भास्कर न्यूज | अमृतसर विजिलेंस ब्यूरो की सिफारिश पर सूबे में पहली बार 10 पटवारियों का इंटर डिस्ट्रिक्ट तबादला किया गया है। 2 पटवारी कपूरथला और होशियारपुर से अमृतसर में तैनात किए गए हैं। वहीं पटवार यूनियन में इस ट्रांसफर से रोष व्याप्त है। चूंकि अभी तक पटवारियों के ट्रांसफर तहसीलों में ही होते रहे हैं, इंटर डिस्ट्रिक नहीं किए गए। सूत्रों की मानें तो पटवार यूनियन स्टेट बॉडी की तरफ से विजिलेंस की सिफारिश पर पटवारियों के इंटर डिस्ट्रिक तबादला करने के मामले में 21 जून को मीटिंग बुलाई गई है। मीटिंग में पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने को लेकर फैसला लिया जा सकता है। यदि ऐसा हुआ तो फिर से एक बाद आम लोगों के कामकाज ठप्प हो जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक यदि कोई बड़ा मामला पटवारियों के खिलाफ नहीं निकला तो सरकार का विरोध करने को लेकर फैसला लिया जा सकता है। वहीं यूनियन ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। जिसके लिए पुराने मुद्दों को भी शामिल किया जाएगा। सूबे के 4716 पटवार सर्किलों में 1000 खत्म कर दिए गए। 319 सर्किल अमृतसर से थे जिनके 72 सर्किल खत्म किए गए हैं। 249 सर्किल बचने के बाद भी 69 पटवारियों की शॉर्टेज बनी हुई है। वहीं सितंबर 2023 में 600 रिटायर्ड पटवारियों को ठेके पर रखा गया था, जिनमें 30 अमृतसर के शामिल थे और इनके सेवा काल की अवधि नहीं बढ़ाई गई तो 31 जून को ही खत्म हो जाएगी। यानि कि 99 सर्किलों में पोस्ट खाली हो जाएगी और पटवारियों के पास 3 से 4 सर्किलों के कामों का बोझ बढ़ जाएगा। बता दें कि पटवारियों ने युवाओं का रोजगार देने के लिए आवाज उठाते हुए बीते 1 सितंबर 2023 को खाली पड़े 319 सर्किलों में 156 पदों को भरे जाने को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल कामकाज ठप्प कर दिया था। जिसके बाद 2 महीनों तक पटवारियों ने कोई काम नहीं किया था। उस दौरान लोगों ने सरकार के सिस्टम को जमकर कोसा था। भास्कर न्यूज | अमृतसर विजिलेंस ब्यूरो की सिफारिश पर सूबे में पहली बार 10 पटवारियों का इंटर डिस्ट्रिक्ट तबादला किया गया है। 2 पटवारी कपूरथला और होशियारपुर से अमृतसर में तैनात किए गए हैं। वहीं पटवार यूनियन में इस ट्रांसफर से रोष व्याप्त है। चूंकि अभी तक पटवारियों के ट्रांसफर तहसीलों में ही होते रहे हैं, इंटर डिस्ट्रिक नहीं किए गए। सूत्रों की मानें तो पटवार यूनियन स्टेट बॉडी की तरफ से विजिलेंस की सिफारिश पर पटवारियों के इंटर डिस्ट्रिक तबादला करने के मामले में 21 जून को मीटिंग बुलाई गई है। मीटिंग में पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने को लेकर फैसला लिया जा सकता है। यदि ऐसा हुआ तो फिर से एक बाद आम लोगों के कामकाज ठप्प हो जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक यदि कोई बड़ा मामला पटवारियों के खिलाफ नहीं निकला तो सरकार का विरोध करने को लेकर फैसला लिया जा सकता है। वहीं यूनियन ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। जिसके लिए पुराने मुद्दों को भी शामिल किया जाएगा। सूबे के 4716 पटवार सर्किलों में 1000 खत्म कर दिए गए। 319 सर्किल अमृतसर से थे जिनके 72 सर्किल खत्म किए गए हैं। 249 सर्किल बचने के बाद भी 69 पटवारियों की शॉर्टेज बनी हुई है। वहीं सितंबर 2023 में 600 रिटायर्ड पटवारियों को ठेके पर रखा गया था, जिनमें 30 अमृतसर के शामिल थे और इनके सेवा काल की अवधि नहीं बढ़ाई गई तो 31 जून को ही खत्म हो जाएगी। यानि कि 99 सर्किलों में पोस्ट खाली हो जाएगी और पटवारियों के पास 3 से 4 सर्किलों के कामों का बोझ बढ़ जाएगा। बता दें कि पटवारियों ने युवाओं का रोजगार देने के लिए आवाज उठाते हुए बीते 1 सितंबर 2023 को खाली पड़े 319 सर्किलों में 156 पदों को भरे जाने को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल कामकाज ठप्प कर दिया था। जिसके बाद 2 महीनों तक पटवारियों ने कोई काम नहीं किया था। उस दौरान लोगों ने सरकार के सिस्टम को जमकर कोसा था। पंजाब | दैनिक भास्कर
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अमृतसर में निहंगों ने एजेंटों को धमकाया:गोल्डन टेंपल के नजदीक होटलों में अवैध कारोबार का आरोप, बोले- टूरिस्ट को करते हैं परेशान अमृतसर के गोल्डन टेंपल के नजदीक स्थित होटलों में आज निहंगों ने रेड कर दी। निहंग में इस बात को लेकर गुस्सा था कि होटल के करिंदे आते-जाते लोगों को एक-एक घंटे के कमरे के हिसाब से रेट बताते हैं और परेशान करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन होटलों में नशा और देह व्यापार का धंधा भी चलाया जाता है। जानकारी के मुताबिक आज निहंगों की फौज गोल्डन टेंपल के नजदीक हेरिटेज स्ट्रीट के आस-पास मौजूद होटलों में पहुंची। जहां होटलों के बाहर खड़े और लोगों को कमरे के लिए पूछ रहे युवकों को पकड़ा गया। निहंग ने बताया कि वह जब भी गोल्डन टेंपल आते हैं या फिर संगतों से मिलते हैं तो हमेशा उन्हें शिकायत मिलती है कि गोल्डन टेंपल दर्शनों को जाते वक्त उन्हें रास्ते में रोक रोककर कमरे के लिए पूछा जाता है। निहंग ने बताया कि उन्हें एक महिला की तरफ से भी शिकायत की गई कि वह अपने बेटे के साथ थी तो भी उसे रोक कर एक घंटे के कमरे के लिए पूछा गया जिससे उसे बेहद शर्मिंदगी हुई। एजेंटों की बनाई वीडियो जिसके बाद निहंगों ने पहले वहां घूम रहे लोगों से कमरे के लिए पूछते एजेंटों की वीडियो बनाई और फिर उन्हें रोककर गुस्सा किया। निहंग ने कहा कि इस इलाके में सरेआम नशा और देह व्यापार चलाया जा रहा है। प्रशासन गहरी नींद में सोया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने होटल का कमरा लेना है तो वह कम से कम एक रात के लिए लेगा, अगर घंटों के हिसाब से मिल रहा है तो फिर वहां अवैध काम हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस पवित्र शहर और रास्तों को लोग बदनाम कर रहे हैं, जिस पर कार्रवाई जरुरी है। निहंग ने कहा कि यह एजेंट नशा करने के लिए होटलों से कमिशन लेते हैं और घंटों के हिसाब से कमरा देते हैं और आते जाते लोगों को परेशान करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन को इस संबंध में पहले जानकारी नहीं थी तो अब हो गई होगी इसीलिए उम्मीद करते हैं कि जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

जालंधर पहुंचे पंजाब AAP प्रधान अमन अरोड़ा:बोले-नगर निगम चुनाव में हमारे नेता-वर्करों को प्राथमिकता; पदाधिकारियों से की मीटिंग
जालंधर पहुंचे पंजाब AAP प्रधान अमन अरोड़ा:बोले-नगर निगम चुनाव में हमारे नेता-वर्करों को प्राथमिकता; पदाधिकारियों से की मीटिंग पंजाब में नगर निगम चुनावों को लेकर आज आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रधान अमन अरोड़ा जालंधर पहुंचे और मंत्रियों और नेताओं के साथ अहम बैठक की। आज ये बैठक जालंधर के सर्किट हाउस में हुई। कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा के स्वागत के लिए जालंधर की वरिष्ठ लीडरशिप मौजूद रही। मीटिंग में मुख्य तौर पर नगर निगम चुनाव को लेकर चर्चा की गई और कई अहम मुद्दे शहर के लिस्ट आउट किए गए। अरोड़ा बोले- पार्टी के नेताओं और वर्करों की दी जाएगी प्राथमिकता आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रधान अमन अरोड़ा ने कहा कि नगर परिषद और नगर काउंसिल के चुनावों के लिए अलग अलग नेताओं को नियुक्त किया जाएगा। हमारी पार्टी उन्हें प्राथमिक तौर पर उन्हें ही प्राथमिकता देगी जो हमारी पार्टी के साथ चल रहे हैं। अगर किसी केस में हमें उम्मीदवार नहीं मिलेगा तो हम किसी अन्य पार्टी से आए नेता की ओर देखेंगे। मगर मुझे पता है कि ऐसा कुछ हो नहीं सकता। हमारे