफल रही। इसके बाद मई 2023 में डीआईजी-कम-विजिलेंस ब्यूरो के निदेशक राहुल एस की जगह आईजीपी (पटियाला रेंज) एमएस छीना को एसआईटी प्रमुख नियुक्त किया गया। अन्य सदस्य वही रहे, जिनमें तत्कालीन एआईजी रंजीत सिंह ढिल्लों, डीएसपी (एसटीएफ, रूपनगर) रघबीर सिंह और डीएसपी (खरड़-2) अमरप्रीत सिंह शामिल थे। वहीं, आईजी गुरशरण सिंह संधू को जांच टीम की प्रगति की निगरानी करने की जिम्मेदारी दी गई थी। ये अफसर कर चुके जांच
इस बीच, जब छीना को अतिरिक्त डीजीपी के पद पर पदोन्नत किया गया, तो उन्होंने दिसंबर 2024 में अपनी सेवानिवृत्ति तक एसआईटी प्रमुख के रूप में मजीठिया मामले की जांच जारी रखी। जनवरी 2024 में सरकार ने डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर के नेतृत्व में एक और एसआईटी का गठन किया। तीन सदस्यीय एसआईटी में तत्कालीन पटियाला एसएसपी वरुण शर्मा और धुरी एसपी योगेश शर्मा इसके सदस्य थे। आखिरी बार मजीठिया से 2 दिन तक 8-8 घंटे पूछताछ
टीम ने आखिरी बार मार्च में मजीठिया से दो दिनों तक रोजाना आठ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद जिसमें मजीठिया को उनके खिलाफ ड्रग्स मामले की जांच कर रही एसआईटी के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया था। इससे पहले, मजीठिया ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा था कि पुलिस के पास उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है, जिसके कारण वह कोई चालान पेश नहीं कर सकी। कुछ दिन पहले जारी किया था वीडियो
कुछ दिन पहले मजीठिया की तरफ से एक वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर जारी किया गया था। उनकी तरफ से दावा किया गया था कि जल्दी ही इस मामले में सरकार कोई कार्रवाई कर सकती है। उनके घर की चेकिंग तक हो सकती है। क्योंकि पहले मामले में कोई सरकार को कुछ नहीं मिला है। अब 2027 के चुनाव से पहले कुछ और करने की तैयारी में है। हालांकि वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा का कहना है कि अगर मजीठिया सच्चे हैं तो उन्हें डरने की जरूर जरूरत नहीं है। एसआईटी नियमों के मुताबिक ही कार्रवाई कर रही है। पंजाब में शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम मजीठिया से जुड़े नशा तस्करी मामले की जांच कर रही SIT के प्रमुख को बदल दिया गया है। अब AIG वरुण कुमार जांच करेंगे। इससे पहले DIG एचएस भुल्लर SIT हेड रहे हैं। इसके अलावा 2 और अफसर बदले गए हैं। इसके अलावा, तरनतारन के SSP अभिमन्यु राणा और एसपी (एनआरआई), पटियाला, गुरबंस सिंह बैंस को SIT का सदस्य बनाया गया है। यह 5वीं बार है जब एसआईटी में बदलाव किया गया है। इससे पहले, एसआईटी का नेतृत्व हमेशा डीआईजी या उससे उच्च रैंक के अधिकारी करते थे। यह पहली बार है कि एसआईटी की कमान एआईजी रैंक के अधिकारी को सौंपी गई है। कांग्रेस सरकार के समय दर्ज हुआ था केस
बिक्रम सिंह मजीठिया पर दिसंबर 2021 में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में मजीठिया को जेल भी जाना पड़ा था। इस मामले में पहली एसआईटी का नेतृत्व एआईजी बलराज सिंह ने की थी। लेकिन, आम आदमी पार्टी की सरकार आने के बाद बलराज सिंह की जगह आईजी राहुल एस को एसआईटी प्रमुख बनाया गया था। चार्जशीट दाखिल करने में नाकाम रही थी SIT
हालांकि, एसआईटी मजीठिया के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने में असफल रही। इसके बाद मई 2023 में डीआईजी-कम-विजिलेंस ब्यूरो के निदेशक राहुल एस की जगह आईजीपी (पटियाला रेंज) एमएस छीना को एसआईटी प्रमुख नियुक्त किया गया। अन्य सदस्य वही रहे, जिनमें तत्कालीन एआईजी रंजीत सिंह ढिल्लों, डीएसपी (एसटीएफ, रूपनगर) रघबीर सिंह और डीएसपी (खरड़-2) अमरप्रीत सिंह शामिल थे। वहीं, आईजी गुरशरण सिंह संधू को जांच टीम की प्रगति की निगरानी करने की जिम्मेदारी दी गई थी। ये अफसर कर चुके जांच
इस बीच, जब छीना को अतिरिक्त डीजीपी के पद पर पदोन्नत किया गया, तो उन्होंने दिसंबर 2024 में अपनी सेवानिवृत्ति तक एसआईटी प्रमुख के रूप में मजीठिया मामले की जांच जारी रखी। जनवरी 2024 में सरकार ने डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर के नेतृत्व में एक और एसआईटी का गठन किया। तीन सदस्यीय एसआईटी में तत्कालीन पटियाला एसएसपी वरुण शर्मा और धुरी एसपी योगेश शर्मा इसके सदस्य थे। आखिरी बार मजीठिया से 2 दिन तक 8-8 घंटे पूछताछ
टीम ने आखिरी बार मार्च में मजीठिया से दो दिनों तक रोजाना आठ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद जिसमें मजीठिया को उनके खिलाफ ड्रग्स मामले की जांच कर रही एसआईटी के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया था। इससे पहले, मजीठिया ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा था कि पुलिस के पास उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है, जिसके कारण वह कोई चालान पेश नहीं कर सकी। कुछ दिन पहले जारी किया था वीडियो
कुछ दिन पहले मजीठिया की तरफ से एक वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर जारी किया गया था। उनकी तरफ से दावा किया गया था कि जल्दी ही इस मामले में सरकार कोई कार्रवाई कर सकती है। उनके घर की चेकिंग तक हो सकती है। क्योंकि पहले मामले में कोई सरकार को कुछ नहीं मिला है। अब 2027 के चुनाव से पहले कुछ और करने की तैयारी में है। हालांकि वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा का कहना है कि अगर मजीठिया सच्चे हैं तो उन्हें डरने की जरूर जरूरत नहीं है। एसआईटी नियमों के मुताबिक ही कार्रवाई कर रही है।   पंजाब | दैनिक भास्कर