शराब की कमाई से मालामाल हुई योगी सरकार, आबकारी विभाग को 52,297 करोड़ का राजस्व

शराब की कमाई से मालामाल हुई योगी सरकार, आबकारी विभाग को 52,297 करोड़ का राजस्व

<p style=”text-align: justify;”><strong>Lucknow News:</strong> उत्तर प्रदेश सरकार को शराब बिक्री से रिकॉर्ड कमाई हुई है. वित्तीय वर्ष 2024-25 में आबकारी विभाग को 52,297.08 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ. यह आंकड़ा पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 6,726.61 करोड़ रुपये अधिक है. आबकारी मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने बताया कि सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में 63,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा है, जिसे नई आबकारी नीति की मदद से हासिल किया जाएगा.</p>
<p style=”text-align: justify;”>प्रदेश में अवैध शराब की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए 1,12,279 मुकदमे दर्ज किए गए और 24,049 तस्करों को गिरफ्तार किया गया. इनमें से 5,557 तस्करों को जेल भेजा गया, जबकि 203 वाहनों को जब्त कर लिया गया. मंत्री ने बताया कि सरकार की सख्ती के कारण प्रदेश में नकली शराब के उत्पादन पर लगभग पूरी तरह से रोक लग चुकी है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>प्रदेश में शराब से होने वाली कमाई हर साल बढ़ रही है.<br /><strong>2022-23: 41,252.24 करोड़ रुपये</strong><br /><strong>2023-24: 45,570.47 करोड़ रुपये</strong><br /><strong>2024-25: 52,297.08 करोड़ रुपये (अब तक का रिकॉर्ड)</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>डिजिटल तकनीक से होगी शराब की निगरानी</strong><br />आबकारी मंत्री ने बताया कि इस साल सरकार ने पिछले साल से 6,726.61 करोड़ रुपये ज्यादा राजस्व जुटाया है. सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में शराब बिक्री को अधिक पारदर्शी और डिजिटल माध्यम से नियंत्रित किया जाए, ताकि अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लग सके. अब प्रदेश में शराब और स्प्रिट की ढुलाई करने वाले टैंकरों में डिजिटल लॉकिंग सिस्टम लगाया जा रहा है. इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि शराब टैंकरों में किसी तरह की छेड़छाड़ न हो और शराब की अवैध आपूर्ति पर रोक लग सके.</p>
<p style=”text-align: justify;”><iframe title=”YouTube video player” src=”https://www.youtube.com/embed/74UG6qC4Zso?si=KctUkx3lJQvTwISF” width=”560″ height=”315″ frameborder=”0″ allowfullscreen=”allowfullscreen”></iframe></p>
<p style=”text-align: justify;”>आबकारी मंत्री ने कहा कि नई आबकारी नीति के तहत शराब की बिक्री को सरल और पारदर्शी बनाया गया है. लाइसेंस प्रक्रिया को आसान किया गया है. शराब दुकानों पर ग्राहकों को बेहतर सुविधा देने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार शराब तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है ताकि अवैध कारोबार को पूरी तरह से खत्म किया जा सके. प्रदेश सरकार ने अवैध शराब के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है. अवैध शराब के कारण कई बार लोगों की जान जा चुकी है, जिससे सरकार ने इसे एक गंभीर अपराध मानते हुए तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. पिछले एक साल में 7.04 लाख लीटर अवैध शराब जब्त की गई और कई बड़े माफियाओं के खिलाफ केस दर्ज किए गए.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>प्रदेश में शराब बिक्री का बढ़ता ट्रेंड</strong><br />यूपी में शराब की खपत लगातार बढ़ रही है. राज्य सरकार ने अंतरराज्यीय तस्करी पर रोक लगाने के लिए सीमाओं पर निगरानी तेज कर दी है. इसके अलावा, शराब दुकानों को डिजिटल रिकॉर्ड रखने और ऑनलाइन लाइसेंसिंग प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार का दावा है कि नई आबकारी नीति से न केवल सरकारी राजस्व बढ़ेगा, बल्कि शराब बिक्री का सिस्टम भी अधिक पारदर्शी होगा. वहीं, अवैध शराब पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>ये भी पढ़ें: <a href=”https://www.abplive.com/states/up-uk/cm-yogi-adityanath-expressed-grief-over-the-death-of-manoj-kumar-2918281″><strong>मनोज कुमार के निधन पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने जताया शोक, यहां पढ़ें क्या कहा?