अष्टान्हिका महापर्व आज से शुरू, जबलपुर का नंदीश्वर द्वीप बनेगा जैन श्रद्धालुओं की साधना और आराधना का प्रमुख केंद्र

आज से जैन धर्म का पवित्र अष्टान्हिका महापर्व आरंभ होने जा रहा है। आठ दिनों तक चलने वाले इस विशेष धार्मिक आयोजन के दौरान देशभर के जैन श्रद्धालु उपवास, पूजा, संयम और आत्मचिंतन के माध्यम से आध्यात्मिक साधना करेंगे। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित पिसनहारी मढ़िया जैन तीर्थ में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां निर्मित नंदीश्वर द्वीप श्रद्धालुओं की आस्था का मुख्य केंद्र रहेगा। पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे। जैन धर्म में अष्टान्हिका पर्व को अत्यंत प्राचीन और शाश्वत पर्व माना जाता है। यह केवल…

चातुर्मास 2026: भगवान विष्णु के योगनिद्रा में जाने के बाद किस देवता के हाथों में रहती है सृष्टि की कमान? जानिए पौराणिक रहस्य

सनातन परंपरा में चातुर्मास का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। यह वह पवित्र अवधि होती है जब भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा के लिए प्रस्थान करते हैं और चार महीने तक विश्राम करते हैं। चातुर्मास की शुरुआत आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि यानी देवशयनी एकादशी से होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान भगवान विष्णु सृष्टि के नियमित संचालन से कुछ समय के लिए अलग हो जाते हैं। ऐसे में लोगों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि जब पालनहार भगवान विष्णु योगनिद्रा में होते हैं, तो पूरे संसार की व्यवस्था कौन संभालता…

कांवड़ यात्रा पर निकलने से पहले जान लें ये जरूरी नियम, छोटी सी चूक भी कर सकती है आपकी तपस्या अधूरी

सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इसी दौरान देशभर से लाखों श्रद्धालु कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं और पवित्र नदियों से जल लाकर अपने आराध्य भगवान शिव का अभिषेक करते हैं। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार, गंगोत्री, गोमुख और अन्य तीर्थ स्थलों से गंगाजल लेकर अपने-अपने शहरों और गांवों की ओर पैदल यात्रा करते हैं। यह यात्रा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि संयम, अनुशासन, श्रद्धा और तपस्या का प्रतीक भी मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कांवड़ यात्रा के दौरान कुछ विशेष नियमों का पालन करना आवश्यक होता…

कांवड़ यात्रा से पहले करवाएं ये जरूरी हेल्थ चेक, सुरक्षित और आसान बनेगी पूरी यात्रा

सावन के महीने में निकलने वाली कांवड़ यात्रा करोड़ों शिवभक्तों की आस्था का सबसे बड़ा पर्व मानी जाती है। इस दौरान श्रद्धालु कई किलोमीटर तक पैदल चलकर गंगाजल लाते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। हालांकि यह यात्रा आध्यात्मिक होने के साथ-साथ शारीरिक रूप से भी काफी चुनौतीपूर्ण होती है। कई दिनों तक लगातार पैदल चलना, कांवड़ का वजन उठाना, तेज धूप, उमस और भीड़ शरीर पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं। ऐसे में यात्रा पर निकलने से पहले सिर्फ धार्मिक तैयारियां ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य की तैयारी भी बेहद जरूरी है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर यात्रा…

10 लाख श्रद्धालुओं के बीच निकली जगन्नाथ रथयात्रा, दो मौतों पर प्रशासन ने बताई वजह

ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा इस वर्ष भी भारी श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। लगातार हो रही बारिश के बावजूद लाखों श्रद्धालु महाप्रभु के दर्शन और रथ खींचने के लिए सड़कों पर डटे रहे। राज्य सरकार के अनुसार इस बार करीब 10 लाख भक्त रथयात्रा में शामिल हुए। हालांकि यात्रा के दौरान दो श्रद्धालुओं की मौत की खबर सामने आने के बाद कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। इन घटनाओं को लेकर सरकार ने स्पष्ट किया है कि दोनों मौतों का कारण भगदड़ या भीड़ प्रबंधन में किसी तरह की विफलता नहीं…

जगन्नाथ रथयात्रा 2026: पुरी और अहमदाबाद में आस्था का महासागर, लाखों श्रद्धालु बने ऐतिहासिक यात्रा के साक्षी

भगवान जगन्नाथ की विश्वविख्यात रथयात्रा का शुभारंभ आज पूरे धार्मिक उत्साह और भव्यता के साथ ओडिशा के पुरी तथा गुजरात के अहमदाबाद में हो रहा है। देश के अलग-अलग राज्यों से लाखों श्रद्धालु इस दिव्य आयोजन में भाग लेने के लिए दोनों शहरों में पहुंच चुके हैं। पुरी में रातभर हुई मूसलाधार बारिश भी भक्तों की श्रद्धा को डिगा नहीं सकी। बारिश के बीच लोग पूरी रात रथयात्रा मार्ग पर डटे रहे और सुबह होते ही भगवान के दर्शन के लिए लंबी कतारों में खड़े दिखाई दिए। मौसम विभाग ने आज भी भारी वर्षा की संभावना जताई है, लेकिन भक्तों…

सावन में इन दिव्य मंदिरों की यात्रा बना सकती है आपका मानसून यादगार, प्रकृति और आस्था का अनोखा संगम

सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र समय माना जाता है। जैसे ही वर्षा ऋतु की शुरुआत होती है, देशभर के शिवालयों में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगती है। सोमवार के व्रत, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और कांवड़ यात्रा के बीच शिव मंदिरों का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है। हालांकि भारत में हजारों प्राचीन और प्रसिद्ध शिव मंदिर हैं, लेकिन कुछ ऐसे धाम भी हैं जो बारिश के मौसम में अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण किसी स्वर्ग से कम नहीं दिखाई देते। चारों ओर फैली हरियाली, पहाड़ों को ढकते बादल, झरनों की आवाज और मंदिरों की…

16 जुलाई से शुरू होगी जगन्नाथ रथ यात्रा, ऐसे करें तीनों दिव्य रथों की सही पहचान

पुरी की विश्वप्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा का इंतजार देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर के करोड़ों श्रद्धालु पूरे वर्ष करते हैं। इस बार यह पावन यात्रा 16 जुलाई, गुरुवार से प्रारंभ होने जा रही है। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर निकलने वाली इस भव्य यात्रा में भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के साथ श्रीमंदिर से गुंडिचा मंदिर तक नगर भ्रमण के लिए प्रस्थान करते हैं। इस दौरान तीनों देवताओं के लिए अलग-अलग विशाल रथ तैयार किए जाते हैं, जिन्हें लाखों श्रद्धालु मोटी रस्सियों की सहायता से खींचते हैं। मान्यता है कि…

सावन 2026: इस दिन से शुरू होगा भगवान शिव का प्रिय महीना, जानें चारों सावन सोमवार की तिथियां, व्रत का महत्व और संपूर्ण पूजा-विधि

हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र और शुभ समय माना जाता है। इस पूरे मास में देशभर के शिव मंदिरों में विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं और श्रद्धालु बड़ी संख्या में भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मान्यता है कि सावन के दौरान सच्चे मन से की गई शिव भक्ति व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आती है। यही कारण है कि इस महीने का इंतजार शिव भक्त पूरे वर्ष करते हैं। सावन के आते ही मंदिरों में जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन और कांवड़ यात्रा जैसी…

25 जुलाई से शुरू होगा चार महीने का विशेष आध्यात्मिक काल, जानिए क्यों रुक जाते हैं विवाह और अन्य शुभ कार्य

सनातन धर्म में वर्ष भर अनेक पर्व, व्रत और धार्मिक अवसर आते हैं, लेकिन कुछ विशेष काल ऐसे भी होते हैं जिन्हें केवल उत्सवों का समय नहीं बल्कि आत्मसंयम, साधना और आध्यात्मिक उन्नति का श्रेष्ठ अवसर माना जाता है। इन्हीं पवित्र अवधियों में सबसे महत्वपूर्ण स्थान चातुर्मास का है। यह चार महीनों तक चलने वाला धार्मिक काल है, जिसमें भगवान विष्णु के योगनिद्रा में रहने की मान्यता है और श्रद्धालु सांसारिक सुख-सुविधाओं की अपेक्षा ईश्वर भक्ति, व्रत, जप, तप, दान और धार्मिक अनुष्ठानों को अधिक महत्व देते हैं। वर्ष 2026 में चातुर्मास का आरंभ 25 जुलाई 2026, शनिवार को देवशयनी…

कैलाश मानसरोवर यात्रा का पहला जत्था लिपुलेख दर्रा पार कर पहुंचा चीन, श्रद्धालुओं में दिखा जबरदस्त उत्साह

कैलाश मानसरोवर यात्रा इस वर्ष एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गई है। शुक्रवार को यात्रा के पहले जत्थे ने उत्तराखंड स्थित लिपुलेख दर्रा पार करते हुए चीन की सीमा में सफलतापूर्वक प्रवेश कर लिया। जैसे ही श्रद्धालुओं ने सीमा पार की, पूरे क्षेत्र में “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष गूंज उठे। लंबे समय से इस आध्यात्मिक यात्रा का इंतजार कर रहे यात्रियों के चेहरे पर खुशी, उत्साह और आस्था साफ दिखाई दी। सीमा पार करने के बाद सभी यात्रियों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और भगवान शिव का स्मरण करते हुए आगे की यात्रा के लिए प्रस्थान किया।…

योगिनी एकादशी आज: भगवान विष्णु को अर्पित करें पीले वस्त्र, लक्ष्मी जी को चढ़ाएं सुहाग सामग्री, शिव पूजा से भी मिलेगा शुभ फल

आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाने वाली योगिनी एकादशी का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व माना जाता है। इस वर्ष अधिकांश पंचांगों के अनुसार यह व्रत 10 जुलाई, शुक्रवार को रखा जा रहा है। हालांकि तिथियों के अंतर के कारण कुछ पंचांगों में इसे 11 जुलाई बताया गया है, लेकिन अधिकतर विद्वानों ने 10 जुलाई को ही व्रत और पूजा करने की सलाह दी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार योगिनी एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति के जीवन में आने वाली अनेक बाधाएं दूर होती हैं और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।…

कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026: टनकपुर पहुंचा दूसरा जत्था, 11 राज्यों के 47 श्रद्धालुओं का पारंपरिक अंदाज में हुआ स्वागत

कैलाश मानसरोवर यात्रा-2026 का दूसरा दल बुधवार शाम उत्तराखंड के टनकपुर पहुंचा, जहां श्रद्धालुओं का स्थानीय परंपराओं के अनुरूप बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया गया। देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत की झलक ढोल-दमाऊं की गूंज, पुष्पवर्षा और पारंपरिक लोक रीति-रिवाजों के बीच देखने को मिली। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने इस आत्मिक यात्रा की शुरुआत उत्तराखंड की धरती से की। जिला प्रशासन, कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) और अन्य संबंधित विभागों ने यात्रियों के स्वागत से लेकर उनके ठहरने और आगे की यात्रा तक सभी जरूरी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित कर रखी थीं। इस बार दूसरे जत्थे में…

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026: दुर्लभ शुभ योगों के बीच होगी शुरुआत, जानें घटस्थापना का समय, पूजा विधि और पूरे नौ दिनों का महत्व

आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि इस वर्ष 15 जुलाई 2026 से प्रारंभ होकर 23 जुलाई 2026 तक चलेगी। नौ दिनों तक चलने वाला यह पर्व शक्ति उपासना, मंत्र-जप, साधना और आध्यात्मिक अनुशासन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेष रूप से शाक्त परंपरा और तांत्रिक साधना से जुड़े साधकों के लिए गुप्त नवरात्रि का समय अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। इस बार ज्योतिषीय दृष्टि से भी यह पर्व खास माना जा रहा है क्योंकि शुरुआत कई दुर्लभ और शुभ योगों के बीच होगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष गुप्त नवरात्रि की शुरुआत ऐसे ग्रह-नक्षत्रों के संयोग में हो रही…

अमरनाथ यात्रा 2026: यात्रा जारी, लेकिन श्रद्धालुओं को नहीं दिख रहा प्राकृतिक हिमलिंग, तेजी से पिघलने पर उठे कई सवाल

अमरनाथ यात्रा इस वर्ष करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनी हुई है, लेकिन यात्रा के शुरुआती चरण में ही एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने भक्तों के साथ-साथ विशेषज्ञों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है। यात्रा शुरू होने के केवल कुछ दिनों के भीतर ही गुफा में बनने वाला प्राकृतिक हिम शिवलिंग पूरी तरह से पिघल गया है। इसके बाद इस घटना को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। जहां श्रद्धालु इसे प्राकृतिक घटना मानकर अपनी आस्था बनाए हुए हैं, वहीं पर्यावरण विशेषज्ञ और कई जानकार इसके पीछे बढ़ते तापमान और मानव गतिविधियों…

चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या घटी, फिर भी ऋषिकेश के रजिस्ट्रेशन सेंटर और अस्थायी अस्पताल रहेंगे सक्रिय

मानसून के दौरान कम हुई भीड़, लेकिन व्यवस्थाओं में नहीं होगी कोई कटौती उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा में इन दिनों श्रद्धालुओं की संख्या पहले की तुलना में काफी कम हो गई है। हर साल की तरह मानसून शुरू होने के बाद यात्रा की रफ्तार धीमी पड़ गई है, लेकिन प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं को यथावत रखने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप के सभी ऑफलाइन पंजीकरण काउंटर फिलहाल संचालित रहेंगे। इसके साथ ही यहां बनाया गया अस्थायी अस्पताल भी यात्रा समाप्त होने तक लगातार सेवाएं देता…

अमरनाथ यात्रा 2026: जम्मू-श्रीनगर स्पेशल ट्रेन से श्रद्धालुओं को राहत, रेलवे ने बढ़ाईं सुविधाएं, सुरक्षा पर भी खास जोर

अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए इस वर्ष भारतीय रेलवे ने यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए जम्मू और श्रीनगर के बीच विशेष ट्रेन सेवा शुरू की गई है, जिससे यात्रा पहले की तुलना में अधिक आसान, तेज और आरामदायक होने की उम्मीद है। रेलवे का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य सड़क मार्ग पर दबाव कम करना, भीड़ को व्यवस्थित करना और यात्रियों को सुरक्षित परिवहन उपलब्ध कराना है। हर साल अमरनाथ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के…

इस तारीख से शुरू होगी कांवड़ यात्रा, जानिए कब भरेंगे गंगाजल और कब होगा जलाभिषेक

भगवान शिव के भक्त पूरे वर्ष जिस पवित्र महीने का सबसे अधिक इंतजार करते हैं, वह है श्रावण मास, जिसे आमतौर पर सावन भी कहा जाता है। हिंदू धर्म में इस महीने का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। मान्यता है कि सावन के दौरान भगवान शिव की पूजा, रुद्राभिषेक, व्रत और गंगाजल से जलाभिषेक करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी कारण इस पूरे महीने देशभर के शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। सावन की शुरुआत के साथ ही उत्तर भारत में सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में शामिल कांवड़ यात्रा भी प्रारंभ हो…

अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ, बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु; सुरक्षा, स्वास्थ्य और मौसम को लेकर खास इंतजाम

देश की सबसे कठिन और आस्था से जुड़ी धार्मिक यात्राओं में शामिल पवित्र अमरनाथ यात्रा का औपचारिक शुभारंभ हो चुका है। अगले 57 दिनों तक लाखों श्रद्धालु समुद्र तल से 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाले हिम शिवलिंग के दर्शन करेंगे। इस वर्ष यात्रा 28 अगस्त तक चलेगी और प्रशासन को उम्मीद है कि चार लाख से अधिक श्रद्धालु इसमें हिस्सा लेंगे। यात्रा शुरू होने के पहले ही दिन जम्मू से हजारों श्रद्धालुओं का पहला जत्था कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कश्मीर पहुंच गया। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भगवती नगर…

अमरनाथ यात्रा 2026 का शुभारंभ: जम्मू से रवाना हुआ श्रद्धालुओं का पहला काफिला, सुरक्षा के बीच बाबा बर्फानी के दर्शन की शुरुआत

देश की सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक यात्राओं में शामिल श्री अमरनाथ यात्रा 2026 का औपचारिक आगाज़ गुरुवार सुबह हो गया। जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से श्रद्धालुओं का पहला जत्था कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कश्मीर घाटी के लिए रवाना हुआ। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा का शुभारंभ किया। जैसे ही पहला काफिला रवाना हुआ, पूरे परिसर में “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष गूंज उठे। श्रद्धालुओं के चेहरों पर उत्साह, आस्था और बाबा बर्फानी के दर्शन की खुशी साफ दिखाई दे रही थी। इस वर्ष यात्रा को लेकर खास बात यह देखने को मिली कि…