<p style=”text-align: justify;”><strong>Uttarakhand News:</strong> उत्तराखंड में अब पुलिस, एंबुलेंस, भ्रष्टाचार की शिकायत या आपदा प्रबंधन से जुड़ी किसी भी तरह की मदद के लिए अब अलग-अलग नंबर याद रखने की जरूरत नहीं होगी. सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आईटीडीए) ने सभी महत्वपूर्ण टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबरों को एकीकृत कर दिया है. अब लोग किसी भी प्रकार की सहायता के लिए सीधे 1905 नंबर डायल कर सकते हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”>आईटीडीए के निदेशक और अपर सचिव नितिका खंडेलवाल ने बताया कि अब तक पुलिस सहायता के लिए 112, एंबुलेंस सेवा के लिए 108, भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कराने के लिए विजिलेंस का टोल-फ्री नंबर 1064 और आपदा प्रबंधन से जुड़ी सूचना देने के लिए 1070 नंबर मौजूद था. चूंकि एक आम व्यक्ति के लिए इन सभी नंबरों को याद रखना मुश्किल था, इसलिए इन सेवाओं को 1905 पर एकीकृत किया गया है</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>इस तरह काम करेगी 1905 सेवा</strong><br />इस नई व्यवस्था के तहत जब कोई व्यक्ति 1905 नंबर पर कॉल करेगा, तो उसकी जरूरत के अनुसार कॉल को संबंधित विभाग में ट्रांसफर कर दिया जाएगा. अगर किसी को पुलिस की सहायता चाहिए, तो कॉल 112 पर, एंबुलेंस सेवा के लिए 108 पर, भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत के लिए 1064 पर और आपदा प्रबंधन से जुड़ी सूचना के लिए 1070 पर डायवर्ट कर दी जाएगी. इससे नागरिकों को त्वरित सहायता मिलेगी और उनकी शिकायतें या आवश्यक सेवाएं शीघ्र प्राप्त होंगी.</p>
<p style=”text-align: justify;”><iframe title=”YouTube video player” src=”https://www.youtube.com/embed/UMEUXQykKU8?si=JJw2aK1jCJY_nnDM” width=”560″ height=”315″ frameborder=”0″ allowfullscreen=”allowfullscreen”></iframe></p>
<p style=”text-align: justify;”>1905 नंबर केवल आपातकालीन सेवाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसे मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है. अगर किसी नागरिक को किसी सरकारी सेवा से संबंधित शिकायत दर्ज करनी है या मुख्यमंत्री को कोई सुझाव भेजना है, तो वह भी इसी नंबर पर कर सकता है. यह पहल उत्तराखंड सरकार के डिजिटल इंडिया और सुशासन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>अलग-अलग नंबर याद रखने की झंझट खत्म</strong><br />सभी आपातकालीन सेवाओं के लिए एक ही नंबर अब लोगों को अलग-अलग नंबर याद नहीं रखने होंगे. त्वरित सहायता – कॉल को तुरंत संबंधित विभाग में स्थानांतरित किया जाएगा, जिससे सहायता जल्दी मिलेगी. सरकार से सीधे संवाद – मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के रूप में उपयोग कर नागरिक सीधे अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे. डिजिटल इंडिया और सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल – इससे सरकारी सेवाओं की पहुंच आसान होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी.</p>
<p style=”text-align: justify;”>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर इस हेल्पलाइन को प्रभावी रूप से लागू किया गया है. सरकार का उद्देश्य है कि नागरिकों को सुरक्षित, त्वरित और प्रभावी सेवाएं दी जाएं, ताकि राज्य में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक प्रक्रियाएं और अधिक मजबूत हो सकें. नितिका खंडेलवाल ने कहा कि इस सेवा के माध्यम से उत्तराखंड के नागरिकों को बेहतर सुविधा मिलेगी और किसी भी आपातकालीन स्थिति में उन्हें तुरंत सहायता प्राप्त होगी.</p>
<p style=”text-align: justify;”>ये भी पढ़ें: <a href=”https://www.abplive.com/states/up-uk/up-politics-akhilesh-yadav-reaction-on-amit-shah-says-repeat-came-from-mouth-2918327″><strong>सीएम योगी को लेकर गृह मंत्री के रिपीट वाले बयान पर अखिलेश ने कर दिया बड़ा दावा</strong></a></p> <p style=”text-align: justify;”><strong>Uttarakhand News:</strong> उत्तराखंड में अब पुलिस, एंबुलेंस, भ्रष्टाचार की शिकायत या आपदा प्रबंधन से जुड़ी किसी भी तरह की मदद के लिए अब अलग-अलग नंबर याद रखने की जरूरत नहीं होगी. सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आईटीडीए) ने सभी महत्वपूर्ण टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबरों को एकीकृत कर दिया है. अब लोग किसी भी प्रकार की सहायता के लिए सीधे 1905 नंबर डायल कर सकते हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”>आईटीडीए के निदेशक और अपर सचिव नितिका खंडेलवाल ने बताया कि अब तक पुलिस सहायता के लिए 112, एंबुलेंस सेवा के लिए 108, भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कराने के लिए विजिलेंस का टोल-फ्री नंबर 1064 और आपदा प्रबंधन से जुड़ी सूचना देने के लिए 1070 नंबर मौजूद था. चूंकि एक आम व्यक्ति के लिए इन सभी नंबरों को याद रखना मुश्किल था, इसलिए इन सेवाओं को 1905 पर एकीकृत किया गया है</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>इस तरह काम करेगी 1905 सेवा</strong><br />इस नई व्यवस्था के तहत जब कोई व्यक्ति 1905 नंबर पर कॉल करेगा, तो उसकी जरूरत के अनुसार कॉल को संबंधित विभाग में ट्रांसफर कर दिया जाएगा. अगर किसी को पुलिस की सहायता चाहिए, तो कॉल 112 पर, एंबुलेंस सेवा के लिए 108 पर, भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत के लिए 1064 पर और आपदा प्रबंधन से जुड़ी सूचना के लिए 1070 पर डायवर्ट कर दी जाएगी. इससे नागरिकों को त्वरित सहायता मिलेगी और उनकी शिकायतें या आवश्यक सेवाएं शीघ्र प्राप्त होंगी.</p>
<p style=”text-align: justify;”><iframe title=”YouTube video player” src=”https://www.youtube.com/embed/UMEUXQykKU8?si=JJw2aK1jCJY_nnDM” width=”560″ height=”315″ frameborder=”0″ allowfullscreen=”allowfullscreen”></iframe></p>
<p style=”text-align: justify;”>1905 नंबर केवल आपातकालीन सेवाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसे मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है. अगर किसी नागरिक को किसी सरकारी सेवा से संबंधित शिकायत दर्ज करनी है या मुख्यमंत्री को कोई सुझाव भेजना है, तो वह भी इसी नंबर पर कर सकता है. यह पहल उत्तराखंड सरकार के डिजिटल इंडिया और सुशासन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>अलग-अलग नंबर याद रखने की झंझट खत्म</strong><br />सभी आपातकालीन सेवाओं के लिए एक ही नंबर अब लोगों को अलग-अलग नंबर याद नहीं रखने होंगे. त्वरित सहायता – कॉल को तुरंत संबंधित विभाग में स्थानांतरित किया जाएगा, जिससे सहायता जल्दी मिलेगी. सरकार से सीधे संवाद – मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के रूप में उपयोग कर नागरिक सीधे अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे. डिजिटल इंडिया और सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल – इससे सरकारी सेवाओं की पहुंच आसान होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी.</p>
<p style=”text-align: justify;”>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर इस हेल्पलाइन को प्रभावी रूप से लागू किया गया है. सरकार का उद्देश्य है कि नागरिकों को सुरक्षित, त्वरित और प्रभावी सेवाएं दी जाएं, ताकि राज्य में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक प्रक्रियाएं और अधिक मजबूत हो सकें. नितिका खंडेलवाल ने कहा कि इस सेवा के माध्यम से उत्तराखंड के नागरिकों को बेहतर सुविधा मिलेगी और किसी भी आपातकालीन स्थिति में उन्हें तुरंत सहायता प्राप्त होगी.</p>
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Uttarakhand: आपात सेवाओं के लिए अलग-अलग नंबर याद रखने की झंझट खत्म, 1905 पर मिलेगी सारी सुविधाएं
