पंजाब के अमृतसर में छेहर्टा इलाके में पुलिस पर एक व्यक्ति के साथ मारपीट करने और उसके खिलाफ झूठा एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस) का मामला दर्ज करने का आरोप लगा है। पीड़ित की पत्नी संदीप कौर ने पुलिस कमिश्नर को शिकायत दर्ज कर न्याय की मांग की है। संदीप कौर का कहना है कि उनके पति अमृतपाल सिंह पहले दर्ज सभी एनडीपीएस मामलों से बरी हो चुके हैं और अब शांतिपूर्ण जीवन जी रहे हैं। अब छेहरटा पुलिस द्वारा दुश्मनी के कारण उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शाम 6 बजे, सिविल वर्दी में पुलिसकर्मी जबरदस्ती उनके घर में घुसे, बिना वारंट के तलाशी ली, और कुछ न मिलने पर मोबाइल फोन, सोने की अंगूठी और 40,000 रुपए नकद जब्त कर लिए। जब अमृतपाल सिंह ने इसका विरोध किया तो पुलिस ने उन्हें गली में मारना शुरू कर दिया। छह महीने पहले मोटरसाइकिल की थी जब्त संदीप कौर ने यह भी बताया कि छह महीने पहले पुलिस ने उनकी पल्सर मोटरसाइकिल गैर-कानूनी रूप से जब्त की थी, जिसके सबूत उनके पास हैं। स्थानीय निवासी, जैसे उमा रानी, कुलविंदर कौर, सुखप्रीत कौर, गुरदेव सिंह, गुरतेज सिंह, अमरजीत कौर, और रविंदर सिंह हैप्पी ने बताया कि अमृतपाल सिंह अब किसी गलत गतिविधि में शामिल नहीं हैं और न ही बाहरी लोग उनके घर आते हैं। उन्होंने देखा कि शाम 6 बजे पुलिस ने अमृतपाल सिंह को उनके घर से उठाया, गली में बुरी तरह मारा, और जबरदस्ती ले गई। उन्होंने पुलिस की इस धक्केशाही पर आपत्ति जताई और कहा कि ऐसी कार्रवाइयों से लोग गलत रास्ते पर चलने के लिए मजबूर हो सकते हैं। अमृतपाल पर 12 मामले दर्ज थाना इंचार्ज विनोद कुमार ने बताया कि अमृतपाल सिंह के खिलाफ पहले से ही विभिन्न थानों में 12 मामले दर्ज हैं। उनका नाम एनडीपीएस केस में था और उन्हें उस केस में गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि अमृतपाल सिंह पर किसी भी तरह का हमला नहीं किया गया। पंजाब के अमृतसर में छेहर्टा इलाके में पुलिस पर एक व्यक्ति के साथ मारपीट करने और उसके खिलाफ झूठा एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस) का मामला दर्ज करने का आरोप लगा है। पीड़ित की पत्नी संदीप कौर ने पुलिस कमिश्नर को शिकायत दर्ज कर न्याय की मांग की है। संदीप कौर का कहना है कि उनके पति अमृतपाल सिंह पहले दर्ज सभी एनडीपीएस मामलों से बरी हो चुके हैं और अब शांतिपूर्ण जीवन जी रहे हैं। अब छेहरटा पुलिस द्वारा दुश्मनी के कारण उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शाम 6 बजे, सिविल वर्दी में पुलिसकर्मी जबरदस्ती उनके घर में घुसे, बिना वारंट के तलाशी ली, और कुछ न मिलने पर मोबाइल फोन, सोने की अंगूठी और 40,000 रुपए नकद जब्त कर लिए। जब अमृतपाल सिंह ने इसका विरोध किया तो पुलिस ने उन्हें गली में मारना शुरू कर दिया। छह महीने पहले मोटरसाइकिल की थी जब्त संदीप कौर ने यह भी बताया कि छह महीने पहले पुलिस ने उनकी पल्सर मोटरसाइकिल गैर-कानूनी रूप से जब्त की थी, जिसके सबूत उनके पास हैं। स्थानीय निवासी, जैसे उमा रानी, कुलविंदर कौर, सुखप्रीत कौर, गुरदेव सिंह, गुरतेज सिंह, अमरजीत कौर, और रविंदर सिंह हैप्पी ने बताया कि अमृतपाल सिंह अब किसी गलत गतिविधि में शामिल नहीं हैं और न ही बाहरी लोग उनके घर आते हैं। उन्होंने देखा कि शाम 6 बजे पुलिस ने अमृतपाल सिंह को उनके घर से उठाया, गली में बुरी तरह मारा, और जबरदस्ती ले गई। उन्होंने पुलिस की इस धक्केशाही पर आपत्ति जताई और कहा कि ऐसी कार्रवाइयों से लोग गलत रास्ते पर चलने के लिए मजबूर हो सकते हैं। अमृतपाल पर 12 मामले दर्ज थाना इंचार्ज विनोद कुमार ने बताया कि अमृतपाल सिंह के खिलाफ पहले से ही विभिन्न थानों में 12 मामले दर्ज हैं। उनका नाम एनडीपीएस केस में था और उन्हें उस केस में गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि अमृतपाल सिंह पर किसी भी तरह का हमला नहीं किया गया। पंजाब | दैनिक भास्कर