उम्मीदवार का व्यक्तित्व साफ होगा- अरोड़ा आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रधान अमन अरोड़ा ने कहा कि हमारी पार्टी से उसी व्यक्ति को टिकट दिया जाएगा, जो व्यक्ति साफ छवि का होगा और उनका कोई भी क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए। बाकी पार्टी में जॉइन करने से किसी भी नेता को मान नहीं किया जाएगा। पार्टी सब के लिए लिए है। अगर कोई नेता किसी अन्य पार्टी के साथ है और साफ व्यक्तित्व का है। वह हमारी पार्टी जॉइन करता है तो हम उसे प्राथमिकता देंगे।

लुधियाना देश के 100 प्रदूषित शहरों में शामिल:CREA रिपोर्ट में हुआ खुलासा, प्रदेश में दूसरे नंबर पर, मंडी गोबिंदगढ़ पहले स्थान पर
लुधियाना देश के 100 प्रदूषित शहरों में शामिल:CREA रिपोर्ट में हुआ खुलासा, प्रदेश में दूसरे नंबर पर, मंडी गोबिंदगढ़ पहले स्थान पर देश के 100 प्रदूषित शहरों में लुधियाना 51वें नंबर पर है। पंजाब प्रदेश के प्रदूषित शहरों में मंडी गोबिंदगढ़ पहले नंबर है तो लुधियाना दूसरे नंबर है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, 6 जुलाई को लुधियाना में AQI 40 दर्ज किया गया था, जो स्वास्थ्य पर न्यूनतम प्रभाव के साथ अच्छी वायु गुणवत्ता श्रेणी में आता है। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) द्वारा किए गए एक अध्ययन ने लुधियाना को 2024 की पहली छमाही में देश के शीर्ष 100 सबसे प्रदूषित शहरों में रखा। लुधियाना की वायु गुणवत्ता का आंकलन PM 2.5 मान के आधार पर किया गया, जो माइक्रोन (हवा के प्रति घन मीटर माइक्रोग्राम) का एक माप है। CREA अध्ययन में सीपीसीबी (केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) से पीएम 2.5 मान का इस्तेमाल किया गया। देश के 256 शहरों में लुधियाना का 51वां नंबर CREA के अनुसार, 1 जनवरी से 30 जून 2024 तक लुधियाना में पीएम 2.5 का औसत मान 61 माइक्रोन था, जिसने देश के 256 शहरों में लुधियाना को 51वें स्थान पर रखा। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के शीर्ष पांच सबसे प्रदूषित शहर बर्नीहाट (मेघालय), फरीदाबाद, दिल्ली, गुड़गांव और भागलपुर (बिहार) हैं। CREA रिपोर्ट प्रदूषण के मामले में शहर की एक बेहत चिंताजन तस्वीर पेश करती है। यह रिपोर्ट दर्शाती है कि लुधियाना ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के दैनिक पीएम 2.5 दिशा निर्देश 15 माइक्रोन को पार कर लिया है। लुधियाना में पीएम 2.5 का मान 82 दिनों के लिए राष्ट्रीय परिवेश वायु गुणवत्ता मानकों (एनएएक्यूएस) के तहत 60 माइक्रोन की दैनिक सीमा से भी अधिक हो गया। पंजाब में दूसरे नंबर पर लुधियाना वायु प्रदूषण के मामले में पंजाब में मंडी गोबिंदगढ़ पहले और मंडी गोबिंदगढ़ दूसरे नंबर पर है। बठिंडा प्रदेश में आठवें स्थान पर रहा। 2018 के बाद से जनवरी से जून तक पीएम 2.5 के औसत पर CREA डेटा के अनुसार, लुधियाना में 2018 में 64 माइक्रोन का उच्चतम मूल्य था, जबकि 2023 और 2024 में मान 61 माइक्रोन था। 35 माइक्रोन का न्यूनतम मूल्य जनवरी और जून, 2020 के बीच दर्ज किया गया था। औद्योगिक प्रदूषण, परिवहन और बायोमास को ठहराया जिम्मेवार लुधियाना के छह महीने में 182 दिनों में से प्रत्येक पर दैनिक पीएम 2.5 का मूल्य डब्ल्यूएचओ के दिशानिर्देशों से अधिक था, जबकि 40% से अधिक दिनों में, ऐसा मूल्य एनएएक्यूएस सीमा से अधिक था।
उन्होंने इसके लिए औद्योगिक प्रदूषण, परिवहन और बायोमास (सर्दियों में गांवों में इसका उपयोग खाना पकाने और अपशिष्ट जलाने के लिए किया जाता है) को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि उच्च पीएम 2.5 मान का मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और इसके परिणामस्वरूप उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और सांस रोग आदि होते हैं।