हिमाचल CM ने केंद्रीय बजट को गरीब विरोधी बताया:प्रतिभा बोली-आपदा से निपटने को राहत नहीं, BJP ने हर वर्ग का ध्यान रखने वाला बताया हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्रीय बजट को निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट पूरी तरह बिहार पर केंद्रित है। यह बजट बेरोजगारी, गरीबी और बढ़ती मंहगाई को संबोधित करने की दिशा में असफल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल के सेब उत्पादक राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इस वर्ग से संबंधित वित्तीय बाधाओं और उनसे संबंधित मुश्किलों को कम करने के लिए सेब के आयात शुल्क में वृद्धि करने के लिए कोई उपाय नहीं किया गया है। इससे बागवान मायूस है। सुक्खू ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है। इसमें प्रदेश में रेल विस्तार जैसे महत्वपूर्ण मामले के संबंध में भी उल्लेख नहीं है। राज्यों को दिए जाने वाले ब्याज मुक्त ऋण की 1.5 लाख करोड़ रुपये की सीमा में बढ़ौतरी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि GST क्षतिपूर्ति राशि समाप्त करने से राज्य को वित्तीय संकट झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह गरीब विरोधी और अवसरवादी बजट है। केंद्र का बजट निराशाजनक: प्रतिभा हिमाचल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने इस बजट को निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा, पहाड़ी राज्यों विशेष तौर पर हिमाचल के हितों की पूरी तरह अनदेखी की गई है। प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने प्रदेश को कोई भी आर्थिक नहीं दी और न ही आगामी बजट में प्रदेश को कोई नई विकास योजना ही दी है। प्रदेश के सेब बागवानों किसानों को भी कोई राहत इस बजट में नही है। बजट में कांग्रेस शासित राज्यों के साथ भेदभाव किया गया है, जबकि विहार को विधानसभा चुनावों के मद्देनजर उसे बजट में प्रमुखता दी गई है। आयकर में राहत बड़ा तोहफा: बिंदल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था सभी प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। उन्होंने कहा कि आयकर में राहत केंद्र सरकार का जनता को बड़ा तोहफा है। लोकतंत्र, जनसांख्यिकी और मांग, विकसित भारत की ओर हमारी यात्रा में प्रमुख सहायक स्तंभ हैं, मध्यम वर्ग भारत के विकास को शक्ति प्रदान करता है। दूरदर्शी बजट पेश किया:जयराम नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र ने बजट-2025 प्रस्तुत कर विकसित, आत्मनिर्भर एवं हर क्षेत्र में श्रेष्ठ भारत का मार्ग प्रशस्त किया है। बजट में किसान, गरीब, ग्रामीण, मध्यम वर्ग, महिला और बच्चों की शिक्षा, पोषण व स्वास्थ्य से लेकर स्टार्ट अप, नवाचार, निवेश सहित हर वर्ग एवं क्षेत्र के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं।