डेंगू, मलेरिया, जैपनिज इन्सेफलाइटिस, दिमागी बुखार जैसे रोगों पर नियंत्रण करने के लिए सरकार पहली अप्रैल से विशेष संचारी अभियान चला रही है। डिप्टी सीएम स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने लखनऊ के इंदिरा नगर के राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान में नई एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रदेश को 250 एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) नई एम्बुलेंस भी मिली हैं। स्वास्थ्य विभाग सहित कुल 13 विभागों के सहयोग से ये अभियान संचालित होगा। अभियान का पहला राउंड एक अप्रैल से 30 अप्रैल तक चलेगा। इसके साथ ही दस्तक अभियान की शुरुआत हुई है। एम्बुलेंस रिस्पांस टाइम सबसे कम होने का दावा इस दौरान 125 नई एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस जोड़ी जाएंगी अब प्रदेश प्रदेश में ALC एंबुलेंसों की संख्या 250 से बढ़कर 375 हो गई है। वर्ष 2017 से पूर्व 108 एम्बुलेंस का औसतन रिस्पांस टाइम 16.40 मिनट था, जो अब घटकर वर्तमान में 7.7 मिनट हो गया है। वर्ष 2017 में 102 एम्बुलेंस का औसतन रिस्पांस टाइम 9.5 मिनट था, जो अब घटकर वर्तमान में 6.25 मिनट हो गया है। सबसे कम रिस्पॉन्स टाइम में यूपी देश में पहले नंबर पर है। सबसे कम रिस्पॉन्स टाइम के चलते लाखों मरीजों की जान बचाई गई है। मलेरिया के कुल मामलों में 58% आई कमी साल 2017 की तुलना में AES (एक्यूट इन्सेफलाइटिस सिंड्रोम) रोगियों की मृत्यु दर में 98% और JE यानि जापानी इंसेफेलाटिस के रोगियों की मृत्यु दर में 97% की कमी आई है। 2017 के बाद सुविधाओं में निरंतर सुधार के चलते डेंगू रोग से मृत्यु दर 0.91% से घटकर वर्ष 2024 में 0.06% हुई है। डेंगू रोग की मृत्यु दर में 93% की कमी आई हैं। मलेरिया रोग के कुल केस में 58 % की कमी आई है। मलेरिया जांचों में 6.12% की बढ़ोतरी हुई है। संवेदनशील इलाकों पर फोकस डिप्टी सीएम ने कहा डेंगू, मलेरिया और दूसरे संचारी रोगों के लिए संवेदनशील इलाकों को चिह्नित किया जाय। इन इलाकों में फागिंग, एंटीलार्वा का छिड़काव कराया जाये। साफ-सफाई कराई जाये। लोगों को रोगों से बचाव के प्रति जागरूक किया जाय। बुखार आदि के मरीज मिलने पर कैंप लगाकर जांच कराई जाय। ब्रजेश पाठक ने कहा कि बुखार को नजरअंदाज न करें। तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन हो रहा है। डॉक्टर की सलाह, जांच और मुफ्त दवा वितरित की जा रही है। इलाज में लापरवाही न बरतें। समय पर जांच व इलाज से बीमारी पूरी तरह से काबू में आ सकती है। मरीजों को भर्ती करने के लिए अस्पतालों में पर्याप्त बेड हैं। 13 विभाग मिलकर करेंगे काम सरकार स्वास्थ्य, ग्राम विकास, नगर विकास, कृषि, पशुपालन समेत 13 विभागों के समन्वय से अभियान को सफल बनाने को कहा गया है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार फागिंग होगी। एंटीलार्वा का छिड़काव कराया जाएगा। सफाई अभियान चलाया जाएगा ताकि संचारी रोगों से लोगों को बचाया जा सके। स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर जांच करेंगे। घरों में पनपे लार्वा को खत्म करने में मदद करेंगे। डेंगू-मलेरिया का मरीज मिलने पर घर के बाकी सदस्य व उसके आसपास के लोगों की भी जांच कराई जाएगी। विभागों को करनी होगी ये पहल दुनिया की सबसे बड़ी खरीद का दावा, मिली 2554 नई एम्बुलेंस यूपी एमएससीएल के माध्यम से 2554 नई एंबुलेंस खरीदी गई हैं। दावा हैं कि दुनिया भर में एक साथ इतने बड़े पैमाने पर पहली बार एम्बुलेंस ली गई हैं। मौजूदा समय यूपी में एंबुलेंस सेवा के माध्यम से प्रदेश में औसतन रोजाना 16,703 मरीजों को सहायता प्रदान की जा रही है। यह सेवा गर्भवती महिलाओं, शिशुओं और 5 साल तक के बच्चों को मुफ्त में एंबुलेंस सेवा प्रदान करती है। डेंगू, मलेरिया, जैपनिज इन्सेफलाइटिस, दिमागी बुखार जैसे रोगों पर नियंत्रण करने के लिए सरकार पहली अप्रैल से विशेष संचारी अभियान चला रही है। डिप्टी सीएम स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने लखनऊ के इंदिरा नगर के राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान में नई एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रदेश को 250 एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) नई एम्बुलेंस भी मिली हैं। स्वास्थ्य विभाग सहित कुल 13 विभागों के सहयोग से ये अभियान संचालित होगा। अभियान का पहला राउंड एक अप्रैल से 30 अप्रैल तक चलेगा। इसके साथ ही दस्तक अभियान की शुरुआत हुई है। एम्बुलेंस रिस्पांस टाइम सबसे कम होने का दावा इस दौरान 125 नई एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस जोड़ी जाएंगी अब प्रदेश प्रदेश में ALC एंबुलेंसों की संख्या 250 से बढ़कर 375 हो गई है। वर्ष 2017 से पूर्व 108 एम्बुलेंस का औसतन रिस्पांस टाइम 16.40 मिनट था, जो अब घटकर वर्तमान में 7.7 मिनट हो गया है। वर्ष 2017 में 102 एम्बुलेंस का औसतन रिस्पांस टाइम 9.5 मिनट था, जो अब घटकर वर्तमान में 6.25 मिनट हो गया है। सबसे कम रिस्पॉन्स टाइम में यूपी देश में पहले नंबर पर है। सबसे कम रिस्पॉन्स टाइम के चलते लाखों मरीजों की जान बचाई गई है। मलेरिया के कुल मामलों में 58% आई कमी साल 2017 की तुलना में AES (एक्यूट इन्सेफलाइटिस सिंड्रोम) रोगियों की मृत्यु दर में 98% और JE यानि जापानी इंसेफेलाटिस के रोगियों की मृत्यु दर में 97% की कमी आई है। 2017 के बाद सुविधाओं में निरंतर सुधार के चलते डेंगू रोग से मृत्यु दर 0.91% से घटकर वर्ष 2024 में 0.06% हुई है। डेंगू रोग की मृत्यु दर में 93% की कमी आई हैं। मलेरिया रोग के कुल केस में 58 % की कमी आई है। मलेरिया जांचों में 6.12% की बढ़ोतरी हुई है। संवेदनशील इलाकों पर फोकस डिप्टी सीएम ने कहा डेंगू, मलेरिया और दूसरे संचारी रोगों के लिए संवेदनशील इलाकों को चिह्नित किया जाय। इन इलाकों में फागिंग, एंटीलार्वा का छिड़काव कराया जाये। साफ-सफाई कराई जाये। लोगों को रोगों से बचाव के प्रति जागरूक किया जाय। बुखार आदि के मरीज मिलने पर कैंप लगाकर जांच कराई जाय। ब्रजेश पाठक ने कहा कि बुखार को नजरअंदाज न करें। तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन हो रहा है। डॉक्टर की सलाह, जांच और मुफ्त दवा वितरित की जा रही है। इलाज में लापरवाही न बरतें। समय पर जांच व इलाज से बीमारी पूरी तरह से काबू में आ सकती है। मरीजों को भर्ती करने के लिए अस्पतालों में पर्याप्त बेड हैं। 13 विभाग मिलकर करेंगे काम सरकार स्वास्थ्य, ग्राम विकास, नगर विकास, कृषि, पशुपालन समेत 13 विभागों के समन्वय से अभियान को सफल बनाने को कहा गया है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार फागिंग होगी। एंटीलार्वा का छिड़काव कराया जाएगा। सफाई अभियान चलाया जाएगा ताकि संचारी रोगों से लोगों को बचाया जा सके। स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर जांच करेंगे। घरों में पनपे लार्वा को खत्म करने में मदद करेंगे। डेंगू-मलेरिया का मरीज मिलने पर घर के बाकी सदस्य व उसके आसपास के लोगों की भी जांच कराई जाएगी। विभागों को करनी होगी ये पहल दुनिया की सबसे बड़ी खरीद का दावा, मिली 2554 नई एम्बुलेंस यूपी एमएससीएल के माध्यम से 2554 नई एंबुलेंस खरीदी गई हैं। दावा हैं कि दुनिया भर में एक साथ इतने बड़े पैमाने पर पहली बार एम्बुलेंस ली गई हैं। मौजूदा समय यूपी में एंबुलेंस सेवा के माध्यम से प्रदेश में औसतन रोजाना 16,703 मरीजों को सहायता प्रदान की जा रही है। यह सेवा गर्भवती महिलाओं, शिशुओं और 5 साल तक के बच्चों को मुफ्त में एंबुलेंस सेवा प्रदान करती है। उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर
यूपी में विशेष संचारी रोग अभियान का आगाज:डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने 2554 नई एम्बुलेंस को दिखाई झंडी, 250 ALS एम्बुलेंस मिलीं
