हिसार जिले के हांसी के मोची मोहल्ला में सरकारी स्कूल के बच्चे दर-दर भटकने को मजबूर हैं। जिसमें पांच कक्षाओं के 126 बच्चे हैं। हांसी के मोची मोहल्ला में स्थित प्राथमिक पाठशाला की बिल्डिंग 2023 में कंडम घोषित कर दी गई थी। जिसके निर्माण को लेकर टेंडर भी अलॉट हो गया था। मगर बीच में लगातार किसी ने किसी तरह की अड़चनें आ रही थी और इस स्कूल के बच्चों को नजदीक स्थित पीसीएसडी स्कूल की बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया गया था। वहीं स्कूल प्रशासन के द्वारा दो कमरे भी मुहैया करवा दिए गए थे। 6 महीने के लिए कमरे मुहैया करवाए थे स्कूल प्रशासन का कहना है कि उन्होंने सरकारी स्कूल को 6 महीने के लिए कमरे मुहैया करवाए थे। जब तक उनके स्कूल की बिल्डिंग का निर्माण नहीं हो जाता। मगर एक लंबा अरसा बीत जाने के बाद भी स्कूल की बिल्डिंग का निर्माण शुरू नहीं हुआ है। जिसके बाद 1 अप्रैल को पीसीएसडी स्कूल प्रशासन ने सरकारी स्कूल के बच्चों को अपने स्कूल की बिल्डिंग में बैठाने से मना कर दिया। जिस कारण स्कूल स्टाफ ने बच्चों को बाहर सड़क पर बैठा दिया। जिससे काफी हंगामा हो गया। नायब तहसीलदार, बीईओ और पार्षद भी पहुंचे वहीं घटना की सूचना पाकर बच्चों के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। वहीं मौके पर नायब तहसीलदार और BEO और पार्षद रमेश सिसोदिया भी पहुंच गए। पीसीएसडी स्कूल प्राचार्या उर्मिला ने कहा कि उनके खुद के स्कूल के 400 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और शौचालय भी एक ही होने के कारण बच्चों को और जगह दिए जाने पर असमर्थता जताई। उन्होंने कहा कि जैसा भी स्कूल मैनेजमेंट और प्रशासन से बातचीत में हल निकलेगा वह निकल जाएगा। स्कूल इंचार्ज बोली-हमें ये उम्मीद नहीं थी GPS स्कूल की इंचार्ज शकुंतला ने बताया कि उनके स्कूल में 5 कक्षाओं के करीब 126 छात्र शिक्षा ग्रहण करते हैं। 2023 में स्कूल बिल्डिंग के कंडम हो जाने के बाद पीसीएसडी स्कूल में दो कमरों में इतने बच्चों को व्यवस्थित करने पर मजबूर हो गए हैं। इन्हीं कमरों में स्कूल का कार्यालय और मिड डे मील का भी निर्माण होता है। टीचर ने कहा कि आज हमारा प्रवेश उत्सव इस तरह से मनाया जाएगा, इसकी हमें उम्मीद नहीं थी। जगह की मांग करेंगे जिला शिक्षा अधिकारी शिक्षा अधिकारी जिले सिंह ने कहा कि हम पीसीसी स्कूल प्रबंधन से बात कर और समय की मांग करेंगे, ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो सके। स्कूल के निर्माण के लिए 59.83 लाख रुपए आवंटित भी हो गए थे। मगर राशि जारी नहीं हो पाई थी। जिस कारण किसी भी ठेकेदार ने काम शुरू नहीं किया। नए एडमिशन के लिए पहुंच रहे परिजन इस संबंध में नायब तहसीलदार दयाचंद ने कहा कि वह खुद स्कूल मैनेजमेंट से बात कर रहे हैं, ताकि और समय मिल सके। पीसीएसडी स्कूल को कुछ भी किराया देने के बारे में उन्होंने कहा कि ऐसा अभी कोई आदेश नहीं है। बच्चों के नए एडमिशन के लिए माता-पिता पहुंच रहे हैं, मगर उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा हैं। स्कूल की बिल्डिंग ना होने के कारण सरकारी स्कूल प्रबंधन और बच्चों को दाखिला देने में असमर्थ है। हिसार जिले के हांसी के मोची मोहल्ला में सरकारी स्कूल के बच्चे दर-दर भटकने को मजबूर हैं। जिसमें पांच कक्षाओं के 126 बच्चे हैं। हांसी के मोची मोहल्ला में स्थित प्राथमिक पाठशाला की बिल्डिंग 2023 में कंडम घोषित कर दी गई थी। जिसके निर्माण को लेकर टेंडर भी अलॉट हो गया था। मगर बीच में लगातार किसी ने किसी तरह की अड़चनें आ रही थी और इस स्कूल के बच्चों को नजदीक स्थित पीसीएसडी स्कूल की बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया गया था। वहीं स्कूल प्रशासन के द्वारा दो कमरे भी मुहैया करवा दिए गए थे। 6 महीने के लिए कमरे मुहैया करवाए थे स्कूल प्रशासन का कहना है कि उन्होंने सरकारी स्कूल को 6 महीने के लिए कमरे मुहैया करवाए थे। जब तक उनके स्कूल की बिल्डिंग का निर्माण नहीं हो जाता। मगर एक लंबा अरसा बीत जाने के बाद भी स्कूल की बिल्डिंग का निर्माण शुरू नहीं हुआ है। जिसके बाद 1 अप्रैल को पीसीएसडी स्कूल प्रशासन ने सरकारी स्कूल के बच्चों को अपने स्कूल की बिल्डिंग में बैठाने से मना कर दिया। जिस कारण स्कूल स्टाफ ने बच्चों को बाहर सड़क पर बैठा दिया। जिससे काफी हंगामा हो गया। नायब तहसीलदार, बीईओ और पार्षद भी पहुंचे वहीं घटना की सूचना पाकर बच्चों के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। वहीं मौके पर नायब तहसीलदार और BEO और पार्षद रमेश सिसोदिया भी पहुंच गए। पीसीएसडी स्कूल प्राचार्या उर्मिला ने कहा कि उनके खुद के स्कूल के 400 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और शौचालय भी एक ही होने के कारण बच्चों को और जगह दिए जाने पर असमर्थता जताई। उन्होंने कहा कि जैसा भी स्कूल मैनेजमेंट और प्रशासन से बातचीत में हल निकलेगा वह निकल जाएगा। स्कूल इंचार्ज बोली-हमें ये उम्मीद नहीं थी GPS स्कूल की इंचार्ज शकुंतला ने बताया कि उनके स्कूल में 5 कक्षाओं के करीब 126 छात्र शिक्षा ग्रहण करते हैं। 2023 में स्कूल बिल्डिंग के कंडम हो जाने के बाद पीसीएसडी स्कूल में दो कमरों में इतने बच्चों को व्यवस्थित करने पर मजबूर हो गए हैं। इन्हीं कमरों में स्कूल का कार्यालय और मिड डे मील का भी निर्माण होता है। टीचर ने कहा कि आज हमारा प्रवेश उत्सव इस तरह से मनाया जाएगा, इसकी हमें उम्मीद नहीं थी। जगह की मांग करेंगे जिला शिक्षा अधिकारी शिक्षा अधिकारी जिले सिंह ने कहा कि हम पीसीसी स्कूल प्रबंधन से बात कर और समय की मांग करेंगे, ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो सके। स्कूल के निर्माण के लिए 59.83 लाख रुपए आवंटित भी हो गए थे। मगर राशि जारी नहीं हो पाई थी। जिस कारण किसी भी ठेकेदार ने काम शुरू नहीं किया। नए एडमिशन के लिए पहुंच रहे परिजन इस संबंध में नायब तहसीलदार दयाचंद ने कहा कि वह खुद स्कूल मैनेजमेंट से बात कर रहे हैं, ताकि और समय मिल सके। पीसीएसडी स्कूल को कुछ भी किराया देने के बारे में उन्होंने कहा कि ऐसा अभी कोई आदेश नहीं है। बच्चों के नए एडमिशन के लिए माता-पिता पहुंच रहे हैं, मगर उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा हैं। स्कूल की बिल्डिंग ना होने के कारण सरकारी स्कूल प्रबंधन और बच्चों को दाखिला देने में असमर्थ है। हरियाणा | दैनिक भास्कर
