वाराणसी में चार लोगों की अलग-अलग जगहों पर मौत हो गई। ये मौतें 48 घंटे के अंदर हुई हैं। इनमें एक-दो लोग दर्शन करने आए थे, वहीं अन्य इलाज कराने आए थे। वहीं, मंदिर में दर्शन के लिए लाइन में लगे तीन श्रद्धालु अचानक गश खाकर गिर पड़े। इन सभी को मंदिर प्रबंधन ने अस्पताल पहुंचाया। जहां हालत में सुधार होने के बाद उन्हें उनके घर रवाना कर दिया गया। अब विस्तार से पढ़िए… वाराणसी के चौबेपुर निवासी राजेश पांडेय (45 साल) मंगलवार को दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे थे। इनकी तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल पहुंचाया गया। कर्नाटक के राघवेंद्र (33 साल) और हैदराबाद के रहने वाले महाविशाल (43 साल) की हालत बिगड़ गई। कबीर चौरा अस्पताल में इलाज के बाद सभी की हालत ठीक है। 48 घंटे में इन श्रद्धालुओं की मौत बिहार के छपरा निवासी संजय कुमार (43), पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी निवासी मुन्ना अग्रवाल (54) और दिल्ली निवासी शक्ति माथुर (63) वाराणसी पहुंचे थे। इधर, कैंट रेलवे स्टेशन पर बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी विजैन सेन की हालत खराब हो गई। परिजन उन्हें इलाज के लिए BHU हॉस्पिटल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में उनकी मौत हो गई। मौत की वजह क्या है, अभी साफ नहीं है। सभी के परिजनों ने पोस्टमॉर्टम करवाने से इनकार कर दिया। इसके बाद शव लेकर चले गए। मृतकों में एक सिलीगुड़ी के व्यापारी भी थे, जिनका अंतिम संस्कार हरिश्चंद्र घाट पर किया। गंगा घाट से लेकर विश्वनाथ धाम तक खचाखच भीड़, गंगा आरती स्थगित वाराणसी में महाकुंभ का पलट प्रवाह देखने को मिल रहा है। गंगा घाट से लेकर काशी की गलियां श्रद्धालुओं से खचाखच भरी हुई हैं। काशी के प्रमुख 20 गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ है। श्रद्धालु गंगा स्नान के बाद विभिन्न मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए जा रहे हैं। प्राचीन दशाश्वमेध और शीतला घाट पर गंगा आरती का आयोजन करने वाली समिति ने आरती स्थगित करने का निर्णय लिया है। भीड़ को कंट्रोल करने के लिए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के आलाधिकारी मोर्चा संभाले हुए हैं। गोदौलिया क्षेत्र को एकल जोन घोषित कर दिया गया है। शहर में UP 65 के अलावा किसी भी अन्य गाड़ी को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। ड्रोन से पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। गंगा घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि हम आस्था की यात्रा पर निकले हैं। पहले हमने प्रयागराज महाकुंभ में दर्शन किया, फिर बाबा विश्वनाथ के नगरी पहुंचे हैं। इसके बाद अयोध्या भी दर्शन करने जाना है। ……………….. ये खबर भी पढ़ें- राम मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास का निधन:बाबरी विध्वंस के वक्त रामलला को गोद में लेकर भागे थे, टीचर के बाद पुजारी बने अयोध्या में रामलला मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का 80 साल की उम्र में निधन हो गया। बुधवार सुबह 7 बजे लखनऊ PGI में उन्होंने आखिरी सांस ली। 3 फरवरी को ब्रेन हेमरेज के बाद उनको अयोध्या से लखनऊ रेफर किया गया था। आचार्य सत्येंद्र दास का पार्थिव शरीर अयोध्या लाया जाएगा। उनके आश्रम सत्य धाम गोपाल मंदिर में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। सत्येंद्र दास 32 साल से रामजन्मभूमि में बतौर मुख्य पुजारी सेवा दे रहे थे। 6 दिसंबर, 1992 को बाबरी विध्वंस के समय वे रामलला को गोद में लेकर भागे थे। पढ़ें पूरी खबर वाराणसी में चार लोगों की अलग-अलग जगहों पर मौत हो गई। ये मौतें 48 घंटे के अंदर हुई हैं। इनमें एक-दो लोग दर्शन करने आए थे, वहीं अन्य इलाज कराने आए थे। वहीं, मंदिर में दर्शन के लिए लाइन में लगे तीन श्रद्धालु अचानक गश खाकर गिर पड़े। इन सभी को मंदिर प्रबंधन ने अस्पताल पहुंचाया। जहां हालत में सुधार होने के बाद उन्हें उनके घर रवाना कर दिया गया। अब विस्तार से पढ़िए… वाराणसी के चौबेपुर निवासी राजेश पांडेय (45 साल) मंगलवार को दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे थे। इनकी तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल पहुंचाया गया। कर्नाटक के राघवेंद्र (33 साल) और हैदराबाद के रहने वाले महाविशाल (43 साल) की हालत बिगड़ गई। कबीर चौरा अस्पताल में इलाज के बाद सभी की हालत ठीक है। 48 घंटे में इन श्रद्धालुओं की मौत बिहार के छपरा निवासी संजय कुमार (43), पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी निवासी मुन्ना अग्रवाल (54) और दिल्ली निवासी शक्ति माथुर (63) वाराणसी पहुंचे थे। इधर, कैंट रेलवे स्टेशन पर बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी विजैन सेन की हालत खराब हो गई। परिजन उन्हें इलाज के लिए BHU हॉस्पिटल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में उनकी मौत हो गई। मौत की वजह क्या है, अभी साफ नहीं है। सभी के परिजनों ने पोस्टमॉर्टम करवाने से इनकार कर दिया। इसके बाद शव लेकर चले गए। मृतकों में एक सिलीगुड़ी के व्यापारी भी थे, जिनका अंतिम संस्कार हरिश्चंद्र घाट पर किया। गंगा घाट से लेकर विश्वनाथ धाम तक खचाखच भीड़, गंगा आरती स्थगित वाराणसी में महाकुंभ का पलट प्रवाह देखने को मिल रहा है। गंगा घाट से लेकर काशी की गलियां श्रद्धालुओं से खचाखच भरी हुई हैं। काशी के प्रमुख 20 गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ है। श्रद्धालु गंगा स्नान के बाद विभिन्न मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए जा रहे हैं। प्राचीन दशाश्वमेध और शीतला घाट पर गंगा आरती का आयोजन करने वाली समिति ने आरती स्थगित करने का निर्णय लिया है। भीड़ को कंट्रोल करने के लिए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के आलाधिकारी मोर्चा संभाले हुए हैं। गोदौलिया क्षेत्र को एकल जोन घोषित कर दिया गया है। शहर में UP 65 के अलावा किसी भी अन्य गाड़ी को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। ड्रोन से पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। गंगा घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि हम आस्था की यात्रा पर निकले हैं। पहले हमने प्रयागराज महाकुंभ में दर्शन किया, फिर बाबा विश्वनाथ के नगरी पहुंचे हैं। इसके बाद अयोध्या भी दर्शन करने जाना है। ……………….. ये खबर भी पढ़ें- राम मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास का निधन:बाबरी विध्वंस के वक्त रामलला को गोद में लेकर भागे थे, टीचर के बाद पुजारी बने अयोध्या में रामलला मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का 80 साल की उम्र में निधन हो गया। बुधवार सुबह 7 बजे लखनऊ PGI में उन्होंने आखिरी सांस ली। 3 फरवरी को ब्रेन हेमरेज के बाद उनको अयोध्या से लखनऊ रेफर किया गया था। आचार्य सत्येंद्र दास का पार्थिव शरीर अयोध्या लाया जाएगा। उनके आश्रम सत्य धाम गोपाल मंदिर में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। सत्येंद्र दास 32 साल से रामजन्मभूमि में बतौर मुख्य पुजारी सेवा दे रहे थे। 6 दिसंबर, 1992 को बाबरी विध्वंस के समय वे रामलला को गोद में लेकर भागे थे। पढ़ें पूरी खबर उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर
काशी में अलग-अलग जगहों पर 4 की मौत:तीन श्रद्धालु बेहोश, प्रशासन ने पहुंचाया अस्पताल; हालत में सुधार पर घर भेजा
