जलते छप्पर से स्कूल बैग सीने से लगाकर भागने वाली बच्ची अनन्या को अखिलेश यादव ने एक लाख दिए। वह बच्ची की पोस्ट ग्रेजुएशन तक पढ़ाई का खर्चा उठाएंगे। शनिवार को अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस कॉफ्रेंस की। इसमें अनन्या और उसका परिवार भी मौजूद था। अंबेडकर नगर में 24 मार्च को बुलडोजर एक्शन और आग के बीच अनन्या का वीडियो सामने आया था। इसमें वह जलते छप्पर के बीच से अपना स्कूल बैग उठाती है और उसे सीने में लगाकर भागती हुई दिख रही है। सुप्रीम कोर्ट भी अनन्या के इस वीडियो का जिक्र कर चुका है। यूपी में बुलडोजर एक्शन से जुड़ी एक याचिका की सुनवाई के दौरान जस्टिस उज्जल भुइयां ने कहा था- अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान एक तरफ झोपड़ियों पर बुलडोजर चलाया जा रहा था तो दूसरी तरफ एक 8 साल की बच्ची अपनी किताब लेकर भाग रही थी। इस तस्वीर ने अंतर आत्म को झकझोर दिया। अनन्या का पूरा मामला पढ़िए…
24 मार्च को अंबेडकरनगर के अजईपुर गांव में राजस्व विभाग की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। यहां सरकारी जमीन पर कुछ लोगों ने झोपड़ीनुमा घर बना रखे थे। टीम ने बुलडोजर से अतिक्रमण हटाना शुरू किया। गांव में रहने वाले राम मिलन ने भी यहां गोशाला बना रखी थी। टीम बुलडोजर से गोशाला को गिराने लगी तभी छप्पर में आग लग गई। इस दौरान वहां मौजूद कक्षा एक में पढ़ने वाली अनन्या को याद आया कि उसका स्कूल का बैग झोपड़ी के अंदर है। बच्ची तुरंत जलते छप्पर की तरफ भागी और अंदर जाकर अपना स्कूल बैग लेकर बाहर आई। बच्ची जब यह सब कर रही थी तो पुलिसवाले भी मौजूद थे। अब अखिलेश की प्रेस कॉफ्रेंस में बड़ी बातें… भाजपा का 80-20 का नारा भी नहीं चल रहा
अखिलेश ने कहा- भाजपा मान गई है कि उनका 80-20 का नारा भी नहीं चल रहा है। मैं पूछना चाहता हूं कि हम लोग 80 में आते हैं कि 20 में आते हैं। यूपी में कानून व्यवस्था धवस्त हो चुकी है। यूपी में पुलिस फिरौती के लिए अपहरण कर रही है। बीजेपी के लोग ही बीजेपी से नाराज हैं। एक IAS अधिकारी का दलाल पकड़ा गया। बंटवारे का झगड़ा था उससे पोल खुल गई। वह अफसर मुख्यमंत्री आवास में छिपा हुआ है। जो लोग पाताल से ढूंढ लाने का दावा करते थे, वह सीएम आवास में नहीं ढूंढ पा रहे। जो लोग राशन पा रहे हैं सरकार उनकी प्रति व्यक्ति आय बता दें। यही नहीं, महाकुंभ आने-जाने में कितने श्रद्धालुओं की जान चली गई। उनकी गिनती नहीं बता पाए। जो लोग महाकुंभ में खो गए हैं। उनके बारे में नहीं बताया जा रहा है। सुनने में आ रहा है कि परिवारों को संतुष्ट करने के लिए काले धन का इस्तेमाल किया जा रहा है। सबसे ज्यादा भू-माफियागिरी गोरखपुर और अयोध्या में हुई
अखिलेश ने कहा- सबसे बड़ी भू माफिया पार्टी भाजपा है। भाजपा से ज्यादा जमीन किसी ने नहीं हड़पी। केवल गोरखपुर, अयोध्या, कानपुर और लखनऊ के रजिस्ट्रियों की जांच कर लें। यहां सरकारी जमीन तालाब और भी कई चीजें कई तरीके से छिनी गई हैं। गोरखपुर में आज जमीन को लेकर गोली चली है। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट ने न जाने कितनी बार बुलडोजर को अमानवीय कहा है। सबसे ज्यादा भू-माफियागिरी गोरखपुर और अयोध्या में हुई है। सवाल और अखिलेश के जवाब…. सवाल: आपके दलित सांसद के घर में तोड़फोड़ की गई? जवाब: ये बेहद सेंसटिव मामला है। जब संसद के रिकॉर्ड से वो बात हटा दी गई है। मैं कई बार कह चुका हूं कि इतिहास के पन्ने नहीं पलटने चाहिए। इतिहास में अच्छाई और बुराई दोनों हैं। लोग लाभ के लिए पॉलिटिकल लाभ के लिए इतिहास को उठाते हैं। भाजपा के कई सीनियर लीडर करोड़ों रुपए खर्च कर रहे हैं सोशल मीडिया पर बदनाम करने के लिए। वक्फ बोर्ड का मामला देखा ही होगा। सोशल मीडिया पर सपा और कांग्रेस के खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है। ये लोग पीडीए से घबराए हैं। सवाल: सरकार कह रही है कि वक्फ बोर्ड की जमीनों को बेचा गया। फर्जीवाड़ा हो रहा है?
जवाब: बीजेपी यही चाहती है कि बुनियादी सवाल नहीं हो। आज गेहूं की खरीदी चल रही है। क्या सरकारी खरीदी हो रही है। सरकार ने हाथ खड़े कर दिए हैं। सरकार ने लाइसेंस दिए हैं गेहूं खरीदने के लिए। युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही है। सरकार ने बाजार के हाथों सौंप दी है। सरकार अमेरिका के राष्ट्रपति से सीखे, जो अपने देश को बचाने के लिए दूसरे देशों पर पाबंदी लगा रहे हैं। चीन पर पाबंदी अपनी अर्थव्यवस्था बचाने के लिए लगाना चाहिए की नहीं। अखिलेश की प्रेस कॉफ्रेंस को लगातार अपडेट किया जा रहा है… जलते छप्पर से स्कूल बैग सीने से लगाकर भागने वाली बच्ची अनन्या को अखिलेश यादव ने एक लाख दिए। वह बच्ची की पोस्ट ग्रेजुएशन तक पढ़ाई का खर्चा उठाएंगे। शनिवार को अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस कॉफ्रेंस की। इसमें अनन्या और उसका परिवार भी मौजूद था। अंबेडकर नगर में 24 मार्च को बुलडोजर एक्शन और आग के बीच अनन्या का वीडियो सामने आया था। इसमें वह जलते छप्पर के बीच से अपना स्कूल बैग उठाती है और उसे सीने में लगाकर भागती हुई दिख रही है। सुप्रीम कोर्ट भी अनन्या के इस वीडियो का जिक्र कर चुका है। यूपी में बुलडोजर एक्शन से जुड़ी एक याचिका की सुनवाई के दौरान जस्टिस उज्जल भुइयां ने कहा था- अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान एक तरफ झोपड़ियों पर बुलडोजर चलाया जा रहा था तो दूसरी तरफ एक 8 साल की बच्ची अपनी किताब लेकर भाग रही थी। इस तस्वीर ने अंतर आत्म को झकझोर दिया। अनन्या का पूरा मामला पढ़िए…
24 मार्च को अंबेडकरनगर के अजईपुर गांव में राजस्व विभाग की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। यहां सरकारी जमीन पर कुछ लोगों ने झोपड़ीनुमा घर बना रखे थे। टीम ने बुलडोजर से अतिक्रमण हटाना शुरू किया। गांव में रहने वाले राम मिलन ने भी यहां गोशाला बना रखी थी। टीम बुलडोजर से गोशाला को गिराने लगी तभी छप्पर में आग लग गई। इस दौरान वहां मौजूद कक्षा एक में पढ़ने वाली अनन्या को याद आया कि उसका स्कूल का बैग झोपड़ी के अंदर है। बच्ची तुरंत जलते छप्पर की तरफ भागी और अंदर जाकर अपना स्कूल बैग लेकर बाहर आई। बच्ची जब यह सब कर रही थी तो पुलिसवाले भी मौजूद थे। अब अखिलेश की प्रेस कॉफ्रेंस में बड़ी बातें… भाजपा का 80-20 का नारा भी नहीं चल रहा
अखिलेश ने कहा- भाजपा मान गई है कि उनका 80-20 का नारा भी नहीं चल रहा है। मैं पूछना चाहता हूं कि हम लोग 80 में आते हैं कि 20 में आते हैं। यूपी में कानून व्यवस्था धवस्त हो चुकी है। यूपी में पुलिस फिरौती के लिए अपहरण कर रही है। बीजेपी के लोग ही बीजेपी से नाराज हैं। एक IAS अधिकारी का दलाल पकड़ा गया। बंटवारे का झगड़ा था उससे पोल खुल गई। वह अफसर मुख्यमंत्री आवास में छिपा हुआ है। जो लोग पाताल से ढूंढ लाने का दावा करते थे, वह सीएम आवास में नहीं ढूंढ पा रहे। जो लोग राशन पा रहे हैं सरकार उनकी प्रति व्यक्ति आय बता दें। यही नहीं, महाकुंभ आने-जाने में कितने श्रद्धालुओं की जान चली गई। उनकी गिनती नहीं बता पाए। जो लोग महाकुंभ में खो गए हैं। उनके बारे में नहीं बताया जा रहा है। सुनने में आ रहा है कि परिवारों को संतुष्ट करने के लिए काले धन का इस्तेमाल किया जा रहा है। सबसे ज्यादा भू-माफियागिरी गोरखपुर और अयोध्या में हुई
अखिलेश ने कहा- सबसे बड़ी भू माफिया पार्टी भाजपा है। भाजपा से ज्यादा जमीन किसी ने नहीं हड़पी। केवल गोरखपुर, अयोध्या, कानपुर और लखनऊ के रजिस्ट्रियों की जांच कर लें। यहां सरकारी जमीन तालाब और भी कई चीजें कई तरीके से छिनी गई हैं। गोरखपुर में आज जमीन को लेकर गोली चली है। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट ने न जाने कितनी बार बुलडोजर को अमानवीय कहा है। सबसे ज्यादा भू-माफियागिरी गोरखपुर और अयोध्या में हुई है। सवाल और अखिलेश के जवाब…. सवाल: आपके दलित सांसद के घर में तोड़फोड़ की गई? जवाब: ये बेहद सेंसटिव मामला है। जब संसद के रिकॉर्ड से वो बात हटा दी गई है। मैं कई बार कह चुका हूं कि इतिहास के पन्ने नहीं पलटने चाहिए। इतिहास में अच्छाई और बुराई दोनों हैं। लोग लाभ के लिए पॉलिटिकल लाभ के लिए इतिहास को उठाते हैं। भाजपा के कई सीनियर लीडर करोड़ों रुपए खर्च कर रहे हैं सोशल मीडिया पर बदनाम करने के लिए। वक्फ बोर्ड का मामला देखा ही होगा। सोशल मीडिया पर सपा और कांग्रेस के खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है। ये लोग पीडीए से घबराए हैं। सवाल: सरकार कह रही है कि वक्फ बोर्ड की जमीनों को बेचा गया। फर्जीवाड़ा हो रहा है?
जवाब: बीजेपी यही चाहती है कि बुनियादी सवाल नहीं हो। आज गेहूं की खरीदी चल रही है। क्या सरकारी खरीदी हो रही है। सरकार ने हाथ खड़े कर दिए हैं। सरकार ने लाइसेंस दिए हैं गेहूं खरीदने के लिए। युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही है। सरकार ने बाजार के हाथों सौंप दी है। सरकार अमेरिका के राष्ट्रपति से सीखे, जो अपने देश को बचाने के लिए दूसरे देशों पर पाबंदी लगा रहे हैं। चीन पर पाबंदी अपनी अर्थव्यवस्था बचाने के लिए लगाना चाहिए की नहीं। अखिलेश की प्रेस कॉफ्रेंस को लगातार अपडेट किया जा रहा है… उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर
अखिलेश ने अनन्या को एक लाख रुपए दिए:पढ़ाई का खर्चा उठाएंगे, अम्बेडकर नगर में जलते छप्पर से बैग सीने में लगाकर भागी थी
