रोहतक से अपहरण कर दादरी के गांव पैंतावास कलां में जिंदा गाड़ दिए गए टीचर जगदीप अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। मां बचपन में ही छोड़कर चली गई, जिसके बाद बुआ उन्हें रोहतक ले आई और यहीं पर पालन पोषण कर बड़ा किया। मृतक टीचर जगदीप के ताऊ के बेटे जसवंत ने बताया कि जगदीप की शादी रोहतक में बुआ के घर से ही हुई थी। महम के पास बड़ाली गांव में उसका ससुराल है। पत्नी प्रोमिला के साथ उसका चार साल से झगड़ा चल रहा था जिसके चलते पत्नी मायके में रह रही थी। उसकी 12 साल की एक बेटी भी है। पत्नी को पुलिस ने जगदीप की मौत के बारे में सूचित किया था। इसके बाद पत्नी पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार के मौके पर पहुंची थी। जगदीप की बेटी पिता को नहीं देख पाई। वह बचपन से ही मां के साथ रह रही है। झज्जर के मांडोठी गांव में जन्म, 1 साल का था जब बुआ रोहतक ले गई
टीचर जगदीप का जन्म झज्जर जिले के मांडोठी गांव में हुआ। उसकी उम्र 46 साल के करीब थी। जब वह एक साल का था तभी उसकी मां छोड़कर चली गई। इसके बाद बुआ उसे अपने साथ रोहतक ले गई। जन्म के एक साल बाद ही अलग हो गए माता-पिता
चचेरे भाई अनिल ने बताया कि जगदीप के जन्म के 1 साल बाद ही उसके माता-पिता एक-दूसरे से अलग हो गए। बिना मां के बच्चे को बुआ श्यामो देवी अपने साथ रोहतक ले गई। अब उसके पिता महेंद्र सिंह और माता निर्मला दोनों की मौत हो चुकी है। बुआ श्यामो देवी ने पढ़ा-लिखवाकर उसे नौकरी लगवाया था। रोहतक में रहकर ही 12वीं के बाद शास्त्री की
बुआ के पास रहकर ही रोहतक में जगदीप ने पढ़ाई की। 12वीं करने के बाद उसने शास्त्री की, लेकिन कहीं नौकरी नहीं मिली। इसके चलते वह प्राइवेट स्कूल-कॉलेजों में नौकरी करने लगा। ताऊ के बेटे जसवंत ने बताया कि 14 साल पहले जगदीप की शादी हुई। तब भी वह प्राइवेट नौकरी कर रहा था। बार-बार नौकरी छोड़ने के चलते पति-पत्नी में अनबन रहने लगी और पत्नी उसे छोड़कर बेटी के साथ मायके चली गई। पहले पत्नी के साथ गांव आता रहा, फिर बंद कर दिया
शादी के बाद कई साल तक गांव मांडोठी में जगदीप पत्नी प्रोमिला के साथ आता-जाता रहा, लेकिन उसके ताऊ ईश्वर के रोहतक शिफ्ट होने के बाद से गांव में आना-जाना छूट गया। जगदीप के परिवार से ही उसके भाई अनिल ने बताया कि वह जब भी गांव में आता तो उसके पास जरूर आता था। मां का प्यार मिला, न पत्नी का साथ
चचेरे भाई ने बताया कि जगदीप की मां की उसके साथ बनती नहीं थी। उसकी मां जेबीटी थी। माता पिता का इकलौता वारिस बचपन में मां के प्यार से वंचित रहा और शादी के कुछ साल बाद ही पत्नी भी साथ छोड़कर चली गई। पक्की नौकरी नहीं होने से रहने लगी पती-पत्नी में अनबन
जगदीप की शादी करीब 14 साल पहले रोहतक से ही हुई थी। शादी के बाद वह पत्नी के साथ दो दिन ही बुआ के घर रुका और इसके बाद किराये के मकान में शिफ्ट हो गया। इस दौरान वह रोहतक के ही एक प्राइवेट संस्थान में नौकरी करता था। इसके बाद बाबा मस्त नाथ यूनिवर्सिटी में नौकरी करने लगा। यहां से भी 2 बार नौकरी छोड़ी। बार-बार नौकरी छोड़ने से 4 साल पहले पति-पत्नी में रिश्ते बिगड़ गए और पत्नी बेटी को लेकर मायके चली गई। तीसरी बार मिली थी बाबा मस्त नाथ यूनिवर्सिटी में नौकरी
जगदीप सितंबर 2024 में तीसरी बार रोहतक की बाबा मस्त नाथ यूनिवर्सिटी में नौकरी पर लगा था। नौकरी पक्की नहीं थी और वह यूनिवर्सिटी के आयुर्वेदिक विभाग में पंचकर्मा असिस्टेंट था। इससे पहल भी वह दो बार इसी यूनिवर्सिटी में नौकरी कर चुका था। जगदीप के पिता ने भी अकेलेपन में गुजारी जिंदगी
चचेरे भाई अनिल ने बताया कि जगदीप के पिता छह भाई थे। इनकी तीन बहनें थी। जगदीप के पिता परिवार में सबसे छोटे थे। उनकी भी शादी के बाद अपनी पत्नी से अनबन हो गई जिसके चलते जगदीप के जन्म के 1 साल बाद ही मां उसे और उसके पिता को छोड़कर चली गई। अब पढ़ें मास्टरमाइंड राजकरण ने कैसे दिया हत्याकांड को अंजाम रोहतक से 64 किलोमीटर दूर जाकर दादरी में दबाया
चरखी दादरी में टीचर को जिंदा गाड़ने के किए मुख्यारोपी उसे अपहरण के बाद रोहतक से दादरी ले गया। हाथ-पैर बांधे टीचर को आरोपी गाड़ी में डालकर रोहतक से 64 किलोमीटर दूर दादरी तक गए और वहां पहले से खुदवाए कुएं में जिंदा गाड़ दिया। कुएं के आसपास घूमता था आरोपी
मुख्य आरोपी टीचर को जिंदा गाड़ने के बाद भी कई दिन तक कुएं के आसपास घूमता रहा। पकड़े गए आरोपियों ने भी कई दिन तक कुएं पर नजर रखी, ताकि कुत्ते मिट्टी ने खोद दें और टीचर जिंदा न निकल पाए। रोहतक पुलिस ने हिरासत में लिए दो आरोपियों का रिमांड पूरा कर लिया है। इस दौरान पुलिस ने आरोपियों से की जानकारियां उगलवाई हैं। हालांकि पुलिस अभी तक इस मामले में कुछ भी बताने से बच रही है। पुलिस का कहना है कि मुख्यारोपी को पकड़ने के बाद पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। 6 दिन से फरार है मुख्यारोपी राजकरण, नहीं दबोच पाई पुलिस
टीचर (फिजियोथेरेपिस्ट) का अपहरण कर उसे पैंतावास कलां में जिंदा दबाने के मामले में मुख्य आरोपी राजकरण 5 दिन से पुलिस गिरफ्त से बाहर है। उसे पकड़ने के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं जो संभावित ठिकानों पर छापे मार रही हैं। मुख्य आरोपी राजकरण ने पत्नी से अवैध संबंध के चलते साथियों के साथ मिलकर जगदीप का रोहतक से अपहरण किया और दादरी में जिंदा गाड़ दिया था। कुएं पर लगातार नजर रख सके इसलिए गोरखधाम को चुना
राजकरण ने जिस गोरखधाम के पास टीचर को कुआं खोदकर जिंदा गाड़ा,वह उसी गोरखधाम में सेवा करता था और पता था कि यहां कोई आता-जाता नहीं है। इसलिए उसने जगदीप को जिंदा गाड़ने के लिए गोरखधाम के पास ही कुआं खुदवाया ताकि लोगों को शक न हो और वह सेवक के तौर पर इस स्थान पर नजर रख सके। टीचर को जिंदा गाड़ने के बाद इसलिए वह भागा नहीं और रोज कालूवाला जोहड़ में गोरखधाम पर जाता रहा। राजकरण के पास थी धाम की चाबी
