120 विभागों ने एक दिन में खर्च किए 260 करोड़:वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन मिला बजट; देर रात तक पास बिल, PWD ने खर्च किए 16 करोड़

120 विभागों ने एक दिन में खर्च किए 260 करोड़:वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन मिला बजट; देर रात तक पास बिल, PWD ने खर्च किए 16 करोड़

वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतिम दिन सोमवार को सरकारी महकमों में देर रात तक काम होता रहा और बजट को ठिकाने लगाने की कवायद चलती रही। कुछ विभाग पूरे साल बजट के लिए तरसते रहे थे उनको अंतिम दिन शासन से पैसा जारी किया गया। रात 10 बजे तक चलता रहा काम
अंतिम मिले बजट को खपाने के लिए पूरा जोर लगा दिया गया। रात 10 बजे तक करीब 260 करोड़ रुपए 120 विभागों ने खपा दिए। ज्यादातर विभागों में आया पैसा खर्च हो चुका है। अब नए वित्तीय वर्ष में होने वाले कार्यों की तैयारी होगी। देर रात तक कोषागार में चलता रहा काम
कानपुर में सरकारी विभागों में करीब 265 करोड़ रुपए का बजट आवंटित हुआ था। इसमें से करीब 260 करोड़ रुपए खर्च कर दिए गए। सोमवार देर रात तक कोषागार में कर्मी काम करते रहे। इन विभागों में चलता रहा मंथन
वहीं पंचायती राज विभाग, समाज कल्याण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, लेबर, पुलिस कमिश्नरेट, पीडब्ल्यूडी विभाग, कृषि समेत अन्य विभागों में ज्यादा से ज्यादा धन का खर्च कैसे किया जाए, इस पर मंथन होता रहा। देर रात तक हुआ बिलों का भुगतान
शासन से भी अंतिम समय में भी कई विभागों को करोड़ों रुपए का बजट जारी किया गया था। सुबह से ही बिलों के भुगतान का काम शुरू हो गया था। एक मार्च से सभी विभाग बजट को वापस जाने से बचाने के लिए कार्यों को अंजाम दे रहे थे। शासन ने कोषागार अधिकारी को सभी विभागों के बिल 25 मार्च तक पास करने के निर्देश दिए थे। ज्यादातर विभाग वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन बजट को ठिकाने लगाने के लिए जोड़ भाग में लगे रहे। पीडब्ल्यूडी में 16 करोड़ का खर्च हो गया बजट
वित्तीय वर्ष समाप्ति के अंतिम दिन सोमवार को स्वास्थ्य विभाग में करीब 7.59 करोड़ रुपए के बिल पास किए गए। इसके साथ पीडब्ल्यूडी के 16.51 करोड़ रुपए के बिल पास हुए। पुलिस विभाग के 6.45 करोड़ रुपए के और लेबर विभाग के 6.81 करोड़ रुपए के बिल कोषागार से पास किए गए। इसके अलावा अन्य विभागों के बिल एक करोड़ से अंदर के ही पास किए गए। एक-दो दिन में पूरा आंकलन सामने आएगा
मुख्य कोषागार अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि मार्च के आखिरी दिन विभिन्न विभागों का करोड़ों से ज्यादा का भुगतान हुआ। अब नए वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए शासन स्तर से बजट आवंटित होगा। जो बजट आया ज्यातार खर्च हो गया है। शेष बचा नहीं है। पूरा आंकलन एक-दो दिन बाद सामने आएगा। वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतिम दिन सोमवार को सरकारी महकमों में देर रात तक काम होता रहा और बजट को ठिकाने लगाने की कवायद चलती रही। कुछ विभाग पूरे साल बजट के लिए तरसते रहे थे उनको अंतिम दिन शासन से पैसा जारी किया गया। रात 10 बजे तक चलता रहा काम
अंतिम मिले बजट को खपाने के लिए पूरा जोर लगा दिया गया। रात 10 बजे तक करीब 260 करोड़ रुपए 120 विभागों ने खपा दिए। ज्यादातर विभागों में आया पैसा खर्च हो चुका है। अब नए वित्तीय वर्ष में होने वाले कार्यों की तैयारी होगी। देर रात तक कोषागार में चलता रहा काम
कानपुर में सरकारी विभागों में करीब 265 करोड़ रुपए का बजट आवंटित हुआ था। इसमें से करीब 260 करोड़ रुपए खर्च कर दिए गए। सोमवार देर रात तक कोषागार में कर्मी काम करते रहे। इन विभागों में चलता रहा मंथन
वहीं पंचायती राज विभाग, समाज कल्याण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, लेबर, पुलिस कमिश्नरेट, पीडब्ल्यूडी विभाग, कृषि समेत अन्य विभागों में ज्यादा से ज्यादा धन का खर्च कैसे किया जाए, इस पर मंथन होता रहा। देर रात तक हुआ बिलों का भुगतान
शासन से भी अंतिम समय में भी कई विभागों को करोड़ों रुपए का बजट जारी किया गया था। सुबह से ही बिलों के भुगतान का काम शुरू हो गया था। एक मार्च से सभी विभाग बजट को वापस जाने से बचाने के लिए कार्यों को अंजाम दे रहे थे। शासन ने कोषागार अधिकारी को सभी विभागों के बिल 25 मार्च तक पास करने के निर्देश दिए थे। ज्यादातर विभाग वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन बजट को ठिकाने लगाने के लिए जोड़ भाग में लगे रहे। पीडब्ल्यूडी में 16 करोड़ का खर्च हो गया बजट
वित्तीय वर्ष समाप्ति के अंतिम दिन सोमवार को स्वास्थ्य विभाग में करीब 7.59 करोड़ रुपए के बिल पास किए गए। इसके साथ पीडब्ल्यूडी के 16.51 करोड़ रुपए के बिल पास हुए। पुलिस विभाग के 6.45 करोड़ रुपए के और लेबर विभाग के 6.81 करोड़ रुपए के बिल कोषागार से पास किए गए। इसके अलावा अन्य विभागों के बिल एक करोड़ से अंदर के ही पास किए गए। एक-दो दिन में पूरा आंकलन सामने आएगा
मुख्य कोषागार अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि मार्च के आखिरी दिन विभिन्न विभागों का करोड़ों से ज्यादा का भुगतान हुआ। अब नए वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए शासन स्तर से बजट आवंटित होगा। जो बजट आया ज्यातार खर्च हो गया है। शेष बचा नहीं है। पूरा आंकलन एक-दो दिन बाद सामने आएगा।   उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर