UP News: सैलरी 15 हजार, घर पहुंची करोड़ों की नोटिस, अलीगढ़ में आयकर विभाग ने फिर चौंकाया

UP News: सैलरी 15 हजार, घर पहुंची करोड़ों की नोटिस, अलीगढ़ में आयकर विभाग ने फिर चौंकाया

<p style=”text-align: justify;”><strong>Aligarh News:</strong> उत्तर प्रदेश का अलीगढ़ शहर इन दिनों की आयकर विभाग की नोटिस की वजहों से पूरे प्रदेश में चर्चाओं में है. आयकर विभाग की तरफ से ये नोटिस भी ऐसे लोगो को भेजा गया है जिनकी तनख्वाह दिहाड़ी मजदूरों की कमाई के बराबर है. आयकर विभाग ने पहले एक जूस विक्रेता, फिर एक ताला कारीगर और अब ठेके पर काम करने वाले एक सफाई कर्मी को भी नोटिस जारी किया है. यह नोटिस उसे 33 करोड़ 88 लाख &nbsp;रुपये के टर्नओवर का हिसाब देने के लिए भेजा गया है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>नोटिस को देखकर सफाई कर्मी और उसके परिवार के सभी सदस्य दंग रह गए हैं. इस सफाई कर्मी को यह नोटिस सोमवार शाम को मिला. जब वह रोज की तरह अपने काम से घर लौटा, तो परिवार के सदस्यों ने उसे यह नोटिस दिया. उसने अपने एक परिचित वकील को यह नोटिस दिखाया. वकील ने जब इसे पढ़ा, तो बताया कि आयकर विभाग ने सफाई कर्मी को 33.88 करोड़ रुपये के टर्नओवर का जवाब देने के लिए नोटिस भेजा है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>15 हजार मासिक वेतन पाता है सफाई कर्मचारी</strong><br />चंडौस कस्बे में रहने वाले करन कुमार वाल्मीकी, जो सूरजपाल वाल्मीकी के पुत्र हैं, वह खैर तहसील में स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में सफाई कर्मी के रूप में काम करते हैं. यह नौकरी उन्होंने ठेकेदार के माध्यम से प्राप्त की है. हर महीने उन्हें 15,000 रुपये वेतन के रूप में मिलते हैं. पहले यह वेतन 14,000 रुपये था, जो अब बढ़कर 15,000 रुपये हो गया है.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>सफाई कर्मी का कहना है कि जब उसे यह नोटिस मिला, तो पहले तो वह डर गया. फिर उसने अपने कुछ जानकारों से इस बारे में चर्चा की. उसने बैंक के अन्य सफाई कर्मियों से भी बात की, लेकिन किसी और को ऐसा कोई नोटिस नहीं मिला था. परिवार ने इस विषय पर स्थानीय नेताओं से भी संपर्क किया. परिवार का कहना है कि वे इस मामले की जांच की मांग करेंगे, ताकि पता चल सके कि आखिर यह नोटिस कैसे और क्यों भेजा गया.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>आयकर विभाग ने नोटिस को बताया जांच का हिस्सा</strong><br />आयकर विभाग का कहना है कि नोटिस केवल जांच का एक हिस्सा है. उनका कहना है कि कई बार किसी व्यक्ति के बैंक खाते में किसी अज्ञात स्रोत से बड़ी राशि जमा हो जाती है, जिसे लेकर विभाग को संदेह होता है. ऐसे में संबंधित व्यक्ति को नोटिस भेजकर यह जानने की कोशिश की जाती है कि यह राशि कहां से आई और इसका स्रोत क्या है. हालांकि, सफाई कर्मी ने साफ किया है कि उसकी कोई बड़ी जमा राशि नहीं है और न ही उसके पास कोई ऐसा बैंक खाता है, जिसमें इतनी बड़ी रकम आई हो.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की खैर शाखा के अधिकारियों से जब इस विषय में पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि सफाई कर्मी सिर्फ एक ठेके पर काम करने वाला कर्मचारी है और उसकी आय बहुत सीमित है. उन्होंने कहा कि यदि आयकर विभाग ने उसे नोटिस भेजा है, तो संभवतः किसी तकनीकी त्रुटि या अन्य लेनदेन के कारण ऐसा हुआ होगा.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>प्रशासन से मांग</strong><br />करन कुमार वाल्मीकी और उनके परिवार ने प्रशासन से अपील की है कि इस मामले की गहराई से जांच कराई जाए. उन्होंने कहा कि वे एक साधारण मजदूर हैं और इतने बड़े टर्नओवर का कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने स्थानीय प्रशासन से मदद मांगी है, ताकि उन्हें इस बेवजह के झमेले से बाहर निकाला जा सके.</p>
