हरियाणा में बिना मान्यता वाले स्कूलों पर कार्रवाई नहीं:DEO ने 10 दिन बाद भी नहीं भेजी रिपोर्ट; न नाम सार्वजनिक किए, HC दे चुका लास्ट जांच

हरियाणा में बिना मान्यता वाले स्कूलों पर कार्रवाई नहीं:DEO ने 10 दिन बाद भी नहीं भेजी रिपोर्ट; न नाम सार्वजनिक किए, HC दे चुका लास्ट जांच

हरियाणा में बिना मान्यता के चल रहे 282 स्कूलों पर ऑर्डर के 10 दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इन आदेशों पर जिला शिक्षा अधिकारियों की लेटलतीफी अब भारी पड़ने लगी है। यही वजह है कि निदेशालय से तीन दिन के भीतर रिपोर्ट भेजने के ऑर्डर के दस दिन बाद भी कुछ भी नहीं हुआ है। सबसे हैरानी की बात यह है कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने जा रहा है। जबकि पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट भी इसको लेकर शिक्षा विभाग को ऑर्डर जारी कर चुका है। दरअसल, शिक्षा विभाग की ओर से हरियाणा में बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों के नाम की लिस्ट और उनके खिलाफ कार्रवाई के ऑर्डर जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी किए गए थे। इनसे रिपोर्ट मांगी गई थी और स्कूलों के नाम अखबारों में सार्वजनिक करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अभी एक भी जिले से इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। HC दे चुका विभाग को लास्ट चांस दरअसल, प्रदेश में बिना मान्यता चल रहे निजी स्कूलों को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर को गई थी। जिसमें याचिकाकर्ता ने हरियाणा स्कूल शिक्षा नियम के प्रावधानों के उल्लंघन में अवैध रूप से चल रहे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने का निर्देश देने और अवैध, गैर मान्यता प्राप्त, अनाधिकृत स्कूलों को विस्तार देने के लिए प्रतिबंधित करने का अनुरोध किया गया था। इस पर हाईकोर्ट ने आदेश के तहत अंतिम अवसर प्रदान करते हुए 26 फरवरी 2024 से पहले हलफनामा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था कि इन स्कूलों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। 20 हजार रुपए देना होगा जुर्माना अब यदि तिथि से पहले विभाग ने हलफनामा दायर नहीं किया गया तो राज्य 20000 रुपए की लागत का भुगतान करेगा। इस संबंध में निदेशालय द्वारा सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से संबंधित जिलों में स्थायी मान्यता, अस्थायी मान्यता, अनुमति के आधार पर चल रहे स्कूलों और बिना मान्यता प्राप्त या अनुमति के चल रहे स्कूलों (अनाधिकृत स्कूलों) के संबंध में सूचना मांगी गई थी। जिसके अनुसार राज्य में करीब 282 स्कूल बिना किसी मान्यता या अनुमति के चल रहे है। बच्चों को दाखिला न देने के निर्देश निदेशालय ने अनाधिकृत स्कूलों की सूची के साथ शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए निर्देश दिए गए थे कि संबंधित जिले में बिना मान्यता अनुमति के चल रहे स्कूल अथवा इसी श्रेणी के अन्य स्कूल, चाहे उसका नाम न हो, को चालू न रखा जाए, विद्यार्थियों को उक्त स्कूलों में प्रवेश न दिया जाए। अभिभावकों को जागरूक करने के लिए संबंधित जिले में बिना मान्यता या अनुमति के चल रहे स्कूलों की सूची दो स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित करवाई जाए। मगर खेद की बात यह है कि इस संबंध में की गई अनुपालना निदेशालय को प्राप्त नहीं हुई। हरियाणा में बिना मान्यता के चल रहे 282 स्कूलों पर ऑर्डर के 10 दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इन आदेशों पर जिला शिक्षा अधिकारियों की लेटलतीफी अब भारी पड़ने लगी है। यही वजह है कि निदेशालय से तीन दिन के भीतर रिपोर्ट भेजने के ऑर्डर के दस दिन बाद भी कुछ भी नहीं हुआ है। सबसे हैरानी की बात यह है कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने जा रहा है। जबकि पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट भी इसको लेकर शिक्षा विभाग को ऑर्डर जारी कर चुका है। दरअसल, शिक्षा विभाग की ओर से हरियाणा में बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों के नाम की लिस्ट और उनके खिलाफ कार्रवाई के ऑर्डर जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी किए गए थे। इनसे रिपोर्ट मांगी गई थी और स्कूलों के नाम अखबारों में सार्वजनिक करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अभी एक भी जिले से इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। HC दे चुका विभाग को लास्ट चांस दरअसल, प्रदेश में बिना मान्यता चल रहे निजी स्कूलों को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर को गई थी। जिसमें याचिकाकर्ता ने हरियाणा स्कूल शिक्षा नियम के प्रावधानों के उल्लंघन में अवैध रूप से चल रहे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने का निर्देश देने और अवैध, गैर मान्यता प्राप्त, अनाधिकृत स्कूलों को विस्तार देने के लिए प्रतिबंधित करने का अनुरोध किया गया था। इस पर हाईकोर्ट ने आदेश के तहत अंतिम अवसर प्रदान करते हुए 26 फरवरी 2024 से पहले हलफनामा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था कि इन स्कूलों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। 20 हजार रुपए देना होगा जुर्माना अब यदि तिथि से पहले विभाग ने हलफनामा दायर नहीं किया गया तो राज्य 20000 रुपए की लागत का भुगतान करेगा। इस संबंध में निदेशालय द्वारा सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से संबंधित जिलों में स्थायी मान्यता, अस्थायी मान्यता, अनुमति के आधार पर चल रहे स्कूलों और बिना मान्यता प्राप्त या अनुमति के चल रहे स्कूलों (अनाधिकृत स्कूलों) के संबंध में सूचना मांगी गई थी। जिसके अनुसार राज्य में करीब 282 स्कूल बिना किसी मान्यता या अनुमति के चल रहे है। बच्चों को दाखिला न देने के निर्देश निदेशालय ने अनाधिकृत स्कूलों की सूची के साथ शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए निर्देश दिए गए थे कि संबंधित जिले में बिना मान्यता अनुमति के चल रहे स्कूल अथवा इसी श्रेणी के अन्य स्कूल, चाहे उसका नाम न हो, को चालू न रखा जाए, विद्यार्थियों को उक्त स्कूलों में प्रवेश न दिया जाए। अभिभावकों को जागरूक करने के लिए संबंधित जिले में बिना मान्यता या अनुमति के चल रहे स्कूलों की सूची दो स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित करवाई जाए। मगर खेद की बात यह है कि इस संबंध में की गई अनुपालना निदेशालय को प्राप्त नहीं हुई।   हरियाणा | दैनिक भास्कर