Mumbai: कोर्ट ने होटल व्यवसायी जितेंद्र नवलानी के खिलाफ दर्ज केस को किया बंद, संजय राउत ने लगाया था ये आरोप

Mumbai: कोर्ट ने होटल व्यवसायी जितेंद्र नवलानी के खिलाफ दर्ज केस को किया बंद, संजय राउत ने लगाया था ये आरोप

<p style=”text-align: justify;”><strong>Maharashtra Latest News:</strong> मुंबई की विशेष कोर्ट ने बुधवार (7 अगस्त) को दक्षिण मुंबई के होटल व्यवसायी जितेंद्र नवलानी के खिलाफ दर्ज मामले को बंद कर दिया. जितेंद्र नावलानी पर शिवसेना (यूबीटी) नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने ईडी का एजेंट होने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि वो ईडी के अधिकारियों के साथ काम करते हैं और बिजनेस इस्टेबलिशमेंट को जांच से बचाने के लिए पैसे लेते हैं. &nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>एडिशनल सेशन जज एए नंदगांवकर ने बुधवार को एडिशनल प्रोसिक्यूटर रमेश सिरोया द्वारा दी गई सी-समरी रिपोर्ट (क्लोजर रिपोर्ट ) को स्वीकार कर लिया है. इसमें दक्षिण मुंबई के व्यवसायी के खिलाफ मामले को बंद करने की मांग की गई थी. एक अधिकारी ने बताया कि क्लोजर रिपोर्ट तब दायर की जाती है, जब किसी मामले में जांच के दौरान पुलिस को पर्याप्त सबूत नहीं मिलते हैं. &nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>संजय राउत ने लगाया था ये आरोप</strong><br />बता दें जितेंद्र नवलानी के खिलाफ 8 मार्च 2022 को संजय राउत द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद मामला दर्ज किया गया था. संजय राउत ने कहा था कि जितेंद्र नवलानी तीन ईडी अधिकारियों के साथ मिलकर एक वसूली रैकेट चला रहा है, जिसके जरिए वो व्यापारियों को ईडी जांच से बचाने के बदले पैसे लेता है. इस आरोप के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने 5 मई, 2022 को जितेंद्र नवलानी और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था.</p>
<p style=”text-align: justify;”>बता दें यह शिकायत शिवसेना (यूबीटी) के पदाधिकारी अरविंद भोसले की लिखित शिकायत के बाद दर्ज की गई थी. वहीं इस ममाले की जांच के बाद जनवरी 2023 में एसीबी ने सी-समरी रिपोर्ट दाखिल की थी, जिसमें कहा गया था कि संजय राउत द्वारा लगाए गए आरोपों में कोई भी सार नहीं पाया गया. रिपोर्ट में एसीबी के एसीपी हर्षल चव्हाण ने कहा कि साल 2015 से 2021 के बीच जितेंद्र नवलानी द्वारा नियंत्रित कंपनियों ने 39 कंपनियों से कुल 358.96 करोड़ प्राप्त किए, लेकिन ये लेन-देन सामान्य व्यवसाय का हिस्सा था.</p>
<div id=”article-hstick-inner” class=”abp-story-detail “>
<p><strong>ये भी पढ़ें-&nbsp;<a title=”संजय राठौड़ के खिलाफ याचिका पर बॉम्बे HC सख्त, BJP नेता से कहा- ‘अदालतें राजनीति का रास्ता नहीं” href=”https://www.abplive.com/states/maharashtra/bombay-high-court-lashed-at-chitra-wagh-after-she-seeks-to-quash-petition-against-sanjay-rathore-2756160″ target=”_self”>संजय राठौड़ के खिलाफ याचिका पर बॉम्बे HC सख्त, BJP नेता से कहा- ‘अदालतें राजनीति का रास्ता नहीं'</a></strong></p>
</div> <p style=”text-align: justify;”><strong>Maharashtra Latest News:</strong> मुंबई की विशेष कोर्ट ने बुधवार (7 अगस्त) को दक्षिण मुंबई के होटल व्यवसायी जितेंद्र नवलानी के खिलाफ दर्ज मामले को बंद कर दिया. जितेंद्र नावलानी पर शिवसेना (यूबीटी) नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने ईडी का एजेंट होने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि वो ईडी के अधिकारियों के साथ काम करते हैं और बिजनेस इस्टेबलिशमेंट को जांच से बचाने के लिए पैसे लेते हैं. &nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>एडिशनल सेशन जज एए नंदगांवकर ने बुधवार को एडिशनल प्रोसिक्यूटर रमेश सिरोया द्वारा दी गई सी-समरी रिपोर्ट (क्लोजर रिपोर्ट ) को स्वीकार कर लिया है. इसमें दक्षिण मुंबई के व्यवसायी के खिलाफ मामले को बंद करने की मांग की गई थी. एक अधिकारी ने बताया कि क्लोजर रिपोर्ट तब दायर की जाती है, जब किसी मामले में जांच के दौरान पुलिस को पर्याप्त सबूत नहीं मिलते हैं. &nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>संजय राउत ने लगाया था ये आरोप</strong><br />बता दें जितेंद्र नवलानी के खिलाफ 8 मार्च 2022 को संजय राउत द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद मामला दर्ज किया गया था. संजय राउत ने कहा था कि जितेंद्र नवलानी तीन ईडी अधिकारियों के साथ मिलकर एक वसूली रैकेट चला रहा है, जिसके जरिए वो व्यापारियों को ईडी जांच से बचाने के बदले पैसे लेता है. इस आरोप के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने 5 मई, 2022 को जितेंद्र नवलानी और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था.</p>
<p style=”text-align: justify;”>बता दें यह शिकायत शिवसेना (यूबीटी) के पदाधिकारी अरविंद भोसले की लिखित शिकायत के बाद दर्ज की गई थी. वहीं इस ममाले की जांच के बाद जनवरी 2023 में एसीबी ने सी-समरी रिपोर्ट दाखिल की थी, जिसमें कहा गया था कि संजय राउत द्वारा लगाए गए आरोपों में कोई भी सार नहीं पाया गया. रिपोर्ट में एसीबी के एसीपी हर्षल चव्हाण ने कहा कि साल 2015 से 2021 के बीच जितेंद्र नवलानी द्वारा नियंत्रित कंपनियों ने 39 कंपनियों से कुल 358.96 करोड़ प्राप्त किए, लेकिन ये लेन-देन सामान्य व्यवसाय का हिस्सा था.</p>
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