<p style=”text-align: justify;”>ये भी पढ़ें: <a href=”https://www.abplive.com/states/up-uk/allahabad-high-court-important-comment-on-issue-of-conversion-2917111″><strong>धर्मांतरण के मुद्दे पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी, कहा- इस्लाम धर्म में परिवर्तन तभी जब.</strong></a>..</p> <p style=”text-align: justify;”><strong>Aligarh News:</strong> उत्तर प्रदेश का अलीगढ़ शहर इन दिनों की आयकर विभाग की नोटिस की वजहों से पूरे प्रदेश में चर्चाओं में है. आयकर विभाग की तरफ से ये नोटिस भी ऐसे लोगो को भेजा गया है जिनकी तनख्वाह दिहाड़ी मजदूरों की कमाई के बराबर है. आयकर विभाग ने पहले एक जूस विक्रेता, फिर एक ताला कारीगर और अब ठेके पर काम करने वाले एक सफाई कर्मी को भी नोटिस जारी किया है. यह नोटिस उसे 33 करोड़ 88 लाख &nbsp;रुपये के टर्नओवर का हिसाब देने के लिए भेजा गया है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>नोटिस को देखकर सफाई कर्मी और उसके परिवार के सभी सदस्य दंग रह गए हैं. इस सफाई कर्मी को यह नोटिस सोमवार शाम को मिला. जब वह रोज की तरह अपने काम से घर लौटा, तो परिवार के सदस्यों ने उसे यह नोटिस दिया. उसने अपने एक परिचित वकील को यह नोटिस दिखाया. वकील ने जब इसे पढ़ा, तो बताया कि आयकर विभाग ने सफाई कर्मी को 33.88 करोड़ रुपये के टर्नओवर का जवाब देने के लिए नोटिस भेजा है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>15 हजार मासिक वेतन पाता है सफाई कर्मचारी</strong><br />चंडौस कस्बे में रहने वाले करन कुमार वाल्मीकी, जो सूरजपाल वाल्मीकी के पुत्र हैं, वह खैर तहसील में स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में सफाई कर्मी के रूप में काम करते हैं. यह नौकरी उन्होंने ठेकेदार के माध्यम से प्राप्त की है. हर महीने उन्हें 15,000 रुपये वेतन के रूप में मिलते हैं. पहले यह वेतन 14,000 रुपये था, जो अब बढ़कर 15,000 रुपये हो गया है.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>सफाई कर्मी का कहना है कि जब उसे यह नोटिस मिला, तो पहले तो वह डर गया. फिर उसने अपने कुछ जानकारों से इस बारे में चर्चा की. उसने बैंक के अन्य सफाई कर्मियों से भी बात की, लेकिन किसी और को ऐसा कोई नोटिस नहीं मिला था. परिवार ने इस विषय पर स्थानीय नेताओं से भी संपर्क किया. परिवार का कहना है कि वे इस मामले की जांच की मांग करेंगे, ताकि पता चल सके कि आखिर यह नोटिस कैसे और क्यों भेजा गया.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>आयकर विभाग ने नोटिस को बताया जांच का हिस्सा</strong><br />आयकर विभाग का कहना है कि नोटिस केवल जांच का एक हिस्सा है. उनका कहना है कि कई बार किसी व्यक्ति के बैंक खाते में किसी अज्ञात स्रोत से बड़ी राशि जमा हो जाती है, जिसे लेकर विभाग को संदेह होता है. ऐसे में संबंधित व्यक्ति को नोटिस भेजकर यह जानने की कोशिश की जाती है कि यह राशि कहां से आई और इसका स्रोत क्या है. हालांकि, सफाई कर्मी ने साफ किया है कि उसकी कोई बड़ी जमा राशि नहीं है और न ही उसके पास कोई ऐसा बैंक खाता है, जिसमें इतनी बड़ी रकम आई हो.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की खैर शाखा के अधिकारियों से जब इस विषय में पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि सफाई कर्मी सिर्फ एक ठेके पर काम करने वाला कर्मचारी है और उसकी आय बहुत सीमित है. उन्होंने कहा कि यदि आयकर विभाग ने उसे नोटिस भेजा है, तो संभवतः किसी तकनीकी त्रुटि या अन्य लेनदेन के कारण ऐसा हुआ होगा.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>प्रशासन से मांग</strong><br />करन कुमार वाल्मीकी और उनके परिवार ने प्रशासन से अपील की है कि इस मामले की गहराई से जांच कराई जाए. उन्होंने कहा कि वे एक साधारण मजदूर हैं और इतने बड़े टर्नओवर का कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने स्थानीय प्रशासन से मदद मांगी है, ताकि उन्हें इस बेवजह के झमेले से बाहर निकाला जा सके.</p>
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