निषाद पार्टी के अध्यक्ष और योगी सरकार में मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद ने कहा कि धनंजय सिंह और ब्रजेश सिंह किसी के लिए बाहुबली हो सकते हैं, लेकिन उनके लिए संरक्षक हैं। निषाद पार्टी को बड़ा और खड़ा करने में उनकी बड़ी भूमिका है, यदि कोई कानूनी अड़चन नहीं हुई तो वह उन्हें चुनाव लड़ने का मौका देंगे। निषाद का कहना है कि मछुआ समाज को अनुसूचित जाति में आरक्षण देने का भाजपा का पुराना वादा है, यदि वादा पूरा नहीं हुआ तो भाजपा को इसका जवाब देना होगा। संजय निषाद ने बिहार चुनाव सहित अन्य मुद्दों पर दैनिक भास्कर से विस्तार से बात की। संजय निषाद ने एक बार फिर दोहराया है कि सरकार में ऐसे अफसर बैठे हैं जो बाहर से खुद को कमल के साथ दिखाते हैं लेकिन अंदर से हाथी और साइकिल वाले हैं। ऐसे अफसरों को चिह्नित कर हटाना चाहिए। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल : बिहार चुनाव का आगाज हो गया है, आपकी पार्टी की क्या भूमिका रहेगी? संजय निषाद: हम लोग केंद्रीय नेतृत्व से गवर्न होते हैं। जेपी नड्डा, अमित शाह, पीएम नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्र के विकास के लिए काम करते हैं। हम 24 कैरेट के राष्ट्रवादी हैं, मुगलों को मौत के घाट उतारने वाले और भगवान राम को पार उतारने वाले लोग हैं। लोकतंत्र में जीत के माध्यम से ही समस्या का समाधान हो सकता है। निषाद समाज की समस्या तब ही दूर होगी जब लोकतंत्र में हमारी जीत होगी। बिहार में भी बहार आए, निषाद समाज को आरक्षण का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा है। बिहार के 18 फीसदी निषाद एनडीए के साथ रहेंगे। सवाल: क्या अमित शाह, जेपी नड्डा आपका भी राष्ट्रीय नेतृत्व है? संजय निषाद: हमें जॉइन तो जेपी नड्डा साहब ने कराया था। हम लोग 2017, 2018 में भाजपा से अलग चुनाव लड़े थे, हम 2019 में भाजपा के साथ आए। हमें तो शीर्ष नेतृत्व जहां कहता है वहीं हम जाते हैं। जितनी भी संवैधानिक समस्याएं थीं चाहे वह राम मंदिर का मुद्दा हो या जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति हो, यह मुद्दे भाजपा ने ही सुलझाए हैं जबकि अन्य दल इन मुद्दों को उलझा रहे थे। सवाल: पिछले दिनों एक आदेश के तहत जातियों का नाम लिखने पर रोक लगाई गई थी, आपने इसका विरोध भी किया था, अब क्या कर रहे हैं? संजय निषाद: निषाद, ठाकुर, ब्राह्मण यदि जाति नहीं लिखेगा तो क्या करेगा, इन्हें जाति मानें या धर्म। अभी क्षत्रिय महासभा का सम्मेलन हुआ था तो कौनसा उन पर मुकदमा हो गया। जाति के नाम पर एक होना चाहिए। जैसे सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट कहती है कि ओबीसी के 27 फीसदी आरक्षण पर मिल्क मैन का कब्जा है, एससी के 22 फीसदी आरक्षण पर लैदर-मैन का कब्जा है। तो अदर मैन कहां जाएगा? यदि धोबी, पासी, वाल्मीकि एकत्रित नहीं हुआ तो क्या करेंगे? केवट, मल्लाह एकजुट नहीं होगा तो क्या करेगा। यदि हाथी और मिल्क-मैन को सभी का हिस्सा खिलाना हो तो इस तरह की रोक लगाएं। सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट कहती है कि यादव और जाटव अपनी संख्या से सौ गुना से अधिक सरकारी नौकरियों पर कब्जा किए हैं। कब्जा वापस लेने के लिए समूह में एकत्रित होना होगा, यदि कब्जा कराना हो तो जाति लिखने पर रोक लगाएं। सरकार को इसके खिलाफ अपील में जाना चाहिए, विचार करना चाहिए। सरकार को इन जातियों के साथ खड़े रहना चाहिए। सवाल: पंचायत चुनाव में निषाद समाज की क्या भूमिका रहेगी? संजय निषाद: पंचायत चुनाव बिना सिंबल का होता है, जब सदस्य जीतकर आते हैं तो ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए गठबंधन करेंगे। सदस्य का चुनाव अलग लड़ेंगे, यदि भाजपा कहेगी तो तालमेल मिलाया जाएगा। सवाल: आप कहते हैं कि सरकार में सपा के अधिकारी बैठे हैं, तो क्या आपने उन अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार से बात की? संजय निषाद: अभी देखिए अधिकारियों ने जाति नहीं लिखने का आदेश जारी कर दिया, अभी क्षत्रिय महासभा की बैठक हुई है यदि उन पर मुकदमा दर्ज होता तो प्रदेश का क्षत्रिय तो नाराज हो जाता। अभी जिन जातियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा क्या वह भाजपा के साथ रहेंगी, यह आदेश वही अधिकारी जारी कर रहे हैं जो सरकार को नुकसान पहुंचा रहे हैं? जापान में एक लड़की को स्कूल ले जाने और लाने के लिए ट्रेन चलती है लेकिन यहां स्कूल बंद करा दिए गए हैं। यदि कोई स्कूल चल रहा था तो उसे प्राइवेट को देते थे, अब बच्चे दस किलोमीटर स्कूल जाएंगे। यह छोटे-छोटे निर्णय काफी प्रभावित करते हैं, अधिकारी तो वोट मांगने जाते नहीं हैं, अधिकारी ऐसे निर्णय लेते हैं कि वोट खराब हो जाए। 2020 में चौरीचौरा में दो निषाद ब्लॉक का चुनाव जीते थे, दूसरे दिन प्रमाण पत्र लेने गए तो यादव अधिकारी ने उनका प्रमाण पत्र ही बदल दिया। जब जिले के निषादों ने आंदोलन किया तो वह एसडीएम जेल गया था, जब उससे पूछा गया तो उसने कहा कि सरकार आएगी तो वापस बहाल हो जाएंगे, हमारा काम ही यह है। सोचिए कि यदि इस सोच के लोग तहसील, कचहरी और थाना में रहेंगे तो क्या होगा? अंदर से हाथी-साइकिल है बाहर से कमल है, लेकिन जब वह नुकसान करते हैं तो पता चलता है। सीएम योगी समय-समय पर ऐसे अफसरों के खिलाफ कार्रवाई भी करते हैं। ऐसे अफसरों को चिह्नित कर हटाना जाहिए। सवाल: आप बीजेपी के नेताओं की बयानबाजी से नाराज थे, क्या कुछ सुधार आया है अब? संजय निषाद: अभी बहुत कुछ सुधार हुआ है। कुछ आयातित नेता हैं, उनका काम ही है कि सत्ता में साथ आना और मलाई खाना। जो नेता सपा के साथ रहा हो तब निषादों का आरक्षण छीन लिया, बहनजी ने जमीन छीन ली थी। अब वही लोग भाजपा को गुमराह कर रहे हैं कि झउआ भर वोट हैं, पौव्वा पीएगा और वोट दिलाएगा। 2019 और 2022 में निषाद ने भाजपा को ऐतिहासिक जीत दिलाई है। निषाद नेता आरक्षण पर क्यों नहीं बोलते हैं। आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा 45 सीट हार गई, हम भाजपा के सहयोगी हैं इसलिए यह हमारी भी हार है। हमने निषाद का महत्व बढ़ाया है, निषाद पार्टी के कारण उनकी पूछ हो रही है। भाजपा को अपने कैडर लीडर को आगे बढ़ाना चाहिए जो संघ से आया हो। दूसरे दल से आए हैं उन्हें अवसर नहीं दें। सवाल: आपका 2019 से बीजेपी से गठबंधन है, आपकी मांगों को कितना पूरा किया गया जिनके लिए आपने निषाद समाज से बीजेपी को वोट देने की अपील की थी? संजय निषाद: यह भाजपा का खुद का मुद्दा है। मछुआ विजन 2014 में बनाया था। योगी जी खुद आवाज उठाते रहे हैं कि निषाद को एससी में आरक्षण मिलना चाहिए। आज जब भाजपा खुद सरकार में है, मैं तो वकील हूं अपनी मांग करूंगा। जवाब तो भाजपा को देना होगा। पहली बार है कि सीएम योगी ने आरजीआई को पत्र लिखा है। आरजीआई ने कह दिया है कि केवल, मल्लाह, माझी को एससी में आरक्षण दिया। सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्रालय इसका नोडल विभाग है, भाजपा को इसे हल करना चाहिए। हमारा कहना है कि ओबीसी से हमारा नाम खारिज करो और अनुसूचित में जोड़ने का आदेश जारी करो। राज्यपाल और राष्ट्रपति ने भी आदेश दिया है, इसका पालन करना चाहिए। इससे 2027 की जीत आसान हो जाएगी। सवाल: बाहुबली धनंजय सिंह और ब्रजेश सिंह आपके संपर्क में हैं, क्या आपकी पार्टी उन्हें टिकट देगी? संजय निषाद: कांग्रेस, सपा का कितना आतंक था कि वह किसी दूसरे दल को खड़ा नहीं होने देते थे। हमारे लोगों पर मुकदमा दर्ज किया जाता था। यह लोग आपके लिए बाहुबली हो सकते हैं, लेकिन यह लोग उस समय हमारे संरक्षक रहे हैं, हमारी पार्टी को खड़ा-बड़ा करने में उनकी भूमिका है। हमारे समाज को संरक्षण दिया था। यदि उन लोगों ने साथ दिया है कि वह हमारे मित्र हैं। यदि न्यायालय रोकेगा तो रुक जाएंगे, लेकिन लोकतंत्र में मिलना-जुलना जारी रहना चाहिए। वह लोग सरकार के साथ हैं, हम भी सरकार के साथ हैं। ——————— ये खबर भी पढ़ें… महिला बोली- कामदगिरि की परिक्रमा से दूर हुई गरीबी:जो मांगते हैं, मिलता है; दिवाली तक चित्रकूट 40 लाख श्रद्धालु आएंगे ‘हम पिछले 16 साल से रोज कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा कर रहे हैं। यह हमारी आस्था का प्रतीक है। यहां आने के बाद हम एक विशेष ऊर्जा से भर जाते हैं। हम सामाजिक और जनहित में जो भी काम करते हैं। ऐसा लगता है कि उसमें हमें यहां की ईश्वरीय शक्ति सहयोग करती है। आगे हमेशा ऐसे ही करते रहेंगे।’ ये कहना है श्रद्धालु अक्षांश पंडित का। अक्षांश की ही तरह ही हजारों लोग चित्रकूट के कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा कर रहे हैं। दीपावली तक इस परिक्रमा में शामिल होने वाले लोगों की संख्या 40 लाख तक पहुंच जाती है। पढ़ें पूरी खबर निषाद पार्टी के अध्यक्ष और योगी सरकार में मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद ने कहा कि धनंजय सिंह और ब्रजेश सिंह किसी के लिए बाहुबली हो सकते हैं, लेकिन उनके लिए संरक्षक हैं। निषाद पार्टी को बड़ा और खड़ा करने में उनकी बड़ी भूमिका है, यदि कोई कानूनी अड़चन नहीं हुई तो वह उन्हें चुनाव लड़ने का मौका देंगे। निषाद का कहना है कि मछुआ समाज को अनुसूचित जाति में आरक्षण देने का भाजपा का पुराना वादा है, यदि वादा पूरा नहीं हुआ तो भाजपा को इसका जवाब देना होगा। संजय निषाद ने बिहार चुनाव सहित अन्य मुद्दों पर दैनिक भास्कर से विस्तार से बात की। संजय निषाद ने एक बार फिर दोहराया है कि सरकार में ऐसे अफसर बैठे हैं जो बाहर से खुद को कमल के साथ दिखाते हैं लेकिन अंदर से हाथी और साइकिल वाले हैं। ऐसे अफसरों को चिह्नित कर हटाना चाहिए। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल : बिहार चुनाव का आगाज हो गया है, आपकी पार्टी की क्या भूमिका रहेगी? संजय निषाद: हम लोग केंद्रीय नेतृत्व से गवर्न होते हैं। जेपी नड्डा, अमित शाह, पीएम नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्र के विकास के लिए काम करते हैं। हम 24 कैरेट के राष्ट्रवादी हैं, मुगलों को मौत के घाट उतारने वाले और भगवान राम को पार उतारने वाले लोग हैं। लोकतंत्र में जीत के माध्यम से ही समस्या का समाधान हो सकता है। निषाद समाज की समस्या तब ही दूर होगी जब लोकतंत्र में हमारी जीत होगी। बिहार में भी बहार आए, निषाद समाज को आरक्षण का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा है। बिहार के 18 फीसदी निषाद एनडीए के साथ रहेंगे। सवाल: क्या अमित शाह, जेपी नड्डा आपका भी राष्ट्रीय नेतृत्व है? संजय निषाद: हमें जॉइन तो जेपी नड्डा साहब ने कराया था। हम लोग 2017, 2018 में भाजपा से अलग चुनाव लड़े थे, हम 2019 में भाजपा के साथ आए। हमें तो शीर्ष नेतृत्व जहां कहता है वहीं हम जाते हैं। जितनी भी संवैधानिक समस्याएं थीं चाहे वह राम मंदिर का मुद्दा हो या जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति हो, यह मुद्दे भाजपा ने ही सुलझाए हैं जबकि अन्य दल इन मुद्दों को उलझा रहे थे। सवाल: पिछले दिनों एक आदेश के तहत जातियों का नाम लिखने पर रोक लगाई गई थी, आपने इसका विरोध भी किया था, अब क्या कर रहे हैं? संजय निषाद: निषाद, ठाकुर, ब्राह्मण यदि जाति नहीं लिखेगा तो क्या करेगा, इन्हें जाति मानें या धर्म। अभी क्षत्रिय महासभा का सम्मेलन हुआ था तो कौनसा उन पर मुकदमा हो गया। जाति के नाम पर एक होना चाहिए। जैसे सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट कहती है कि ओबीसी के 27 फीसदी आरक्षण पर मिल्क मैन का कब्जा है, एससी के 22 फीसदी आरक्षण पर लैदर-मैन का कब्जा है। तो अदर मैन कहां जाएगा? यदि धोबी, पासी, वाल्मीकि एकत्रित नहीं हुआ तो क्या करेंगे? केवट, मल्लाह एकजुट नहीं होगा तो क्या करेगा। यदि हाथी और मिल्क-मैन को सभी का हिस्सा खिलाना हो तो इस तरह की रोक लगाएं। सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट कहती है कि यादव और जाटव अपनी संख्या से सौ गुना से अधिक सरकारी नौकरियों पर कब्जा किए हैं। कब्जा वापस लेने के लिए समूह में एकत्रित होना होगा, यदि कब्जा कराना हो तो जाति लिखने पर रोक लगाएं। सरकार को इसके खिलाफ अपील में जाना चाहिए, विचार करना चाहिए। सरकार को इन जातियों के साथ खड़े रहना चाहिए। सवाल: पंचायत चुनाव में निषाद समाज की क्या भूमिका रहेगी? संजय निषाद: पंचायत चुनाव बिना सिंबल का होता है, जब सदस्य जीतकर आते हैं तो ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए गठबंधन करेंगे। सदस्य का चुनाव अलग लड़ेंगे, यदि भाजपा कहेगी तो तालमेल मिलाया जाएगा। सवाल: आप कहते हैं कि सरकार में सपा के अधिकारी बैठे हैं, तो क्या आपने उन अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार से बात की? संजय निषाद: अभी देखिए अधिकारियों ने जाति नहीं लिखने का आदेश जारी कर दिया, अभी क्षत्रिय महासभा की बैठक हुई है यदि उन पर मुकदमा दर्ज होता तो प्रदेश का क्षत्रिय तो नाराज हो जाता। अभी जिन जातियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा क्या वह भाजपा के साथ रहेंगी, यह आदेश वही अधिकारी जारी कर रहे हैं जो सरकार को नुकसान पहुंचा रहे हैं? जापान में एक लड़की को स्कूल ले जाने और लाने के लिए ट्रेन चलती है लेकिन यहां स्कूल बंद करा दिए गए हैं। यदि कोई स्कूल चल रहा था तो उसे प्राइवेट को देते थे, अब बच्चे दस किलोमीटर स्कूल जाएंगे। यह छोटे-छोटे निर्णय काफी प्रभावित करते हैं, अधिकारी तो वोट मांगने जाते नहीं हैं, अधिकारी ऐसे निर्णय लेते हैं कि वोट खराब हो जाए। 2020 में चौरीचौरा में दो निषाद ब्लॉक का चुनाव जीते थे, दूसरे दिन प्रमाण पत्र लेने गए तो यादव अधिकारी ने उनका प्रमाण पत्र ही बदल दिया। जब जिले के निषादों ने आंदोलन किया तो वह एसडीएम जेल गया था, जब उससे पूछा गया तो उसने कहा कि सरकार आएगी तो वापस बहाल हो जाएंगे, हमारा काम ही यह है। सोचिए कि यदि इस सोच के लोग तहसील, कचहरी और थाना में रहेंगे तो क्या होगा? अंदर से हाथी-साइकिल है बाहर से कमल है, लेकिन जब वह नुकसान करते हैं तो पता चलता है। सीएम योगी समय-समय पर ऐसे अफसरों के खिलाफ कार्रवाई भी करते हैं। ऐसे अफसरों को चिह्नित कर हटाना जाहिए। सवाल: आप बीजेपी के नेताओं की बयानबाजी से नाराज थे, क्या कुछ सुधार आया है अब? संजय निषाद: अभी बहुत कुछ सुधार हुआ है। कुछ आयातित नेता हैं, उनका काम ही है कि सत्ता में साथ आना और मलाई खाना। जो नेता सपा के साथ रहा हो तब निषादों का आरक्षण छीन लिया, बहनजी ने जमीन छीन ली थी। अब वही लोग भाजपा को गुमराह कर रहे हैं कि झउआ भर वोट हैं, पौव्वा पीएगा और वोट दिलाएगा। 2019 और 2022 में निषाद ने भाजपा को ऐतिहासिक जीत दिलाई है। निषाद नेता आरक्षण पर क्यों नहीं बोलते हैं। आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा 45 सीट हार गई, हम भाजपा के सहयोगी हैं इसलिए यह हमारी भी हार है। हमने निषाद का महत्व बढ़ाया है, निषाद पार्टी के कारण उनकी पूछ हो रही है। भाजपा को अपने कैडर लीडर को आगे बढ़ाना चाहिए जो संघ से आया हो। दूसरे दल से आए हैं उन्हें अवसर नहीं दें। सवाल: आपका 2019 से बीजेपी से गठबंधन है, आपकी मांगों को कितना पूरा किया गया जिनके लिए आपने निषाद समाज से बीजेपी को वोट देने की अपील की थी? संजय निषाद: यह भाजपा का खुद का मुद्दा है। मछुआ विजन 2014 में बनाया था। योगी जी खुद आवाज उठाते रहे हैं कि निषाद को एससी में आरक्षण मिलना चाहिए। आज जब भाजपा खुद सरकार में है, मैं तो वकील हूं अपनी मांग करूंगा। जवाब तो भाजपा को देना होगा। पहली बार है कि सीएम योगी ने आरजीआई को पत्र लिखा है। आरजीआई ने कह दिया है कि केवल, मल्लाह, माझी को एससी में आरक्षण दिया। सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्रालय इसका नोडल विभाग है, भाजपा को इसे हल करना चाहिए। हमारा कहना है कि ओबीसी से हमारा नाम खारिज करो और अनुसूचित में जोड़ने का आदेश जारी करो। राज्यपाल और राष्ट्रपति ने भी आदेश दिया है, इसका पालन करना चाहिए। इससे 2027 की जीत आसान हो जाएगी। सवाल: बाहुबली धनंजय सिंह और ब्रजेश सिंह आपके संपर्क में हैं, क्या आपकी पार्टी उन्हें टिकट देगी? संजय निषाद: कांग्रेस, सपा का कितना आतंक था कि वह किसी दूसरे दल को खड़ा नहीं होने देते थे। हमारे लोगों पर मुकदमा दर्ज किया जाता था। यह लोग आपके लिए बाहुबली हो सकते हैं, लेकिन यह लोग उस समय हमारे संरक्षक रहे हैं, हमारी पार्टी को खड़ा-बड़ा करने में उनकी भूमिका है। हमारे समाज को संरक्षण दिया था। यदि उन लोगों ने साथ दिया है कि वह हमारे मित्र हैं। यदि न्यायालय रोकेगा तो रुक जाएंगे, लेकिन लोकतंत्र में मिलना-जुलना जारी रहना चाहिए। वह लोग सरकार के साथ हैं, हम भी सरकार के साथ हैं। ——————— ये खबर भी पढ़ें… महिला बोली- कामदगिरि की परिक्रमा से दूर हुई गरीबी:जो मांगते हैं, मिलता है; दिवाली तक चित्रकूट 40 लाख श्रद्धालु आएंगे ‘हम पिछले 16 साल से रोज कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा कर रहे हैं। यह हमारी आस्था का प्रतीक है। यहां आने के बाद हम एक विशेष ऊर्जा से भर जाते हैं। हम सामाजिक और जनहित में जो भी काम करते हैं। ऐसा लगता है कि उसमें हमें यहां की ईश्वरीय शक्ति सहयोग करती है। आगे हमेशा ऐसे ही करते रहेंगे।’ ये कहना है श्रद्धालु अक्षांश पंडित का। अक्षांश की ही तरह ही हजारों लोग चित्रकूट के कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा कर रहे हैं। दीपावली तक इस परिक्रमा में शामिल होने वाले लोगों की संख्या 40 लाख तक पहुंच जाती है। पढ़ें पूरी खबर उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर
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राजा भैया ने खरीदी ढाई करोड़ की कार:यूपी की पहली रेंज रोवर डिफेंडर भी काफिले में; हर गाड़ी का नंबर 1 है रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने 4 सीटर Lexus LM350h लग्जरी गाड़ी खरीदी है। इस गाड़ी की कीमत है, ₹2.15 करोड़ से शुरू होती है, जो 7-सीटर VIP वेरिएंट के लिए है। वहीं, 4-सीटर अल्ट्रा लग्जरी वेरिएंट की एक्स-शोरूम कीमत ₹2.69 करोड़ है। 16 अक्टूबर को खरीदी गई यह गाड़ी 4-सीटर अल्ट्रा लग्जरी वेरिएंट है। दरअसल, राजा भैया लग्जरी गाड़ियों के शौकीन हैं। उनकी कुंडा की हवेली से लेकर लखनऊ के बंगले तक में करोड़ों की कीमत की गाड़ियां खड़ी हैं। इसके साथ ही उन्हें गाड़ी के नंबर में भी खासी दिलचस्पी है। उनके काफिले की गाड़ियों का नंबर 0001 ही रहता है। इससे पहले पूर्वांचल के बाहुबली नेता धनंजय सिंह ने भी लैंड क्रूजर और वेलफायर गाड़ियां खरीदी थीं। पहले जानिए लेक्सस के फीचर के बारे में लेक्सस के निर्माताओं की ओर से हाल में ही Lexus LM 350h को अपडेट किया गया है। इसमें कई बेहतरीन फीचर्स को ऑफर कर डिलीवरी भी शुरू कर दी गई है। इसमें E20-अनुरूप इंजन, रियर कंसोल पर पावर स्लाइडिंग डोर स्विच, ऑटो-डिमिंग ORVM जैसे फीचर्स शामिल हैं। इसमें काले या सफेद रंग के विकल्प के साथ सीटों को भी चुना जा सकता है। साथ ही इसमें 14 इंच का इंफोटेनमेंट सिस्टम, एपल कार प्ले, एंड्राइड ऑटो फ्रंट में दिया गया है। वहीं रियर में 48 इंच का बड़ा डिस्प्ले, 23 स्पीकर के साथ ऑडियो सिस्टम दिया गया है। इसके अलावा इसमें फोल्डेबल टेबल, वैनिटी मिरर, छोटा फ्रिज भी दिया गया है। लग्जरी गाड़ियों के शौकीन हैं राजा भैया
राजा भैया के पास पहले से रेंज रोवर आटोबायोग्राफी जैसी लग्जरी कार है। यह गाड़ी राजा भैया ने 2023 में खरीदी थी। इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया पर दी थी। साल 2020 में भी उन्होंने करीब 3 करोड़ रुपए की रेंज रोवर डिंफेडर (Range Rover Defender) खरीदी थी। वह उस वक्त पूरे यूपी की पहली डिफेंडर गाड़ी थी। यह गाड़ी सिर्फ दिखने में ही नहीं, बल्कि फीचर्स के मामले में भी किसी शेर से कम नहीं। इसमें पी300, 2 लीटर टर्बोचार्ज इंजन दिया गया है, जो पेट्रोल और डीजल दोनों वेरिएंट्स में आता है। ऑल-टेरेन व्हीकल होने की वजह से इसे किसी भी रास्ते पर चलाया जा सकता है, चाहे हाईवे हो या पहाड़ी ट्रेल्स। इसके एडवांस फीचर्स और टेक्नोलॉजी के चलते ये गाड़ी 2020 में चर्चा का विषय बनी रही थी। कहा जाता है, राजा भैया ने जब इसे खरीदा था, तब यूपी में ऐसी गाड़ी किसी के पास नहीं थी। राजा भैया के काफिले में कई गाड़ियां शामिल
राजा भैया के काफिले में 35 लाख से लेकर ढाई करोड़ तक की गाड़ियां शामिल हैं। टोयोटा की लैंड क्रूजर, लैंड रोवर डिफेंडर, मर्सिडीज, दो फॉरच्यूनर और जीप की रैंगलर गाड़ी राजा भैया के पास है। लैंड क्रूजर और लैंड रोवर को कई बार खुद राजा भैया खुद चलते दिखे हैं। इसी तरह राजा भैया की गाड़ियों की सीरीज में बाइक भी देखने को मिलती है। इनमें बुलेट और जावा की बाइक शामिल हैं। राजा भैया को गाड़ियों के नंबर का भी शौक है
अपने चुनावी हलफनामे में राजा भैया ने बताया कि उनके पास टोयोटा की जो कार है, उसका नंबर भी 0001 है। कार के साथ ही राजा भैया की बाइक के नंबर में भी 0001 है। प्रतापगढ़ में राजा भैया की गाड़ियों के नंबर से ही लोग पहचान जाते हैं कि ये किसकी कार है? राजा भैया को हथियारों का भी शौक, पत्नी ने लगाए थे आरोप
राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह ने 3 जून, 2025 को पीएमओ में लेटर दिया था। इसमें उन्होंने राजा भैया पर आरोप लगाया था कि उनके पास अवैध विदेशी हथियारों का जखीरा है। इसमें कुछ ऐसे हथियार हैं, जिनसे मास डिस्ट्रक्शन हो सकता है। मतलब- हमले में तमाम लोग मारे जा सकते हैं। राजा भैया के करीबी कुंवर अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपाल जी ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद और फेक बताया था। 18 सितंबर को गोपाल जी के बयान के बाद भानवी सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर हथियारों की फोटो शेयर की और फिर कार्रवाई की मांग की थी। 24 सितंबर को भानवी ने बाहुबली विधायक के अवैध हथियारों के जखीरे का वीडियो शेयर किया था। उन्होंने हथियारों के साथ एक न्यूड लड़की की तस्वीर भी पोस्ट की थी। इसमें वह असलहे के साथ नजर आ रही है। भानवी ने X पर लिखा था- जब से मैंने पीएमओ और गृह मंत्रालय से शिकायत की, तब से मेरे चरित्र हनन के लिए पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा था। इसके बाद दशहरे पर राजा भैया ने अपने हथियारों का प्रदर्शन भी किया था। बाहुबली नेता धनंजय सिंह ने खरीदी थी लैंड क्रूजर की 300 सीरीज
पूर्वांचल के बाहुबली नेता धनंजय सिंह की फ्लीट में दो अल्ट्रा लग्जरी गाड़ियां शामिल हुई हैं। दोनों गाड़ियों की कीमत पौने 4 करोड़ रुपए से ज्यादा बताई जा रही है। धनंजय ने जो गाड़ियां खरीदीं, उनके नाम लैंड क्रूजर और वेलफायर हैं। धनंजय सिंह ने दोनों गाड़ियों को एक साथ खरीदा, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा हो रही है। गाड़ियों के नंबर को लेकर भी धनंजय चर्चा में रहे हैं। टोयोटा लैंड क्रूजर 300 सीरीज भारत में हाल ही में लॉन्च हुई है। इस कार की कीमत करीब 2.50 करोड़ रुपए है। यह गाड़ी अपनी दमदार ऑफ-रोड क्षमताओं और बेहतरीन फीचर्स के लिए जानी जाती है। वहीं, टोयोटा वेलफायर एमपीवी की कीमत करीब 1.25 करोड़ रुपए है। ये हाइब्रिड टेक्नोलॉजी, डुअल सनरूफ और रियर सीटों पर ऑटोमन-स्टाइल कंफर्ट के साथ आती है। ——————————- ये खबर भी पढ़ें… बाहुबली धनंजय का भौकाल, 4 करोड़ की दो गाड़ियां खरीदीं, दबदबा दिखाने को काफिले में शामिल किया भौकाल हो तो बाहुबली धनंजय सिंह जैसा। एक साथ दो-दो नई गाड़ियां। पूर्वांचल के बाहुबली नेता धनंजय सिंह की फ्लीट में दो अल्ट्रा लग्जरी गाड़ियां शामिल हुईं। दोनों गाड़ियों की कीमत पौने 4 करोड़ रुपए से ज्यादा बताई जा रही है। धनंजय ने जो गाड़ियां खरीदी हैं, उनके नाम लैंड क्रूजर और वेलफायर हैं। पढ़िए पूरी खबर…
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