वाराणसी: CM योगी ने रखी श्री राम मंदिर की आधारशिला, क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद से भी है कनेक्शन

वाराणसी: CM योगी ने रखी श्री राम मंदिर की आधारशिला, क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद से भी है कनेक्शन

<p style=”text-align: justify;”><strong>UP News: </strong>वाराणसी के गुरुधाम स्थित कश्मीरी गंज क्षेत्र में 700 वर्ष पूर्व प्राचीन धरोहर का जीर्णोद्धार करते हुए श्री <a title=”राम मंदिर” href=”https://www.abplive.com/topic/ram-mandir” data-type=”interlinkingkeywords”>राम मंदिर</a> की आधारशिला रखी गई. इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित सैकड़ो की संख्या में धर्माचार्य साधु संत भी स्थल पर मौजूद रहे. विधि विधान से भूमि पूजन किया गया. जगदगुरु डॉ. रामकमल दास वेदांती जी महाराज की देखरेख में अगले तीन वर्षों में इस मंदिर का निर्माण पूरा कराया जाएगा.</p>
<p style=”text-align: justify;”>शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान अखिल भारतीय संत समिति, विश्व हिंदू परिषद, परिषद सहित सैकड़ों की संख्या में साधु संतों के अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री <a title=”योगी आदित्यनाथ” href=”https://www.abplive.com/topic/yogi-adityanath” data-type=”interlinkingkeywords”>योगी आदित्यनाथ</a> और भारतीय जनता पार्टी के नेता भी मौजूद रहे. अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि 700 वर्ष प्राचीन इस स्थल का इतिहास रहा है. रामानंदाचार्य गुरु जी के प्रथम शिष्य की तरफ से इस मंदिर का निर्माण कराया गया था, लेकिन 16वीं ई. में मुगल आक्रांता द्वारा यहां के मंदिर को नुकसान पहुंचाया गया.</p>
<p style=”text-align: justify;”>उन्होंने कहा कि औरंगजेब ने इस मंदिर को क्षति पहुंचाई. लंबे वर्षों बाद इस मंदिर का पुनर्निर्माण भी हुआ. इस मंदिर का इतिहास क्रांतिकारियों से भी जुड़ रहा है. अधिकांश साधु संतों के अलावा चंद्रशेखर आजाद, सुभाष चंद्र बोस जैसे महान क्रांतिकारी यहां प्रवास कर चुके हैं. इसके अलावा विश्व हिंदू परिषद की तरफ से अशोक तिवारी ने कहा कि यह काशी की विरासत रही है और अब इस प्राचीन धरोहर को संजोया जा सकेगा. 3 साल में इस मंदिर का कार्य पूरा होगा, 700 साल प्राचीन इस मंदिर का इतिहास रहा है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>वाराणसी के गुरुधाम का यह क्षेत्र मानों काशी के अयोध्या जैसा प्रतीत होता है. यहां भगवान राम, लक्ष्मण और माता जानकी की भव्य मूर्ति लोगों का मन मोह लेती है. भगवान शंकर का शिवलिंग भी यहां पर स्थापित है. यहां की दीवारें, भवन अयोध्या के प्राचीन धार्मिक स्थल जैसे दिखाई देते हैं. यहां के साधु संत और धर्माचार्य, शिष्य रामानंद संप्रदाय से आते हैं जो साधु संतों के सबसे प्राचीन संप्रदाय में से एक है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong><a href=”https://www.abplive.com/states/up-uk/haridwar-saint-supported-dhirendra-krishna-shastri-hindu-village-ann-2918151″>धीरेंद्र शास्त्री के हिंदू ग्राम वाले बयान का संतों ने किया समर्थन, महामंडलेश्वरों से की ये अपील</a></strong></p> <p style=”text-align: justify;”><strong>UP News: </strong>वाराणसी के गुरुधाम स्थित कश्मीरी गंज क्षेत्र में 700 वर्ष पूर्व प्राचीन धरोहर का जीर्णोद्धार करते हुए श्री <a title=”राम मंदिर” href=”https://www.abplive.com/topic/ram-mandir” data-type=”interlinkingkeywords”>राम मंदिर</a> की आधारशिला रखी गई. इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित सैकड़ो की संख्या में धर्माचार्य साधु संत भी स्थल पर मौजूद रहे. विधि विधान से भूमि पूजन किया गया. जगदगुरु डॉ. रामकमल दास वेदांती जी महाराज की देखरेख में अगले तीन वर्षों में इस मंदिर का निर्माण पूरा कराया जाएगा.</p>
<p style=”text-align: justify;”>शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान अखिल भारतीय संत समिति, विश्व हिंदू परिषद, परिषद सहित सैकड़ों की संख्या में साधु संतों के अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री <a title=”योगी आदित्यनाथ” href=”https://www.abplive.com/topic/yogi-adityanath” data-type=”interlinkingkeywords”>योगी आदित्यनाथ</a> और भारतीय जनता पार्टी के नेता भी मौजूद रहे. अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि 700 वर्ष प्राचीन इस स्थल का इतिहास रहा है. रामानंदाचार्य गुरु जी के प्रथम शिष्य की तरफ से इस मंदिर का निर्माण कराया गया था, लेकिन 16वीं ई. में मुगल आक्रांता द्वारा यहां के मंदिर को नुकसान पहुंचाया गया.</p>
<p style=”text-align: justify;”>उन्होंने कहा कि औरंगजेब ने इस मंदिर को क्षति पहुंचाई. लंबे वर्षों बाद इस मंदिर का पुनर्निर्माण भी हुआ. इस मंदिर का इतिहास क्रांतिकारियों से भी जुड़ रहा है. अधिकांश साधु संतों के अलावा चंद्रशेखर आजाद, सुभाष चंद्र बोस जैसे महान क्रांतिकारी यहां प्रवास कर चुके हैं. इसके अलावा विश्व हिंदू परिषद की तरफ से अशोक तिवारी ने कहा कि यह काशी की विरासत रही है और अब इस प्राचीन धरोहर को संजोया जा सकेगा. 3 साल में इस मंदिर का कार्य पूरा होगा, 700 साल प्राचीन इस मंदिर का इतिहास रहा है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>वाराणसी के गुरुधाम का यह क्षेत्र मानों काशी के अयोध्या जैसा प्रतीत होता है. यहां भगवान राम, लक्ष्मण और माता जानकी की भव्य मूर्ति लोगों का मन मोह लेती है. भगवान शंकर का शिवलिंग भी यहां पर स्थापित है. यहां की दीवारें, भवन अयोध्या के प्राचीन धार्मिक स्थल जैसे दिखाई देते हैं. यहां के साधु संत और धर्माचार्य, शिष्य रामानंद संप्रदाय से आते हैं जो साधु संतों के सबसे प्राचीन संप्रदाय में से एक है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong><a href=”https://www.abplive.com/states/up-uk/haridwar-saint-supported-dhirendra-krishna-shastri-hindu-village-ann-2918151″>धीरेंद्र शास्त्री के हिंदू ग्राम वाले बयान का संतों ने किया समर्थन, महामंडलेश्वरों से की ये अपील</a></strong></p>  उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड ‘धीरेंद्र शास्त्री का सगा भाई तो उनके साथ रह नहीं पाया और ये पूरे भारत को…’, किसने किया ये तंज?