<p><strong>Rajasthan Assembly News:</strong> राजस्थान विधानसभा में बुधवार (5 फरवरी) को कुछ जिलों के गठन को निरस्त किए जाने के मुद्दे पर जोरदार हंगामा हुआ, जिससे सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी. विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने घोषणा की कि आज (6 फरवरी) इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाने वाले दो विधायकों को 2-2 मिनट का समय दिया जाएगा, जबकि सरकार की ओर से संक्षिप्त बयान दिया जाएगा.</p>
<p>शून्यकाल के दौरान अध्यक्ष देवनानी ने बताया कि विधायक सुरेश मोदी और तीस अन्य सदस्यों ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा गठित तीन संभाग और नौ जिलों को निरस्त किए जाने के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव पेश किया है. अध्यक्ष ने कहा कि सुरेश मोदी और रामकेश को अपनी बात रखने के लिए दो-दो मिनट का समय मिलेगा. इस पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि यह मामला फिलहाल हाई कोर्ट में लंबित है, इसलिए इस पर विधानसभा में चर्चा नहीं होनी चाहिए.</p>
<p>इस तर्क पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने विरोध जताते हुए कहा कि केवल दो जिलों का मामला अदालत में है, बाकी जिलों का नहीं. उन्होंने मांग की कि अन्य जिलों पर चर्चा होनी चाहिए. इस पर अध्यक्ष ने चर्चा स्थगित करने का फैसला सुनाया, जिससे विपक्ष ने नाराज होकर हंगामा किया. हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए रोक दी गई. भोजनावकाश के बाद भी विवाद जारी रहा. अध्यक्ष ने कहा कि केवल चुने गए दो सदस्य ही इस पर बोलेंगे और सरकार की ओर से एक मंत्री जवाब देंगे. इसके बाद सदन में दुसरे विधायी कार्य संपन्न हुए.</p>
<p><strong>पिछली सरकार के फैसले पर टकराव</strong><br />गौरतलब है कि पिछली गहलोत सरकार ने 17 नए जिले और तीन नए संभाग बनाने की अधिसूचना जारी की थी. मौजूदा भजनलाल शर्मा सरकार ने इनमें से नौ जिलों और तीन संभागों को समाप्त करने का फैसला लिया, जबकि आठ नए जिले बनाए रखे गए. इसी मुद्दे को लेकर विधानसभा में विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने आ गए.</p>
<p><strong>इंदिरा मीणा ने लगाए सीएम पर ये आरोप</strong><br />वहीं राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक इंद्रा मीणा के कुछ आरोपों को लेकर भी सदन में खूब हंगामा हुआ. इंद्रा मीणा ने जयपुर में हुए ‘राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट’ की निविदा से जुड़ी कंपनियों को लेकर कुछ आरोप लगाए. संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और अन्य मंत्रियों ने इस पर आपत्ति जताते हुए सबूत के साथ बात रखने को कहा. इसको लेकर काफी देर हंगामा होता रहा, जिसपर सभापति ने विधायक के उन शब्दों को कार्यवाही में अंकित नहीं करने को कहा जिन पर सत्ता पक्ष को आपत्ति थी.</p> <p><strong>Rajasthan Assembly News:</strong> राजस्थान विधानसभा में बुधवार (5 फरवरी) को कुछ जिलों के गठन को निरस्त किए जाने के मुद्दे पर जोरदार हंगामा हुआ, जिससे सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी. विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने घोषणा की कि आज (6 फरवरी) इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाने वाले दो विधायकों को 2-2 मिनट का समय दिया जाएगा, जबकि सरकार की ओर से संक्षिप्त बयान दिया जाएगा.</p>
<p>शून्यकाल के दौरान अध्यक्ष देवनानी ने बताया कि विधायक सुरेश मोदी और तीस अन्य सदस्यों ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा गठित तीन संभाग और नौ जिलों को निरस्त किए जाने के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव पेश किया है. अध्यक्ष ने कहा कि सुरेश मोदी और रामकेश को अपनी बात रखने के लिए दो-दो मिनट का समय मिलेगा. इस पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि यह मामला फिलहाल हाई कोर्ट में लंबित है, इसलिए इस पर विधानसभा में चर्चा नहीं होनी चाहिए.</p>
<p>इस तर्क पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने विरोध जताते हुए कहा कि केवल दो जिलों का मामला अदालत में है, बाकी जिलों का नहीं. उन्होंने मांग की कि अन्य जिलों पर चर्चा होनी चाहिए. इस पर अध्यक्ष ने चर्चा स्थगित करने का फैसला सुनाया, जिससे विपक्ष ने नाराज होकर हंगामा किया. हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए रोक दी गई. भोजनावकाश के बाद भी विवाद जारी रहा. अध्यक्ष ने कहा कि केवल चुने गए दो सदस्य ही इस पर बोलेंगे और सरकार की ओर से एक मंत्री जवाब देंगे. इसके बाद सदन में दुसरे विधायी कार्य संपन्न हुए.</p>
<p><strong>पिछली सरकार के फैसले पर टकराव</strong><br />गौरतलब है कि पिछली गहलोत सरकार ने 17 नए जिले और तीन नए संभाग बनाने की अधिसूचना जारी की थी. मौजूदा भजनलाल शर्मा सरकार ने इनमें से नौ जिलों और तीन संभागों को समाप्त करने का फैसला लिया, जबकि आठ नए जिले बनाए रखे गए. इसी मुद्दे को लेकर विधानसभा में विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने आ गए.</p>
<p><strong>इंदिरा मीणा ने लगाए सीएम पर ये आरोप</strong><br />वहीं राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक इंद्रा मीणा के कुछ आरोपों को लेकर भी सदन में खूब हंगामा हुआ. इंद्रा मीणा ने जयपुर में हुए ‘राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट’ की निविदा से जुड़ी कंपनियों को लेकर कुछ आरोप लगाए. संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और अन्य मंत्रियों ने इस पर आपत्ति जताते हुए सबूत के साथ बात रखने को कहा. इसको लेकर काफी देर हंगामा होता रहा, जिसपर सभापति ने विधायक के उन शब्दों को कार्यवाही में अंकित नहीं करने को कहा जिन पर सत्ता पक्ष को आपत्ति थी.</p> राजस्थान UPSRTC का बड़ा फैसला, इन सात बस अड्डों की बदल जाएगी तस्वीर, मिलेगी 90 साल की लीज
Rajasthan: राजस्थान विधानसभा में नए जिलों के निरस्त होने को लेकर जमकर हंगामा, टीकाराम जूली ने की ये मांग
