‘सामना’ के जरिए एकनाथ शिंदे पर हमले के मायने, क्या फडणवीस के साथ उद्धव ठाकरे की बढ़ रही नजदीकियां

‘सामना’ के जरिए एकनाथ शिंदे पर हमले के मायने, क्या फडणवीस के साथ उद्धव ठाकरे की बढ़ रही नजदीकियां

<p style=”text-align: justify;”><strong>Maharashtra News:</strong> महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मची है. शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र ‘सामना’ के जरिए एकनाथ शिंदे पर लगातार आरोप लगाए जा रहे हैं. शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के बीच हाल के महीनों में राजनीतिक तनाव और बयानबाजी बढ़ी है. संजय राउत ‘सामना’ के जरिए एकनाथ शिंदे पर हमला और दूसरी तरफ सीएम देवेंद्र फडणवीस की तारीफ करते नजर आ रहे हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”>शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र ‘सामना’ की रणनीती बदली बदली सी नजर आ रही है. इसके जरिए हमेशा पीएम <a title=”नरेंद्र मोदी” href=”https://www.abplive.com/topic/narendra-modi” data-type=”interlinkingkeywords”>नरेंद्र मोदी</a> और गृहमंत्री अमित शाह पर हमला किया जाता था लेकिन हाल के दिनों में इस पत्र के जरिए शिंदे को घेरने की कोशिश हो रही है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>’सामना’ के जरिए शिंदे के खिलाफ क्या-क्या लिखा?&nbsp;</strong></p>
<ul style=”text-align: justify;”>
<li>मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच संबंध तनावपूर्ण हैं, जिससे राज्य के विकास में बाधा आ रही है. &nbsp;</li>
<li>केंद्रीय गृह मंत्री <a title=”अमित शाह” href=”https://www.abplive.com/topic/amit-shah” data-type=”interlinkingkeywords”>अमित शाह</a> ने शिंदे से वादा किया था कि 2024 के विधानसभा चुनाव उनके नेतृत्व में लड़ा जाएगा और वे मुख्यमंत्री बने रहेंगे, लेकिन चुनावों के बाद यह वादा पूरा नहीं हुआ, जिससे शिंदे को धोखा महसूस हो रहा है.&nbsp;&nbsp;</li>
<li>शिंदे का दौर अब समाप्त हो गया है और बीजेपी ने उनकी जरूरत पूरी कर ली है. उन्होंने भविष्यवाणी की है कि बीजेपी अब शिंदे की पार्टी को भी तोड़ सकती है, जैसा कि उन्होंने पहले अन्य सहयोगी दलों के साथ किया है.&nbsp;&nbsp;</li>
</ul>
<p style=”text-align: justify;”><strong>फडणवीस के साथ उद्धव ठाकरे की बढ़ रही नजदीकियां!</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>शिवसेना (UBT) एक तरफ एकनाथ शिंदे पर हमला करते हुए तो दूसरी तरफ देवेंद्र फडणवीस के साथ नजदीकियां बढ़ती हुई नजर आ रही है क्योंकि पिछले कुछ दिनों में उद्धव ठाकरे और फडणवीस के बीच मुलाकत भी हुई है. कहा जा रहा है कि शिंदे गुट पर हमला करके सीएम देवेंद्र फडणवीस को क्लिन चीट देने का काम ‘सामना’ के जरिए चल रहा है.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>फडणवीस और उद्धव ठाकरे की मुलाकात</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>महाराष्ट्र की राजनीति में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे के बीच संबंधों में सुधार देखा गया है. दिसंबर 2024 में नागपुर में विधानसभा सत्र के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात हुई, जो विधानसभा चुनावों के बाद उनकी पहली बैठक थी. इस मुलाकात के बाद उद्धव ठाकरे ने फडणवीस को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई दी थी और विधानसभा में विपक्ष के नेता की भूमिका पर चर्चा की. &nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>फरवरी 2025 में मुख्यमंत्री फडणवीस ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे से मुलाकात की और उसी दिन शाम को उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं से भी मिले.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>गढ़चिरौली में विकास परियोजनाओं की सराहना</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>’सामना’ ने मुख्यमंत्री फडणवीस के गढ़चिरौली जिले के दौरे और वहां विकास परियोजनाओं की शुरुआत की सराहना की थी. संपादकीय में फडणवीस को &lsquo;गढ़चिरौली का मसीहा&rsquo; तक कहा गया, जिससे राज्य की राजनीति में हलचल मच गई थी. &nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>मंत्रियों के OSD की नियुक्ति पर ‘सामना’ का रूख</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>’सामना’ ने CM देवेंद्र फडणवीस द्वारा मंत्रियों के विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) और निजी सचिव (पीएस) की नियुक्ति के अधिकार वापस लेने के निर्णय की भी प्रशंसा की. संपादकीय में इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत कदम बताया गया, जो राज्य शासन में अनुशासन लाने में सहायक होगा.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>एकनाथ शिंदे का ऑपरेशन टाइगर</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>महाराष्ट्र विधानसभा और लोकसभा चुनाव के बाद एकनाथ शिंदे ने ऑपरेशन टाइगर शुरू किया है. जिसके जरिए शिंदे अपने विरोधी उद्धव ठाकरे के सांसदों और विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. अब तक शिवसेना (यूबीटी) के 9 में से 6 सांसद और 5 विधायकों के <a title=”एकनाथ शिंदे” href=”https://www.abplive.com/topic/eknath-shinde” data-type=”interlinkingkeywords”>एकनाथ शिंदे</a> के संपर्क में होने की चर्चा है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>ये भी पढ़ें:</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”><strong><a title=”केंद्रीय मंत्री की बेटी से छेड़छाड़ के आरोपी से पूछताछ जारी, आदित्य ठाकरे ने कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल” href=”https://www.abplive.com/states/maharashtra/jalgaon-news-interrogation-of-accused-of-molesting-daughter-of-union-minister-raksha-khadse-aditya-thackeray-targets-maharashtra-government-2895589″ target=”_self”>केंद्रीय मंत्री की बेटी से छेड़छाड़ के आरोपी से पूछताछ जारी, आदित्य ठाकरे ने कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल</a></strong></p> <p style=”text-align: justify;”><strong>Maharashtra News:</strong> महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मची है. शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र ‘सामना’ के जरिए एकनाथ शिंदे पर लगातार आरोप लगाए जा रहे हैं. शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के बीच हाल के महीनों में राजनीतिक तनाव और बयानबाजी बढ़ी है. संजय राउत ‘सामना’ के जरिए एकनाथ शिंदे पर हमला और दूसरी तरफ सीएम देवेंद्र फडणवीस की तारीफ करते नजर आ रहे हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”>शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र ‘सामना’ की रणनीती बदली बदली सी नजर आ रही है. इसके जरिए हमेशा पीएम <a title=”नरेंद्र मोदी” href=”https://www.abplive.com/topic/narendra-modi” data-type=”interlinkingkeywords”>नरेंद्र मोदी</a> और गृहमंत्री अमित शाह पर हमला किया जाता था लेकिन हाल के दिनों में इस पत्र के जरिए शिंदे को घेरने की कोशिश हो रही है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>’सामना’ के जरिए शिंदे के खिलाफ क्या-क्या लिखा?&nbsp;</strong></p>
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<li>मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच संबंध तनावपूर्ण हैं, जिससे राज्य के विकास में बाधा आ रही है. &nbsp;</li>
<li>केंद्रीय गृह मंत्री <a title=”अमित शाह” href=”https://www.abplive.com/topic/amit-shah” data-type=”interlinkingkeywords”>अमित शाह</a> ने शिंदे से वादा किया था कि 2024 के विधानसभा चुनाव उनके नेतृत्व में लड़ा जाएगा और वे मुख्यमंत्री बने रहेंगे, लेकिन चुनावों के बाद यह वादा पूरा नहीं हुआ, जिससे शिंदे को धोखा महसूस हो रहा है.&nbsp;&nbsp;</li>
<li>शिंदे का दौर अब समाप्त हो गया है और बीजेपी ने उनकी जरूरत पूरी कर ली है. उन्होंने भविष्यवाणी की है कि बीजेपी अब शिंदे की पार्टी को भी तोड़ सकती है, जैसा कि उन्होंने पहले अन्य सहयोगी दलों के साथ किया है.&nbsp;&nbsp;</li>
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<p style=”text-align: justify;”><strong>फडणवीस के साथ उद्धव ठाकरे की बढ़ रही नजदीकियां!</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>शिवसेना (UBT) एक तरफ एकनाथ शिंदे पर हमला करते हुए तो दूसरी तरफ देवेंद्र फडणवीस के साथ नजदीकियां बढ़ती हुई नजर आ रही है क्योंकि पिछले कुछ दिनों में उद्धव ठाकरे और फडणवीस के बीच मुलाकत भी हुई है. कहा जा रहा है कि शिंदे गुट पर हमला करके सीएम देवेंद्र फडणवीस को क्लिन चीट देने का काम ‘सामना’ के जरिए चल रहा है.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>फडणवीस और उद्धव ठाकरे की मुलाकात</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>महाराष्ट्र की राजनीति में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे के बीच संबंधों में सुधार देखा गया है. दिसंबर 2024 में नागपुर में विधानसभा सत्र के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात हुई, जो विधानसभा चुनावों के बाद उनकी पहली बैठक थी. इस मुलाकात के बाद उद्धव ठाकरे ने फडणवीस को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई दी थी और विधानसभा में विपक्ष के नेता की भूमिका पर चर्चा की. &nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>फरवरी 2025 में मुख्यमंत्री फडणवीस ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे से मुलाकात की और उसी दिन शाम को उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं से भी मिले.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>गढ़चिरौली में विकास परियोजनाओं की सराहना</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>’सामना’ ने मुख्यमंत्री फडणवीस के गढ़चिरौली जिले के दौरे और वहां विकास परियोजनाओं की शुरुआत की सराहना की थी. संपादकीय में फडणवीस को &lsquo;गढ़चिरौली का मसीहा&rsquo; तक कहा गया, जिससे राज्य की राजनीति में हलचल मच गई थी. &nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>मंत्रियों के OSD की नियुक्ति पर ‘सामना’ का रूख</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>’सामना’ ने CM देवेंद्र फडणवीस द्वारा मंत्रियों के विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) और निजी सचिव (पीएस) की नियुक्ति के अधिकार वापस लेने के निर्णय की भी प्रशंसा की. संपादकीय में इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत कदम बताया गया, जो राज्य शासन में अनुशासन लाने में सहायक होगा.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>एकनाथ शिंदे का ऑपरेशन टाइगर</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>महाराष्ट्र विधानसभा और लोकसभा चुनाव के बाद एकनाथ शिंदे ने ऑपरेशन टाइगर शुरू किया है. जिसके जरिए शिंदे अपने विरोधी उद्धव ठाकरे के सांसदों और विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. अब तक शिवसेना (यूबीटी) के 9 में से 6 सांसद और 5 विधायकों के <a title=”एकनाथ शिंदे” href=”https://www.abplive.com/topic/eknath-shinde” data-type=”interlinkingkeywords”>एकनाथ शिंदे</a> के संपर्क में होने की चर्चा है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>ये भी पढ़ें:</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”><strong><a title=”केंद्रीय मंत्री की बेटी से छेड़छाड़ के आरोपी से पूछताछ जारी, आदित्य ठाकरे ने कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल” href=”https://www.abplive.com/states/maharashtra/jalgaon-news-interrogation-of-accused-of-molesting-daughter-of-union-minister-raksha-khadse-aditya-thackeray-targets-maharashtra-government-2895589″ target=”_self”>केंद्रीय मंत्री की बेटी से छेड़छाड़ के आरोपी से पूछताछ जारी, आदित्य ठाकरे ने कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल</a></strong></p>  महाराष्ट्र स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने उपराज्यपाल विनय सक्सेना के अभिभाषण को बताया दूरदर्शी, इसलिए जताएंगे आभार