जालंधर एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट ने मंगलवार को दिल्ली से तलाशी के बाद दिल्ली की व्यूनाउ मार्केटिंग सर्विसेज लिमिटेड से जुड़े एक प्रमुख व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इस बारे में जालंधर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जानकारी साझा की है। आरोपी की पहचान आरिफ निसार (संस्थापक) के रूप में हुई है। यह तलाशी व्यूनाउ मार्केटिंग सर्विसेज लिमिटेड और संबंधित संस्थाओं और व्यक्तियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के संबंध में पीएमएलए 2002 के प्रावधानों के तहत की गई थी। जिसके बाद जांच में पूरा सहयोग न मिलने पर ईडी जालंधर ने नासिर को गिरफ्तार कर लिया और उससे बड़ी मात्रा में रिकॉर्ड भी जब्त कर लिया। जिसके आधार पर मामले में आगे की जांच चल रही है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए ठोस आधार तैयार किया जा सकेगा। मामले में आरोपी बनाए गए आरिफ निसार को ईडी जालंधर ने गिरफ्तारी के तुरंत बाद स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए, जालंधर) के समक्ष पेश किया। जहां से उन्हें आरोपी आरिफ का 4 मार्च यानी (8 दिन) तक का रिमांड मिला है। मामले में अन्य सहयोगियों और रिकॉर्ड के आधार पर भी पूछताछ की जाएगी। निवेशकों से ज्यादा रिटर्न का वादा किया था नोएडा के गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने BNS 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। ED की जांच में सामने आया था कि व्यूनाउ मार्केटिंग सर्विसेज लिमिटेड ने दूसरी कंपनियों के साथ मिलकर विभिन्न निवेशकों को झांसा दिया था। उन्हें क्लाउड पार्टिकल्स बेचने और उन पार्टिकल्स को वापस लीज पर देने (SLB मॉडल) की आड़ में ज्यादा रिटर्न देने की बात कही गई। जबकि इसके लिए उनके पास कोई इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं था। बता दें कि पिछले काफी समय से ईडी जालंधर इस मामले में जांच कर रही थी और केस में अभी तक करीब 180 करोड़ से ज्यादा के एसेट जब्त भी कर चुकी है। जिसमें दो जी-वेगन, एक एक्सयूवी लेक्सेस, एक रेंज रोवर, रूबीकॉन, ऑडी आर-8, रेंज रोवर स्पोर्ट्स सहित अन्य लग्जरी गाड़ियां और प्रॉपर्टी शामिल हैं। केस में बिग बॉय टॉयज की भी भूमिका संदिग्ध बता दें कि इससे पहले पंजाब की जालंधर एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) टीम ने पंजाब-हरियाणा और मुंबई में 2 दर्जन से ज्यादा जगहों पर सर्च की थी। जिसमें गुरुग्राम, पंचकूला, जींद, मोहाली, मुंबई सहित अन्य जिले शामिल हैं। ये सर्च व्यूनाउ मार्केटिंग सर्विसेज, बिग बॉय टॉयज समेत कई कंपनियों पर की गई थी। कंपनियों में व्यूनाउ इंफ्राटेक लिमिटेड, बिग बॉय टॉयज, मंडेशी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, प्लैंकडॉट प्राइवेट लिमिटेड, बाइट कैनवास एलएलपी, स्काई वर्स, स्काई लिंक नेटवर्क और संबंधित संस्थाएं शामिल हैं। इनकम से लग्जरी वाहन खरीदे इन सब चीजों से हुई इनकम से व्यूनाउ मार्केटिंग सर्विसेज लिमिटेड और उससे जुड़ी अन्य कंपनियों ने लग्जरी वाहनों की खरीद की। शेल कंपनियों के माध्यम से सैकड़ों रुपए के फंड को रूट किया और संपत्तियों में निवेश के माध्यम से आगे डायवर्ट किया। इससे पहले PMLA, 2002 के प्रावधानों के तहत 26 नवंबर 2024 को व्यूनाउ मार्केटिंग सर्विसेज लिमिटेड और संबंधित संस्थाओं के विभिन्न परिसरों में तलाशी भी ली गई थी। जालंधर एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट ने मंगलवार को दिल्ली से तलाशी के बाद दिल्ली की व्यूनाउ मार्केटिंग सर्विसेज लिमिटेड से जुड़े एक प्रमुख व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इस बारे में जालंधर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जानकारी साझा की है। आरोपी की पहचान आरिफ निसार (संस्थापक) के रूप में हुई है। यह तलाशी व्यूनाउ मार्केटिंग सर्विसेज लिमिटेड और संबंधित संस्थाओं और व्यक्तियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के संबंध में पीएमएलए 2002 के प्रावधानों के तहत की गई थी। जिसके बाद जांच में पूरा सहयोग न मिलने पर ईडी जालंधर ने नासिर को गिरफ्तार कर लिया और उससे बड़ी मात्रा में रिकॉर्ड भी जब्त कर लिया। जिसके आधार पर मामले में आगे की जांच चल रही है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए ठोस आधार तैयार किया जा सकेगा। मामले में आरोपी बनाए गए आरिफ निसार को ईडी जालंधर ने गिरफ्तारी के तुरंत बाद स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए, जालंधर) के समक्ष पेश किया। जहां से उन्हें आरोपी आरिफ का 4 मार्च यानी (8 दिन) तक का रिमांड मिला है। मामले में अन्य सहयोगियों और रिकॉर्ड के आधार पर भी पूछताछ की जाएगी। निवेशकों से ज्यादा रिटर्न का वादा किया था नोएडा के गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने BNS 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। ED की जांच में सामने आया था कि व्यूनाउ मार्केटिंग सर्विसेज लिमिटेड ने दूसरी कंपनियों के साथ मिलकर विभिन्न निवेशकों को झांसा दिया था। उन्हें क्लाउड पार्टिकल्स बेचने और उन पार्टिकल्स को वापस लीज पर देने (SLB मॉडल) की आड़ में ज्यादा रिटर्न देने की बात कही गई। जबकि इसके लिए उनके पास कोई इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं था। बता दें कि पिछले काफी समय से ईडी जालंधर इस मामले में जांच कर रही थी और केस में अभी तक करीब 180 करोड़ से ज्यादा के एसेट जब्त भी कर चुकी है। जिसमें दो जी-वेगन, एक एक्सयूवी लेक्सेस, एक रेंज रोवर, रूबीकॉन, ऑडी आर-8, रेंज रोवर स्पोर्ट्स सहित अन्य लग्जरी गाड़ियां और प्रॉपर्टी शामिल हैं। केस में बिग बॉय टॉयज की भी भूमिका संदिग्ध बता दें कि इससे पहले पंजाब की जालंधर एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) टीम ने पंजाब-हरियाणा और मुंबई में 2 दर्जन से ज्यादा जगहों पर सर्च की थी। जिसमें गुरुग्राम, पंचकूला, जींद, मोहाली, मुंबई सहित अन्य जिले शामिल हैं। ये सर्च व्यूनाउ मार्केटिंग सर्विसेज, बिग बॉय टॉयज समेत कई कंपनियों पर की गई थी। कंपनियों में व्यूनाउ इंफ्राटेक लिमिटेड, बिग बॉय टॉयज, मंडेशी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, प्लैंकडॉट प्राइवेट लिमिटेड, बाइट कैनवास एलएलपी, स्काई वर्स, स्काई लिंक नेटवर्क और संबंधित संस्थाएं शामिल हैं। इनकम से लग्जरी वाहन खरीदे इन सब चीजों से हुई इनकम से व्यूनाउ मार्केटिंग सर्विसेज लिमिटेड और उससे जुड़ी अन्य कंपनियों ने लग्जरी वाहनों की खरीद की। शेल कंपनियों के माध्यम से सैकड़ों रुपए के फंड को रूट किया और संपत्तियों में निवेश के माध्यम से आगे डायवर्ट किया। इससे पहले PMLA, 2002 के प्रावधानों के तहत 26 नवंबर 2024 को व्यूनाउ मार्केटिंग सर्विसेज लिमिटेड और संबंधित संस्थाओं के विभिन्न परिसरों में तलाशी भी ली गई थी। पंजाब | दैनिक भास्कर
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