वक्फ संशोधन विधेयक अभी भी अधूरा:वकील विष्णु शंकर जैन ने बताई खामियां,बोले-निजी संपत्ति को वापस लेने का प्रावधान नहीं

वक्फ संशोधन विधेयक अभी भी अधूरा:वकील विष्णु शंकर जैन ने बताई खामियां,बोले-निजी संपत्ति को वापस लेने का प्रावधान नहीं

जो निजी संपत्तियां गलत तरीके से वक्फ की संपत्ति घोषित कर दी गईं, विधेयक में उन्हें वापस लेने का कोई प्रावधान नहीं है। निजी मालिकों की संपत्ति को वापस दिलाने के लिए वक्फ विधेयक पर काम करने की जरूरत है। यह कहना है श्रृंगार गौरी मामले के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन का, वह वाराणसी में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन वाराणसी की ‘वर्तमान में राष्ट्र के समक्ष चुनौतियां एवं समाधान’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में शामिल होने पहुंचे थे। उन्होंने वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को ‘अधूरा’ बताया है। यहां पर बिल की बारीकियां समझाई हैं। कहा कि वक्फ की परिभाषा में किया गया बदलाव सकरात्मक है। सरकार ने विधेयक में वक्फ की परिभाषा में बड़े बदलाव किए गए हैं। पहले देखिए तीन तस्वीरें अब किसी की भी सपत्ति को वक्फ अपनी नहीं बता सकेगा विष्णु जैन ने कहा – पहली की कांग्रेस सरकार ने वक्फ बिल में ‘उपयोगकर्ता’ की परिभाषा को शामिल किया था, जिससे कई समस्याएं पैदा हुई थीं। अब इसे हटा दिया गया है। इसके अलावा, धारा 40 के तहत वक्फ बोर्ड को किसी भी संपत्ति को वक्फ संपत्ति घोषित करने का असीमित अधिकार था, जिसे भी खत्म कर दिया गया है। वक्फ संपत्तियों को 6 माह में अपनी वैधता साबित करनी होगी जैन ने आगे कहा कि विधेयक में यह प्रावधान जोड़ा गया कि सभी वक्फ संपत्तियों को छह महीने के भीतर अपनी वैधता साबित करनी होगी। साथ ही, ट्रिब्यूनल में इस्लामी कानून के जानकार को शामिल करने की शर्त को भी हटाया गया है। उन्होंने इसे अच्छा कदम बताया, लेकिन एक कमी की ओर इशारा किया। कहा, पहलेजो निजी संपत्तियां गलत तरीके से वक्फ की संपत्ति घोषित कर दी गईं। विधेयक में उन्हें वापस लेने का कोई प्रावधान नहीं है। निजी मालिकों की संपत्ति को वापस दिलाने के लिए वक्फ विधेयक पर काम करने की जरूरत है। औरंगजेब के नाम को देश के इतिहास से मिटाने के लिए प्रतिबद्ध जैन ने ज्ञानवापी मामले का जिक्र किया। वे आज मां श्रृंगार गौरी के दर्शन के लिए जा रहे हैं और इस मौके पर उन्होंने कहा, “हम सभी मां के चरणों में प्रार्थना करेंगे कि न्यायालय में चल रहा हमारा संघर्ष जल्द पूरा हो और बाबा विश्वनाथ की मुक्ति का रास्ता साफ हो। जैन ने औरंगजेब की विरासत को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उनका कहना है कि वे और उनकी टीम औरंगजेब के नाम को देश के इतिहास से मिटाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा हमने ज्ञानवापी और कृष्ण जन्मभूमि से इसकी शुरुआत की है। औरंगजेब की विरासत को खत्म करने के लिए हम हर संभव कानूनी कदम उठाएंगे। हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि अगला कदम कहां से शुरू होगा। जैन का मानना है कि औरंगजेब का नाम भारत के इतिहास में नहीं रहना चाहिए और इसके लिए वे लगातार कोशिश करते रहेंगे। ———– यह खबर भी पढ़िए… वक्फ संशोधन बिल पर लोकसभा में चर्चा:शाह बोले- वोट बैंक के लिए माइनॉरिटीज को डराया जा रहा, कानून हर किसी को मानना पड़ेगा अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को वक्फ संशोधन बिल 2024 लोकसभा में पेश किया। किरण रिजिजू ने इसे उम्मीद (यूनीफाइड वक्फ मैनेजमेंट इम्पावरमेंट, इफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट) नाम दिया है। बिल को केंद्र की सरकार में शामिल TDP, JDU और LJP ने समर्थन दिया। शिवसेना UBT सांसद अरविंद सांसद ने अपने भाषण में ये क्लियर नहीं किया कि वे बिल के पक्ष में है या विरोध में। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- वक्फ में गैर इस्लामिक नहीं आएगा। ऐसा कोई प्रोविजन भी नहीं है। वोट बैंक के लिए माइनॉरिटीज को डराया जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर… जो निजी संपत्तियां गलत तरीके से वक्फ की संपत्ति घोषित कर दी गईं, विधेयक में उन्हें वापस लेने का कोई प्रावधान नहीं है। निजी मालिकों की संपत्ति को वापस दिलाने के लिए वक्फ विधेयक पर काम करने की जरूरत है। यह कहना है श्रृंगार गौरी मामले के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन का, वह वाराणसी में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन वाराणसी की ‘वर्तमान में राष्ट्र के समक्ष चुनौतियां एवं समाधान’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में शामिल होने पहुंचे थे। उन्होंने वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को ‘अधूरा’ बताया है। यहां पर बिल की बारीकियां समझाई हैं। कहा कि वक्फ की परिभाषा में किया गया बदलाव सकरात्मक है। सरकार ने विधेयक में वक्फ की परिभाषा में बड़े बदलाव किए गए हैं। पहले देखिए तीन तस्वीरें अब किसी की भी सपत्ति को वक्फ अपनी नहीं बता सकेगा विष्णु जैन ने कहा – पहली की कांग्रेस सरकार ने वक्फ बिल में ‘उपयोगकर्ता’ की परिभाषा को शामिल किया था, जिससे कई समस्याएं पैदा हुई थीं। अब इसे हटा दिया गया है। इसके अलावा, धारा 40 के तहत वक्फ बोर्ड को किसी भी संपत्ति को वक्फ संपत्ति घोषित करने का असीमित अधिकार था, जिसे भी खत्म कर दिया गया है। वक्फ संपत्तियों को 6 माह में अपनी वैधता साबित करनी होगी जैन ने आगे कहा कि विधेयक में यह प्रावधान जोड़ा गया कि सभी वक्फ संपत्तियों को छह महीने के भीतर अपनी वैधता साबित करनी होगी। साथ ही, ट्रिब्यूनल में इस्लामी कानून के जानकार को शामिल करने की शर्त को भी हटाया गया है। उन्होंने इसे अच्छा कदम बताया, लेकिन एक कमी की ओर इशारा किया। कहा, पहलेजो निजी संपत्तियां गलत तरीके से वक्फ की संपत्ति घोषित कर दी गईं। विधेयक में उन्हें वापस लेने का कोई प्रावधान नहीं है। निजी मालिकों की संपत्ति को वापस दिलाने के लिए वक्फ विधेयक पर काम करने की जरूरत है। औरंगजेब के नाम को देश के इतिहास से मिटाने के लिए प्रतिबद्ध जैन ने ज्ञानवापी मामले का जिक्र किया। वे आज मां श्रृंगार गौरी के दर्शन के लिए जा रहे हैं और इस मौके पर उन्होंने कहा, “हम सभी मां के चरणों में प्रार्थना करेंगे कि न्यायालय में चल रहा हमारा संघर्ष जल्द पूरा हो और बाबा विश्वनाथ की मुक्ति का रास्ता साफ हो। जैन ने औरंगजेब की विरासत को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उनका कहना है कि वे और उनकी टीम औरंगजेब के नाम को देश के इतिहास से मिटाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा हमने ज्ञानवापी और कृष्ण जन्मभूमि से इसकी शुरुआत की है। औरंगजेब की विरासत को खत्म करने के लिए हम हर संभव कानूनी कदम उठाएंगे। हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि अगला कदम कहां से शुरू होगा। जैन का मानना है कि औरंगजेब का नाम भारत के इतिहास में नहीं रहना चाहिए और इसके लिए वे लगातार कोशिश करते रहेंगे। ———– यह खबर भी पढ़िए… वक्फ संशोधन बिल पर लोकसभा में चर्चा:शाह बोले- वोट बैंक के लिए माइनॉरिटीज को डराया जा रहा, कानून हर किसी को मानना पड़ेगा अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को वक्फ संशोधन बिल 2024 लोकसभा में पेश किया। किरण रिजिजू ने इसे उम्मीद (यूनीफाइड वक्फ मैनेजमेंट इम्पावरमेंट, इफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट) नाम दिया है। बिल को केंद्र की सरकार में शामिल TDP, JDU और LJP ने समर्थन दिया। शिवसेना UBT सांसद अरविंद सांसद ने अपने भाषण में ये क्लियर नहीं किया कि वे बिल के पक्ष में है या विरोध में। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- वक्फ में गैर इस्लामिक नहीं आएगा। ऐसा कोई प्रोविजन भी नहीं है। वोट बैंक के लिए माइनॉरिटीज को डराया जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर…   उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर