यूपी सरकार ने लखनऊ विश्वविद्यालय के आर्ट्स कॉलेज (कला एवं शिल्प महाविद्यालय – ललित कला संकाय) को भवनों के रख-रखाव, इन्फ्रास्ट्रक्चर के मद में 511.00 लाख से अधिक की धनराशि स्वीकृत की हैं। इसकी 255.83 लाख की पहली किस्त जारी करने के आदेश भी जारी हो गए हैं। गौरवशाली रहा हैं आर्ट्स कॉलेज का इतिहास साल 1892 में विंगफील्ड मंजिल बनारसी बाग में इस कॉलेज की शुरुआत हुई। विभिन्न पड़ावों से गुजरते हुए साल 1911 से कला एवं शिल्प महाविद्यालय टैगोर मार्ग पर स्थित वर्तमान भवन में चल रहा है। एक समय कॉलेज परिसर गोमती तट से लेकर आर्किटेक्चर कॉलेज तक था। ये कॉलेज 1974 से लखनऊ विश्वविद्यालय के एक घटक महाविद्यालय के रूप में संचालित हो रहा है। वर्ष 1974 में ही इसका एक विभाग फैकल्टी ऑफ आर्किटेक्चर के रूप में इससे अलग हो गया और वर्तमान में AKTU से सम्बद्ध है। नए विक्रम संवत और चैत्र नवरात्रि पर उत्सव LU के एपी सेन सभागार में नव संवत्सर – चैत्र नवरात्रि पर भव्य सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण अर्धनारीश्वर पर नृत्य व “अहिल्याबाई होल्कर” नाटक रहे, जिसे इसके ऐतिहासिक गहराई और प्रभावशाली प्रदर्शन के लिए सराहा गया। इस कार्यक्रम में कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय, प्रो-वाइस चांसलर प्रो. मनुका खन्ना, सांस्कृतिकी निदेशक प्रो. अंचल श्रीवास्तव मौजूद रहे। यूपी सरकार ने लखनऊ विश्वविद्यालय के आर्ट्स कॉलेज (कला एवं शिल्प महाविद्यालय – ललित कला संकाय) को भवनों के रख-रखाव, इन्फ्रास्ट्रक्चर के मद में 511.00 लाख से अधिक की धनराशि स्वीकृत की हैं। इसकी 255.83 लाख की पहली किस्त जारी करने के आदेश भी जारी हो गए हैं। गौरवशाली रहा हैं आर्ट्स कॉलेज का इतिहास साल 1892 में विंगफील्ड मंजिल बनारसी बाग में इस कॉलेज की शुरुआत हुई। विभिन्न पड़ावों से गुजरते हुए साल 1911 से कला एवं शिल्प महाविद्यालय टैगोर मार्ग पर स्थित वर्तमान भवन में चल रहा है। एक समय कॉलेज परिसर गोमती तट से लेकर आर्किटेक्चर कॉलेज तक था। ये कॉलेज 1974 से लखनऊ विश्वविद्यालय के एक घटक महाविद्यालय के रूप में संचालित हो रहा है। वर्ष 1974 में ही इसका एक विभाग फैकल्टी ऑफ आर्किटेक्चर के रूप में इससे अलग हो गया और वर्तमान में AKTU से सम्बद्ध है। नए विक्रम संवत और चैत्र नवरात्रि पर उत्सव LU के एपी सेन सभागार में नव संवत्सर – चैत्र नवरात्रि पर भव्य सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण अर्धनारीश्वर पर नृत्य व “अहिल्याबाई होल्कर” नाटक रहे, जिसे इसके ऐतिहासिक गहराई और प्रभावशाली प्रदर्शन के लिए सराहा गया। इस कार्यक्रम में कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय, प्रो-वाइस चांसलर प्रो. मनुका खन्ना, सांस्कृतिकी निदेशक प्रो. अंचल श्रीवास्तव मौजूद रहे। उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर
LU आर्ट्स कॉलेज के लिए 511.67 लाख का बजट:255.83 लाख जारी; रेनोवेशन होगा, नव संवत्सर पर कार्यक्रम हुए
