<p style=”text-align: justify;”><strong>Bihar Politics: </strong><span style=”font-weight: 400;”>2025 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले दल-बदल भी शुरू हो गया है. प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) की पार्टी जन सुराज में भी लगातार कई पार्टियों के दिग्गज नेता शामिल हो रहे हैं. आज (बुधवार) मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की पार्टी को बड़ा झटका लगने वाला है. जेडीयू में एक बड़े मुस्लिम चेहरे के रूप में अपनी पहचान रखने वाले अमजद हसन (Amjad Hassan) आज पीके का दामने वाले हैं. </span></p>
<p style=”text-align: justify;”><span style=”font-weight: 400;”>अमजद हसन जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रह चुके हैं. आज वह जन सुराज में शामिल होकर पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे. अमजद हसन मुख्य रूप से बोधगया के मगध विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के मोरा-मर्दाना गांव के रहने वाले हैं. वह काफी सुखी संपन्न और अपने इलाके में समाजसेवी के साथ-साथ एक अलग पहचान रखने वाले व्यक्ति हैं.</span></p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>जेडीयू में काफी दिनों तक सक्रिय भूमिका में रहे</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”><span style=”font-weight: 400;”>बताया जाता है कि गया जिले के मुस्लिम समाज में उनका एक बड़ा नाम है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ वह जेडीयू में काफी दिनों तक सक्रिय भूमिका में रहे. पार्टी की ओर से उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह दी गई थी, लेकिन कुछ दिनों से वह पार्टी की नीतियों से नाराज चल रहे थे. ऐसे में अब उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला कर लिया है.</span></p>
<p style=”text-align: justify;”><span style=”font-weight: 400;”>दरअसल वक्फ बोर्ड बिल को समर्थन के मामले को लेकर दो दिन पहले मुस्लिम संगठन इमारत-ए-शरिया सहित सात धार्मिक संगठनों ने जेडीयू की इफ्तार पार्टी का विरोध किया था. अब पार्टी के मुस्लिम नेता जब अलग हो रहे हैं तो ये भी जेडीयू के लिए चिंता का विषय है.</span></p>
<p style=”text-align: justify;”><span style=”font-weight: 400;”>हलांकि मुस्लिम समाज से जेडीयू के कई वरिष्ठ और दिग्गज नेता पहले भी पार्टी छोड़कर प्रशांत किशोर का दामन थाम चुके हैं. जेडीयू के पूर्व सांसद और बिहार सरकार में पूर्व मंत्री रहे एवं जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रह चुके मोनाजिर हसन जन सुराज की सदस्यता ले चुके हैं. भागलपुर के रहने वाले जेडीयू के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष (अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ) इबरार अंसारी, प्रो. रिजवान आलम खान (जमुई)- पूर्व जेडीयू जिला अध्यक्ष (शिक्षक प्रकोष्ठ), मोहम्मद इरफान (जमुई)- जेडीयू के पूर्व प्रदेश महासचिव और जेडीयू के पूर्व जिला अध्यक्ष (अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ) जेडीयू को बाय-बाय कर चुके हैं.</span></p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>यह भी पढ़ें- <a href=”https://www.abplive.com/states/bihar/congress-meeting-for-bihar-assembly-election-2025-rajesh-ram-on-tejashwi-yadav-as-cm-face-2911915″>बिहार में तेजस्वी यादव होंगे CM का चेहरा? आलाकमान के साथ बैठक के बाद कांग्रेस प्रभारी ने साफ की तस्वीर</a><br /></strong></p> <p style=”text-align: justify;”><strong>Bihar Politics: </strong><span style=”font-weight: 400;”>2025 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले दल-बदल भी शुरू हो गया है. प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) की पार्टी जन सुराज में भी लगातार कई पार्टियों के दिग्गज नेता शामिल हो रहे हैं. आज (बुधवार) मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की पार्टी को बड़ा झटका लगने वाला है. जेडीयू में एक बड़े मुस्लिम चेहरे के रूप में अपनी पहचान रखने वाले अमजद हसन (Amjad Hassan) आज पीके का दामने वाले हैं. </span></p>
<p style=”text-align: justify;”><span style=”font-weight: 400;”>अमजद हसन जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रह चुके हैं. आज वह जन सुराज में शामिल होकर पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे. अमजद हसन मुख्य रूप से बोधगया के मगध विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के मोरा-मर्दाना गांव के रहने वाले हैं. वह काफी सुखी संपन्न और अपने इलाके में समाजसेवी के साथ-साथ एक अलग पहचान रखने वाले व्यक्ति हैं.</span></p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>जेडीयू में काफी दिनों तक सक्रिय भूमिका में रहे</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”><span style=”font-weight: 400;”>बताया जाता है कि गया जिले के मुस्लिम समाज में उनका एक बड़ा नाम है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ वह जेडीयू में काफी दिनों तक सक्रिय भूमिका में रहे. पार्टी की ओर से उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह दी गई थी, लेकिन कुछ दिनों से वह पार्टी की नीतियों से नाराज चल रहे थे. ऐसे में अब उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला कर लिया है.</span></p>
<p style=”text-align: justify;”><span style=”font-weight: 400;”>दरअसल वक्फ बोर्ड बिल को समर्थन के मामले को लेकर दो दिन पहले मुस्लिम संगठन इमारत-ए-शरिया सहित सात धार्मिक संगठनों ने जेडीयू की इफ्तार पार्टी का विरोध किया था. अब पार्टी के मुस्लिम नेता जब अलग हो रहे हैं तो ये भी जेडीयू के लिए चिंता का विषय है.</span></p>
<p style=”text-align: justify;”><span style=”font-weight: 400;”>हलांकि मुस्लिम समाज से जेडीयू के कई वरिष्ठ और दिग्गज नेता पहले भी पार्टी छोड़कर प्रशांत किशोर का दामन थाम चुके हैं. जेडीयू के पूर्व सांसद और बिहार सरकार में पूर्व मंत्री रहे एवं जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रह चुके मोनाजिर हसन जन सुराज की सदस्यता ले चुके हैं. भागलपुर के रहने वाले जेडीयू के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष (अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ) इबरार अंसारी, प्रो. रिजवान आलम खान (जमुई)- पूर्व जेडीयू जिला अध्यक्ष (शिक्षक प्रकोष्ठ), मोहम्मद इरफान (जमुई)- जेडीयू के पूर्व प्रदेश महासचिव और जेडीयू के पूर्व जिला अध्यक्ष (अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ) जेडीयू को बाय-बाय कर चुके हैं.</span></p>
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