राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल की कोशिश के बाद सऊदी अरब की जेल में बंद जालंधर के नरेश कुमार की घर वापसी हो गई है। नरेश कुमार अपने घर पहुंचे और उसके पास सबसे पहले अपने परिवार के साथ संत सीचेवाल को मिलने के लिए पहुंचे। नरेश कुमार ने कहा- उन्हें यकीन नहीं था कि वह अब कभी घर लौट पाएंगे। मगर घर लौटने के बाद अब सुरक्षित महसूस कर रहा हूं। पीड़ित बोला- छुट्टी मांगने पर चोरी के झूठे केस में फंसाया पीड़ित नरेश कुमार ने कहा- वह बेहतर भविष्य की तलाश और अपने परिवार को अच्छी परवरिश देने के सपने के साथ 2014 में सउदी अरब गए थे। कुछ वर्षों के बाद उनकी कंपनी बंद हो गई और उन्हें दूसरी कंपनी में काम करना पड़ा। जब उन्होंने जिस नई कंपनी में काम कर रहे थे, उससे छुट्टी मांगी तो कंपनी ने पहले तो उन्हें छुट्टी देने से साफ इनकार कर दिया। हर बार यह कहकर मामला टाल दिया गया कि थोड़ा वेट करें, जल्द छुट्टी मिलेगी। कुछ दिनों बाद जब नरेश कुमार ने आपत्ति जताई तो कंपनी के अधिकारियों ने वहां की पुलिस को बुला लिया और चोरी के केस में फंसा दिया। नरेश ने कहा- उन्होंने किसी प्रकार की कोई चोरी नहीं की थी। स्थानीय थाने में करीब चार महीने तक रहना पड़ा और बाद में जेल भेज दिया गया। करीब एक साल तक थाने व जेल में बंद रहने के बाद प्रवासी युवाओं के लिए हर बार की तरह मसीहा बने सांसद संत सीचेवाल ने इस बार भी इस युवक की मदद की और उसे घर वापस लौटने में मदद की। राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल की कोशिश के बाद सऊदी अरब की जेल में बंद जालंधर के नरेश कुमार की घर वापसी हो गई है। नरेश कुमार अपने घर पहुंचे और उसके पास सबसे पहले अपने परिवार के साथ संत सीचेवाल को मिलने के लिए पहुंचे। नरेश कुमार ने कहा- उन्हें यकीन नहीं था कि वह अब कभी घर लौट पाएंगे। मगर घर लौटने के बाद अब सुरक्षित महसूस कर रहा हूं। पीड़ित बोला- छुट्टी मांगने पर चोरी के झूठे केस में फंसाया पीड़ित नरेश कुमार ने कहा- वह बेहतर भविष्य की तलाश और अपने परिवार को अच्छी परवरिश देने के सपने के साथ 2014 में सउदी अरब गए थे। कुछ वर्षों के बाद उनकी कंपनी बंद हो गई और उन्हें दूसरी कंपनी में काम करना पड़ा। जब उन्होंने जिस नई कंपनी में काम कर रहे थे, उससे छुट्टी मांगी तो कंपनी ने पहले तो उन्हें छुट्टी देने से साफ इनकार कर दिया। हर बार यह कहकर मामला टाल दिया गया कि थोड़ा वेट करें, जल्द छुट्टी मिलेगी। कुछ दिनों बाद जब नरेश कुमार ने आपत्ति जताई तो कंपनी के अधिकारियों ने वहां की पुलिस को बुला लिया और चोरी के केस में फंसा दिया। नरेश ने कहा- उन्होंने किसी प्रकार की कोई चोरी नहीं की थी। स्थानीय थाने में करीब चार महीने तक रहना पड़ा और बाद में जेल भेज दिया गया। करीब एक साल तक थाने व जेल में बंद रहने के बाद प्रवासी युवाओं के लिए हर बार की तरह मसीहा बने सांसद संत सीचेवाल ने इस बार भी इस युवक की मदद की और उसे घर वापस लौटने में मदद की। पंजाब | दैनिक भास्कर
