वक्फ बिल के समर्थन पर महाराष्ट्र कांग्रेस का निशाना, ‘अजित पवार और NCP ने दावा किया था कि…’

वक्फ बिल के समर्थन पर महाराष्ट्र कांग्रेस का निशाना, ‘अजित पवार और NCP ने दावा किया था कि…’

<p style=”text-align: justify;”>वक्फ संसोधन विधेयक संसद के दोनों सदनों से पास हो चुका है. सियासी माहौल अभी भी गरमाया हुआ है. दोनों सदनों में वोटिंग के बाद ये तस्वीर साफ हो गई कि कौन इसके पक्ष में और कौन इसके खिलाफ रहा. इस बीच महाराष्ट्र कांग्रेस चीफ हर्षवर्धन सपकाल ने एनसीपी प्रमुख और राज्य के डिप्टी सीएम अजित पवार को निशाने पर लिया. कांग्रेस नेता ने कहा कि इस बिल का समर्थन करना अजित पवार की सत्ता के प्रति लाचारी और उनके राजनीतिक पाखंड को दिखाता है. उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि ये बिल मुसलमानों को डराने और हजारों एकड़ जमीन हड़पने की चाल है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>राज्यसभा और लोकसभा में वोटिंग का आंकड़ा</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>संसद के दोनों सदनों में लंबी बहस के बाद लोकसभा ने गुरुवार को और राज्यसभा ने गुरुवार की देर रात को वक्फ (संशोधन) विधेयक को पारित कर दिया.&nbsp;राज्यसभा में 128 सदस्यों ने विधेयक के पक्ष में जबकि 95 ने विरोध में मतदान किया, जिसके बाद इसे पारित कर दिया गया. लोकसभा ने तीन अप्रैल को विधेयक को मंजूरी दे दी थी. लोकसभा में 288 सदस्यों ने विधेयक का समर्थन, जबकि 232 ने विरोध किया.</p>
<p style=”text-align: justify;”>इस विधेयक का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों (मुसलमानों द्वारा धार्मिक या धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए स्थायी रूप से दान की गई संपत्ति) के प्रबंधन को सुव्यवस्थित करना है, जिसमें विरासत स्थलों की सुरक्षा और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने के प्रावधान शामिल हैं.&nbsp;अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने संसद में विधेयक का समर्थन किया.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>वक्फ का समर्थन करना अजित पवार की लाचारी का संकेत- कांग्रेस</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>सपकाल ने शुक्रवार (4 अप्रैल) को कहा, &lsquo;&lsquo;अजित पवार का वक्फ (संशोधन) विधेयक का समर्थन करना सत्ता के प्रति उनकी लाचारी का संकेत है. उनका धर्मनिरपेक्ष मुखौटा उजागर हो चुका है और उन्होंने मुस्लिम समुदाय के साथ विश्वासघात किया है.&rsquo;&rsquo;&nbsp;उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के साथ गठबंधन कर सरकार में शामिल होने के बाद अजित पवार और उनकी एनसीपी ने दावा किया था कि उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा फुले और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की विरासत को नहीं छोड़ा है, लेकिन अब उनका असली चेहरा सामने आ चुका है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>अजित पवार ने बीजेपी के सामने सरेंडर किया- सपकाल</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>सपकाल ने उपमुख्यमंत्री पवार पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी नीत सरकार के वक्फ विधेयक का समर्थन करके अजित पवार ने सत्ता के लिए पूरी तरह बीजेपी के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है.&nbsp;उन्होंने कहा, &lsquo;&lsquo;अजित पवार लगातार दावा कर रहे हैं कि महायुति सरकार में उनकी भागीदारी विकास के लिए है और उन्होंने प्रगतिशील आदर्शों को नहीं छोड़ा है, लेकिन उनके काम कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं.&rsquo;&rsquo;&nbsp;सपकाल ने कहा कि यह विधेयक बीजेपी सरकार द्वारा मुस्लिम समुदाय को डराने और हजारों एकड़ जमीन हड़पने की एक चाल के अलावा और कुछ नहीं है.</p> <p style=”text-align: justify;”>वक्फ संसोधन विधेयक संसद के दोनों सदनों से पास हो चुका है. सियासी माहौल अभी भी गरमाया हुआ है. दोनों सदनों में वोटिंग के बाद ये तस्वीर साफ हो गई कि कौन इसके पक्ष में और कौन इसके खिलाफ रहा. इस बीच महाराष्ट्र कांग्रेस चीफ हर्षवर्धन सपकाल ने एनसीपी प्रमुख और राज्य के डिप्टी सीएम अजित पवार को निशाने पर लिया. कांग्रेस नेता ने कहा कि इस बिल का समर्थन करना अजित पवार की सत्ता के प्रति लाचारी और उनके राजनीतिक पाखंड को दिखाता है. उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि ये बिल मुसलमानों को डराने और हजारों एकड़ जमीन हड़पने की चाल है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>राज्यसभा और लोकसभा में वोटिंग का आंकड़ा</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>संसद के दोनों सदनों में लंबी बहस के बाद लोकसभा ने गुरुवार को और राज्यसभा ने गुरुवार की देर रात को वक्फ (संशोधन) विधेयक को पारित कर दिया.&nbsp;राज्यसभा में 128 सदस्यों ने विधेयक के पक्ष में जबकि 95 ने विरोध में मतदान किया, जिसके बाद इसे पारित कर दिया गया. लोकसभा ने तीन अप्रैल को विधेयक को मंजूरी दे दी थी. लोकसभा में 288 सदस्यों ने विधेयक का समर्थन, जबकि 232 ने विरोध किया.</p>
<p style=”text-align: justify;”>इस विधेयक का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों (मुसलमानों द्वारा धार्मिक या धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए स्थायी रूप से दान की गई संपत्ति) के प्रबंधन को सुव्यवस्थित करना है, जिसमें विरासत स्थलों की सुरक्षा और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने के प्रावधान शामिल हैं.&nbsp;अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने संसद में विधेयक का समर्थन किया.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>वक्फ का समर्थन करना अजित पवार की लाचारी का संकेत- कांग्रेस</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>सपकाल ने शुक्रवार (4 अप्रैल) को कहा, &lsquo;&lsquo;अजित पवार का वक्फ (संशोधन) विधेयक का समर्थन करना सत्ता के प्रति उनकी लाचारी का संकेत है. उनका धर्मनिरपेक्ष मुखौटा उजागर हो चुका है और उन्होंने मुस्लिम समुदाय के साथ विश्वासघात किया है.&rsquo;&rsquo;&nbsp;उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के साथ गठबंधन कर सरकार में शामिल होने के बाद अजित पवार और उनकी एनसीपी ने दावा किया था कि उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा फुले और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की विरासत को नहीं छोड़ा है, लेकिन अब उनका असली चेहरा सामने आ चुका है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>अजित पवार ने बीजेपी के सामने सरेंडर किया- सपकाल</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>सपकाल ने उपमुख्यमंत्री पवार पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी नीत सरकार के वक्फ विधेयक का समर्थन करके अजित पवार ने सत्ता के लिए पूरी तरह बीजेपी के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है.&nbsp;उन्होंने कहा, &lsquo;&lsquo;अजित पवार लगातार दावा कर रहे हैं कि महायुति सरकार में उनकी भागीदारी विकास के लिए है और उन्होंने प्रगतिशील आदर्शों को नहीं छोड़ा है, लेकिन उनके काम कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं.&rsquo;&rsquo;&nbsp;सपकाल ने कहा कि यह विधेयक बीजेपी सरकार द्वारा मुस्लिम समुदाय को डराने और हजारों एकड़ जमीन हड़पने की एक चाल के अलावा और कुछ नहीं है.</p>  महाराष्ट्र वक्फ बिल पर दिल्ली की CM रेखा गुप्ता की प्रतिक्रिया, ‘संसद के पटल पर लाने से पहले सरकार को…’