चरखी दादरी के गांव पिचौपा कलां में हादसा होने के चार दिन बाद भी ग्रामीणों का रोष बरकरार है। ग्रामीणों ने शुक्रवार को बैठक कर कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोला है और माइनिंग क्षेत्र में काम नहीं करने का निर्णय लिया गया है। ग्रामीणों ने कहा कि वहां जाना खतरे से खाली नहीं है इसलिए ग्रामीण वहां से दूरी बनाए। इसके बावजूद यदि कोई वहां जाता है और हादसा होता तो वह स्वयं जिम्मेदार होगा। ग्रामीणों के अनुसार माइनिंग विभाग के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर खनन काम बंद करवाने की बात कही है। जिससे ग्रामीण कुछ शांत हुए है। विधायक करेंगे निरीक्षण
शनिवार दोपहर बाद बाढ़डा विधायक उमेद सिंह पातुवास अधिकारियों के साथ माइनिंग क्षेत्र पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण करेंगे। ग्रामीणों ने बताया कि विधायक से बात हुई है और उन्होंने आने की बात कही है। काम बंद करवा दिया
पिचौपा कलां सरपंच प्रतिनिधि अशोक कुमार ने बताया कि शुक्रवार को माइनिंग विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी, उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि मिट्टी को परोपर तरीके से हटवा दिया जाएगा और जो भी कुछ उसके नीचे दबा होगा उसको बाहर निकाला जाएगा। इसके अलावा विभाग ने फिलहाल वहां काम बंद करवा दिया है। रात को नहीं दिया पहरा
ग्रामीणों ने वीरवार रात को माइनिंग क्षेत्र में पहरा दिया था, ताकि वहां नीचे जो कुछ दबा है उसको रातोरात निकालकर इधर उधर ना कर दिया जाए। लेकिन शुक्रवार रात को ग्रामीणों ने पहरा नहीं दिया। सरपंच प्रतिनिधि अशोक ने कहा कि अभी तक उनके गांव या दूसरे स्थान से कोई सामने नहीं आया है कि उनका कोई व्यक्ति गायब है या नीचे दबा हुआ है जिसके चलते ग्राम पंचायत ने भी पहरा नहीं दिया। ये था मामला
बुधवार शाम को पिचौपा कलां के माइनिंग क्षेत्र में पहाड़ी खिसक गई थी, जिसके मलबे के नीचे गाड़ी भी दब गई थी। घटना का वीडियो भी सामने आया था। दो हफ्ते में दूसरी घटना सामने आने के बाद ग्रामीणों में इसको लेकर काफी रोष देखने को मिला और जिसके बाद वीरवार सुबह सरपंच प्रतिनिधि, पंच, नंबरदार सहित मौजिज लोग वहां पहुंचे थे और सरकार, प्रशासन, माइनिंग विभाग व माइनिंग कंपनी के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया और अवैध माइनिंग के आरोप लगाए। इसके बाद ग्रामीण पहाड़ की तलहटी में पहुंचे और मौके का मुआयना किया। वहां से ग्रामीण वापिस लौटे तो कंपनी के कर्मचारियों ने नीचे जाने पर एतराज जताया और उनका रास्ता रोक दिया। जिसके बाद पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों में कंपनी कर्मचारियों के बीच हाथापाई हुई थी। चरखी दादरी के गांव पिचौपा कलां में हादसा होने के चार दिन बाद भी ग्रामीणों का रोष बरकरार है। ग्रामीणों ने शुक्रवार को बैठक कर कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोला है और माइनिंग क्षेत्र में काम नहीं करने का निर्णय लिया गया है। ग्रामीणों ने कहा कि वहां जाना खतरे से खाली नहीं है इसलिए ग्रामीण वहां से दूरी बनाए। इसके बावजूद यदि कोई वहां जाता है और हादसा होता तो वह स्वयं जिम्मेदार होगा। ग्रामीणों के अनुसार माइनिंग विभाग के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर खनन काम बंद करवाने की बात कही है। जिससे ग्रामीण कुछ शांत हुए है। विधायक करेंगे निरीक्षण
शनिवार दोपहर बाद बाढ़डा विधायक उमेद सिंह पातुवास अधिकारियों के साथ माइनिंग क्षेत्र पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण करेंगे। ग्रामीणों ने बताया कि विधायक से बात हुई है और उन्होंने आने की बात कही है। काम बंद करवा दिया
पिचौपा कलां सरपंच प्रतिनिधि अशोक कुमार ने बताया कि शुक्रवार को माइनिंग विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी, उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि मिट्टी को परोपर तरीके से हटवा दिया जाएगा और जो भी कुछ उसके नीचे दबा होगा उसको बाहर निकाला जाएगा। इसके अलावा विभाग ने फिलहाल वहां काम बंद करवा दिया है। रात को नहीं दिया पहरा
ग्रामीणों ने वीरवार रात को माइनिंग क्षेत्र में पहरा दिया था, ताकि वहां नीचे जो कुछ दबा है उसको रातोरात निकालकर इधर उधर ना कर दिया जाए। लेकिन शुक्रवार रात को ग्रामीणों ने पहरा नहीं दिया। सरपंच प्रतिनिधि अशोक ने कहा कि अभी तक उनके गांव या दूसरे स्थान से कोई सामने नहीं आया है कि उनका कोई व्यक्ति गायब है या नीचे दबा हुआ है जिसके चलते ग्राम पंचायत ने भी पहरा नहीं दिया। ये था मामला
बुधवार शाम को पिचौपा कलां के माइनिंग क्षेत्र में पहाड़ी खिसक गई थी, जिसके मलबे के नीचे गाड़ी भी दब गई थी। घटना का वीडियो भी सामने आया था। दो हफ्ते में दूसरी घटना सामने आने के बाद ग्रामीणों में इसको लेकर काफी रोष देखने को मिला और जिसके बाद वीरवार सुबह सरपंच प्रतिनिधि, पंच, नंबरदार सहित मौजिज लोग वहां पहुंचे थे और सरकार, प्रशासन, माइनिंग विभाग व माइनिंग कंपनी के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया और अवैध माइनिंग के आरोप लगाए। इसके बाद ग्रामीण पहाड़ की तलहटी में पहुंचे और मौके का मुआयना किया। वहां से ग्रामीण वापिस लौटे तो कंपनी के कर्मचारियों ने नीचे जाने पर एतराज जताया और उनका रास्ता रोक दिया। जिसके बाद पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों में कंपनी कर्मचारियों के बीच हाथापाई हुई थी। हरियाणा | दैनिक भास्कर