राजकरण ने जगदीप को पैंतावास कलां के कालूवाला जोहड़ स्थित गोरखधाम के समीप दबाया था। यह स्थान गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर है और यहां लोगों का आवाजाही कम है। वहां ऊंचे टीले पर कमरा, हॉल, मंदिर, पानी की टंकी, चबूतरा आदि बनाए गए हैं। वहीं पास में कुछ एकड़ पंचायती जमीन है जो खाली पड़ी है। ग्रामीणों की मानें तो पुजारी के जाने के बाद से राजकरण के पास ही धाम की चाबी थी और वो ही सुबह-शाम वहां बतौर सेवादार जाता था। अभी ये स्पष्ट नहीं है कि वह धार्मिक आस्था के चलते वहां जाता था या लंबे समय से योजनाबद्ध तरीके से इस घटना को अंजाम देने के लिए वहां जाना शुरू किया था। वारदात को अंजाम देने के बाद भी वह जाता रहा ताकि किसी को शक भी ना हो और उस स्थान की रेकी भी आसानी से की जा सके। धाम के पास इसलिए गाड़ा ताकि टीले से रख सके नजर
पैंतावास कलां का जो गोरखधाम है उससे करीब 100 मीटर दूर पंचायत की खाली जमीन पर ही टीचर को कुआं खोदने के बाद सीधा गाड़ा गया। धाम टीले पर बना है और वहां से पंचायत की जमीन साफ नजर आती है। लोगों के अनुसार आरोपी ने टीचर को यहां पर शायद इसलिए गाड़ा ताकि टीले से उस स्थान पर नजर रखी जा सके ताकि कोई जानवर मिट्टी खोने की कोशिश करे तो उसे आसानी से भगाया जा सके या फिर पुलिस के आने पर भागने का मौका मिल सके। पुलिस कुएं के पास पहुंची तो वहां से भागा, चाबी भी साथ ले गया
आरोपी टीचर को जिंदा गाड़ने के बाद लगातार टीले से कुएं पर नजर रखने लगा। तीन महीने तक किसी के न आने से वह निश्चिंत हो गया था, लेकिन सतर्क था। इसलिए जैसे ही 24 मार्च को पुलिस मौके पर पहुंची तो उसने पुलिस को दूर से ही देख लिया था और भाग गया। भागते वक्त वह गोरखधान की चाबी भी साथ ले गया। इसके बाद पुलिस ने धाम के कमरे का ताला तोड़ा और CCTV चेक किए। ससुराल में अकेली सास ही थी, इसलिए किरायेदार टीचर के संपर्क में आ गई पत्नी
मृतक टीचर जगदीप रोहतक की जिस जनता कॉलोनी के मकान में रहता था वह घर मुख्यारोपी राजकरण की सास का है। यहां पर उसकी सास अकेली रहती है। यहां राजकरण की पत्नी का मां से मिलने के लिए अकसर आना-जाना था। इस दौरान टीचर के साथ उसकी नजदीकियां बढ़ गईं। जब राजकरण को पत्नी और टीचर पर शक हुआ तो उसने टीचर को मारने का प्लान बनाया।
सिलसिलेवार पढ़ें कैसे टीचर को जिंदा गाड़ा 1. अपनी पत्नी से अनबन के चलते किराये का मकान लिया,यहीं बने अवैध संबंध
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मूलरूप से झज्जर के मांडौठी गांव का रहने वाला जगदीप पत्नी से अनबन के बाद रोहतक की जनता कॉलोनी में किराए का मकान लेकर रहने लगा। यहीं उसकी पहचान मकान मालकिन की विवाहिता बेटी यानी चरखी दादरी के पैंतावास कलां गांव निवासी महिला से हुई। दोनों के बीच अवैध संबंध बन गए। 2. पति को पत्नी के ज्यादा मायके जाने पर शक हुआ तो मोबाइल ने खोला राज
पत्नी के बार-बार मायके जाने पर पति तो वहां रह रहे टीचर के साथ संबंधों को लेकर शक हुआ तो उसने नजर रखनी शुरू की। शक यकीन में बदला तो उसने टीचर का मोबाइल चेक कर लिया। इसने उसने टीचर के साथ अपनी पत्नी की कुछ तस्वीरें देखीं जिस पर आरोपी राजकरण भड़क गया और टीचर को ठिकाने लगाने की ठान ली। 3. रोहतक से पैंतावास लौटकर दोस्तों के साथ बनाई टीचर को मारने की योजना
पत्नी के फोटो टीचर के साथ देखने के बाद आरोपी राजकरण गांव पैंतावास कलां लौटा और हत्या के लिए अपने साथी हरदीप,धर्मपाल और एक अन्य को साथ मिला लिया। इसके बाद अपहरण की योजना बनाई गई। इससे पहले टीचर को जिंदा गाड़ने के लिए कुआं खुदवाया गया। 4. 3 महीने नहीं चलने दिया पता, मोबाइल लोकेशन ने खोला राज
जगदीप 24 दिसंबर को आखिरी बार यूनिवर्सिटी गए थे। जब एक माह तक सुराग नहीं मिला तो टीचर के ताऊ ईश्वर ने 3 फरवरी को शिवाजी कॉलोनी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि 24 दिसंबर की शाम 4 युवक उन्हें जनता कॉलोनी स्थित किराये के मकान से हाथ-पैर बांधकर गाड़ी में डालकर ले गए थे। पुलिस ने मौके से मोबाइल फोन का डंप डाटा उठाया तो पैंतावास कलां के युवकों की लोकेशन सामने आई। पुलिस ने गांव के दो युवकों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो दोनों ने वारदात कबूल ली। उनकी निशानदेही पर पुलिस उस जगह पहुंची जहां जगदीप को जिंदा गाड़ा गया था। 5. शव निकालने में लगे कई घंटे
आरोपियों की निशानदेही पर बीते सोमवार को रोहतक एएसपी शशि शेखर की अगुआई में व दादरी सदर थाना प्रभारी आईपीएस दिव्यांशी सिंगला की मौजूदगी में शव बरामद करने के लिए खुदाई का कार्य करवाया गया। हालांकि आरोपी ने व्यक्ति को दबाने वाली लोकेशन सही बता दी थी। उसके बावजूद टीम को शव बरामद करने में घंटों लग गए। आरोपियों द्वारा शव को सात फीट से अधिक गहरा गड्ढ़ा खोदकर सीधा गाड़ा गया था। जब शव के कमर से नीचे तक का हिस्सा खोद लिया गया, तो रस्सी बांधकर शव को बाहर निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन जमीन में दबा होने के कारण बाहर नहीं निकाला जा सका जिसके चलते नीचे तक खुदाई करने पर काफी समय लग गया और अंधेरा होने पर टॉर्च की रोशनी में खुदाई की गई।
6. टीचर की 7 साल की बेटी है, पत्नी के साथ तलाक का केस
जानकारी के अनुसार, मृतक टीचर जगदीप शादीशुदा था और उसकी 7 साल की एक बेटी भी है। बीते कुछ समय से उसका अपनी पत्नी के साथ तलाक का केस चल रहा है। उसकी पत्नी बेटी के साथ अपने मायके में रह रही है। जगदीप के माता-पिता की मौत हो चुकी है। 7. राजकरण दोस्त को यह कहकर ले गया कि सास को खून देना है
टीचर को जिंदा गाड़ने के मामले में पकड़े गए पैंतावास कलां निवासी हरदीप के परिजन मीडिया के सामने आए हैं। हरदीप की मां व चाचा ने कहा कि उनका बेटा बेकसूर है। हरदीप घर पर भैंस का दूध निकाल रहा था उसी दौरान राजकरण आया और यह कहकर साथ ले गया कि उसकी सास बीमार है और उसे खून देना है। परिजनों ने बताया कि जब राजकरण ने बेटे को यह बताया कि टीचर के उसकी पत्नी के साथ अवैध संबंध हैं और टीचर को मारना है तो बेटे ने साथ देने से मना कर दिया। परिजनों का कहना है कि राजकरण ने बेटे से कहा कि वह टीचर को मारेगा नहीं, रोहतक छोड़ देगा। इसके बाद हरदीप घर आ गया था। राजकरण ने अन्य लोगों के साथ मिलकर टीचर को मार दिया। 8. पुलिस की टीमें दबिश दे रहीं
रोहतक सीआईए-1 प्रभारी कुलदीप ने बताया कि मामले में दो आरोपी हरदीप व धर्मपाल को गिरफ्तार कर उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई है। उनकी रिमांड अवधी पूरी हो गई है। उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। रोहतक से अपहरण कर दादरी के गांव पैंतावास कलां में जिंदा गाड़ दिए गए टीचर जगदीप अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। मां बचपन में ही छोड़कर चली गई, जिसके बाद बुआ उन्हें रोहतक ले आई और यहीं पर पालन पोषण कर बड़ा किया। मृतक टीचर जगदीप के ताऊ के बेटे जसवंत ने बताया कि जगदीप की शादी रोहतक में बुआ के घर से ही हुई थी। महम के पास बड़ाली गांव में उसका ससुराल है। पत्नी प्रोमिला के साथ उसका चार साल से झगड़ा चल रहा था जिसके चलते पत्नी मायके में रह रही थी। उसकी 12 साल की एक बेटी भी है। पत्नी को पुलिस ने जगदीप की मौत के बारे में सूचित किया था। इसके बाद पत्नी पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार के मौके पर पहुंची थी। जगदीप की बेटी पिता को नहीं देख पाई। वह बचपन से ही मां के साथ रह रही है। झज्जर के मांडोठी गांव में जन्म, 1 साल का था जब बुआ रोहतक ले गई
टीचर जगदीप का जन्म झज्जर जिले के मांडोठी गांव में हुआ। उसकी उम्र 46 साल के करीब थी। जब वह एक साल का था तभी उसकी मां छोड़कर चली गई। इसके बाद बुआ उसे अपने साथ रोहतक ले गई। जन्म के एक साल बाद ही अलग हो गए माता-पिता
चचेरे भाई अनिल ने बताया कि जगदीप के जन्म के 1 साल बाद ही उसके माता-पिता एक-दूसरे से अलग हो गए। बिना मां के बच्चे को बुआ श्यामो देवी अपने साथ रोहतक ले गई। अब उसके पिता महेंद्र सिंह और माता निर्मला दोनों की मौत हो चुकी है। बुआ श्यामो देवी ने पढ़ा-लिखवाकर उसे नौकरी लगवाया था। रोहतक में रहकर ही 12वीं के बाद शास्त्री की
बुआ के पास रहकर ही रोहतक में जगदीप ने पढ़ाई की। 12वीं करने के बाद उसने शास्त्री की, लेकिन कहीं नौकरी नहीं मिली। इसके चलते वह प्राइवेट स्कूल-कॉलेजों में नौकरी करने लगा। ताऊ के बेटे जसवंत ने बताया कि 14 साल पहले जगदीप की शादी हुई। तब भी वह प्राइवेट नौकरी कर रहा था। बार-बार नौकरी छोड़ने के चलते पति-पत्नी में अनबन रहने लगी और पत्नी उसे छोड़कर बेटी के साथ मायके चली गई। पहले पत्नी के साथ गांव आता रहा, फिर बंद कर दिया
शादी के बाद कई साल तक गांव मांडोठी में जगदीप पत्नी प्रोमिला के साथ आता-जाता रहा, लेकिन उसके ताऊ ईश्वर के रोहतक शिफ्ट होने के बाद से गांव में आना-जाना छूट गया। जगदीप के परिवार से ही उसके भाई अनिल ने बताया कि वह जब भी गांव में आता तो उसके पास जरूर आता था। मां का प्यार मिला, न पत्नी का साथ
चचेरे भाई ने बताया कि जगदीप की मां की उसके साथ बनती नहीं थी। उसकी मां जेबीटी थी। माता पिता का इकलौता वारिस बचपन में मां के प्यार से वंचित रहा और शादी के कुछ साल बाद ही पत्नी भी साथ छोड़कर चली गई। पक्की नौकरी नहीं होने से रहने लगी पती-पत्नी में अनबन
जगदीप की शादी करीब 14 साल पहले रोहतक से ही हुई थी। शादी के बाद वह पत्नी के साथ दो दिन ही बुआ के घर रुका और इसके बाद किराये के मकान में शिफ्ट हो गया। इस दौरान वह रोहतक के ही एक प्राइवेट संस्थान में नौकरी करता था। इसके बाद बाबा मस्त नाथ यूनिवर्सिटी में नौकरी करने लगा। यहां से भी 2 बार नौकरी छोड़ी। बार-बार नौकरी छोड़ने से 4 साल पहले पति-पत्नी में रिश्ते बिगड़ गए और पत्नी बेटी को लेकर मायके चली गई। तीसरी बार मिली थी बाबा मस्त नाथ यूनिवर्सिटी में नौकरी
जगदीप सितंबर 2024 में तीसरी बार रोहतक की बाबा मस्त नाथ यूनिवर्सिटी में नौकरी पर लगा था। नौकरी पक्की नहीं थी और वह यूनिवर्सिटी के आयुर्वेदिक विभाग में पंचकर्मा असिस्टेंट था। इससे पहल भी वह दो बार इसी यूनिवर्सिटी में नौकरी कर चुका था। जगदीप के पिता ने भी अकेलेपन में गुजारी जिंदगी
चचेरे भाई अनिल ने बताया कि जगदीप के पिता छह भाई थे। इनकी तीन बहनें थी। जगदीप के पिता परिवार में सबसे छोटे थे। उनकी भी शादी के बाद अपनी पत्नी से अनबन हो गई जिसके चलते जगदीप के जन्म के 1 साल बाद ही मां उसे और उसके पिता को छोड़कर चली गई। अब पढ़ें मास्टरमाइंड राजकरण ने कैसे दिया हत्याकांड को अंजाम रोहतक से 64 किलोमीटर दूर जाकर दादरी में दबाया
चरखी दादरी में टीचर को जिंदा गाड़ने के किए मुख्यारोपी उसे अपहरण के बाद रोहतक से दादरी ले गया। हाथ-पैर बांधे टीचर को आरोपी गाड़ी में डालकर रोहतक से 64 किलोमीटर दूर दादरी तक गए और वहां पहले से खुदवाए कुएं में जिंदा गाड़ दिया। कुएं के आसपास घूमता था आरोपी
मुख्य आरोपी टीचर को जिंदा गाड़ने के बाद भी कई दिन तक कुएं के आसपास घूमता रहा। पकड़े गए आरोपियों ने भी कई दिन तक कुएं पर नजर रखी, ताकि कुत्ते मिट्टी ने खोद दें और टीचर जिंदा न निकल पाए। रोहतक पुलिस ने हिरासत में लिए दो आरोपियों का रिमांड पूरा कर लिया है। इस दौरान पुलिस ने आरोपियों से की जानकारियां उगलवाई हैं। हालांकि पुलिस अभी तक इस मामले में कुछ भी बताने से बच रही है। पुलिस का कहना है कि मुख्यारोपी को पकड़ने के बाद पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। 6 दिन से फरार है मुख्यारोपी राजकरण, नहीं दबोच पाई पुलिस
टीचर (फिजियोथेरेपिस्ट) का अपहरण कर उसे पैंतावास कलां में जिंदा दबाने के मामले में मुख्य आरोपी राजकरण 5 दिन से पुलिस गिरफ्त से बाहर है। उसे पकड़ने के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं जो संभावित ठिकानों पर छापे मार रही हैं। मुख्य आरोपी राजकरण ने पत्नी से अवैध संबंध के चलते साथियों के साथ मिलकर जगदीप का रोहतक से अपहरण किया और दादरी में जिंदा गाड़ दिया था। कुएं पर लगातार नजर रख सके इसलिए गोरखधाम को चुना
राजकरण ने जिस गोरखधाम के पास टीचर को कुआं खोदकर जिंदा गाड़ा,वह उसी गोरखधाम में सेवा करता था और पता था कि यहां कोई आता-जाता नहीं है। इसलिए उसने जगदीप को जिंदा गाड़ने के लिए गोरखधाम के पास ही कुआं खुदवाया ताकि लोगों को शक न हो और वह सेवक के तौर पर इस स्थान पर नजर रख सके। टीचर को जिंदा गाड़ने के बाद इसलिए वह भागा नहीं और रोज कालूवाला जोहड़ में गोरखधाम पर जाता रहा। राजकरण के पास थी धाम की चाबी
