Delhi Crime: दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ा फरार नकली इंस्पेक्टर, देहरादून में छिपा था असली राज!

Delhi Crime: दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ा फरार नकली इंस्पेक्टर, देहरादून में छिपा था असली राज!

<p style=”text-align: justify;”><strong>Delhi Crime News:</strong> दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने एक बार फिर अपनी तेज़ तर्रार कार्रवाई से शातिर अपराधी को गिरफ्तार कर साबित कर दिया कि अपराधी कितना भी चालाक क्यों न हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता. दिल्ली पुलिस ने उस नकली इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कर लिया है, जो महीनों से फरार था और पुलिस को चकमा दे रहा था.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी मुंबई एयरपोर्ट से भागने के बाद लगातार अपनी पहचान बदलकर छिप रहा था, लेकिन आखिरकार देहरादून में उसे धर दबोचा गया. आरोपी खुद को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा का अधिकारी बताकर मुंबई के एक कारोबारी से 30 लाख रुपये की ठगी कर चुका था.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>कैसे दिया वारदात को अंजाम?</strong><br />आरोपी इमाद खान अपने साथियों के साथ गोवा के एक होटल में ठहरा था. उसने कारोबारी को होटल में बुलाया और खुद को दिल्ली नारकोटिक्स विभाग (Narcotics Department) का इंस्पेक्टर बताया. उसके साथ मौजूद महिला ने भी पुलिस अधिकारी बनकर पीड़ित को धमकाया.</p>
<p style=”text-align: justify;”>आरोपियों ने पीड़ित का मोबाइल फोन, लैपटॉप और निजी दस्तावेज जब्त कर लिए. फिर धमकी दी कि अगर उसने पैसे नहीं दिए, तो उसकी आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दी जाएगी. डर के मारे कारोबारी ने 20 लाख रुपये नकद और 10 लाख रुपये बैंक ट्रांसफर कर दिए.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>मुंबई एयरपोर्ट से फरार हुआ था आरोपी</strong><br />शिकायत के बाद गोवा पुलिस ने इमाद खान को गिरफ्तार किया. लेकिन 19 जून 2024 को मुंबई एयरपोर्ट पर पुलिस को चकमा देकर वह फरार हो गया. इसके बाद मुंबई पुलिस ने उसके खिलाफ एक और मामला दर्ज किया.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>दिल्ली पुलिस ऐसे पहुंची आरोपी तक</strong><br />दिल्ली पुलिस की साइबर सेल को 26 मार्च 2025 को सूचना मिली कि इमाद खान देहरादून में छिपा है. पुलिस ने तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचनाओं के आधार पर 28 मार्च को उसे गिरफ्तार कर लिया.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>पूछताछ में बड़े खुलासे</strong><br />पूछताछ में इमाद खान ने बताया कि वह 2023 में दिल्ली के एक क्लब मालिक के संपर्क में आया था, जिसके जरिए वह गिरोह से जुड़ा. इस गैंग में बसित, फैजान, भुवन और यासिर पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं. पुलिस अब बाकी सदस्यों की तलाश में है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>अपराध का तरीका</strong><br />आरोपी अपने शिकार को होटल में बुलाकर खुद को पुलिस अधिकारी बताता था, जिससे पीड़ित पर दबाव बनाया जा सके. इसके बाद वह पीड़ित का मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त कर लेता था, जिससे उसकी निजी जानकारी हासिल की जा सके. आरोपियों की रणनीति थी कि फर्जी केस में फंसाने की धमकी देकर पीड़ित को डराया जाए और फिर मोटी रकम वसूली जाए. यह गिरोह नकद और बैंक ट्रांसफर, दोनों माध्यमों से पैसे लेता था ताकि अपनी पहचान छिपा सके. पुलिस से बचने के लिए आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदलते रहते थे, जिससे उनकी गिरफ्तारी मुश्किल हो सके.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>क्या बोले पुलिस अधिकारी?</strong><br />दिल्ली पुलिस साइबर सेल के एसीपी पवन कुमार ने बताया कि इमाद खान बार-बार अपनी पहचान और ठिकाना बदल रहा था, लेकिन कड़ी निगरानी के बाद उसे पकड़ लिया गया. अब पुलिस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><iframe title=”YouTube video player” src=”https://www.youtube.com/embed/fUZ-GvQLjGo?si=V1snGm4247h6f77-” width=”560″ height=”315″ frameborder=”0″ allowfullscreen=”allowfullscreen”></iframe></p> <p style=”text-align: justify;”><strong>Delhi Crime News:</strong> दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने एक बार फिर अपनी तेज़ तर्रार कार्रवाई से शातिर अपराधी को गिरफ्तार कर साबित कर दिया कि अपराधी कितना भी चालाक क्यों न हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता. दिल्ली पुलिस ने उस नकली इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कर लिया है, जो महीनों से फरार था और पुलिस को चकमा दे रहा था.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी मुंबई एयरपोर्ट से भागने के बाद लगातार अपनी पहचान बदलकर छिप रहा था, लेकिन आखिरकार देहरादून में उसे धर दबोचा गया. आरोपी खुद को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा का अधिकारी बताकर मुंबई के एक कारोबारी से 30 लाख रुपये की ठगी कर चुका था.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>कैसे दिया वारदात को अंजाम?</strong><br />आरोपी इमाद खान अपने साथियों के साथ गोवा के एक होटल में ठहरा था. उसने कारोबारी को होटल में बुलाया और खुद को दिल्ली नारकोटिक्स विभाग (Narcotics Department) का इंस्पेक्टर बताया. उसके साथ मौजूद महिला ने भी पुलिस अधिकारी बनकर पीड़ित को धमकाया.</p>
<p style=”text-align: justify;”>आरोपियों ने पीड़ित का मोबाइल फोन, लैपटॉप और निजी दस्तावेज जब्त कर लिए. फिर धमकी दी कि अगर उसने पैसे नहीं दिए, तो उसकी आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दी जाएगी. डर के मारे कारोबारी ने 20 लाख रुपये नकद और 10 लाख रुपये बैंक ट्रांसफर कर दिए.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>मुंबई एयरपोर्ट से फरार हुआ था आरोपी</strong><br />शिकायत के बाद गोवा पुलिस ने इमाद खान को गिरफ्तार किया. लेकिन 19 जून 2024 को मुंबई एयरपोर्ट पर पुलिस को चकमा देकर वह फरार हो गया. इसके बाद मुंबई पुलिस ने उसके खिलाफ एक और मामला दर्ज किया.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>दिल्ली पुलिस ऐसे पहुंची आरोपी तक</strong><br />दिल्ली पुलिस की साइबर सेल को 26 मार्च 2025 को सूचना मिली कि इमाद खान देहरादून में छिपा है. पुलिस ने तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचनाओं के आधार पर 28 मार्च को उसे गिरफ्तार कर लिया.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>पूछताछ में बड़े खुलासे</strong><br />पूछताछ में इमाद खान ने बताया कि वह 2023 में दिल्ली के एक क्लब मालिक के संपर्क में आया था, जिसके जरिए वह गिरोह से जुड़ा. इस गैंग में बसित, फैजान, भुवन और यासिर पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं. पुलिस अब बाकी सदस्यों की तलाश में है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>अपराध का तरीका</strong><br />आरोपी अपने शिकार को होटल में बुलाकर खुद को पुलिस अधिकारी बताता था, जिससे पीड़ित पर दबाव बनाया जा सके. इसके बाद वह पीड़ित का मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त कर लेता था, जिससे उसकी निजी जानकारी हासिल की जा सके. आरोपियों की रणनीति थी कि फर्जी केस में फंसाने की धमकी देकर पीड़ित को डराया जाए और फिर मोटी रकम वसूली जाए. यह गिरोह नकद और बैंक ट्रांसफर, दोनों माध्यमों से पैसे लेता था ताकि अपनी पहचान छिपा सके. पुलिस से बचने के लिए आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदलते रहते थे, जिससे उनकी गिरफ्तारी मुश्किल हो सके.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>क्या बोले पुलिस अधिकारी?</strong><br />दिल्ली पुलिस साइबर सेल के एसीपी पवन कुमार ने बताया कि इमाद खान बार-बार अपनी पहचान और ठिकाना बदल रहा था, लेकिन कड़ी निगरानी के बाद उसे पकड़ लिया गया. अब पुलिस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><iframe title=”YouTube video player” src=”https://www.youtube.com/embed/fUZ-GvQLjGo?si=V1snGm4247h6f77-” width=”560″ height=”315″ frameborder=”0″ allowfullscreen=”allowfullscreen”></iframe></p>  दिल्ली NCR लूट के आरोपियों के गुप्तांग में मिर्च और पेट्रोल, बेल्ट से पिटाई, 4 पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज