<p style=”text-align: justify;”><strong>Mahakumbh 2025 News:</strong> उत्तर प्रदेश स्थित प्रयागराज में बीते 13 जनवरी से शुरू महाकुंभ मेले ने ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाए हैं. आज 26 फरवरी महाशिवरात्री को महाकुंभ का औपचारिक समापन हो गया. 45 दिनों के इस धार्मिक आयोजन में आस्था, आध्यात्म और भव्यता की झलक देखने को मिली. महाकुंभ आयोजन के दौरान अमृत स्नान के मौके पर श्रद्धालु की गजब आस्था देखने को मिली है. महाकुंभ आयोजन के महत्व 11 प्रमुख बिंदुओं पर समझेंगे.</p>
<ul>
<li style=”text-align: justify;”>महाकुंभ में श्रद्धालुओं की अप्रत्याशित संख्या ने कई अनूठे रिकॉर्ड कायम किए. 13 जनवरी से शुरू हुए महाकुंभ में 66 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु आए. दुनिया में इससे ज्यादा जनसंख्या सिर्फ भारत और चीन की ही है. अंतिम 12 दिन में हर दिन एक करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु महाकुंभ में संगम स्नान के लिए पहुंचे.</li>
<li style=”text-align: justify;”>महाकुंभ में श्रद्धालुओं की संख्या ने जहां इतिहास रचा, वही मौनी अमावस्या पर संगम में हुई भगदड़ और नई दिल्ली में रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ की घटना ने इस महा आयोजन को धूमिल करने का काम किया. संगम में हुई भगदड़ में 30 श्रद्धालुओं की मौत हुई थी जबकि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई घटना में 15 यात्री मौत की नींद सोए.</li>
<li style=”text-align: justify;”>महाकुंभ ने भारत के आध्यात्मिक वैभव की पताका समुचित दुनिया में लहराई. पूरी दुनिया ने भारत के आध्यात्म और सनातन की संस्कृति का लोहा माना. दुनिया के सौ ज्यादा देशों से श्रद्धालु और पर्यटक महाकुंभ पहुंचे.</li>
<li style=”text-align: justify;”>आम लोगों के साथ ही खास लोगों में भी महाकुंभ में संगम स्नान करने की ललक दिखाई दी. राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री रक्षा मंत्री और तमाम राज्यों के गवर्नर व मुख्यमंत्री के साथ ही उद्योग – फिल्म, खेल जगत की तमाम हस्तियों ने भी महाकुंभ पहुंचकर त्रिवेणी की धारा में स्नान किया.</li>
<li style=”text-align: justify;”>प्रयागराज महाकुंभ में कई कीर्तिमान भी बने. गंगा की सफाई और सड़कों की सफाई से लेकर दस हजार लोगों के हाथ की छाप से तैयार की गई अनूठी पेंटिंग को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में जगह दी गई. महाकुंभ में लगातार श्रद्धालुओं की भारी भीड़ आने की वजह से एक ही सड़क पर सैकड़ो शटल बस चलने का कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जा सका.</li>
<li style=”text-align: justify;”>महाकुंभ में संगम के पास गंगा जल के प्रदूषण को लेकर केंद्र और यूपी सरकार की अलग-अलग रिपोर्ट पर खूब कोहराम मचा. हालांकि गंगाजल के प्रदूषित होने के दावों को सिरे से नकारते हुए श्रद्धालुओं की भीड़ ने त्रिवेणी की धारा में आस्था की डुबकी लगाने में कोई हिचक नहीं दिखाई.</li>
<li style=”text-align: justify;”>प्रयागराज महाकुंभ में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पंख लगाए. हजारों की संख्या में लोगों को रोजगार मिला. अरबों रुपए का कारोबार हुआ. महाकुंभ की वजह से यूपी की जीडीपी में भी सुधार हुआ है.</li>
<li style=”text-align: justify;”>महाकुंभ का आयोजन वैसे तो हर क्षेत्र में दिव्य और भव्य तरीके से हुआ, लेकिन स्वच्छता और अग्निशमन विभाग यानी फायर डिपार्मेंट के काम पर बेमिसाल रहे. करोड़ों की भीड़ में भी पूरा मेला चमकता हुआ नजर आया, तो पूरे मेला अवधि के दौरान तकरीबन 100 जगहों पर लगी आग को फायर ब्रिगेड ने हर जगह तत्परता से बुझाया. फायर डिपार्टमेंट ने तेजी दिखाते हुए किसी भी घटना में एक भी श्रद्धालु को नुकसान नहीं होने दिया.</li>
<li style=”text-align: justify;”>महाकुंभ ने सनातनियों की एकता और सामाजिक समरसता का बड़ा संदेश दिया. यहां पहुंचे श्रद्धालुओं में ना अमीर गरीब का भेद था, न जाति का, न क्षेत्र का और ना ही बोली वह भाषा का. पूरा भारत यहां एकता के सूत्र में पिरोया हुआ नजर आया.</li>
<li style=”text-align: justify;”>प्रयागराज महाकुंभ अगर अपनी दिव्यता और भव्यता के साथ ही श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड तोड़ संख्या की वजह से जाना जाएगा, तो महाकुंभ के आयोजन के चलते देश के तकरीबन एक तिहाई हिस्से में ट्रैफिक जाम और रेलवे स्टेशनों पर मारामारी की नौबत ने भी आस्था के इस सबसे बड़े समागम को चर्चाओं में बनाए रखा. महाकुंभ की वजह से अकेले प्रयागराज या उत्तर प्रदेश नहीं बल्कि देश के कई हिस्सों में जाम लगा. ट्रेनों पर सीट पाने को लेकर देश के हर हिस्से में यात्रियों में मारामारी हुई.</li>
<li style=”text-align: justify;”>प्रयागराज महाकुंभ के सफल आयोजन से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सनातन और हिंदुत्व के सबसे लोकप्रिय चेहरे के तौर पर उभर कर सामने आए. कई किलोमीटर पैदल चलकर संगम पहुंचे 90 फ़ीसदी से ज्यादा श्रद्धालुओं ने योगी सरकार द्वारा <a title=”महाकुंभ” href=”https://www.abplive.com/mahakumbh-mela” data-type=”interlinkingkeywords”>महाकुंभ</a> में की गई व्यवस्थाओं की जमकर तारीफ की और सीएम योगी का आभार जताया. श्रद्धालुओं ने कहा भी कि यह सारा कुछ सिर्फ और सिर्फ सीएम <a title=”योगी आदित्यनाथ” href=”https://www.abplive.com/topic/yogi-adityanath” data-type=”interlinkingkeywords”>योगी आदित्यनाथ</a> की वजह से ही संभव हो सका है.</li>
</ul>
<p style=”text-align: justify;”>ये भी पढ़ें: <a href=”https://www.abplive.com/states/up-uk/dhami-government-preparations-for-chardham-yatra-advisory-will-be-issued-regarding-health-services-ann-2892744″><strong>चारधाम यात्रा की तैयारियों में जुटी धामी सरकार, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जारी होगी एडवाइजरी</strong></a></p> <p style=”text-align: justify;”><strong>Mahakumbh 2025 News:</strong> उत्तर प्रदेश स्थित प्रयागराज में बीते 13 जनवरी से शुरू महाकुंभ मेले ने ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाए हैं. आज 26 फरवरी महाशिवरात्री को महाकुंभ का औपचारिक समापन हो गया. 45 दिनों के इस धार्मिक आयोजन में आस्था, आध्यात्म और भव्यता की झलक देखने को मिली. महाकुंभ आयोजन के दौरान अमृत स्नान के मौके पर श्रद्धालु की गजब आस्था देखने को मिली है. महाकुंभ आयोजन के महत्व 11 प्रमुख बिंदुओं पर समझेंगे.</p>
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<li style=”text-align: justify;”>महाकुंभ में श्रद्धालुओं की अप्रत्याशित संख्या ने कई अनूठे रिकॉर्ड कायम किए. 13 जनवरी से शुरू हुए महाकुंभ में 66 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु आए. दुनिया में इससे ज्यादा जनसंख्या सिर्फ भारत और चीन की ही है. अंतिम 12 दिन में हर दिन एक करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु महाकुंभ में संगम स्नान के लिए पहुंचे.</li>
<li style=”text-align: justify;”>महाकुंभ में श्रद्धालुओं की संख्या ने जहां इतिहास रचा, वही मौनी अमावस्या पर संगम में हुई भगदड़ और नई दिल्ली में रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ की घटना ने इस महा आयोजन को धूमिल करने का काम किया. संगम में हुई भगदड़ में 30 श्रद्धालुओं की मौत हुई थी जबकि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई घटना में 15 यात्री मौत की नींद सोए.</li>
<li style=”text-align: justify;”>महाकुंभ ने भारत के आध्यात्मिक वैभव की पताका समुचित दुनिया में लहराई. पूरी दुनिया ने भारत के आध्यात्म और सनातन की संस्कृति का लोहा माना. दुनिया के सौ ज्यादा देशों से श्रद्धालु और पर्यटक महाकुंभ पहुंचे.</li>
<li style=”text-align: justify;”>आम लोगों के साथ ही खास लोगों में भी महाकुंभ में संगम स्नान करने की ललक दिखाई दी. राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री रक्षा मंत्री और तमाम राज्यों के गवर्नर व मुख्यमंत्री के साथ ही उद्योग – फिल्म, खेल जगत की तमाम हस्तियों ने भी महाकुंभ पहुंचकर त्रिवेणी की धारा में स्नान किया.</li>
<li style=”text-align: justify;”>प्रयागराज महाकुंभ में कई कीर्तिमान भी बने. गंगा की सफाई और सड़कों की सफाई से लेकर दस हजार लोगों के हाथ की छाप से तैयार की गई अनूठी पेंटिंग को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में जगह दी गई. महाकुंभ में लगातार श्रद्धालुओं की भारी भीड़ आने की वजह से एक ही सड़क पर सैकड़ो शटल बस चलने का कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जा सका.</li>
<li style=”text-align: justify;”>महाकुंभ में संगम के पास गंगा जल के प्रदूषण को लेकर केंद्र और यूपी सरकार की अलग-अलग रिपोर्ट पर खूब कोहराम मचा. हालांकि गंगाजल के प्रदूषित होने के दावों को सिरे से नकारते हुए श्रद्धालुओं की भीड़ ने त्रिवेणी की धारा में आस्था की डुबकी लगाने में कोई हिचक नहीं दिखाई.</li>
<li style=”text-align: justify;”>प्रयागराज महाकुंभ में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पंख लगाए. हजारों की संख्या में लोगों को रोजगार मिला. अरबों रुपए का कारोबार हुआ. महाकुंभ की वजह से यूपी की जीडीपी में भी सुधार हुआ है.</li>
<li style=”text-align: justify;”>महाकुंभ का आयोजन वैसे तो हर क्षेत्र में दिव्य और भव्य तरीके से हुआ, लेकिन स्वच्छता और अग्निशमन विभाग यानी फायर डिपार्मेंट के काम पर बेमिसाल रहे. करोड़ों की भीड़ में भी पूरा मेला चमकता हुआ नजर आया, तो पूरे मेला अवधि के दौरान तकरीबन 100 जगहों पर लगी आग को फायर ब्रिगेड ने हर जगह तत्परता से बुझाया. फायर डिपार्टमेंट ने तेजी दिखाते हुए किसी भी घटना में एक भी श्रद्धालु को नुकसान नहीं होने दिया.</li>
<li style=”text-align: justify;”>महाकुंभ ने सनातनियों की एकता और सामाजिक समरसता का बड़ा संदेश दिया. यहां पहुंचे श्रद्धालुओं में ना अमीर गरीब का भेद था, न जाति का, न क्षेत्र का और ना ही बोली वह भाषा का. पूरा भारत यहां एकता के सूत्र में पिरोया हुआ नजर आया.</li>
<li style=”text-align: justify;”>प्रयागराज महाकुंभ अगर अपनी दिव्यता और भव्यता के साथ ही श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड तोड़ संख्या की वजह से जाना जाएगा, तो महाकुंभ के आयोजन के चलते देश के तकरीबन एक तिहाई हिस्से में ट्रैफिक जाम और रेलवे स्टेशनों पर मारामारी की नौबत ने भी आस्था के इस सबसे बड़े समागम को चर्चाओं में बनाए रखा. महाकुंभ की वजह से अकेले प्रयागराज या उत्तर प्रदेश नहीं बल्कि देश के कई हिस्सों में जाम लगा. ट्रेनों पर सीट पाने को लेकर देश के हर हिस्से में यात्रियों में मारामारी हुई.</li>
<li style=”text-align: justify;”>प्रयागराज महाकुंभ के सफल आयोजन से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सनातन और हिंदुत्व के सबसे लोकप्रिय चेहरे के तौर पर उभर कर सामने आए. कई किलोमीटर पैदल चलकर संगम पहुंचे 90 फ़ीसदी से ज्यादा श्रद्धालुओं ने योगी सरकार द्वारा <a title=”महाकुंभ” href=”https://www.abplive.com/mahakumbh-mela” data-type=”interlinkingkeywords”>महाकुंभ</a> में की गई व्यवस्थाओं की जमकर तारीफ की और सीएम योगी का आभार जताया. श्रद्धालुओं ने कहा भी कि यह सारा कुछ सिर्फ और सिर्फ सीएम <a title=”योगी आदित्यनाथ” href=”https://www.abplive.com/topic/yogi-adityanath” data-type=”interlinkingkeywords”>योगी आदित्यनाथ</a> की वजह से ही संभव हो सका है.</li>
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<p style=”text-align: justify;”>ये भी पढ़ें: <a href=”https://www.abplive.com/states/up-uk/dhami-government-preparations-for-chardham-yatra-advisory-will-be-issued-regarding-health-services-ann-2892744″><strong>चारधाम यात्रा की तैयारियों में जुटी धामी सरकार, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जारी होगी एडवाइजरी</strong></a></p> उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड छत्तीसगढ़ के सरगुजा में एसयूवी और ट्रक में टक्कर, पांच लोगों की मौत, शिव मंदिर से दर्शन कर लौट रहे थे सभी
महाकुंभ की बड़ी बातें, कई अनूठे रिकॉर्ड बने, पेंटिंग को गिनीज बुक में मिली जगह