राजकरण ने जगदीप को पैंतावास कलां के कालूवाला जोहड़ स्थित गोरखधाम के समीप दबाया था। यह स्थान गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर है और यहां लोगों का आवाजाही कम है। वहां ऊंचे टीले पर कमरा, हॉल, मंदिर, पानी की टंकी, चबूतरा आदि बनाए गए हैं। वहीं पास में कुछ एकड़ पंचायती जमीन है जो खाली पड़ी है। ग्रामीणों की मानें तो पुजारी के जाने के बाद से राजकरण के पास ही धाम की चाबी थी और वो ही सुबह-शाम वहां बतौर सेवादार जाता था। अभी ये स्पष्ट नहीं है कि वह धार्मिक आस्था के चलते वहां जाता था या लंबे समय से योजनाबद्ध तरीके से इस घटना को अंजाम देने के लिए वहां जाना शुरू किया था। वारदात को अंजाम देने के बाद भी वह जाता रहा ताकि किसी को शक भी ना हो और उस स्थान की रेकी भी आसानी से की जा सके। धाम के पास इसलिए गाड़ा ताकि टीले से रख सके नजर
पैंतावास कलां का जो गोरखधाम है उससे करीब 100 मीटर दूर पंचायत की खाली जमीन पर ही टीचर को कुआं खोदने के बाद सीधा गाड़ा गया। धाम टीले पर बना है और वहां से पंचायत की जमीन साफ नजर आती है। लोगों के अनुसार आरोपी ने टीचर को यहां पर शायद इसलिए गाड़ा ताकि टीले से उस स्थान पर नजर रखी जा सके ताकि कोई जानवर मिट्टी खोने की कोशिश करे तो उसे आसानी से भगाया जा सके या फिर पुलिस के आने पर भागने का मौका मिल सके। पुलिस कुएं के पास पहुंची तो वहां से भागा, चाबी भी साथ ले गया
आरोपी टीचर को जिंदा गाड़ने के बाद लगातार टीले से कुएं पर नजर रखने लगा। तीन महीने तक किसी के न आने से वह निश्चिंत हो गया था, लेकिन सतर्क था। इसलिए जैसे ही 24 मार्च को पुलिस मौके पर पहुंची तो उसने पुलिस को दूर से ही देख लिया था और भाग गया। भागते वक्त वह गोरखधान की चाबी भी साथ ले गया। इसके बाद पुलिस ने धाम के कमरे का ताला तोड़ा और CCTV चेक किए। ससुराल में अकेली सास ही थी, इसलिए किरायेदार टीचर के संपर्क में आ गई पत्नी
मृतक टीचर जगदीप रोहतक की जिस जनता कॉलोनी के मकान में रहता था वह घर मुख्यारोपी राजकरण की सास का है। यहां पर उसकी सास अकेली रहती है। यहां राजकरण की पत्नी का मां से मिलने के लिए अकसर आना-जाना था। इस दौरान टीचर के साथ उसकी नजदीकियां बढ़ गईं। जब राजकरण को पत्नी और टीचर पर शक हुआ तो उसने टीचर को मारने का प्लान बनाया।
सिलसिलेवार पढ़ें कैसे टीचर को जिंदा गाड़ा 1. अपनी पत्नी से अनबन के चलते किराये का मकान लिया,यहीं बने अवैध संबंध
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मूलरूप से झज्जर के मांडौठी गांव का रहने वाला जगदीप पत्नी से अनबन के बाद रोहतक की जनता कॉलोनी में किराए का मकान लेकर रहने लगा। यहीं उसकी पहचान मकान मालकिन की विवाहिता बेटी यानी चरखी दादरी के पैंतावास कलां गांव निवासी महिला से हुई। दोनों के बीच अवैध संबंध बन गए। 2. पति को पत्नी के ज्यादा मायके जाने पर शक हुआ तो मोबाइल ने खोला राज
पत्नी के बार-बार मायके जाने पर पति तो वहां रह रहे टीचर के साथ संबंधों को लेकर शक हुआ तो उसने नजर रखनी शुरू की। शक यकीन में बदला तो उसने टीचर का मोबाइल चेक कर लिया। इसने उसने टीचर के साथ अपनी पत्नी की कुछ तस्वीरें देखीं जिस पर आरोपी राजकरण भड़क गया और टीचर को ठिकाने लगाने की ठान ली। 3. रोहतक से पैंतावास लौटकर दोस्तों के साथ बनाई टीचर को मारने की योजना
पत्नी के फोटो टीचर के साथ देखने के बाद आरोपी राजकरण गांव पैंतावास कलां लौटा और हत्या के लिए अपने साथी हरदीप,धर्मपाल और एक अन्य को साथ मिला लिया। इसके बाद अपहरण की योजना बनाई गई। इससे पहले टीचर को जिंदा गाड़ने के लिए कुआं खुदवाया गया। 4. 3 महीने नहीं चलने दिया पता, मोबाइल लोकेशन ने खोला राज
जगदीप 24 दिसंबर को आखिरी बार यूनिवर्सिटी गए थे। जब एक माह तक सुराग नहीं मिला तो टीचर के ताऊ ईश्वर ने 3 फरवरी को शिवाजी कॉलोनी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि 24 दिसंबर की शाम 4 युवक उन्हें जनता कॉलोनी स्थित किराये के मकान से हाथ-पैर बांधकर गाड़ी में डालकर ले गए थे। पुलिस ने मौके से मोबाइल फोन का डंप डाटा उठाया तो पैंतावास कलां के युवकों की लोकेशन सामने आई। पुलिस ने गांव के दो युवकों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो दोनों ने वारदात कबूल ली। उनकी निशानदेही पर पुलिस उस जगह पहुंची जहां जगदीप को जिंदा गाड़ा गया था। 5. शव निकालने में लगे कई घंटे
आरोपियों की निशानदेही पर बीते सोमवार को रोहतक एएसपी शशि शेखर की अगुआई में व दादरी सदर थाना प्रभारी आईपीएस दिव्यांशी सिंगला की मौजूदगी में शव बरामद करने के लिए खुदाई का कार्य करवाया गया। हालांकि आरोपी ने व्यक्ति को दबाने वाली लोकेशन सही बता दी थी। उसके बावजूद टीम को शव बरामद करने में घंटों लग गए। आरोपियों द्वारा शव को सात फीट से अधिक गहरा गड्ढ़ा खोदकर सीधा गाड़ा गया था। जब शव के कमर से नीचे तक का हिस्सा खोद लिया गया, तो रस्सी बांधकर शव को बाहर निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन जमीन में दबा होने के कारण बाहर नहीं निकाला जा सका जिसके चलते नीचे तक खुदाई करने पर काफी समय लग गया और अंधेरा होने पर टॉर्च की रोशनी में खुदाई की गई।
6. टीचर की 7 साल की बेटी है, पत्नी के साथ तलाक का केस
जानकारी के अनुसार, मृतक टीचर जगदीप शादीशुदा था और उसकी 7 साल की एक बेटी भी है। बीते कुछ समय से उसका अपनी पत्नी के साथ तलाक का केस चल रहा है। उसकी पत्नी बेटी के साथ अपने मायके में रह रही है। जगदीप के माता-पिता की मौत हो चुकी है। 7. राजकरण दोस्त को यह कहकर ले गया कि सास को खून देना है
टीचर को जिंदा गाड़ने के मामले में पकड़े गए पैंतावास कलां निवासी हरदीप के परिजन मीडिया के सामने आए हैं। हरदीप की मां व चाचा ने कहा कि उनका बेटा बेकसूर है। हरदीप घर पर भैंस का दूध निकाल रहा था उसी दौरान राजकरण आया और यह कहकर साथ ले गया कि उसकी सास बीमार है और उसे खून देना है। परिजनों ने बताया कि जब राजकरण ने बेटे को यह बताया कि टीचर के उसकी पत्नी के साथ अवैध संबंध हैं और टीचर को मारना है तो बेटे ने साथ देने से मना कर दिया। परिजनों का कहना है कि राजकरण ने बेटे से कहा कि वह टीचर को मारेगा नहीं, रोहतक छोड़ देगा। इसके बाद हरदीप घर आ गया था। राजकरण ने अन्य लोगों के साथ मिलकर टीचर को मार दिया। 8. पुलिस की टीमें दबिश दे रहीं
रोहतक सीआईए-1 प्रभारी कुलदीप ने बताया कि मामले में दो आरोपी हरदीप व धर्मपाल को गिरफ्तार कर उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई है। उनकी रिमांड अवधी पूरी हो गई है। उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हरियाणा | दैनिक भास्कर
