करनाल में अवैध कब्जा हटाने पर विवाद:पनौड़ी के ग्रामीण बोले- सरपंच ने चुनावी रंजिश में की कार्रवाई; केवल हमें किया टारगेट

करनाल में अवैध कब्जा हटाने पर विवाद:पनौड़ी के ग्रामीण बोले- सरपंच ने चुनावी रंजिश में की कार्रवाई; केवल हमें किया टारगेट

हरियाणा के करनाल जिला में घरौंडा के पनौड़ी गांव में फिरनी की जमीन को कब्जामुक्त करवाने के पंचायत के निर्णय ने विवाद खड़ा कर दिया है। पंचायत ने करीब 800 फुट लंबे और 20 फुट चौड़े क्षेत्र को कब्जे से मुक्त करवाकर उस पर मिट्टी डलवा दी है। इससे ग्रामीणों में रोष फैल गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच ने यह कार्रवाई पक्षपात और चुनावी रंजिश के तहत की है। पनौड़ी गांव के राकेश, सुरेश कुमार, सुनील कुमार, महाबीर सिंह, मेहर सिंह, महेंद्र, महिला शीला और अन्य का कहना है कि सरपंच ने केवल उनकी जमीनों पर ही कार्रवाई की है।जबकि पूरे गांव की फिरनी पर अवैध कब्जे हैं। ग्रामीणों का सवाल है कि यदि सरपंच वास्तव में निष्पक्ष तरीके से काम कर रहे होते, तो पूरे गांव की फिरनी पर समान रूप से कार्रवाई करते, न कि केवल कुछ लोगों की जमीनों को निशाना बनाते। एसडीएम कार्यालय में गए तो मिली निराशा
ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच अन्य लोगों के साथ मिलीभगत कर रहे हैं। उन्होंने इस मामले को लेकर एसडीएम कार्यालय में भी शिकायत की, लेकिन उन्हें वहां से निराशा ही हाथ लगी। एसडीएम ने उनसे कहा कि वे खुद निशानदेही करवाकर दें, तब जाकर जमीन खाली करवाई जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि यह सरपंच की जिम्मेदारी है, न कि उनकी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे उच्चाधिकारियों से मिलकर न्याय की गुहार लगाएंगे। सरपंच प्रतिनिधि बोले- नियम के अनुसा की है कार्रवाई
सरपंच प्रतिनिधि राजबीर सिंह ने ग्रामीणों के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि पंचायत ने नियमों के अनुसार कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि फिरनी की जमीन पंचायत की है और उसे कब्जामुक्त करवाने का काम प्रशासन के आदेशों के अनुसार किया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी के साथ भेदभाव नहीं किया गया है और निष्पक्ष तरीके से काम किया गया है। हरियाणा के करनाल जिला में घरौंडा के पनौड़ी गांव में फिरनी की जमीन को कब्जामुक्त करवाने के पंचायत के निर्णय ने विवाद खड़ा कर दिया है। पंचायत ने करीब 800 फुट लंबे और 20 फुट चौड़े क्षेत्र को कब्जे से मुक्त करवाकर उस पर मिट्टी डलवा दी है। इससे ग्रामीणों में रोष फैल गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच ने यह कार्रवाई पक्षपात और चुनावी रंजिश के तहत की है। पनौड़ी गांव के राकेश, सुरेश कुमार, सुनील कुमार, महाबीर सिंह, मेहर सिंह, महेंद्र, महिला शीला और अन्य का कहना है कि सरपंच ने केवल उनकी जमीनों पर ही कार्रवाई की है।जबकि पूरे गांव की फिरनी पर अवैध कब्जे हैं। ग्रामीणों का सवाल है कि यदि सरपंच वास्तव में निष्पक्ष तरीके से काम कर रहे होते, तो पूरे गांव की फिरनी पर समान रूप से कार्रवाई करते, न कि केवल कुछ लोगों की जमीनों को निशाना बनाते। एसडीएम कार्यालय में गए तो मिली निराशा
ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच अन्य लोगों के साथ मिलीभगत कर रहे हैं। उन्होंने इस मामले को लेकर एसडीएम कार्यालय में भी शिकायत की, लेकिन उन्हें वहां से निराशा ही हाथ लगी। एसडीएम ने उनसे कहा कि वे खुद निशानदेही करवाकर दें, तब जाकर जमीन खाली करवाई जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि यह सरपंच की जिम्मेदारी है, न कि उनकी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे उच्चाधिकारियों से मिलकर न्याय की गुहार लगाएंगे। सरपंच प्रतिनिधि बोले- नियम के अनुसा की है कार्रवाई
सरपंच प्रतिनिधि राजबीर सिंह ने ग्रामीणों के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि पंचायत ने नियमों के अनुसार कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि फिरनी की जमीन पंचायत की है और उसे कब्जामुक्त करवाने का काम प्रशासन के आदेशों के अनुसार किया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी के साथ भेदभाव नहीं किया गया है और निष्पक्ष तरीके से काम किया गया है।   हरियाणा | दैनिक भास्कर