Farmers Protest: शंभू के बाद खनौरी बॉर्डर पर भी यातायात बहाल, कब से और क्यों बंद थे ये रास्ते?

Farmers Protest: शंभू के बाद खनौरी बॉर्डर पर भी यातायात बहाल, कब से और क्यों बंद थे ये रास्ते?

<p style=”text-align: justify;”><strong>Farmers Protest In Punjab:</strong> पंजाब हरियाणा के शंभू बॉर्डर के बाद खनौरी बॉर्डर पर किसानों के दिल्ली मार्च को रोकने के लिए लगाए गए बैरिकेड्स को हटाने के बाद शुक्रवार (21 मार्च) से यातायात बहाल हो गया है. किसान आंदोलन के कारण पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर एक साल से अधिक समय इस रूट से यातायात बंद था. पंजाब पुलिस के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि कर दी है.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>इससे पहले गुरुवार (20 मार्च) को पंजाब पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारी किसानों को हिरासत में लिया गया था. उसके बाद अस्थायी ढांचों को ध्वस्त करने के एक दिन बाद से शंभू सीमा बॉर्डर (शंभू-अंबाला राजमार्ग) के माध्यम से यातायात फिर से चालू कर दिया गया था. ट्रैफिक चालू होने से पहले हरियाणा पुलिस ने भी शंभू बॉर्डर से बैरिकेड्स हटा दिए थे.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>कार्रवाई के विरोध में किसानों का कई शहरों में प्रदर्शन&nbsp;</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>हालांकि, पंजाब पुलिस की कार्रवाई से नाराज से किसानों ने मोगा, तरनतारन, मुक्तसर और फरीदकोट सहित पंजाब में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी किसानों ने अपने नेताओं को हिरासत में लेने और शंभू और खनौरी सीमा बिंदुओं से प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए आप सरकार पर हमला बोला था.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>किसानों ने राजमार्ग पर बना लिए थे अस्थायी ढांचे&nbsp;</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>पिछले साल 13 फरवरी 2024 से किसान शंभू और खनौरी बॉर्डर पर डेरा डाले हुए थे. सुरक्षाकर्मियों ने दोनों स्थानों पर किसानों के मार्च को विफल कर दिया गया था. जैसे-जैसे विरोध प्रदर्शन बढ़ता गया, किसानों ने प्रदर्शनकारियों को समायोजित करने और अपने आंदोलन को बनाए रखने के लिए राजमार्ग पर अस्थायी ढांचे बना लिए थे.</p>
<p style=”text-align: justify;”>हरियाणा पुलिस ने पंजाब के किसानों द्वारा राष्ट्रीय राजधानी की ओर बढ़ने के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए शंभू और खनौरी सीमा बिंदुओं को सीमेंट के ब्लॉक, लोहे की कील और कांटेदार तारों से मजबूत किया था. इस प्रकार, शंभू-अंबाला और संगरूर-जींद सड़कों पर यातायात एक साल से अधिक समय तक बंद रहा.</p>
<p style=”text-align: justify;”>हरियाणा के सुरक्षाकर्मियों ने 20 मार्च को शंभू-अंबाला राजमार्ग के अपने हिस्से पर सीमेंट के बैरिकेड्स हटा दिए, जिससे सड़क यातायात के लिए खुल गई. जबकि खनौरी बॉर्डर पर सड़क पर बैरिकेडिंग भी हटा दी गई और शुक्रवार को सड़क यातायात यहां से भी चालू हो गया.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>इन संगठनों ने पंजाब सरकार पर साधा निशाना&nbsp;</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा शंभू और खनौरी में विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे थे. दोनों संगठनों ने बुधवार को प्रदर्शनकारियों को हटाने और किसान नेताओं को हिरासत में लेने के लिए पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की आलोचना की.</p>
<p style=”text-align: justify;”>बता दें कि पंजाब पुलिस ने बुधवार (19 मार्च) को मोहाली में सरवन सिंह पंधेर और जगजीत सिंह दल्लेवाल सहित कई किसान नेताओं को हिरासत में लिया था.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”><iframe title=”YouTube video player” src=”https://www.youtube.com/embed/D9DlnIgO5sI?si=npiZrsV6qGO_GlTR” width=”560″ height=”315″ frameborder=”0″ allowfullscreen=”allowfullscreen”></iframe></p> <p style=”text-align: justify;”><strong>Farmers Protest In Punjab:</strong> पंजाब हरियाणा के शंभू बॉर्डर के बाद खनौरी बॉर्डर पर किसानों के दिल्ली मार्च को रोकने के लिए लगाए गए बैरिकेड्स को हटाने के बाद शुक्रवार (21 मार्च) से यातायात बहाल हो गया है. किसान आंदोलन के कारण पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर एक साल से अधिक समय इस रूट से यातायात बंद था. पंजाब पुलिस के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि कर दी है.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>इससे पहले गुरुवार (20 मार्च) को पंजाब पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारी किसानों को हिरासत में लिया गया था. उसके बाद अस्थायी ढांचों को ध्वस्त करने के एक दिन बाद से शंभू सीमा बॉर्डर (शंभू-अंबाला राजमार्ग) के माध्यम से यातायात फिर से चालू कर दिया गया था. ट्रैफिक चालू होने से पहले हरियाणा पुलिस ने भी शंभू बॉर्डर से बैरिकेड्स हटा दिए थे.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>कार्रवाई के विरोध में किसानों का कई शहरों में प्रदर्शन&nbsp;</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>हालांकि, पंजाब पुलिस की कार्रवाई से नाराज से किसानों ने मोगा, तरनतारन, मुक्तसर और फरीदकोट सहित पंजाब में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी किसानों ने अपने नेताओं को हिरासत में लेने और शंभू और खनौरी सीमा बिंदुओं से प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए आप सरकार पर हमला बोला था.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>किसानों ने राजमार्ग पर बना लिए थे अस्थायी ढांचे&nbsp;</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>पिछले साल 13 फरवरी 2024 से किसान शंभू और खनौरी बॉर्डर पर डेरा डाले हुए थे. सुरक्षाकर्मियों ने दोनों स्थानों पर किसानों के मार्च को विफल कर दिया गया था. जैसे-जैसे विरोध प्रदर्शन बढ़ता गया, किसानों ने प्रदर्शनकारियों को समायोजित करने और अपने आंदोलन को बनाए रखने के लिए राजमार्ग पर अस्थायी ढांचे बना लिए थे.</p>
<p style=”text-align: justify;”>हरियाणा पुलिस ने पंजाब के किसानों द्वारा राष्ट्रीय राजधानी की ओर बढ़ने के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए शंभू और खनौरी सीमा बिंदुओं को सीमेंट के ब्लॉक, लोहे की कील और कांटेदार तारों से मजबूत किया था. इस प्रकार, शंभू-अंबाला और संगरूर-जींद सड़कों पर यातायात एक साल से अधिक समय तक बंद रहा.</p>
<p style=”text-align: justify;”>हरियाणा के सुरक्षाकर्मियों ने 20 मार्च को शंभू-अंबाला राजमार्ग के अपने हिस्से पर सीमेंट के बैरिकेड्स हटा दिए, जिससे सड़क यातायात के लिए खुल गई. जबकि खनौरी बॉर्डर पर सड़क पर बैरिकेडिंग भी हटा दी गई और शुक्रवार को सड़क यातायात यहां से भी चालू हो गया.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>इन संगठनों ने पंजाब सरकार पर साधा निशाना&nbsp;</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा शंभू और खनौरी में विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे थे. दोनों संगठनों ने बुधवार को प्रदर्शनकारियों को हटाने और किसान नेताओं को हिरासत में लेने के लिए पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की आलोचना की.</p>
<p style=”text-align: justify;”>बता दें कि पंजाब पुलिस ने बुधवार (19 मार्च) को मोहाली में सरवन सिंह पंधेर और जगजीत सिंह दल्लेवाल सहित कई किसान नेताओं को हिरासत में लिया था.&nbsp;</p>
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