</strong></a></p> <p style=”text-align: justify;”><strong>Lucknow News:</strong> उत्तर प्रदेश सरकार को शराब बिक्री से रिकॉर्ड कमाई हुई है. वित्तीय वर्ष 2024-25 में आबकारी विभाग को 52,297.08 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ. यह आंकड़ा पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 6,726.61 करोड़ रुपये अधिक है. आबकारी मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने बताया कि सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में 63,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा है, जिसे नई आबकारी नीति की मदद से हासिल किया जाएगा.</p>
<p style=”text-align: justify;”>प्रदेश में अवैध शराब की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए 1,12,279 मुकदमे दर्ज किए गए और 24,049 तस्करों को गिरफ्तार किया गया. इनमें से 5,557 तस्करों को जेल भेजा गया, जबकि 203 वाहनों को जब्त कर लिया गया. मंत्री ने बताया कि सरकार की सख्ती के कारण प्रदेश में नकली शराब के उत्पादन पर लगभग पूरी तरह से रोक लग चुकी है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>प्रदेश में शराब से होने वाली कमाई हर साल बढ़ रही है.<br /><strong>2022-23: 41,252.24 करोड़ रुपये</strong><br /><strong>2023-24: 45,570.47 करोड़ रुपये</strong><br /><strong>2024-25: 52,297.08 करोड़ रुपये (अब तक का रिकॉर्ड)</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>डिजिटल तकनीक से होगी शराब की निगरानी</strong><br />आबकारी मंत्री ने बताया कि इस साल सरकार ने पिछले साल से 6,726.61 करोड़ रुपये ज्यादा राजस्व जुटाया है. सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में शराब बिक्री को अधिक पारदर्शी और डिजिटल माध्यम से नियंत्रित किया जाए, ताकि अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लग सके. अब प्रदेश में शराब और स्प्रिट की ढुलाई करने वाले टैंकरों में डिजिटल लॉकिंग सिस्टम लगाया जा रहा है. इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि शराब टैंकरों में किसी तरह की छेड़छाड़ न हो और शराब की अवैध आपूर्ति पर रोक लग सके.</p>
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<p style=”text-align: justify;”>आबकारी मंत्री ने कहा कि नई आबकारी नीति के तहत शराब की बिक्री को सरल और पारदर्शी बनाया गया है. लाइसेंस प्रक्रिया को आसान किया गया है. शराब दुकानों पर ग्राहकों को बेहतर सुविधा देने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार शराब तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है ताकि अवैध कारोबार को पूरी तरह से खत्म किया जा सके. प्रदेश सरकार ने अवैध शराब के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है. अवैध शराब के कारण कई बार लोगों की जान जा चुकी है, जिससे सरकार ने इसे एक गंभीर अपराध मानते हुए तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. पिछले एक साल में 7.04 लाख लीटर अवैध शराब जब्त की गई और कई बड़े माफियाओं के खिलाफ केस दर्ज किए गए.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>प्रदेश में शराब बिक्री का बढ़ता ट्रेंड</strong><br />यूपी में शराब की खपत लगातार बढ़ रही है. राज्य सरकार ने अंतरराज्यीय तस्करी पर रोक लगाने के लिए सीमाओं पर निगरानी तेज कर दी है. इसके अलावा, शराब दुकानों को डिजिटल रिकॉर्ड रखने और ऑनलाइन लाइसेंसिंग प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार का दावा है कि नई आबकारी नीति से न केवल सरकारी राजस्व बढ़ेगा, बल्कि शराब बिक्री का सिस्टम भी अधिक पारदर्शी होगा. वहीं, अवैध शराब पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है.</p>
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