रेवाड़ी में ग्रैप-वन की पाबंदियां लागू:हवा में बढ़ा प्रदूषण का स्तर; कचरा, कोयला और लकड़ियां जलाने पर रोक

रेवाड़ी में ग्रैप-वन की पाबंदियां लागू:हवा में बढ़ा प्रदूषण का स्तर; कचरा, कोयला और लकड़ियां जलाने पर रोक

हरियाणा के रेवाड़ी में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है, जिसके चलते केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की ओर से रेवाड़ी जिला सहित एनसीआर क्षेत्र में लागू किए गए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) वन के तहत संबंधित विभागों को जरूरी दिशा निर्देश दिए हैं। डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि जिला रेवाड़ी में ग्रेप- वन की पाबंदी लागू हो गई हैं, जिसके लिए हमें प्रदूषण नियंत्रण उपायों को पूरी गंभीरता से अपनाना होगा। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, शहरी निकायों, एचएसआईआईडीसी सहित अन्य संबंधित विभागाध्यक्षों को कड़े निर्देश दिए कि वे जिला में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाएं। सभी विभाग जिला में एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी वायु गुणवत्ता सूचकांक को नियंत्रित रखने लिए जमीनी स्तर पर मिलकर काम करें। कहीं भी नहीं जलेगा कोयला और लकड़ी
इस साल हवा की गुणवत्ता पिछले साल के मुकाबले छह दिन बाद खराब की श्रेणी में पहुंचने पर ग्रेप-1 लागू कर दिया गया है। इसके तहत समय अवधि पूरी कर चुके पेट्रोल-डीजल वाहन नहीं चलेंगे। कचरा, कोयला और लकड़ियां जलाने पर पूरी तरह से रोक रहेगी। डीजल जनरेटर चलाने पर पाबंदी रहेगी। वाहनों को रखना होगा अप-टू-डेट
आम लोगों को अपने वाहनों के इंजन ठीक रखने होंगे, जिससे प्रदूषण न फैले। टायरों में हवा का दबाव ठीक रखना होगा। पीयूसी सर्टिफिकेट अपडेट रखने के साथ ही रेड लाइट पर इंजन बंद करना होगा। खुली जगह में कचरा फेंकने पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। अपंजीकृत निर्माण पर लगी रोक
इसके अलावा अपंजीकृत 500 वर्ग मीटर और बड़े भूखंडों में निर्माण व ढहाने पर रोक रहेगी। पंजीकृत निर्माणाधीन या ढहाने वाले भवनों के पास धूल-ध्वनि प्रदूषण रोकने के इंतजाम करने होंगे। निर्माण स्थल पर स्मॉग गन का इस्तेमाल करना होता है। नगर निगम को नियमित रूप से रोज कूड़ा, मलबा और खतरनाक कचरा उठा कर निस्तारित करना होग। सड़कों की मशीन से सफाई व पानी का छिड़काव किया जाता है। हरियाणा के रेवाड़ी में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है, जिसके चलते केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की ओर से रेवाड़ी जिला सहित एनसीआर क्षेत्र में लागू किए गए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) वन के तहत संबंधित विभागों को जरूरी दिशा निर्देश दिए हैं। डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि जिला रेवाड़ी में ग्रेप- वन की पाबंदी लागू हो गई हैं, जिसके लिए हमें प्रदूषण नियंत्रण उपायों को पूरी गंभीरता से अपनाना होगा। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, शहरी निकायों, एचएसआईआईडीसी सहित अन्य संबंधित विभागाध्यक्षों को कड़े निर्देश दिए कि वे जिला में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाएं। सभी विभाग जिला में एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी वायु गुणवत्ता सूचकांक को नियंत्रित रखने लिए जमीनी स्तर पर मिलकर काम करें। कहीं भी नहीं जलेगा कोयला और लकड़ी
इस साल हवा की गुणवत्ता पिछले साल के मुकाबले छह दिन बाद खराब की श्रेणी में पहुंचने पर ग्रेप-1 लागू कर दिया गया है। इसके तहत समय अवधि पूरी कर चुके पेट्रोल-डीजल वाहन नहीं चलेंगे। कचरा, कोयला और लकड़ियां जलाने पर पूरी तरह से रोक रहेगी। डीजल जनरेटर चलाने पर पाबंदी रहेगी। वाहनों को रखना होगा अप-टू-डेट
आम लोगों को अपने वाहनों के इंजन ठीक रखने होंगे, जिससे प्रदूषण न फैले। टायरों में हवा का दबाव ठीक रखना होगा। पीयूसी सर्टिफिकेट अपडेट रखने के साथ ही रेड लाइट पर इंजन बंद करना होगा। खुली जगह में कचरा फेंकने पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। अपंजीकृत निर्माण पर लगी रोक
इसके अलावा अपंजीकृत 500 वर्ग मीटर और बड़े भूखंडों में निर्माण व ढहाने पर रोक रहेगी। पंजीकृत निर्माणाधीन या ढहाने वाले भवनों के पास धूल-ध्वनि प्रदूषण रोकने के इंतजाम करने होंगे। निर्माण स्थल पर स्मॉग गन का इस्तेमाल करना होता है। नगर निगम को नियमित रूप से रोज कूड़ा, मलबा और खतरनाक कचरा उठा कर निस्तारित करना होग। सड़कों की मशीन से सफाई व पानी का छिड़काव किया जाता है।   हरियाणा | दैनिक भास्कर